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सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लें 2 हरी इलायची


सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लें 2 हरी इलायची, फिर देखे कमाल 
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आजकल ज्यादातर लोग बल चिन या फेशियल फैट की समस्या से काफी परेशान रहते है। क्योकि जिन लोगों को फेशियल फैट होता है उनका मुंह जरूरत से ज्यादा मोटा होता है और चिन भी काफी बाहर निकल जाती है। अगर आप डाइटिंग करते हैं या एक्सरसाइज करते हैं तो उससे आपका शरीर को जल्दी पतला हो जाता है लेकिन चेहरे पर कुछ खास आराम नहीं होता है।


अगर आप भी कुछ इसी तरह की समस्या से परेशान हैं तो अब हरी इलायची का इलाज करेगी। यकीन मानिए गुनगुने पानी के साथ हरी इलायची का सेवन करने से वाकई फेशियल फैट कम होता है। यही नहीं अक्सर वजन कम करने वाली दवाओं में भी हरी इलायची का प्रयोग होता है। तो आइए जानते हैं वजन कम करने के लिए क्यों फायेमंद है इलायची।


फेशियल फैट के लिए इलायची
अगर आप फेशियल फैट कम करना चाहते हैं तो आज से ही जिस तरह हम बता रहे हैं उसी तरह इलायची का प्रयोग करना शुरू कर दें। इसके लिए रात को खाना खाने के बाद एक ग्लास तेज गुनगुने पानी के साथ 2 इलायची का सेवन करें। आपको हरी इलायची को मुंह में रखना है और इसे बारीक होने तक चबाना है। इसका स्वाद थोड़ा कड़वा जरूर होगा। लेकिन आप यह सोच कर खाना कि यह कड़वा स्वाद सिर्फ कुछ सैकेंड का है और फायदे जिंदगी भर के हैं। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको कुछ ही दिनों में खुद में अंतर दिख जाएगा।


हरी इलायची के फायदे
# इलायची में बहुत सारे एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो हमारे मुंह के अंदर मौजूद बैक्‍टीरिया को जड़ से खत्‍म कर देता है। इसलिए मुंह से आने वाली गंध, सांस की बदबू, मुंह के छाले, मसूडो मे दर्द या सूजन आदि मे बहुत अधिक लाभ देती है। 


# इलायची रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह शरीर से विषैले तत्‍वों को बाहर कर फ्री रेडिकल्‍स का मुकाबला करती है।


# यह हमारी पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। पाचन तंत्र में मौजूद किसी भी प्रकार की समस्‍या को खत्‍म करता है। इलायची प्राकृतिक रूप से गैस को खत्म करती है। यह पाचन को बढ़ाने, पेट की सूजन को कम करने व दिल की जलन को खत्म करने का काम करती है। अगर आपको पाचन तंत्र से जुड़ी कोई भी समस्‍या है तो रोजाना एक इलायची का सेवन करें।


# सर्दी के मौसम में बहुत सारे लोगों को सर्दी जुकाम और गले में खराश की शिकायत रहती है। अगर आप रात को खाना खाने के बाद सिर्फ एक इलायची अच्‍छे से चबाकर खाते हैं और ऊपर से गुनगुना पानी पीते हैं तो निश्चित रूप से आपकी यह समस्‍या दूर हो जाती है। इस उपाय को करने के बाद आपको किसी भी एलोपैथी दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


कच्चा पपीता खाने के से होते है ये फायदे, जानिए
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कच्चे पपीते का सेवन विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को प्रभावी रूप से दूर कर सकता है। कच्चे पपीते के फायदे त्‍वचा समस्‍याओं को दूर करने, सूजन को कम करने, कोलेस्ट्रॉल को कम करने और मासिक धर्म की समस्‍याओं को दूर करने में मदद करते हैं। आप अपने अच्छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कच्‍चे पपीता का सेवन कर सकते हैं। इस आर्टिकल में आप कच्चा पपीता खाने के फायदे के बारे में जानेंगे।

वजन कम करने के लिए - जिन लोगों को वजन कम करने सफलता नहीं मिल रही है उनके लिए कच्‍चा पपीता फायदेमंद हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि कच्‍चे पपीता का सेवन कर वे अतिरिक्‍त कैलोरी और वसा को कम कर सकते हैं। पपीता में विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन ए और फोलेट होता है। जबकि 100 ग्राम कच्‍चा पपीता खाने से केवल 39 कैलोरी ही प्राप्‍त होती है। कच्‍चे पपीता में एंटीऑक्‍सीडेंट भी उच्‍च मात्रा में होते हैं जो शरीर में मौजूद अतिरिक्‍त वसा और कैलोरी को कम करने में मदद करते हैं। इस तरह से आप कच्‍चे पपीता को अपने आहार में श‍ामिल कर अपने वजन को कम कर सकते हैं।

सूजन कम करे - औषधीय गुणों से भरपूर कच्‍चे पपीता का सेवन कर आप सूजन से छुटकारा पा सकते हैं। नियमित रूप से कच्‍चे पपीता का सवेन आपको ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया आदि रोगों में लाभ दिला सकता है। क्‍योंकि कच्‍चे पपीता में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। विटामिन ए की उपस्थिति के कारण यह धूम्रपान करने वाले लोगों में फेफड़ों की सूजन को कम करता है। यदि आप सूजन संबंधी समस्‍याओं से परेशान हैं तो कच्‍चे पपीता को आहार में शामिल कर सकते हैं। कच्‍चा पपीता आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद औषधी का काम करता है।
हृदय को स्वस्थ रखे – दिल से संबंधित स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं आज कल आम हो चुकी हैं। अधिकांश लोगों को उच्‍च रक्‍तचाप की शिकायत होती है। लेकिन उन लोगों के लिए कच्‍चे पपीता का सेवन करना बहुत ही लाभकारी हो सकता है। यह औषधीय फल रक्‍त प्रवाह को नियमित करने और उच्‍च रक्‍तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा नियमित रूप से कच्‍चे पपीता का उपभोग शरीर के अंदर हानिकारक सोडियम प्रभाव को नियंत्रित करता है। इस तरह से आप हृदय को स्‍वस्‍थ्‍य और मजबूत बनाए रखने के लिए कच्‍चे पपीता का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यही कारण है कि अक्‍सर डॉक्‍टरों द्वरा हृदय रोगीयों को कच्‍चा पपीता खाने की सलाह दी जाती है।

त्वचा संक्रमण के लिए -आप अपनी त्‍वचा को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के लिए रासायनिक उत्‍पादों का उपयोग करते हैं। लेकिन इन समस्‍याओं से बचने के लिए आप प्राकृतिक उत्‍पादों का उपयोग भी कर सकते हैं। त्‍वचा संक्रमण का इलाज करने के लिए आप हरे पपीता का इस्‍तेमाल करें। क्‍योंकि कच्‍चे पपीता में बहुत से एंटीऑक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। कच्‍चे पपीता का उपयोग कर आप मुंहासे, पिग्‍मेंटेशन, त्‍वचा की सूजन आदि का उपचार कर सकते हैं। इस तरह से पपीता आपको त्‍वचा संक्रमण से बचाने में फायदेमंद हो सकता है।

कच्चा पपीता खाने के फायदे करें कब्‍ज का इलाज - पाचन स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित समस्‍याएं बहुत ही कष्‍टदायक होती हैं। लेकिन यदि कच्चा पपीता का सेवन किया जाए तो इन समस्‍याओं से बचा जा सकता है। पपीता और उसके बीजों में अमीबा विरोधी और एंटी-परजीवी गुण होते हैं। ये गुण अपचन, कब्‍ज, एसिडिटी, पेट के अल्सर और गैस्ट्रिक समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होते हैं। यदि आप भी कब्‍ज या पेट की अन्‍य समस्‍याओं से ग्रसित हैं तो कच्‍चे पपीता के लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। इन स्‍वास्‍थ्‍य लाभों को प्राप्‍त करने के लिए आप अपने आहार में कच्‍चे पपीता को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं।

मासिक धर्म के लिए –महिलाओं के लिए कच्‍चा पपीता बहुत ही लाभकारी माना जाता है। क्‍योंकि कच्‍चे पपीता का सेवन कर मासिक धर्म के लक्षणों और परेशानियों को दूर किया जा सकता है। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को दर्द और ऐंठन की समस्‍या होती है। इस दौरान कच्‍चे पपीता का सेवन फायदेमंद होता है। इसके अलावा महिलाएं पपीता के पत्‍तों का उपयोग भी कर सकती हैं जो मासिक दर्द को कम कर सकते हैं। कच्‍चे पपीता का सेवन महिलाओं में रक्‍त स्राव को भी नियंत्रित करता है। इस तरह से कच्‍चे पपीता के फायदे महिलाओं के लिए बेहद खास माने जाते हैं।
किशमिश का पानी पीने से होते है ये हैरान कर देने वाले फायदे
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किशमिश शुष्‍क फलों से संबंधित है जिसका उपयोग ड्राई फूड के रूप में किया जाता है। किशमिश प्राकृतिक शर्करा से भरे हुए होते हैं इसलिए यह ऊर्जा बूस्‍टर के रूप में उपयोग किया जाता है। इस आर्टिकल में आप खाली पेट किशमिश का पानी पीने के फायदे जानेगें। आइए जाने किस तरह से किशमिश का पानी हमारे लिए फायदेमंद है।

किशमिश पानी के फायदे वजन कम करे - मोटापा बहुत से लोगों की समस्‍या है जिसे दूर करने के लिए बहुत ही परिश्रम करना पड़ता है। लेकिन इसका एक और सरल उपाय है किशमिश के पानी का उपयोग। किशमिश में प्राकृतिक शर्करा की उच्‍च मात्रा होती है जो आपको अतिरिक्‍त कैलोरी दिये बिना ही भरपूर ऊर्जा उपलब्‍ध कराती है। साथ ही यह आपके मीठा खाने की इच्‍छा पूर्ति भी करती है। स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होने के बावजूद भी आप इन्‍हें बहुत ही कम मात्रा में खाएं। किशमिश का पानी पीने से आप अपने शरीर के अतिरिक्‍त वजन को कम कर सकते हैं। क्‍योंकि यह आपके शरीर में रक्‍त शर्करा को नियंत्रित करता है साथ ही भूख की इच्‍छा को नियंत्रित वजन कम करने में मदद कर सकता है। इस तरह से यदि आप अपने वजन को कम करना चाहते हैं तो किशमिश पानी का उपयोग कर सकते हैं।

किशमिश पानी के लाभ रक्‍तचाप कम करे – अधिकांश लोगों को उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या होती है। जो कि उनके आहार में नमक की अधिक मात्रा के कारण हो सकती है। उच्‍च रक्‍तचाप के रोगी के लिए किशमिश पानी का प्रयोग बहुत ही लाभकारी होता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि किशमिश पानी के औषधीय गुण रक्‍तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं। किशमिश में पोटेशियम की उच्‍च मात्रा होती है जिसके कारण यह शरीर में नमक को संतुलित करने में मदद करता है। पोटेशियम हमारी रक्‍त वाहिकाओं को स्‍वस्‍थ्‍य रखने और उचित रक्‍त प्रवाह में मदद करता है। यदि आप उच्‍च रक्‍तचाप को नियंत्रित करना चाहते हैं तो सुबह के समय खाली पेट किशमिश के पानी का उपभोग कर सकते हैं।
किशमिश का पानी पीने के फायदे रक्‍त बढ़ाने में - जिन लोगों को खून की कमी होती है उन्‍हें अक्‍सर किशमिश खाने की सलाह दी जाती है। नियमित रूप से किशमिश का पानी पीने से शरीर में हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर में वृद्धि होती है। किशमिश में आयरन उच्च मात्रा में होता है। ऐसा माना जाता है कि लौह समृद्ध खाद्य फलों और सब्जियों की अपेक्षा आयरन किशमिश में अधिक होता है। लौह तत्‍व रक्‍त उत्‍पादन के लिए बहुत ही आवश्‍यक घटक होता है। यदि आप खून की कमी से परेशान हैं तो किशमिश के पानी का सेवन करें। यह आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के साथ ही रक्‍त वृद्धि में सहायक होता है।

किशमिश के पानी के लाभ हड्डी मजबूत करे -औषधीय गुणों से भरपूर किशमिश में बोरॉन भी उपस्थिति रहता है। बोरॉन हड्डियों के गठन में विशेष योगदान देता है। इसके अलावा किशमिश में कैल्शियम की भी उच्‍च मात्रा होती है। कैल्शियम हड्डियों का प्रमुख घटक होता है। इन सभी पोषक तत्‍वों की मौजूदगी के कारण किशमिश के पानी पीने के फायदे हड्डियों को मजबूत करते हैं। किशमिश को भिगो कर उपयोग करने से इन पोषक तत्‍वों को शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है जिससे हड्डियों के घनत्‍तव में सुधार होता है। आप भी अपनी हड्डियों को मजबूत करने के लिए किशमिश पानी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

किशमिश का पानी पीने के फायदे रक्‍त शुद्ध करे - अक्‍सर हम त्‍वचा समस्‍याओं जैसे फोड़े, फुंसी, खुजली और अन्‍य समस्‍याओं से ग्रसित हो जाते हैं। जिसका कारण बताया जाता है कि खून में अशुद्धियां हैं। इसके अलावा आपको रक्‍त साफ करने वाली औषधीयों के सेवन की सलाह दी जाती है। किशमिश का पानी भी रक्‍त साफ करने के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। क्‍योंकि किशमिश में प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं। ये एंटीऑक्‍सीडेंट हमारे यकृत और गुर्दे के सामान्‍य काम काज को उत्‍तेजित करते हैं। इसके अलावा यह हमारे शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्‍स को भी खत्‍म करने में मदद करते हैं। इस तरह से आप अपने रक्‍त को शुद्ध करने के लिए किशमिश पानी का सेवन कर सकते हैं।

महिलाएं अपने प्राइवेट पार्ट में न रखें ये 4 चीजें, हो सकता बड़ा नुकसान
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आज हम आपको महिलाओ के हेल्थ से जुडी कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे है जिसके बारे में लोग बहुत ही कम जानते है। सेक्शुअल फैन्टसी कोई बुरी चीज नहीं, पर उन चीजों को हद से ज्यादा करना जिनके बारे में आपको जानकारी कम हो, जरूर बुरा है। जैसे अपने गुप्तांग में कुछ चीजों को डालने से हो सकता कि आपको सेक्स में आनंद आए पर वे चीजें आपको नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। आइये हम आपको बताते हैं उन 7 चीजों के बारे में जिन्हें भूलकर भी आपको अपने गुप्तांग में नहीं डालना चाहिए।

ना करें इन चीजों का इस्तेमाल:

# सेल फोन के वाइब्रेशन से हो सकता है कि आप उत्तेजित हो जाती हों पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल इसके लिए कभी नहीं करना चाहिए। फोन में हानिकारक रेडिएशन और बैट्री की वजह से आपको कई बड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

# आपको लगे कि इनसे तो कोई नुकसान नहीं हो सकता क्योंकि इन्हें तो आम तौर पर बहुत इस्तेमाल किया जाता है, पर वजाइना में केला और खीरा डालना बेहद हानिकारक हो सकता है।

# सेक्स के लिए खुशबूदार वजाइना से बेहतर और क्या होगा, पर गलती से भी डिओडरेंट या किसी और स्प्रे का इस्तेमाल न करें। ये बहुत कठोर होते हैं।
# सेक्स के दौरान चॉकलेट सिरप या फेंटी हुई मलाई अपने पार्टनर को लगा कर खाना, उत्तेजक हो सकता है।

शरीर की सारी ब्‍लॉक नसों को सही तरिके से ठीक करने के लिए अपनाये ये घरेलू नुस्खा
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आजकल लोगो का प्रोफेसनल काफी बदल सा गया है और इसी वजह से आपकी लाइफस्‍टाइल की कुछ खराब आदतों की वजह से जैसे, देर तक बैठे रहना या स्‍मोकिंग आदि की वजह से DVT होने (नसों का ब्‍लॉक होना) का खतरा होता है। कारण जो भी हो, हम आपके लक्षणों को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं हम आज जो नुस्‍खा ले कर आए हैं, वो शरीर की नसों को खोलने में मदद करेंगा। यह ऐसा चूर्ण है जिससे शरीर की सारी ब्‍लॉक नसें खुल जाएंगी, जो कि प्राकृतिक चीजों से बनाया गया है।

हम जो नुस्‍खा ले कर आए हैं, वो शरीर की नसों को खोलने में मदद करेंगा। यह ऐसा चूर्ण है जो कि प्राकृतिक चीजों से बनाया गया है।इसे छोटे छोटे हिस्‍सों में ले कर आप शरीर की ब्‍लॉक नसों को खोल सकते हैं।

ये नुस्खा उस समय भी काफी फायदा पहुंचाता है जब किसी व्यक्ति की एंजिओयोप्लास्टिक या फिर बाई पास सर्जरी की गई हो। इस चूर्ण को बनाने के लिये जो जो सामग्रियां चाहिये होंगी वह आपको या तो आपके घर में मिल जाएगी या फिर आप किसी पंसारी की दुकान से इन्हें ले सकते हैं।दोस्‍तों यह एक नेचुरल चूर्ण है, इसका कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता। तो इसे लेने से पहले आपको घबराने की आवश्‍यकता नहीं है। अब आइये जानते हैं कि यह चूर्ण कैसे बनाया जाता है और इसे कैसे लेना चाहिये।

आवश्यक सामग्री – दाल चीनी – 1 ग्राम, काली मिर्च साबुत – 10 ग्राम, तेज पत्ता – 10 ग्राम, मगज – 10 ग्राम
मिश्री डला – 10 ग्राम, अखरोट गिरी – 10 ग्राम, अलसी – 10 ग्राम

औषधी बनाने की विधि- इन सभी सामग्रियों को किसी मिक्‍सर जार में डाल कर महीन पीस लें। जब यह पाउडर बन जाए तब इसकी दस पेकेट बना लें। लीजिये आपकी देसी दवाई तैयार है।

औषधी लेने का तरीका –आपको एक पेकेट हर रोज़ खाली पेट सादे पानी के साथ लेनी होगी। दवाई खाने के एक घंटे तक कुछ भी ना खाएं।इस दवाई को लेने से आपके शरीर की सारी बंद नसें खुल जाएंगी। यही नहीं हार्ट पेशंट भी इसे खा सकते हैं। इससे उन्‍हें काफी आराम मिलेगा। ये नुस्‍खा इतना कारगार व फायदेमंद है की आपके शरीर की हर ब्लॉकनसों को खोल देगा। आपको हार्ट अटैक व लकवे जैसी बीमारियों का समाना नहीं करना पड़ेगा।

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मुंह के छाले को ठीक करने के लिए अपनाये ये घरेलू उपाय
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आजकल ज्यादातर लोग मुँह के छालों की वजह से काफी परेशान रहते है और इस वजह से खाने पीने में काफी परेशानी होती है। यह छाला किसी को भी हो सकता है और जब यह छाला मुंह के अंदर होता है तो इसका रंग सफेद होता है और लाल सूजन के छल्ले से यह पूरी तरह से घिरा होता है। आज हम आपको मुंह के छाले दूर करने के घरेलू उपाय बताने जा रहे है जो प्राकृतिक है और जल्दी ही छालों को ठीक कर देते है
मुलेठी की जड़ – मुलेठी की जड़ छालों को ठीक करने में काफी मददगार साबित होती हैं। इससे छाला में ज्यादा दर्द भी नहीं होता है और यह मुंह के अंदर एक प्रोटेक्टिव लेयर बना देती है। जिससे आपको कुछ भी खाने में किसी भी तरह की जलन महसूस नहीं होती है। इससे मुंह के अंदर बहुत ही जल्दी घाव भरने लगते हैं।मुंह में छाले ठीक करने के लिए इसका इस्तेमाल इस तरह करें मुलेठी की जड़ को लेकर इस जड़ को पाउडर की तरफ पीस लेना है और उसके बाद एक चम्मच मुलेठी पाउडर लेकर दो कप पानी में मिलाकर तकरीबन 3 से 4 घंटे तक ऐसे ही छोड़ दें और उसके बाद इसे छानकर दिन में दो से तीन बार कुल्ला करें।

नारियल का दूध – नारियल का दूध भी मुंह और जीभ के छाले को जल्द ही ठीक करने में मददगार साबित होता है। इसके लिए सबसे पहले एक चम्मच नारियल का दूध लेना है। उसमें थोड़ा सा शहद मिला लें। उसके बाद आपके मुंह में जहां-जहां छाले हुए हैं वहां पर उसे लगाएं। इस प्रक्रिया को दिन में 3 से 4 बार करें ।

समुद्री नमक और हाइड्रोजन पेरोक्साइड – anti-inflammatory, antiseptic और disinfectant properties ये सब समुद्री नमक और हाइड्रोजन पेरोक्साइड के अंदर होती हैं। अगर आप इन दोनों को एक साथ मिलाकर भी इस्तेमाल करना चाहे या फिर अलग-अलग इस्तेमाल करना चाहे दोनों में ही आपको फायदा नजर आएगा।

अब इसे इस्तेमाल कैसे करना है, यह आपको बताते हैं। सबसे पहले एक चुटकी हाइड्रोजन पेरोक्साइड ले उसके अंदर दो चम्मच समुद्री नमक मिलाएं और एक गिलास पानी में इसका घोल बना लें। अब इस पानी के साथ दिन में दो से तीन बार कुल्ला करे

जांघों के बीच होने वाले फंगल संक्रमण को रोकने के लिए अपनाये ये घरेलू नुस्खे
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अक्सर लोग जांघो के बीच होने वाली खुजली से काफी परेशान रहते है। और यह खुजली कभी कभी सबके सामने शर्मिंदगी का कारण भी बना देती है। वैसे तो जांघों के बीच खुजली एक फंगल संक्रमण है। फंगल संक्रमण होने का कारण यह है कि यह कवक के कारण होता है।

लेकिन जांघों के बीच फंगल संक्रमण के घरेलू उपाय भी होते हैं। जिनका उपयोग कर आप इस तरह की समस्‍याओं से छुटकारा पा सकते हैं। यह एक खुजली है जो उस स्‍थान पर होती है जिसे आप सभी के सामने नहीं खुजला सकते हैं। इस लेख में आप जानेगें जांघों के बीच फंगल संक्रमण को रोकने के घरेलू उपाय। जिन्‍हें जानकर आप दूसरों के सामने शर्मिंदा होने से बच सकते हैं। तो आइये जानते है इन उपायों के बारे में -

ल‍हसुन - जननांग क्षेत्रों के आसपास होने वाली खुजली का प्राकृतिक इलाज लहसुन से किया जा सकता है। यह त्‍वचा और विशेष रूप से फंगल संक्रमण में बहुत ही प्रभावी माना जाता है। खुजली पर लहसुन का उपयोग करने पर इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट कैंडिडा, टोरुलोपसिस, ट्राइकोफीटन और क्रिप्‍टोक्‍कोस सहित अन्‍य प्रकार के कवक के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं।

उपचार के लिए जैतून तेल के साथ लहुसुन को कुचलक पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट को प्रभावित क्षेत्र में लगाएं और इसे किसी पतले सूती कपड़े से बांध लें। 2 घंटे के बाद आप इसे धो लें। जब तक आपको आराम न मिले इसे दिन में दो बार दोहराएं। लेकिन यदि आपको इस पेस्‍ट को लगाने पर सूजन या जलन होती है तो इस पेस्‍ट का उपयोग न करें।

सेब का सिरका - जांघों के बीच फंगल संक्रमण पुरुषों में अधिक होता है। लेकिन इस संक्रमण से महिलाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। पुरुष जननांग में जलन और खुजली दूर करने के लिए सेब के सिरका का उपयोग किया जा सकता है। सेब का सिरका में एंटी-फंगल गुण होते हैं। इस कारण यह कैंडिडा फंगल संक्रमण को रोकने में मदद करता है। जांघ पर फंगल संक्रमण और खुजली का इलाज करने के लिए सेब का सिरका बहुत ही प्रभावी होता है। इसके लिए आप सेब के‍ सिरका में किसी सूती कपड़े को भिगों कर प्रभावित क्षेत्र में लगाएं। ऐसा आपको नियमित रूप से दिन में तीन बार करना चाहिए। यह आपको खुजली से जल्‍द ही राहत दिला सकता है।

नारियल तेल -प्राचीन समय से ही नारियल तेल को कई त्‍वचा समस्‍याओं के लिए उपयोग किया जा रहा है। नारियल के तेल में कुछ फैटी एसिड होते हैं। यह कोशिका झिल्‍ली को नुकसान पहुंचाने वाली फंगल कोशिकाओं को नष्‍ट करता है। कुछ अध्‍ययनों से पता चलता है कि सामान्‍य त्‍वचा संक्रमण वाले लोगों के लिए नारियल का तेल एक प्रभावी उपाय हो सकता है। नारियल के तेल को प्रभावित क्षेत्र में प्रतिदिन 3-4 बार लगाना चाहिए। यह आपको जांघों के बीच की खुजली से आराम दिला सकता है। इसके अलावा लोग नारियल तेल को मॉइस्‍चराइजिंग लोशन के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं। जो भविष्‍य में फंगल संक्रमण की संभावना को कम करने में सहायक होता है।

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