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गर्भावस्था में सर्दी-जुकाम व खांसी


गर्भावस्था में सर्दी-जुकाम व खांसी

In this article
मुझे गर्भावस्था के दौरान ज्यादा खांसी-जुकाम क्यों हो रहा है?
मैं जुकाम व खांसी से अपना बचाव कैसे कर सकती हूं?
क्या गर्भावस्था में खांसी-जुकाम की सामान्य दवाई लेना सुरक्षित है?
सर्दी-जुकाम, खांसी का सुरक्षित उपचार कैसे किया जा सकता है?
मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अपना मत दें
मुझे गर्भावस्था के दौरान ज्यादा खांसी-जुकाम क्यों हो रहा है?जब आप गर्भवती होती हैं, तो आपकी प्रतिरक्षण प्रणाली में काफी बदलाव आता है। अब उसका मुख्य मकसद आपके गर्भ में पल रहे शिशु की रक्षा करना होता है। इस वजह से आप सर्दी-खांसी पैदा करने वाले कीटाणुओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।
मैं जुकाम व खांसी से अपना बचाव कैसे कर सकती हूं?आप सर्दी-जुकाम व खांसी पैदा करने वाले हर विषाणु से तो खुद को नहीं बचा सकती। मगर, नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर, आप अपनी प्रतिरक्षण प्रणाली की इनसे लड़ने में मदद कर सकती हैं:
स्वस्थ व संतुलित आहार लें, जिसमें ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों। इन सबसे बने विविध आहार आपको खनिज व विटामिन प्रदान करेंगे, जिससे आपको संक्रमणों से लड़ने में सहायता मिलेगी।
जलनियोजित (हाइड्रेट) रहने और विटामिन व खनिज का स्तर बढ़ाने के लिए पानी, हर्बल चाय और फलों के रस जैसे पेय पदार्थ प्रचुर मात्रा में लें। कैफीन युक्त या अधिक मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
जब भी थकान महसूस हो, तो अपने शरीर को आराम दें और तनाव मुक्त रहने का प्रयास करें।
कुछ व्यायाम भी करें। इससे रक्त संचरण बढ़ाने और संक्रमणों से लड़ने में मदद मिल सकती है।
अगर, आप धूम्रपान करती हैं, तो बेहतर है इसे बंद कर दीजिए। यह आपके शिशु के लिए हानिकारक है और साथ ही आपकी प्रतिरक्षण प्रणाली को भी नष्ट करता है।
अगर, आप विभिन्न किस्म के सेहतमंद भोजन खाती हैं, तो आपको इनसे सभी जरुरी विटामिन मिल ही जाएंगे। मगर, यदि आप गर्भावस्था में ली जाने वाले मल्टीविटामिन दवाइयों के सेवन के बारे में सोच रही हैं, तो पहले इस बारे में अपनी डॉक्टर से बात करना बेहतर है।
क्या गर्भावस्था में खांसी-जुकाम की सामान्य दवाई लेना सुरक्षित है?आपको कोई भी दवाई डॉक्टर से बिना पूछे नहीं लेनी चाहिए। पहले अपनी डॉक्टर से पूछ लें कि वह दवाई गर्भावस्था में लेना सुरक्षित है या नहीं। सर्दी-जुकाम व खांसी की बहुत सी दवाइयों में ऐसे तत्व हो सकते हैं, जिनका सेवन गर्भावस्था में नुकसानदेह हो सकता है। ये दवाइयां आपके शिशु के विकास और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ दवाइयों में कैफीन और यहां तक कि मदिरा भी होती है।
अगर, आपको दर्दनिवारक दवाइयां लेने की जरुरत पड़े, तो पैरासेटामोल की निर्धारित खुराक लेना सुरक्षित है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान एस्पिरिन नहीं लेनी चाहिए। गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में यदि एस्पिरिन का सेवन किया जाए, तो यह आपके शिशु के विकास को प्रभावित कर सकती है। वहीं, अगर गर्भावस्था के अंतिम दिनों में इसे लिया जाए, तो यह प्रसव की शुरुआत और उसकी अवधि पर असर डाल सकती है। साथ ही, आपको आईबुप्रोफेन, कोडीन और विभिन्न दवाइयों के मिश्रण से बनी दर्दनिवारक दवाइयों का सेवन भी नहीं करना चाहिए। 
हो सकता है आपने कहीं सुना हो कि विटामिन सी की ज्यादा खुराक लेने से सर्दी ठीक होने में मदद मिलती है। मगर, विटामिन सी की अत्याधिक खुराक लेना आपके लिए सही नहीं है। यह पानी में घुलने वाला विटामिन है और आपका शरीर एक समय में केवल सीमित मात्रा का ही समाहन कर सकता है। बाकि पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है। इसलिए, बेहतर है कि विटामिन सी थोड़ी मात्रा में नियमित रूप से लिया जाए। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार गर्भवती महिला को प्रतिदिन 40 मि.ग्रा. विटामिन सी का सेवन करना चाहिए।
सर्दी-जुकाम, खांसी का सुरक्षित उपचार कैसे किया जा सकता है?सर्दी-जुकाम व खांसी के कीटाणु आपकी स्थिति काफी तकलीफदेह बना सकते हैं। आपको निम्नांकित लक्षण महसूस हो सकते हैं:
गले में दर्द
खांसीबंद
 नाकसिरदर्दहल्का बुखार

मगर, आप परेशान न हों। जब भी आपको थकान महसूस हो, तो आराम करें और स्वयं को जलनियोजित (हाइड्रेट) रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।

अपने लक्षणों को देखते हुए आप सर्दी-जुकाम में आराम के लिए नीचे दिए गए कुछ नुस्खों को भी आजमा सकती हैं:

बंद नाक: भाप लेने की मशीन (स्टीमर) या गर्म पानी के प्याले में नीलगीरि तेल की दो या तीन बूंदे डालें। अपने सिर पर तौलिया ढककर प्याले पर आगे की ओर झुकें और सांस के जरिये भाप अंदर लें। इससे आपकी बंद नाक खुलने में मदद मिलेगी।
तुरंत आराम: रात के समय या जब आप बाहर जा रहे हों, तो एक रुमाल पर नीलगीरि के तेल की कुछ बूंदे डाल लें और उसे सूंघे। आप पुदीने के सत वाली कैंडी (मैंथॉल लॉज़ेंज) भी लेकर देख सकती हैं।

गले में दर्द या खांसी: गर्म पानी में शहद और नींबू डालकर पिएं। दवा युक्त कैंडी भी गले में राहत के दे सकती हैं। कुछ महिलाएं तुलसी या अदरक की चाय को भी फायदेमंद मानती हैं।

सिरदर्द या बुखार: इसके उचित उपचार के लिए अपनी डॉक्टर से बात करें।
जब तक खांसी-जुकाम बहुत ज्यादा या फिर साथ में तेज बुखार नहीं हो, तो ज्यादा परेशान न हों और इन्हें अपनी गति से चलने दें। सर्दी-खांसी के लिए दवाइयां लेकर भी आपको कोई खास जल्दी आराम नहीं मिलेगा। मगर हां, वे आपका थोड़ा बेहतर महसूस अवश्य करा सकती हैं।
मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?अगर, आपकी खांसी या जुकाम लगातार बनी हुई है, जो ठीक नहीं हो रही या फिर सर्दी के साथ-साथ आपको तेज बुखार भी है, तो अपनी डॉक्टर से बात करें। हो सकता है आपको दूसरा कोई संक्रमण जैसे कि छाती का संक्रमण भी हो सकता है, और आपको इसके उपचार की जरुरत होगी।

अगर, आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही हो या फिर चक्कर महसूस हो रहे हों, तो भी अपनी डॉक्टर को बताएं। क्योंकि गर्भावस्था में आपकी प्रतिरक्षण प्रणाली पहले की तरह काम नहीं कर रही होती, इसलिए सर्दी भी किसी गंभीर समस्या में तब्दील हो सकती है।
तीन हफ्तों से ज्यादा तक लगातार चल रही खांसी या फिर लगातार हल्का बुखार तपेदिक (टीबी) के लक्षण भी हो सकते हैं। अगर, आपको अपनी सेहत को लेकर कोई भी चिंता हो, तो हमेशा अपनी डॉक्टर से बात करें। उन्हें आपके सवालों के जवाब देने में परेशानी नहीं होगी, फिर चाहे वे कितने भी छोटे सवाल क्यों न हों।

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