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ये 10 संकेत बताते हैं कि आप डिप्रेशन में हैं


ये 10 संकेत बताते हैं कि आप डिप्रेशन में हैं
आज की भागदौड़ वाली जिंदगी के बीचे डिप्रेशन यानि तनाव के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन इसके बारे में ज्यादा जागरुकता नहीं होने से कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता कि अवसाद से पीड़ित है.

आज की भागदौड़ वाली जिंदगी के बीचे डिप्रेशन यानि तनाव के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन इसके बारे में ज्यादा जागरुकता नहीं होने से कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता कि अवसाद से पीड़ित है.


आज की भागदौड़ वाली जिंदगी के बीचे डिप्रेशन यानि तनाव के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन इसके बारे में ज्यादा जागरुकता नहीं होने से कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता कि अवसाद से पीड़ित है. आए दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमें लोग डिप्रेशन के कारण खौफनाक कदम उठाते हुए अपनी जान तक ले लेते हैं. ऐसी कोई अनहोनी आपके या आपके आसपास के लोगों के साथ न हो इसके लिए हम आपको बता रहें हैं उन 10 संकेतों के बारे में जो बताते हैं कि आप डिप्रेशन के शिकार हैं.



उदासी- अगर आपके आसपास खुशनुमा माहौल है, या कोई मजाक कर रहा है फिर भी आपके चेहरे पर न मुस्कान और न ही हंसी आती है. अगर आपको लगता है कि आपकी जिंदगी में कुछ भी आपको खुशी नहीं दे रहा है और आप लगातार उदास हैं तो आप डिप्रेशन के शिकार हैं.






चिड़चिड़ाहट- छोटी-छोटी चीजें अगर आप चिड़चिड़ा बना देती हैं, या सुबह उठते ही आपका मूड ऑफ रहता है जो दिन पर बना रहता है, किसी की कंपनी भी आपको नहीं भाती है तो ये डिप्रेशन के संकेत हैं.




अकेलापन- चिड़चिड़ाहट के कारण आपके आसपास के लोग दूर होने लगते हैं. आप भी किसी को अपने पास नहीं आने देना चाहते. आप ज्यादातर अकेले रहते हैं और किसी सोशल मीट का हिस्सा भी नहीं बनते तो सतर्क हो जाइए, क्योंकि ये अवसाद की निशानी है.



भावुकता में कमी- भावनाएं ऐसी चीज हैं जो हमें सही मायने में इनसान बनाती हैं. लेकिन डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति में भावनाओं में कमी आने लगती है. व्यक्ति सिर्फ अपने बारे में सोचने लगता है. उसकी कही बातों या उठाए गए किसी पर क्या असर होगा वो इस बारे में सोचना बंद कर देता है.




नींद में कमी- नींद में कमी अवसाद का एक संकेत है. व्यक्ति सोने के समय भी सोच-विचार करता रहता है. अकेले होने के कारण वो अपनी भावनाओं को किसी को नहीं बताया इससे उसके दिमाग में बातें चलती रहती हैं, जिससे नींद नहीं आती. यही कारण है कि व्यक्ति को दिन भर थकान महसूस होती रहती है. इससे उसके व्यवहार और काम पर असर पड़ने लगता है.



वजन में कमी आने लगना- डिप्रेशन में आपको महसूस भी नहीं होता कि आपका वजन कम होने लगा है. आपकी भूख काफी कम हो जाती है. शरीर में कमजोरी आने लगती है, लेकिन आपको भूख लगने पर भी खाने की इच्छा नहीं होती.




शराब की लत- अवसाद से गुजर रहे लोग अक्सर खुद की भावनाओं को दबाने और खुश करने के लिए शराब का सेवन करने लगते हैं. लेकिन ये आदत जानलेवा साबित हो सकती है.




सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल- अगर आप दिन भर सोशल नेटवर्क पर एक्टिव रहते हैं, और असल में किसी दोस्त या रिश्तेदार से नहीं मिलते तो आप अवसाद का शिकार बन चुके हैं. आपको लगने लगता है कि बाहरी दुनिया से अच्छी सोशल मीडिया की दुनिया है. आपको कितने लाइक्स मिले और कितने कमेंट्स ये आपके लिए ज्यादा मायने रखने लगता है.



साफ-सफाई में कमी- अवसाद से पीड़ित व्यक्ति की कुछ भी करने की इच्छा मरती जाती है. वो अपने कमरे को भी साफ नहीं रखता. यहां तक कि वो खुद का ध्यान रखना भी बंद कर देता है.




विलंब- डिप्रेशन का शिकार व्यक्ति हर चीज में रुची खो देता है. वो कहीं भी समय पर नहीं पहुंचता क्योंकि उसके लिए सभी चीजें मायने खो देती हैं. उसे जो काम दिया जाता है उस पर भी वो ध्यान नहीं लगा पाता. इस सब से उसके दिमाग में नकारात्मक्ता घर कर जाती हैं.

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