Header Ads

एलोवेरा ( घृतकुमारी ) के लाभ और गुण

एलोवेरा ( घृतकुमारी ) के लाभ और गुण


एलोवेरा ( घृतकुमारी ) के लाभ और गुण



प्रकृति ने हमें कई ऐसी आयुर्वेदिक औषधियां दी हैं, जो हमारे लिए हमेशा से लाभकारी और फायदेमंद रही है। उन्हीं में से एक है 'घृतकुमारी'। जिसे 'घीक्वार' और 'ग्वार पाठा' भी कहा जाता है। लेकिन अधिकांश लोग इसे 'एलो वेरा' (Aloe Vera) के नाम से जानते हैं, जो इसका वनस्पति नाम ( Botanical Name )है। एलोवेरा का पौधा काफी गूदेदार और रसीला होता है। इनकी औसतन लम्बाई 15 सेंटीमीटर से 3 फुट तक होती है।


प्रकृति ने हमें कई ऐसी आयुर्वेदिक औषधियां दी हैं, जो हमारे लिए हमेशा से लाभकारी और फायदेमंद रही है। उन्हीं में से एक है 'घृतकुमारी'। जिसे 'घीक्वार' और 'ग्वार पाठा' भी कहा जाता है। लेकिन अधिकांश लोग इसे 'एलो वेरा' (Aloe Vera)के नाम से जानते हैं, जो इसका वनस्पति नाम ( Botanical Name ) है। एलोवेरा का पौधा काफी गूदेदार और रसीला होता है। इनकी औसतन लम्बाई 15 सेंटीमीटर से 3 फुट तक होती है।

'एलो' का अर्थ होता है रेडिएन्स अर्थात चमक। 'लिली' परिवार का यह पौधा बहुत सारे खनिजों, लवणों और विटामिनों से भरपूर होता है। अपने उम्र वृद्धिकारक गुणों तथा आर्द्रताकारी (Moisturizing) के कारण बहुत बार इसका प्रयोग त्वचा लोशन या क्रीम के रूप में किया जाता है।

INTERESTING FOR YOU





एलोवेरा के लाभ और गुण 

एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमिनो एसिड और 12 विटामिन मौजूद होते हैं, जो खून की कमी को दूर कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। 
एलोवेरा का एक अच्छे स्वास्थ्यवर्द्धक पेय (Drink) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
एक गिलास ठंडे नारियल पानी में दो से चार चम्मच एलोवेरा का रस या पल्प (गूदा) मिलाकर पीने से लू लगने का खतरा नहीं रहता है। 
एलोवेरा का जूस बवासीर, डायबिटीज़, गर्भाशय के रोग तथा पेट के विकारों को दूर करता है। 
एलोवेरा के पल्प (गुदे) में मुल्तानी मिट्टी या चंदन पाऊडर में मिलाकर लगाने से त्वचा के कील - मुहांसे ठीक हो जाते हैं। 
सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा की पत्तियों के रस का सेवन करने से पेट में कब्ज़ की समस्या से निजात मिलती है।
गर्मी, उमस और बारिश के कारण निकलने वाले फोड़े - फुंसियों पर भी इसका रस लगाने पर आराम मिलता है और तीन - चार बार लगाने से वो ठीक भी हो जाते हैं। 
गुलाब जल में एलोवेरा का रस मिलाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और खोई नमी लौटती है। 
एलोवेरा का जूस मेहँदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार तथा स्वस्थ रहते हैं। 
कहीं भी जलने या चोट लगने पर एलोवेरा का रस लगाने से बहुत आराम मिलता और वो तेज़ी से भी ठीक होती है।
इसके अलावा शारीरिक ऊर्जा, पाचन क्रिया तथा त्वचा - पुनर्निर्माण के लिए भी एलोवेरा का रस और पल्प (गूदा) काफी लाभदायक होता है।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.