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शरीर में एस्ट्रोजन के लेवल को कैसे बढ़ाएं


शरीर में एस्ट्रोजन के लेवल को कैसे बढ़ाएं

Low Estrogen level: महिलाओं को अपना शरीर स्वस्थ रखने के लिए एस्ट्रोजन का लेवल सामान्य होना जरुरी होता है। अगर आपके शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल कम हो गया है तो कुछ तरीकों की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है।

low estrogen level: शरीर में एस्ट्रोजन की कमी होने पर कुछ तरीकों की मदद ली जा सकती है।

एस्ट्रोजन एक हार्मोन होता है जो महिलाओं के शरीर और स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एस्ट्रोजन हार्मोन मैन्स्ट्रूअल साइकल के दौरान गर्भाशय अस्तर की ग्रोथ को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसके साथ ही कोलेस्ट्रॉल और बोन मेटाबॉल्जिम में शामिल होता है। लेकिन जब शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल कम हो जाता तो कई गंभीर समस्याएं होने लगती हैं। एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन ओवरी में होता है। अगर कोई भी चीज ओवरी को प्रभावित करती है तो इसकी वजह से एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम होने लगता है। कुछ संकेतों की मदद से पता चल जाता है कि आपके शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा कम हो गई है। इस ठीक करने के लिए कुछ उपायों की मदद ली जा सकती है। तो आइए आपको उन तरीकों के बारे में बताते हैं जिससे एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल संतुलित करने में मदद मिलती है। [

एस्ट्रोजन के लेवल को चेक करें
डाइट में बदलाव करें
वजन बढ़ाएं
कॉफी पिएं
धूम्रपान करना बंद कर दें

एस्ट्रोजन के लेवल को चेक करें: एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ाने के लिए सबसे पहले आपको पता होना चाहिए कि आपके शरीर में एस्ट्रोजन की कितनी कमी है। इसके लिए सबसे पहले अपने डॉक्टर के पास जाएं। ताकि वह चेक करके बता पाएं।

डाइट में बदलाव करें: अंतःस्त्रावी प्रणाली को पर्याप्त मात्रा में एस्ट्रोजन का उत्पादन करने के लिए स्वस्थ शरीर की जरुरत होती है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं। इसके लिए आप टोफू, सोया, नट्स का सेवन कर सकते हैं। यह एस्ट्रोजन के लेवल को प्रभावित करते हैं।

वजन बढ़ाएं: अगर आपका वजन कम है और शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल कम हो गया है तो वजन बढ़ाने की कोशिश करें इससे शरीर की एस्ट्रोजन का उत्पादन करने की क्षमता बढ़ जाती है।

कॉफी पिएं: एस्ट्रोजन का सेवन बढ़ाने के लिए रोजाना 400 एमजी कैफीन का सेवन फायदेमंद होता है। मगर उससे ज्यादा नहीं। मगर कॉफी का सेवन करने से पहले ध्यान रखें कि वह ऑरगेनिक कॉफी हो।

धूम्रपान करना बंद कर दें: अगर आप धूम्रपान करती हैं तो वह करना बंद कर दें क्योंकि यह अंतःस्त्रावी प्रणाली को प्रभावित करता है। साथ ही शरीर के एस्ट्रोजन हार्मोन के उत्पादन को सीमित कर सकता है।


अगर आपके शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल कम हो गया है तो कुछ तरीकों की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है।

संकेत जो बताते हैं कि आपके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ रहा हैं


महिलाओं में, एस्ट्रोजेन सेक्सुअल डेवलेपमेंट करने में मदद करता है। यह हार्मोन महिलाओं के मासकि धर्म को नियंत्रित करता है। इस हार्मोन में होने वाले असंतुलन के कारण महिलाओं को कई तरह के शारीरिक बदलाव महसूस करने हो सकते हैं।




हमारे शरीर में हार्मोन्स का संतुलित होना जरुरी है तभी हमारा शरीर सही तरीके से फंक्शन कर पाता है। अगर ये हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं तो हमारे शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एस्ट्रोजन भी एक हार्मोन है और इसे ‘फीमेल हार्मोन’ कहा जाता है। हालांकि यह हार्मोन पुरुषों में भी पाया जाता है लेकिन महिलाओं में इसकी मात्रा अधिक होती हैं। महिलाओं में, एस्ट्रोजेन सेक्सुअल डेवलेपमेंट करने में मदद करता है। यह महिलाओं के मासिक धर्म को नियंत्रित करता है और पूरी प्रजनन प्रणाली को प्रभावित करता है। एस्ट्रोजन का स्तर प्राकृतिक रुप से या फिर किसी मेडिकेशन के कारण बढ़ सकता है। अगर यह बढ़ जाता है तो आपके शरीर के काम करने के तरीके को प्रभावित करता है और आपको इसके संकेत दिखने लगते हैं। आइए जानते हैं वो संकेत जो बताते हैं कि आपके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ रहा हैं। 
बालों का गिरना
अगर आपके बाल बहुत गिर रहे हैं तो यह एक संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ रहा है। एस्ट्रोजन के बढ़ने के पीछे का एक कारण यह भी होता है कि आपके शरीर में प्रोजेस्ट्रोन का स्तर कम हो रहा है। इसी वजह से आपके बाल पतले होने लगते हैं और अधिक झड़ने लगते हैं।
अनियमित पीरियड्स
हालांकि अगर आपके पीरियड्स अनियमित है तो इसके पीछए कई कारण हो सकते हैं। एस्ट्रोजन का उच्च स्तर भी इनमें से एक है। आपके रेगुलर पीरियड्स कई हार्मोन पर आधारित होते हैं और अगर आपके शरीर में कोई एक हार्मोन भी घटता-बढ़ता है तो इसका असर आपके पीरियड्स पर दिखने लगता है। [
मूड स्विंग्स
एस्ट्रोजन केवल आपके पीरियड्स को प्रभावित नहीं करता है बल्कि इसका प्रभाव आपके मानसिक स्थिति और इमोशन्स पर भी होता है। अगर आपके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है तो आप मूड स्विंग्स का अनुभव करती हैं।

यौन इच्छा का कम होना
आपकी शारीरिक जरुरतों को पूरा करने के लिए आपको हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। अगर आपके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है तो आपकी यौन इच्छा कम हो जाती है। यह तब भी होता है जब एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है। एस्ट्रोजन महिलाओं के शरीर में एक सेक्सुअल हार्मोन के तौर पर काम करता है। इसके स्तर में हुई वृद्धि आपकी सेक्स ड्राइव को कम कर सकती है।
सिर दर्द
महिलाओं को होने वाले सिर दर्द के लिए उनका रिप्रोडक्टिव सिस्टम भी जिम्मेदार हो सकता है। अगर आपको लगातार सिर दर्द हो रहा है तो इसके पीछे का कारण आपके शरीर में एस्ट्रोजन का बढ़ता स्तर हो




एस्ट्रोजन से भरपूर खाद्य पदार्थ

Estrogen rich foods: पुरुषों की तुलना में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन अधिक होते है। मासिक चक्र के दौरान महिलाओं के शरीर में ओवरी इस हार्मोन कको रिलीज करती हैं। कुछ खाद्य पदार्थ एस्ट्रोजन से भरपूर होते हैं। इन्हें आहार में शामिल कर सकते हैं।





estrogen food: शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करने के लिए एस्ट्रोजन समृद्ध फूड्स खाने चाहिए।

Estrogen rich foods: एस्ट्रोजेन हार्मोन का एक समूह है जो पुरुषों और महिलाएं, दोनों के शरीर में मौजूद होता है। यह महिलाओं में मूड को नियंत्रित करता है और फीमेल सेक्स हार्मोन के विकास में भी मदद करता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एस्ट्रोजेन की मात्रा अधिक होती है। पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में अंडाशय इस हार्मोन को रिलीज करता हैं। इस हार्मोन का बढ़ना या घटना महिलाओं के व्यवहार को बहुत प्रभावित करता है। इसके कारण उन्हें अचानक मूड स्विंग्स हो सकते हैं। यह प्रजनन कार्यों रिप्रोडक्टिव सिस्टम, यूरिनरी ट्रेक्ट फंक्शन के लिए भी जिम्मेदार होता है। इसके अलावा यह त्वचा, बालों और हड्डियों के स्वास्थ्य को भी नियंत्रित करता है। कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो एस्ट्रोजन से भरपूर होते हैं। आप इन्हें आहार में शामिल कर सकते हैं।
खाद्य पदार्थ जिनमें एस्ट्रोजन पाया जाता है:
बीज
नट्स
सोया प्रोडक्ट्स
अनाज
फल और सब्जियां

बीज
बीज जैसे फ्लेक्ससीड्स और तिल के बीज एस्ट्रोजन के अच्छे स्रोत हैं। इनमें डाइटरी फाइबर, ओमेगा -3 फैटी एसिड होते हैं। इनके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता हैं। ये फाइटोएस्ट्रोजन(phytoestrogen) का अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा, शरीर को फिट रखने के लिए इन बीजों में विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा होती है।
नट्स
पिस्ता, अखरोट और मूंगफली जैसे नट्स शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। ये नट्स विटामिन और मिनरल्स के साथ-साथ ओमेगा 3 फैटी एसिड से भी समृद्ध होते हैं। स्वस्थ और फिट रहने के लिए आपको हर रोज इन सभी नट्स का सेवन करना चाहिए। नट्स के लाभों के बारे में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सोया प्रोडक्ट्सEstrogen food: सोया दूध, सोयाबीन आदि सोया उत्पाद एस्ट्रोजेन के अच्छा स्रोत हैं।
सोया प्रोडक्ट्स जैसे सोयाबीन, सोया दही, सोया दूध आदि एस्ट्रोजन के अच्छे स्रोत हैं। यह मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन से राहत दिलाते हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसलिए शरीर में एस्ट्रोजेन के स्वस्थ स्तर को बनाए रखने के लिए आहार में सोया प्रोडक्ट्स को शामिल करना चाहिए।

अनाज
अनाज जैसे गेहूं, जौ, राई, जई, आदि में एस्ट्रोजन या फाइटोएस्ट्रोजन पाया जाता है जिसे लिग्नान कहते है। यह महिलाओं को मूड स्विंग्स से दूर रखने में मदद करता है और दिल के स्वास्थ्य को नियंत्रित करता है। फिट रहने के लिए अनाज को अपने आहार में जरुर शामिल करें।

फल और सब्जियांEstrogen food: फलों और सब्जियों में एस्ट्रोजन अच्छी मात्रा में पाया जाता है।

आड़ू, स्ट्रॉबेरी, हरी बीन्स, स्प्राउट्स आदि में अच्छी मात्रा में एस्ट्रोजन होता है। इनमें फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, आयरन, फोलेट आदि होते हैं जो आपको फिट और स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। इसके अलावा, ये सभी फल और सब्जियों में कैलोरी कम होती हैं, जिससे वजन भी नियंत्रित रहता है। 

इसके अलावा, स्वस्थ और फिट रहने के लिए आपको रोजाना लहसुन का सेवन करना चाहिए। एस्ट्रोजन मूड को अच्छा रखने और महिला के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए, आपको रोजाना एस्ट्रोजेन समृद्ध खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिए।

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