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अगर आपको भी सिर दर्द की शिकायत है तो हो जाएं अलर्ट, हो सकती है ये बीमारी


अगर आपको भी सिर दर्द की शिकायत है तो हो जाएं अलर्ट, हो सकती है ये बीमारी


अगर आपको भी सिर में बार-बार हल्का और तेज दर्द की शिकायत है तो ये माइग्रेन का लक्षण है. इससे सिर में असहनीय रूप से तेज पीड़ा होती है और मस्तिष्क के एक हिस्से में कंपन का अनुभव होता है. यह दर्द अक्सर सिर में एक तरफ होता है, हालांकि दोनों तरफ भी हो सकता है. यदि ऐसे लक्षण हों तो माइग्रेन का इलाज तत्काल कराना चाहिए. माइग्रेन जागरूकता सप्ताह (दो-आठ सितंबर) के अवसर पर इंटरनेशनल हैडेक सोसायटी के हैडेक मैनेजमेंट एंड इंडिया चैप्टर एवं माइग्रेन विशेषज्ञ डॉ. के. रविशंकर ने कहा, "माइग्रेन एक पुराना और शरीर को कुछ हद तक अक्षम कर देने वाला न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिससे भारत में 15 करोड़ लोग प्रभावित हैं. इसकी अक्सर साइनस से जुड़े सिरदर्द, आंखों से जुड़ी समस्या या तनाव के रूप में गलत पहचान की जाती है."
उन्होंने कहा, "माइग्रेन का इलाज हो सकता है. बार-बार होने वाले भयानक सिर दर्द को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने और माइग्रेन के सफल इलाज के लिए डॉक्टर को दिखाए बिना पेन किलर्स लेने या अपना इलाज खुद करने से बचना चाहिए. कंसल्टिंग डॉक्टर द्वारा सही पहचान करने के बाद विशिष्ट एंटी-माइग्रेन उपचार से इलाज कराना बेहतर होता है."

डॉ. रविशंकर ने कहा, "चाहे आप माइग्रेन का लंबे समय तक चलने वाला इलाज कराने का विकल्प चुनते हैं या जल्द से जल्द माइग्रेन अटैक से छुटकारा पाना चाहते हैं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इसका इलाज कराना बेहद महत्वपूर्ण है. इलाज न होने की स्थिति में माइग्रेन से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों पर हानिकारक प्रभाव हो सकता है."

डॉ. रविशंकर ने के अनुसार, "माइग्रेन एक जटिल न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो दिमाग के एक हिस्से के ठीक ढंग से काम न करने का नतीजा हो सकता है. ब्रेनस्टेम नामक दिमाग का यह हिस्सा दर्द और संवेदनशील गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में शामिल है. एक अनोखी उत्तेजना दिमाग के इस हिस्से को सक्रिय कर सकती है, जिससे सिरदर्द और संवेदनशील गड़बड़ी की शिकायत होती है. विश्व स्तर पर माइग्रेन को सभी बीमारियों में सातवें सबसे अक्षम बना देने वाले रोग की रैंकिंग दी गई है. यह सभी तरह की न्यूरोलॉजिकल विकारों में दिव्यांगता का प्रमुख कारण है."

उन्होंने कहा, "इस रोग के अन्य सामान्य लक्षणों में प्रकाश, शोर या किसी भी तरह की गंध के प्रति मरीज में संवेदनशीलता बढ़ जाती है. इससे मरीज को उलटी, मिचली और उबकाई आने की भी शिकायत रहती है. इस स्थिति में नियमित शारीरिक गतिविधि, एक जगह से दूसरी जगह जाने या खांसने और छींकने से भी भयानक दर्द उभर सकता है. अगर माइग्रेन के अटैक का इलाज न किया जाए तो इसका असर चार से लेकर 72 घंटों तक रहता है."
डॉ. रविशंकर ने कहा, "माइग्रेन में जीन्स काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यह अक्सर हार्मोन्स में बदलाव से संबंधित है. कुछ महिलाएं मासिक धर्म की अवधि के दौरान 'मेंस्ट्रअल माइग्रेन' की शिकायत कर सकती हैं. कुछ महिलाओं में यह दर्द गर्भावस्था के दौरान गायब हो सकता है, जबकि कुछ महिलाओं को गर्भ धारण करने पर पहली बार माइग्रेन की शिकायत होती है. माइग्रेन से होने वाले सिरदर्द के निश्चित और सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस पर आम सहमति बन चुकी है कि दिमाग के रक्तप्रवाह में होने वाला बदलाव किसी मरीज के माइग्रेन रोग से ग्रस्त होने का प्रमुख कारण होता है."

उन्होंने बताया, "माइग्रेन के दर्द को उभारने के प्रमुख कारणों में मौसम में अचानक बदलाव, बहुत ज्यादा या बहुत कम सोना, तीक्ष्ण गंध, बहुत ज्यादा शोर, चमकदार और आंखों को चकाचौंध कर देने वाली रोशनी, भावनाओं के उफान, तनाव, बेचैनी, डिप्रेशन, थकान, लंबी यात्रा, सफर के दौरान उलटी होने, खाना छोड़ने, ज्यादा धूम्रपान करने, सिर में चोट लगने, धूप में ज्यादा देर तक रहने और बहुत ज्यादा शराब पीने के बाद होने वाला हैंगओवर शामिल है."

उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में करीब हर सात में एक व्यक्ति माइग्रेन से पीड़ित है. अकेले भारत में ही यह आंकड़ा 15 करोड़ से अधिक है. एक अनुमान के मुताबिक 18 से 49 साल की 25 फीसदी महिलाएं माइग्रेन से जूझ रही हैं. पुरुषों की तुलना में महिलाओं को माइग्रेन होने की संभावना तीन गुना ज्यादा होती है


कमर दर्द और सिर दर्द की समस्या को दूर करता है जीरे और गुड़ का पानी




जीरे और गुड़ का इस्तेमाल सभी किचन में किया जाता है. जीरा खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. वहीगुड मीठा होने के कारण खाने की मिठास को बढ़ाता है. क्या आपको पता है गुड और जीरे का पानी हमारी सेहत को बहुत सारे फायदे पहुंचा सकता है. जीरे और गुड़ का पानी बनाने के लिए एक बर्तन में दो कप पानी ले ले. अब इसमें एक चम्मच गुड़ और एक चम्मच जीरा डालकर अच्छे से उबालें. अब इसे हल्का ठंडा करें. अब इसका सेवन करें.

1- रोज सुबह खाली पेट जीरे और गुड़ का पानी पीने से खून की कमी दूर हो जाती है. इसके अलावा रोजाना इसका सेवन करने से खून में मौजूद अशुद्धियां भी दूर हो जाती हैं.

2- अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो रोजाना जीरे और गुड़ का पानी पिए. ऐसा करने से आपकी माइग्रेन की समस्या दूर हो जाएगी.

3- सुबह खाली पेट जीरे और गुड़ का पानी पीने से कब्ज गैस और पेट दर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. खाली पेट जीरे और गुड़ का पानी पीने से लीवर भी मजबूत हो जाता है.

4- अगर आपको पीरियड से जुड़ी समस्याएं रहती हैं तो रोजाना जीरे और गुड़ का पानी पिए. ऐसा करने से आपको पीरियड से जुड़ी सभी समस्याओं से आराम मिलेगा.

5- आजकल ज्यादातर लोग कमर दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं. नियमित रूप से जीरे और गुड़ का पानी पीने से कमर दर्द की समस्या दूर हो जाती है.
चने और गुड़ में भरपूर मात्रा में आयरन प्रोटीन जैसे तत्व मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते 
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गुड़ और चने दोनों ही खाने में बहुत स्वादिष्ट होते हैं. चने और गुड़ को देसी स्नेक्स भी कहा जाता है. चने और गुड़ में भरपूर मात्रा में आयरन प्रोटीन जैसे तत्व मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. आज हम आपको गुड़ और चने के कुछ सेहत संबंधी फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं. 1- अगर आप रोजाना गुड़ और चने का सेवन करते हैं तो इससे एनीमिया की समस्या दूर हो जाती है. यह रक्त में हीमोग्लोबिन को बढ़ाने का काम करता है. गुड़ और चने में आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो खून की कमी को दूर करने में मदद करती है.

2- गुड और चने में प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करती है.खासकर जो लोग जिम जाते हैं उनके लिए गुड और चने का सेवन फायदेमंद होता है.

3- पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना गुड़ और चने का सेवन करें. इसका सेवन करने से एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है और पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है.

4- अगर आप रोज़ाना गुड़ और चने का सेवन करते हैं तो इससे आपका दिमाग तेज हो जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन बी सिक्स मौजूद होता है जो याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है.

5- दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी गुड़ और चने का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. इस में पोटेशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो हार्ड अटैक के खतरे को कम करती है.
रोजाना खाएं 50 ग्राम भुने हुए चने, 7 दिन में दिखाई देगा चमत्कार

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आपने भुने हुए चने तो खाए ही होंगे. अगर आप भुने हुए चनों को केवल स्वाद के लिए कभी-कभी खाते हैं तो इन्हें रोजाना खाना शुरू कर दीजिए. भुने हुए चने खाने से शरीर को जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ होता है. हो सकता है आपको भी चने खाने से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी न हो. ध्यान रखें कि बाजार में भुने हुए चने दो तरह के होते हैं छिलके वाले और बिना छिलके वाले. आपको बिना छिलके वाले चने ही खाने हैं, चने के छिलके भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं. भुने हुए चने को यदि सही तरीके से चबा चबाकर खाया जाएं तो यह मर्दाना ताकत में बढ़ोतरी होती है.

भुने हुए चने को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. भुने हुए चने खाने के फायदों के बारे में पढ़कर शायद आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा हो कि एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन कितने चने खाने चाहिए. इस बारे में वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर की सीनियर डायटीशियन डॉ. हिमांशी शर्मा बताती हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 50 से 60 ग्राम चनों का सेवन करना चाहिए. यह उसकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद रहता है.

बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता 
रोजाना नाश्ते में या दोपहर के खाने से पहले 50 ग्राम भुने हुए चने यदि आप खाते हैं तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से आप बहुत से बीमारियों से तो बचते ही हैं, साथ ही इससे आपको मौसम बदलने पर अक्सर होने वाली शारीरिक परेशानियां भी नहीं होती.

मोटापा घटाए 
अगर आप या आपके परिवार में कोई मोटापे से ग्रस्त हैं तो भुने हुए चने खाना उनके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा. रोजाना भुने हुए चने खाने से मोटापे की समस्या में राहत मिलती है. इसका सेवन शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है.

पेशाब संबंधी रोग से छुटकारा 
भुने हुए चनों के सेवन से पेशाब से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा मिलता है. जिनको भी बार-बार पेशाब आने की समस्या हो उन्हें रोजाना गुड़ के साथ चने का सेवन करना चाहिए. आप देखेंगे कि इससे कुछ ही दिन में आराम मिलने लगेगा.

नंपुसकता दूर करें 
भुने हुए चने दूध के साथ खाने से स्पर्म का पतलापन दूर हो जाता है और वीर्य गाढ़ा होता है. यदि किसी पुरुष का वीर्य पतला है तो चना खाने से आराम मिलेगा. भुने चने को शहद के साथ खाने से नंपुसकता दूर हो जाती है और पुरुषत्व में वृद्धि होती है. भुने चने खाने से कुष्ठ रोग भी समाप्त हो जाता है.

कब्ज में राहत 
जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उन्हें रोजाना चने खाने से बहुत आराम मिलता है. कब्ज शरीर में कई बीमारियों का कारण होती है. कब्ज होने पर आप दिनभर आलस महसूस करते हैं और परेशान रहते हैं.

पाचन शक्ति बढ़े 
चना पाचन शक्ति को संतुलित और दिमागी शक्ति को भी बढ़ाता है. चने से खून साफ होता है जिससे त्वचा में निखार आता है. चने में फॉस्फोरस होता है जो हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाता है और किडनी से एक्स्ट्रा साल्ट निकालता हैं.

मधुमेह में लाभकारी 
भुने हुए चने खाने से मधुमेह रोग में भी लाभ मिलता है. भुने हुए चना ग्लूकोज की मात्रा को सोख लेते है जिससे डायबिटीज रोग नियंत्रित हो जाता है. डायबिटीज रोगियों के प्रतिदिन भुना हुआ चना खाने से ब्लड शुगर का लेवल कम होता है. इसके अलावा भुने हुए चने को रात में सोते समय चबाकर गर्म दूध पीने से सांस नली के अनेक रोग दूर हो जाते हैं.


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