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हार्मोन की वजह से होने वाले सिरदर्द को दूर करने के प्राकृतिक उपाय

हार्मोन की वजह से होने वाले सिरदर्द को दूर करने के प्राकृतिक उपाय

Hormonal Headaches: शरीर में हार्मोन के अंसतुलन की वजह से सिरदर्द की समस्या हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए कई उपायों की मदद ली जा सकती है। यह उपाय आसानी से सिरदर्द दूर करने में मदद करते हैं।


treatment of hormonal headache: प्राकृतिक तरीकों की मदद से हार्मोन की वजह से होने वाले सिरदर्द को दूर किया जा सकता है।

महिलाओं के शरीर में हार्मोन का स्तर घटता-बढ़ता है जिसका असर उनके शरीर पर कई तरह से पड़ता है। हार्मोन में होने वाले बदलाव की वजह से होने वाली समस्याओं में से एक सिरदर्द भी है। सिरदर्द होने के पीछे का कारण शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाने की वजह से हैं। इसके अलावा भी कई कारणों की वजह से सिरदर्द होता हैय़ इस सिरदर्द को दूर करने के लिए कुछ प्राकृतिक तरीकों की मदद ली जा सकती है। यह प्राकृतिक उपाय काफी प्रभावी होते हैं। जिनसे आसानी से हार्मोनल बदलाव के कारण होने वाले सिरदर्द को ठीक किया जा सकता है। तो आइए आपको इन प्रभावी उपायों के बारे में बताते हैं।
हार्मोनल सिरदर्द दूर करने के लिए प्राकृतिक उपाय

डाइट
तनाव कम करें
पानी पिएं
मसाज
मैग्नीशियम

डाइट: हार्मोन्स की वजह से होने वाले सिरदर्द को दूर करने के लिए आपको अपनी डाइट में कुछ चीजें शामिल करनी होती हैं और कुछ चीजों अपनी डाइट से हटाना होता है। इसके लिए आपको अपनी डाइट में विटामिन बी2 के स्त्रोतों को शामिल करना चाहिए। ताकि आपके हार्मोन्स का स्तर नियंत्रित रह सके।
तनाव कम करें:Reduce stress: हार्मोन की वजह से होने वाले सिरदर्द को दूर करने के लिए तनाव को कम करें।

तनाव की वजह से आपके शरीर में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। जिसकी वजह से सिरदर्द की समस्या होने लगती है। तनाव को दूर करने के लिए योगा, मेडिटेशन और एक्सरसाइज करें। जिससे आपके शरीर में हार्मोन संतुलित हो जाते हैं।
पानी पिएं:stay hydrate: सही मात्रा में पानी पीना सिरदर्द को दूर करने में मदद करता है।

जब आपके शरीर में पानी की कमी होती है तो इससे सिरदर्द और बढ़ जाने की संभावना हो जाती है। सिरदर्द का एक कारण शरीर में पानी की कमी भी होता है। इसके लिए आपको दिन में कम से कम 3 लीटर पानी पीना चाहिए।

मसाज: महिलाओं के शरीर के कार्य करने की वजह से हार्मोन में बदलाव होते हैं जिसकी वजह से सिरदर्द की समस्या हो जाती है। इस बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मसाज करने से आपके शरीर को आराम मिलता है साथ ही तनाव कम होता है। इसके साथ ही मसाज तंत्रिक तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

मैग्नीशियम: मैग्नीशियम सिरदर्द से रोकथाम करने में मदद करता है। यह मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद करता है। मैग्नीशियम में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जिसकी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं को इसे अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है।

हार्मोन की वजह से होने वाले सिरदर्द को दूर करने के लिए कुछ प्राकृतिक उपायों की मदद ली जा सकती है। यह काफी प्रभावी होते हैं।




माइग्रेन को नजरअंदाज करना हो सकता है घातक, जानिए इसके लक्षण और इलाज.


माइग्रेन सामान्य तौर पर होने वाला एक विशिष्ट प्रकार का सिरदर्द है. माइग्रेन ग्रस्त लोगों को नियमित तौर पर सिरदर्द के दौरे पड़ते हैं. अक्सर यह दर्द कान व आंख के पीछे अथवा कनपटी में होता है. वैसे यह दर्द सिर के किसी भी भाग में हो सकता है. इससे कुछ लोगों के देखने की क्षमता भी कम हो जाती है. सर गंगाराम अस्पताल के न्यूरो एंड स्पाइन विभाग के निदेशक, डॉ. सतनाम सिंह छाबड़ा का मानना है कि माइग्रेन ने लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं को अपना शिकार बना रखा है. हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो इससे ग्रसित न हो. फिर भी माइग्रेन को लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं और न ही इसका उचित उपचार कराते हैं. पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को यह समस्या ज्यादा होती है और बहुत कम ही महिलाएं इसका उपचार कराती हैं. वे इसे एक सामान्य बीमारी समझकर दर्दनाशक दवाएं खा लेती हैं और बिना उचित इलाज के जीती रहती हैं. वे इसे तब तक अनदेखा करती हैं. जब तक यह किसी गंभीर बीमारी का रूप नहीं ले लेता है.

आनुवांशिक बीमारी
उन्होंने कहा, यह एक आनुवांशिक बीमारी है, जो खानपान, वातावरण में बदलाव, बढ़ते तनाव या कभी-कभी बहुत अधिक सोने से भी हो सकता है. इसकी शुरुआत बचपन, किशोरावस्था या वयस्क होने पर कभी भी हो सकती है. कभी-कभी उल्टी, जी मिचलाना आदि की शिकायत भी हो सकती है. अगर उपचार न हो तो यह दर्द 4-5 घंटों तक रह सकता है.

योग, नियमित व्यायाम से मदद

छाबड़ा के अनुसार, बायोफीडबैक, योग, एक्यूप्रेशर और नियमित व्यायाम आदि से माइग्रेन के दौरे को घटाने में मदद मिलती है. माइग्रेन से बचने के लिए सिरदर्द उत्पन्न करने वाले कारणों से बचना चाहिए, जैसे ऊंची आवाज में गाने सुनना, तनावग्रस्त रहना आदि. साथ ही दर्दनिवारक दवाओं का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए. संतुलित दिनचर्या का पालन करना चाहिए. समय पर सोना व जगना चाहिए. नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए. बहुत ज्यादा देर तक भूखे नहीं रहना चाहिए. बहुत तेज व चुभने वाली रोशनी से बचना चाहिए.
छाबड़ा ने कहा कि इस दर्द का असली कारण है- वासोडिवलेटेशन यानी रक्त कोशिकाओं के फैलने और उनके नाड़ी तंतुओं से स्त्रावित रसायन, जो इन रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं. माइग्रेन में सिर के आधे भाग में दर्द होता है. इसलिए माइग्रेन को अधकपाड़ी भी कहते हैं

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