Header Ads

तुलसी के पत्ते और आवले से संभव है पीलिया का इलाज


तुलसी के पत्ते और आवले से संभव है पीलिया का इलाज




पीलिया यानी जांडिस जिससे शरीर में खून की कमी होने लगती है, भूख मर जाती है और आखों के साथ पूरा शरीर प्रभावित होता है,


इसके उपचार के लिए इन आहारों का सेवन करें.


1-टमाटर में विटामिन सी पाया जाता है, इसलिये यह लाइकोपीन में रिच होता है, जो कि एक प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट हेाता है. इसलिये टमाटर का रस लीवर को स्वस्थ्य बनाने में लाभदायक होता है.मूली के रस मे इतनी ताकत होती है कि वह खून और लीवर से अत्यधिक बिलिरूबीन को निकाल सके. रोगी को दिन में 2 से 3 गिलास मूली का रस जरुर पीना चाहिये.

2-जौ आपके शरीर से लीवर से सारी गंदगी को साफ करने की शक्ति रखता है. जौ और धनिया के बीज को रातभर पानी में भिगो दीजिये और फिर उसे सुबह पी लीजिये. जौ और धनिया के बीज वाले पानी को पीने से लीवर से गंदगी साफ होती है.


3-यह एक प्राकृतिक उपाय है जिससे लीवर साफ हो सकता है. सुबह सुबह खाली पेट 4-5 तुलसी की पत्तियां खानी चाहिये. आमला मे भी बहुत सारा विटामिन सी पाया जाता है. आप आमले को कच्चा या फिर सुखा कर खा सकते हैं. इसके अलावा इसे लीवर को साफ करने के लिये जूस के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं.


4-जब आप पीलिया से तड़प रहे हों तो, आपको गन्ने का रस जरुर पीना चाहिये. इससे पीलिया को ठीक होने में तुरंत सहायता मिलती है.गन्ने का रस में नींबू को निचोड़ कर पीने से पेट साफ होता है. इसे रोज खाली पेट सुबह पीना सही होता है. पाइनएप्पल एक दूसरे किसम का फल है जो अंदर से सिस्टम को साफ रखता है.


बच्चो को ना पहनाये ऊनी कपडे 


: जाने मेटा मैडिटेशन के बारे में




मेटा यह शब्द पाली शब्द से लिया गया है. इसका मतलब दया, परोपकार और साख होता है. मेटा मेडिटेशन की उत्पत्ति या ये कहें कि इसे करने की शुरूआत बौद्ध परंपराओं से हुई है. विशेषकर इसे थेरवाद ओर तिब्बतियों द्वारा किया जाता रहा है. वैज्ञानिक दृष्टि से भी इस मेडिटेशन को बहुत ही प्रभावकारी माना गया है. 


मेटा मेडिटेशन के लाभ


1-इस मेडिटेशन को करने से आपके अंदर दूसरों के प्रति सहानुभूति बढ़ती है. लोगों के प्रति प्रेम और दया की भावना जागृत होती है. ईष्या और द्वेश जैसी भावनाओं का नाश कर सकारात्मक विचारों का विकास होता है. आत्म स्वीकृति का विकास होता है. इसके अलावा जीवन के उदे्श्य संबंधी भावनाओं में वृद्धि होती है. 


2-सबसे पहले आप रिलैक्स होकर बैठ जाएं और अपनी आंखों को बंद कर लीजिए. इसके बाद अपने दिल और दिमाग की दया और परोकार की भावनाओं को जागृत होने दें. इसके बाद अपने प्रति प्यार और दया की भावना विकसित होने दें. फिर इन भावनाओं को दूसरों की तरफ भी अग्रसारित करें. 


स्वस्थ रहने के लिए अपने घर के आसपास लगाए... 


इन बिन्दुओ पर दबाव डालने से तेजी से घटता है वजन





शरीर में मौजूद कुछ बिंदुओं पर दबाव डालने से मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा और तेजी से वजन कम होगा, 


आइये जानते है इन बिंदुओं के बारे में –


1-आपके चेहरे पर नाक के नीचे और होठों से ठीक ऊपर बिलकुल बीच के स्थान पर एक बिंदु होता है. इस स्थान पर दबाव डालने से भूख नियंत्रित होती है और आप अधिक खाने से बचते हैं. इसके अलावा इस बिंदु पर दबाव बनाने से बेचैनी होना, तनाव, आदि समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है. होठों के ठीक ऊपर और नाक के नीचे मौजूद इस बिंदु पर 5 मिनट तक दबाव बनायें और इसे दिन में दो बार दोहरायें.


2-हाथों के बीच में टखने से ऊपर यह बिंदु मौजूद है. इस पर दबाव बनाने से शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है और यह आंतों की क्रिया को भी नियमित करता है. दरअसल शारीरिक वजन सही होने के लिए शरीर के तापमान का सही होना बहुत जरूरी है. साथ ही आंतों की अवस्था भी सही होना जरूरी है. इस बिंदु से शरीर की ऊर्जा बाहर निकलती है, और इसपर दबाव बनाने से वजन तेजी से कम होता है. इस बिंदु पर एक मिनट तक दबाव डालें और इसे दिन में दो या तीन बार करें.


3-आपके दोनों पैरों के बीच में यह बिंदु मौजूद है. इस बिंदु के लिए आप अपनी दोनों टांगों के बिंदुओं पर दबाव डालें. इस बिंदु पर उंगली से हल्की मसाज भी करें, मालिश करने की समय सीमा कम से कम 10 मिनट होनी चाहिए. इस क्रिया को दोनों पैरों में दिन में 9 बार दोहरायें. इस बिंदु से खाना आसानी से पच जाता है और भूख ज्यादा नहीं लगती है.


फॉण्ट भी डालते है असर हमारी याददाश्त पर 
जाने अपने शरीर के प्रेशर पॉइंट्स के बारे में




प्रेशर प्वाइंट्स से तनाव और चिंता से राहत मिलती है. यह माना जाता है कि हमारे शरीर में बारह चैनल हैं, जो शरीर के प्रत्येक हिस्सो से संबंधित हैं, ये चैनल तंत्रिका तंत्र से जुड़ते हैं.


1-सर में दर्द होने पर आराम से बैठ जाएं और दाएं हाथ को बाएं हाथ से पकड़े, अब दाएं हाथ के अंगूठे और पहली उंगली के गैप को बाएं हाथ से दबाएं, धीरे-धीरे दबाव बढ़ाएं और कम से कम 10 सेकंड तक तेजी से दबाएं. यह प्रक्रिया दूसरे हाथ से दोहराएं. कम से कम तीन बार इस पूरी प्रक्रिया को करें.ऐसा करने से सर दर्द में आराम मिलता है . 

2-कमर में दर्द होना आम बात है, ऐसे में प्रेशर प्वाइंट्स से कमर के दर्द से राहत मिल सकती है. इसके लिए आराम से बैठ जाएं, कमर के जिस हिस्से में अधिक दर्द हो उस ओर के पैर के पंजों को अपना हाथों में लें. अब अंगूठे और पहली उंगली के बीच के हिस्से पर अंगूठे से दबाव डालें, धीरे-धीरे दबाव बढ़ाएं और एक मिनट तक इसी अवस्था में रहें. दूसरे पैर के पंजों से यही प्रक्रिया दोहराएं. कमर दर्द में आराम मिलेगा.


3-लगातार कंप्यूटर पर काम करने की वजह से गर्दन में दर्द होने लगता है. इसके दर्द से छुटकारा पाने के लिए हाथ में एक बिंदु होता है, जब आप अपनी बीच की उंगलियों को वी आकार में बनाते हैं तो उसके बीच में एक प्वाइंट होता है जो गर्दन के दर्द से राहत दिलाता है. यह दोनों हाथों की उंगलियों में होता है. गर्दन में दर्द होने पर बारी-बारी से इन प्रेशर प्वाइंट्स पर 1 से 2 मिनट तक दबाव डालने से गर्दन दर्द से राहत मिलती है.

रोज रात में सोते वक़्त करे मखाने का सेवन 
माइग्रेन दूर करने में सहायक है रोजमेरी टी




रोज़मेरी से बनी चाय भी सेहत और सौंदर्य के लिये बेहद लाभदायक होती है. रोज़मेरी टी की मदद से आप अपने चेहरे पर मौजूद झुर्रियों से निजात पा सकते हैं.


1-चेहरे के रिंकल्स दूर करने के लिये रोज़मेरी की 5-6 पत्तियों को एक गिलास हल्के गर्म में रख दें. इसके ठंडा होने तक इंतज़ार करें और फिर किसी टॉनिक की तरह चेहरे को साफ करने के लिये इसका इस्तेमाल करें. इससे रोज़मेरी के गुणकारी तत्व त्वचा को तरोताज़ा करते हैं और रिंकल्स को भी समय के साथ दूर करते हैं. 

2-रोज़मेरी टी पाचन को सुधारती है. यही कारण है कि रोजमेरी का प्रयोग पाचन समस्या जैसे पेट में दर्द, गैस, अपच आदि से बचने के लिए भी किया जाता है. 


3-भले ही आप रोज़मेरी को अपने खाने में शामिल करें या फिर इसकी चाय बनाकर पियें, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को नुकसान से बचाते हैं और स्किन टोन को बेहतर बनाते हैं. 


4-माइग्रेन व तनाव का असर चेहरे पर भी होता है और रिंकल्स की समस्या भी हो सकती है. रोजमेरी टी पीने से माइग्रेन का प्राकृतिक तौर पर उपचार हो जाता है. 


खट्टे फल भगा सकते है आपके चेहरे की झुर्रिया

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.