Header Ads

मोटापे से बचने के उपाय

मोटापे से बचने के उपाय
निष्कर्षों से पता चलता है कि बहुत कम नींद लेने से इसका शरीर के हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है


एक अध्ययन में पता चला है कि अच्छी नींद नहीं लेने वाले लोग अगले दिन 385 किलोकैलोरी की अतिरिक्त खपत कर रहे हैं। यानी वे ज्यादा वसायुक्त भोजन और प्रोटीन ले रहे हैं। इससे उनमें मोटापे का खतरा बढ़ रहा है। निष्कर्षों से पता चलता है कि बहुत कम नींद लेने से इसका शरीर के हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है। यह लोगों को ज्यादा खाने और पेट पूरा भरा महसूस करने के लिए प्रेरित कर रही है।

नींद की कमी सिरकेडिन लय या आंतरिक शरीर घड़ी को बाधित कर सकता है। इससे शरीर का लेप्टीन नियमन- 'संतुष्टि' हार्मोन और ग्रेलिन-'भूख' हार्मोन प्रभावित हो सकता है। किंग्स कॉलेज लंदन के प्रमुख शोधपत्र लेखक हया अल खतिब ने कहा, हमारे परिणाम नींद को आहार और व्यायाम के अलावा एक तीसरा संभावित कारक बताते हैं, जिससे वजन बढऩे को प्रभावी तौर पर नियोजित किया जा सकता है।
अध्ययन में पता चला कि आंशिक रूप से नींद लेने के परिणाम के तौर पर कुल ऊर्जा खपत में 385 किलोकैलोरी प्रतिदिन की वृद्धि हुई। किंग्स कॉलेज लंदन के ग्रेडा पोट ने कहा, यदि लंबे समय तक नींद की कमी बनी रही तो कैलोरी की खपत की मात्रा बढ़ जाती है। इससे वजन में भी बढ़ सकता है। इस शोधपत्र का प्रकाशन पत्रिका 'यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन' में किया गया है।


पसीने की बदबू को रोकने के बेहतर उपाय

पसीने की बदबू को रोकिये सेब से 





गर्मी में अक्सर लोग पसीने की समस्या से परेशान रहते हैं। तेज गर्मी में शरीर से जमकर पसीना बहता है। लोग पसीने की बदबू और पसीने से होने वाली खुजली से परेशान हो जाते हैं। शरीर में पसीने से होने वाली खुजली लोगों को तकलीफ में डाल देती है। लोग इसके लिए तरह-तरह के डीयो, परफ्ीयूम व अन्य तरह की दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद भी पसीने से होने वाली समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है।


पसीने में केमिकल युक्त प्रोडक्ट के इस्तेमाल से समस्याएं और ज्यादा जटिल हो जाती हैं। अगर आप भी त्वचा और सिर में खुजली की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप इससे राहत पाने के लिए सेब यानि एप्पल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह सेब से आप पसीने का समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
ऐसे करें सेब का इस्तेमाल
सेब के सिरके का इस्तेमाल त्वचा और सिर में होने वाली खुजली के इलाज के लिए भी किया जाता है। इसमें साइट्रिक एसिड होता है, जो नेचर में एसिडिक है, जिस वजह से ये बैक्टीरिया को फैलने से रोकने में सहायक है। इतना ही नहीं ये अत्यधिक पसीने के कारण बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण को फैलने से रोकता है। ये सिर में पीएच लेवल का संतुलन बनाए रखने और कीटाणुओं को नष्ट करने में सहायक है। सेब के सिरके से पीले दांत, डैंड्रफ, स्मेली अंडरआर्म्स और यहां तक कि वजन कम करने में आदि में किया जाता है।

पसीने से त्वचा में होन वाली समस्या
थोड़े से पानी कुछ बूंदें सेब के सिरके की मिलाकर अच्छी तरह मिला लें और कॉटन की जरिये इस मिश्रण को खुजली वाले स्थान पर लगायें। अगर आपके पूरे शरीर में खुजली महसूस हो रही है, तो आप अपनी नहाने की बाल्टी में एक सिरका डालकर नहा सकते हैं।

सिर में होने वाली समस्या का समाधान
पसीने से सिर में होने वाली समस्या के समाधान के लिए पहले अपने सिर को धो लें और सूखने दें। अब 5 मिलीलीटर सिरका और पानी एक स्प्रे बोतल में डाल लें। इसे अपने सिर पर स्प्रे करें और 15 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद इसे शैम्पू से धो लें। बेहतर परिणाम के हर दूसरे दिन इस क्रिया को दोहराएं।




गर्मियों में पसीना आना आम बात है। पसीने की दुर्गन्ध के चलते आपको कई बार अपने दोस्तों के बीच शर्मिन्दा होना पड़ता है, जिससे आप में हीन भावना आने लगती है, लेकिन कुछ घरेलू तरीके अपनाकर आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।


नींबू भी आपकी पसीने की बदबू को मिटाता है। ये आपकी स्किन के पीएच लेवल को कम करता है, जिससे पसीने में बैक्टिरिया नहीं पनपते और दुर्गध नहीं आती है। इसके लिए नींबू को काटकर उसके आधे भाग को अंडरआर्म्स में रगड़े। इसके अलावा नींबू के रस को कॉटन में लेकर भी इसे अंडरआर्म्स में लगा सकते हैं।


नीम की पत्तियां: नीम की पत्तियां पसीने की दुर्गन्ध से लड़ने में बहुत कारगर होती है। दुर्गन्ध के साथ-साथ ये बैक्टिरिया भी खत्म करती है। इसके लिए कुछ नीम की पत्तियां लेकर उन्हें उबालें और उस पानी को छानकर अपने नहाने के पानी में मिला लें। इस पानी से नहाने से पसीने की बदबू की समस्या से राहत मिलती हैं।


बैकिंग सोडा: पसीने की दुर्गन्ध मिटाने के लिए अंडरआर्म्स में बैकिंग सोडा लगाएं। ये अंडरआर्म्स से सभी दूषित पदार्थो को सोखकर क्लीन कर देता है। इससे बॉडी ऑर्डर की समस्या से निजात मिलती है।
पुदिना: पुदिने की कुछ पत्तियों को उबालें। फिर पत्तियों को छानकर उस पानी को अपने नहाने के पानी में मिला लें। इससे पसीने की समस्या से निजात मिलती है और शरीर में ताजगी बनी रहती है।


चेहरे के लिए केले के फायदे

केले के फायदे 




सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला व शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं
सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला व शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं 
सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला और शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं। यह कहना है विशेषज्ञों का।

वेसलीन की त्वचा विशेषज्ञ अपर्णा संथनम ने एक बयान में कहा, 'कोको बटर में मौजूद वसायुक्त अम्ल (फैटी एसिड) त्वचा के लचीलेपन और नमी को बनाए रखने के गुण को सुधारता है। यह हर प्रकार की त्वचा पर दैनिक उपयोग के लिए और साथ ही एक्जीमा जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए बेहद प्रभावशाली है।'

संथनम ने कहा, 'दैनिक रूप से प्रयोग किए जाने पर कोको बटर एक मॉयश्चराइजर के तौर पर काम करता है। यह त्वचा के टेक्सचर को सुधारता है और उसे मुलायम बनाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 मौजूद हैं। ये सभी त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने और त्वचा पर मौजूद स्टे्रच मार्क्स और दाग-धब्बों को दूर करने के गुणों से भरपूर हैं।'

लक्मे सेलोन की राष्ट्रीय विशेषज्ञ दिशा मेहर ने कहा कि स्वस्थ त्वचा के लिए फल आधारित उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। खासतौर पर विटामिनों, पोटेशियम और आयरन से भरपूर सेब, केला और संतरा जैसे फल बेहद लाभदायक हैं। मेहर ने कहा, 'केला एक सर्वश्रेष्ठ मॉयश्चराइजर है और यह त्वचा को पोषण देने के लिए काफी फायदेमंद है।'

काया लिमिटेड की चिकित्सा सेवा, अनुसंधान और विकास की उपाध्यक्ष और प्रमुख संगीता वेलस्कर शहतूत के गुणों को त्वचा के लिए बेहद असरदार मानती हैं। उनके अनुसार शहतूत का सत्व सर्दियों के लिए बेहद असरदार है। यह त्वचा में नमी के संतुलन को बनाए रखता है और त्वचा के रूखेपन को दूर करता है। शहतूत में आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, सी, ई और के, फोलेट, थाइमिन जैसे कई पोषक तत्व समाए हैं। इसमें मौजूद एंटिऑक्सिडेंट्स त्वचा में मौजूद मुक्त कणों को दूर करते हैं और उसे जवां बनाए रखते हैं।


जानिए एलोवेरा के फायदे, फिर कीजिये इस्तेमाल



त्वचा के लिए बहुत लाभदायक है एलोवेरा 
एलोवेरा का लेटेस्ट बहुत ही जहरीला होता है 
कैंसर, सर दर्द, पेट दर्द और कई प्रकार की एलर्जी में कारक 
उपयोग करने का तरीका जानना बहुत जरुरी है 



भारत में एलोवेरा सबसे लोकप्रिय हर्ब है जो हर घर में मिल जाएगा। पतले होने से लेकर चेहरे के कील-मुंहासे तक ठीक करने के लिए लोग एलोवेरा का इस्तेमाल करते हैं। भारत में एलोवेरा एक ऐसा पौधा माना जाता है जिससे हर तरह के केवल फायदे होते हैं। कई लोग तो कई सारी बीमारियां दूर करने के तक लिए भी एलोवेरा का जूस पीते हैं। अगर आप भी इन लोगों में शामिल हैं तो ये खबर केवल आपके लिए है। क्योंकि एलोवेरा से निकलने वाला एलो-लेटेक्स सरदर्द, एलर्जी और कैंसर जैसी घातक बीमारी तक का कारण माना गाया है।








चेहरे के लिए एलोवेरा बहुत जरुरी है 


आपने एलोवेरा को तोड़ने के दौरान उसमें से निकलते हुए पीले पदार्थ को देखा होगा। इस पीले पदार्थ को एलो लेटेक्स कहते हैं। यही पीला पदार्थ कई सारी बीमारियों का कारण बनता है। यहां तक की कैंसर जैसी घातक बीमारी का भी। आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से जानें कैसे।


कैंसर का कारक - एलोवेरा लेटेक्‍स विशेषज्ञों की माने तो एलोवेरस से निकालने वाला यह पीले रंग को लेटेक्‍स टॉक्सिक होता है। अगर इसमें थोड़ी-बहुत मात्रा में टॉक्सिक हो भी तो नजरअंदाज किया जा सकता है लेकिन इसके टॉक्सिक कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बनते हैं। 
2011 में अमेरिका एनटीपी ( नेशनल टॉक्सिकलॉजी प्रोग्राम) स्टडी की गई जिसमें अमेरिकी सरकार ने लैब में एलोवेरा का परीक्षण किया। इस परीक्षण में ये परिणाम प्राप्त हुआ की अगर आप हलवा, चटनी, जैम, मुरब्बा या सब्जी में एलोवेरा के लेटेक्‍स का इस्तेमाल करते हैं या जूस के द्वारा इसका सेवन करते हैं तो शरीर में कैंसर के कारक पैदा होने लगते हैं। 
इसके अलावा जेल के तौर पर भी इसे त्वचा में लगाया जाए तो ये एक्जिमा, रेशेज़ और अन्य त्वचा की समस्‍याएं हो सकती है।





गर्भापात का खतरा - गर्भावस्था में एलो लेटेक्स का इस्तेमाल भूल कर भी ना करें। मैरीलैंड मेडीकल सेंटर यूनीवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार ये यूटेरिन कॉन्ट्रेक्शन पैदा करता है जिससे गर्भपात होने की संभावना पैदा हो जाती है।
बर्थ डिफेक्ट्स - एलो लेटेक्स बर्थ डिफेक्ट्स का भी कारण बनता है। वैसे भी शिशु को एलोवेरा से ही होने वाले फायदों के बारे में अब तक कोई जानकारी या रिसर्च का पता नहीं चला है। तो ब्रेस्टफीडिंग के दौरान एलोवेरा का इस्तेमाल ना करें।


तो कैसे करें इस्‍तेमाल तो अगर आप आगे से एलोवेरा को चमत्कारी पौधा मानकर उपयोग करने जाएं तो सावधान हो जाएं। क्‍योंकि इसे इस्‍तेमाल करने के लिए एलोवेरा की पत्‍ती को तोड़कर कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। कुछ देर बाद इसका पीला पदार्थ यानी लेटेक्‍स पूरी तरह से निकाल जायें तो इसे अच्‍छे से धोकर इस्‍तेमाल करें।




शरीर की सूजन दूर करने के 14 बेहतर उपाय

सूजन शरीर के जिस हिस्से में होती है, वह जगह पिलपिली-सी हो जाती है और हाथ से दबाने पर गड्डा-सा बनने लगता है। सूजन के मुख्य लक्षण में रोगी की त्वचा शुष्क हो जाती है। कमजोरी, प्यास अधिक लगना, बुखार आदि का होना है। सूजन कोई अपने आप में बीमारी नहीं है। किसी दूसरी बीमारी की वजह से भी शरीर में सूजन हो सकती है। दिल की बीमारी में सूजन जांघों और हाथों पर होती है। लीवर की समस्या में सूजन पेट पर होती है। गुर्दे की बीमारी में सूजन चेहरे पर होती है। इसके अलावा महिलाओं के मासिक धर्म की समस्या में मुंह, हाथ और पैरों पर सूजन होती है।

ये हैं सूजन के 16 घरेलू उपचार...




1. एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी का चूर्ण और पिसी हुई मिश्री को घोलकर रोज पीने से सूजन दो-तीन दिनों में खत्म हो जाती है। लेकिन सूजन बंद होने या कम होने की स्थिति में इस उपाय को बंद नहीं करें। कम से कम छह माह इस उपाया को जरूर करें, ताकि आपको फिर सूजन की शिकायत न हो।

2. एक लीटर पानी में एक कप जौं को उबाल लें और फिर इसे ठंडा करके पीते रहने से सूजन घटने लगती है। इस उपाय को भी नियमित रूप से करें।

3. 350 ग्राम सरसों के तेल में 120 ग्राम लाल मिर्च के चूर्ण को मिलाकर इसे आंच पर गर्म करें। और उबलने के बाद इसे छान लें और सूजन वाली जगह पर इसका लेप लगाएं। ऐसा करने से सूजन ठीक हो जाती है।

4. पुराने गुड़ के साथ दस ग्राम सौंठ को मिलाकर खाते रहने से कुछ ही दिनों में सूजन की समस्या ठीक हो जाती है।
5. नमक को गर्म पानी में डालकर सूजन वाली जगह पर कपड़े से सिकाई करने से सूजन ठीक हो जाती है।

6. अनानास का सेवन करने के बाद दूध पीते रहने से सूजन खत्म होने के साथ उतर भी जाती है। लेकिन यह उपाय आपको लंबे समय तक करना होगा।

7. अंजीर के रस के साथ जौ को बारीक पिसें आटे को मिलाकर पीते रहने से सूजन आसानी से दूर हो जाती है

8. खजूर और केला भी सूजन को खत्म करते हैं। इसलिए खजूर और केला नियमित खाते रहने से थोड़े ही दिनों में सूजन उतर जाती है।

9. गोबर के उपले को जलकार बने चूर्ण का लेप तेल के साथ मिलाकर सूजन वाली जगह पर लगाने से सूजन ठीक हो जाती है।

10. पानी में गेहूं के दानों को उबाल लें और इस पानी से सूजन वाली जगह को धोने से कुछ ही दिनों में सूजन उतर जाती है ।






11. तरबूज के बीजों को छाया में सुखा लें और इन्हें पीस लें। इसके बाद एक कप पानी में तीन चम्मच तरबूज के घिसे बीजों को मिलाकर एक घंटे के लिए भिगो लें और फिर इसे छानकर पीते रहने से सूजन कम होकर उतर जाती है। इसका सेवन दिन में चार बार करें। आपको जल्दी फायदा मिलेगा।

12. 400 ग्राम पानी में 200 ग्राम कच्चे आलू को काटकर आंच में उबालें और इससे सूजन पर सेंक करें। आलू के टुकड़ों का लेप करने से सूजन जल्दी उतर जाती है।


13. एक गिलास पानी में दो चम्मच गाजर के बीजों को आंच में उबालें। और फिर इसे ठंडा करके पीएं। इस उपाय को रोज करने से सूजन बहुत ही तेजी से खत्म हो जाती है।


14. मक्खन में काली मिर्च के चूर्ण को डालकर अच्छे से मिलाकर खाते रहने से थोड़े ही दिनों में बच्चों की सूजन खत्म हो जाती है।

क्लाइमैक्स: सूजन कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। यदि आप इन आयुवेर्दिक उपचारों को नियमित करते हो, तो आप सूजन की समस्या से आसानी से बच सकते हो।

इन 6 चीजों को दोबारा गर्म करके खाने से हो सकता है कैंसर

खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें गर्म
करने से वो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाती हैं,
कई बार इससे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है...
हम सभी के घरों में ऐसा होता है कि हम एक वक्त के खाने को दूसरे वक्त गर्म करके खा लेते हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरत हो सकती है कि हर खाने को गर्म नहीं करना चाहिए। खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें गर्म करने से वो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाती हैं। कई बार इससे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें गर्म करने पर उनमें मौजूद प्रोटीन खत्म हो जाता है और उसमें मौजूद कुछ तत्व कैंसर के कारकों में बदल जाते हैं।


आइए जानें, ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जिन्‍हें दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए...

1. चिकन
चिकन को दोबारा गर्म करके खाना हानिकारक हो सकता है। दोबारा गर्म करने के बाद इसमें मौजूद प्रोटीन कॉम्पोजिशन बदल जाता है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
2. आलू
आलू स्वास्थ्यवर्धक होते हैं, लेकिन अगर इन्हें बनाकर बहुत अधिक देर तक रख दिया जाए तो इनमें मौजूद पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। इसे दोबारा गर्म करके खाने से पाचन क्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


3. चुकंदर
चुकंदर को कभी भी दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से इसमें मौजूद नाइट्रेट समाप्त हो जाता है। अगर चुकंदर ज्यादा बन भी गया है तो इसे फ्रिज में रख दें और अगली बार खाने से कुछ घंटे पहले बाहर निकालकर रख दें और बिना गर्म किए खाएं।


4. मशरूम
कोशिश की जानी चाहिए कि मशरूम हमेशा फ्रेश ही खाए जाएं। ये प्रोटीन का खजाना होता है, लेकिन दोबारा गर्म करके खाने से इसके प्रोटीन का कॉम्पोजिशन बदल जाता है और ये हानिकारक हो सकता है।

5. अंडा
अंडे को दोबारा गर्म करके खाना हमेशा नुकसानदेह होता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन दोबारा गर्म करने के बाद विषाक्त हो जाता है।

6. पालक
पालक को दोबारा गर्म करके खाना कैंसर का कारण भी हो सकता है। इससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें मौजूद नाइट्रेट दोबारा गर्म करने के बाद कुछ ऐसे तत्वों में बदल जाते हैं जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

वायरल बुखार के लिए चावल के पानी के 10 फायदे


चावल का पानी बहुत ही फायदेमंद होता है जिसे पीने से कई बीमारियां ठीक होती है
चावल पकाने के बाद उसका पानी फेंकने की बजाए पिया जाए तो वो कई सारे फायदे करता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार चावल का पानी स्किन, बालों और हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। चावल के इस पानी में भरपूर कार्बोहाइड्रेड्स और अमीनो एसिड्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी और कई बेनिफिट्स देने वाले हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं चावल का पानी पीने से होने वाले फायदे...


कैसे बनाएं चावल का पानी
चावल का पानी बनाने के लिए चावल को धोकर थोड़ा ज्यादा पानी डालकर पकाएं। जब आपको लगे कि चावल पूरे पक चुके हैं तो उनमें बचे पानी को निकालकर अलग बर्तन में रख लें। इसे ठंडा होने पर यूज करें।

ये फायदे देता है चावल का पानी
- चावल के पानी में भरपूर काब्र्स होते हैं। इसे पीने से शरीर में एनर्जी आती और कमजोरी दूर होती है।

- रोज चावल के पानी से मुंह धोने पर कील-मुहासों, दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है। स्किन भी सॉफ्ट बनेगी और चमक बढ़ेगी।

- चावल के पानी को बालों में शैम्पू करने के बाद कंडीशनर की तरह यूज करें। इससे बाल झडऩे की समस्या से छुटकारा मिलते हुए बाल सॉफ्ट और सिल्की होंगे तथा जल्दी बढ़ेंगे।

- रोज रात को सोने से पहले कॉटन बॉल के जरिए चावल का पानी आंखों के आस-पास लगाएं। कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे।

- चावल का पानी पीने से डाइजेशन सुधर कर कब्ज दूर होती है। क्योंकि इसमें फाइबर्स भरपूर मात्रा में होते हैं।

- शरीर में पानी की कमी होने पर चावल का पानी पीएं। जल्द आराम मिलेगा।

- लूज मोशन होने पर चावल का पानी पीने से जल्द आराम मिलेगा।

- चावल के पानी में एंटीवायरल प्रोपर्टी होती है जिससें वायरल बुखार होने पर चावल का पानी पीएं आराम और ताकत मिलेगी।

- पेट में जलन होने पर चावल का पानी पीएं। इससें ठंडक मिलेगी।

- लगातार वोमेटिंग होने और चक्कर आने पर दिन में 2-3 बार 1 कप चावल का पानी पीने से जल्द राहत मिलेगी।




स्लिम बॉडी करने के उपाय

रोज एक चम्मच जीरे के सेवन से पा सकते है स्लिम बॉडी



रोज एक चम्मच जीरे के सेवन से आप पा सकते हैं कैटरीना कैफ जैसी 'जीरो फिगर, जानिए कैसे
जीरा, एक ऐसा मसाला है जो खाने में बेहतरीन स्वाद और खुशबू देता है। इसकी उपयोगिता केवल खाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। कई रोगों में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है। जीरे में मैंगनीज, लौह तत्व, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है। इसे मेक्सीको, इंडिया और नार्थ अमरीका में बहुत उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे खासियत यह है कि यह वजन तेजी से कम करता है। इस लेख में विस्तार से जानिये कैसे जीरे के सेवन से कम होता है वजन।
वजन कम करना एक समस्या की तरह है।
जीरे का सेवन रोज करने से घटता है वजन।
यह फैट के अवशोषण को बाधित करता है।
जीरे के सेवन से पाचनतंत्र होता है दुरूस्त।
जीरा खाएं मोटापा घटाएं
वजन कम करने के लिए भी जीरा बहुत उपयोगी होता है। एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि जीरा पाउडर, के सेवन से शरीर मे वसा का अवशोषण कम होता है जिससे स्वाभाविक रूप से वजन कम करनें में मदद मिलती है। एक बड़ा चम्मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पिये। बचा हुआ जीरा भी चबा लें।
इसके रोजाना सेवन से शरीर के किसी भी कोने से अनावश्यक चर्बी शरीर से बाहर निकल जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखे की इस चूर्ण को लेने के बाद 1 घंटे तक कुछ न खाएंं।
भुनी हुई हींग, काला नमक और जीरा समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें, इसे 1-3 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार दही के साथ लेने से भी मोटापा कम होता है। इसके सेवन से न केवल शरीर से अनावश्यक चर्बी दूर हो जाती है बल्कि शरीर में रक्त का परिसंचरण भी तेजी से होता है। और कोलेस्ट्रॉल भी घटता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
1) इस दवाई को लेने के बाद रात्रि में कोई दूसरी खाद्य-सामग्री नहीं खाएं। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तम्बाकू-गुटखा खाता या मांसाहार करता है तो उसे यह चीजें छोडऩे पर ही दवा फायदा पहुचाएंगी। शाम का भोजन करने के कम-से-कम दो घंटे बाद दवाई लेनी है।
2) जीरा हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर हमें ऊर्जावान रखता है। साथ ही यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी बढ़ता है। इससे ऊर्जा का स्?तर भी बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म का स्?तर भी तेज होता है। हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ फैट बर्न की गति को भी बढ़ाता है। पेट से सबंधित सभी तरह की समस्याओं में जीरे का सेवन लाभकारी है।
3) जीरे का नियमित इस्तेमाल शरीर की शोधन की प्रक्रिया को तेज करता है। मोटापा कम करने के अलावा भी जीरा कई तरह की बीमारियों में लाभदायक है।


चाय पीने के फायदे और नुकसान


दोस्तों आज की पोस्ट हम लोग बात करेंगे चाय पीने के फायदे और नुकसान की आज की पोस्ट बहुत इंपॉर्टेंट है. चाय भारतीय समाज का एक अभिन्न अंग बन चुकी है, सर्वे के अनुसार पाया गया है लगभग 90% भारतीय बिना नागा किए चाय पीने के आदी होते हैं. इनमें से लगभग 25% लोग दिन भर में 2 बार से लेकर चार या पांच बार तक चाय का सेवन कर लेते हैं क्या आप जानते हैं यह अच्छी आदत है या नहीं इसके फायदे और नुकसान के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आप इस पोस्ट को पूरा अंत तक जरुर पढ़ें.
चाय पीने के फायदे और नुकसान, और इससे होने वाले रोग
चाय पीने के फायदे और नुकसान इस पोस्ट को पढ़ने के बाद अगर आप इसपर अमल करेंगे तो आप निश्चित रूप से बहुत फायदे में रहेंगे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम भारतीयों को इस इस बीमारी की लत देखा देखी लगी है. चाय भारतीय देन नहीं है चाय अंग्रेज अपने साथ भारत में लाए थे. लेकिन उस वक़्त भारतीय लोगों ने सोचा के अंग्रेजों के इस महँगे शौक को हमें भी अपनाना चाहिए बस यहीं से भारतीय लोगों ने इस बीमारी को अपने गले लगा लिया और तब से लेकर आज तक ये चलन जारी है .
चाय हमारे मानव जीवन पर स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत खराब असर डालती है इसके सेवन से पाचनक्रिया तंत्र गढ़बढ़ा जाता है और यह तमाम पेट के रोगों के लिए भी जिम्मेदार है. इसलिए इस पोस्ट को आप अपने दोस्तों के बीच Facebook पर जरूर शेयर करें जिससे सभी लोग जागरुक हो जाए और चाय का सेवन बंद करें.

माइग्रेन की बीमारी का घरेलु उपाय

माइग्रेन का संबंध मुंह के सूक्ष्मजीवों से, जीवाणुओं के जीन अनुक्रमण में पाया कि माइग्रेन से पीडि़त और गैर माइग्रेन वाले लोगों में इनकी मात्रा अलग-अलग थी



माइग्रेन से पीडि़त लोगों के मुंह में सूक्ष्मजीवों की संख्या ज्यादा होती है, जो नाइट्रेट को परिवर्धित करने की अपेक्षाकृत अक्षिक क्षमता रखते हैं। अमरीका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के सान डीएगो के अध्ययन के प्रथम लेखक एंटोनियो गोंजालेज ने कहा, यह विचार वहां से आया कि कुछ भोज्य पदार्थ माइग्रेन की शुरुआत करते हैं- चॉकलेट, शराब और विशेष रूप से नाइट्रेट वाले खाद्य पदार्थ।

गोंजालेज ने पाया, हमने सोचा कि शायद लोगों के खाने का संबंध, उनके सूक्ष्मजीवों और उनके माइग्रेन से है। नाइट्रेट ऐसे खाद्य पदार्थों, जैसे प्रसंस्कृत मांस और हरे पत्तेदार सब्जियों और कुछ निश्चित दवाओं में पाया जाता है। मुंह में पाए जाने वाले जीवाणुओं से नाइट्रेट को कम किया जा सकता है।


माइग्रेन की बीमारी का इलाज 
यह जब खून में संचारित होता है तो कुछ स्थितियों के तहत नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है। नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त प्रवाह में सुधार और रक्तचाप को कम कर हृदय की सेहत में सहायक होता है। हालांकि मोटे तौर पर चार-पांच दिल के मरीजों में जो नाइट्रेट युक्त दवाएं सीने के दर्द और हृदयाघात की दिक्कतों के लिए लेते हैं, उनमें सिरदर्द की शिकायतें एक प्रभाव के पक्ष के रूप में देखा गया है।

इसे ठीक से जानने के लिए शोधकर्ताओं ने स्वस्थ व्यक्तियों के मुंह के नमूने जीवाणु के 172 नमूने और 1,996 मल के नमूने लिए। इससे पहले प्रतिभागियों ने माइग्रेन से जुड़े सर्वेक्षण में खुद के पीडि़त होने या नहीं होने की जानकारी दी थी।

जीवाणुओं के जीन अनुक्रमण में पाया कि माइग्रेन से पीडि़त और गैर माइग्रेन वाले लोगों में इनकी मात्रा अलग-अलग थी। पीडि़त लोगों में जीवाणुओं की संख्या ज्यादा थी। यह अध्ययन 'एमसिस्टम्स' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
माइग्रेन की बीमारी से बचाव 
1. माइग्रेन होने पर सिर पर हल्के हाथों से मालिश करें।



2. जब सिरदर्द शुरू हो जाए तो अपने सिर के साथ-साथ कंधे और गले की भी मालिश करें।

3. सिरदर्द होने पर एक तौलिये को गर्म पानी में डुबा लें और उसे दर्द वाले हिस्सों पर मालिश करें।

4. जब सिरदर्द ज्यादा बढ़ जाए तो सांस लेने की गति को थोड़ा धीमा कर दीजिए इससे आपको दर्द के कारण हो रही बेचैनी से राहत मिलेगी।

5. कपूर को घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से मालिश करने से माइग्रेन के कारण होने वाले दर्द में राहत मिलती है।

6. माइग्रेन से छुटकारा पाने में बटर के साथ मिश्री मिलाकर खाना भी बहुत असरदार होता है।

7. जैसे ही आपको माइग्रेन का दर्द शुरू हो, आप नींबू के छिलके को पीस लें और इस लेप को माथे पर लगा लें। जल्द ही असर दिखेगा।

8. माइग्रेन में अरोमा थेरेपी भी बहुत कारगर साबित होती है। इस थेरेपी में हर्बल तेलों का प्रयोग किया जाता है जिसे एक तकनीक की मदद से पूरी हवा में फैला दिया जाता है और फिर उसे भांप बनाकर चेहरे पर डाला जाता है।

9. जब भी आपको माइग्रेन का दर्द शुरू हो, आप धीमी आवाज़ में अपने पसंदीदा म्यूज़िक सुनें, दर्द से राहत मिलेगी।



10. इन सब चीज़ों के साथ-साथ अपने खान-पान और लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाएं क्योंकि तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी ही माइग्रेन की जड़ है।



आधे सर का दर्द दूर करने के लिए घरेलू उपाय
दोस्तो ऐसा कई बार देखा गया है कुछ लोगों में आधे सर का दर्द होने की बहुत समस्या होती है. आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएंगे के आधे सर में दर्द होने पर आपको क्या करना चाहिए और यह किन कारणों से होता है. इस लेख को आप अंत तक पढ़े और अगर जानकारी उपयोगी लगे तो कृपया अपनी Facebook प्रोफाइल पर अपने दोस्तों के बीच इसको जरुर शेयर करें जिससे किसी दुखी भाई-बहन की मदद हो जाए इसके लिए वह आपको धन्यवाद तो देगा ही साथ में हिंदी भाषा का प्रचार भी हो जाएगा.


आधे सर का दर्द क्यों होता है और इसका इलाज कैसे करें
आधे सर का दर्द होने पर आपको बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता ,है यह रोग अधिकतर स्त्रियों में ज्यादा पाया जाता है कुछ लोग आधे सर के दर्द को आधाशीशी का दर्द या माइग्रेन (अंग्रेजी नाम) से भी उसको जाना जाता है नीचे हम आपको बता रहे हैं कि आधे सर में दर्द होने पर आपको क्या करना चाहिए और इससे कैसे बचा जा सकता है.
कई बार माइग्रेन यानी के आधे सर में दर्द व्यक्तियों को दूसरे रोग होने की वजह से भी हो जाता है जैसे कि आपको नजला, जुखाम, या आपका शरीर किसी अन्य रोग से ग्रस्त हो जाना बुखार आ जाना या कब्ज़ होने की वजह से भी आधे सिर दर्द की शिकायत हो जाती है.

लहसुन खाने के फायदे - Lahsun khane ke Fayde
लहसुन की एक कली खाये खाली पेट 

पुरुष अगर रोज सुबह खालीपेट लहसुन की एक कली खाते हैं तो इससे कई बीमारियों के इलाज में मदद मिलती है। दरअसल लहसुन में एलिसिन जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं। यह कई हेल्थ प्रॉब्लम से बचाने में मदद करते हैं। लहसुन में सेलेनियम होता है। जब यह बॉडी में जाता है तो इससे पुुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं। इससे सांस और मुंह की बदबू दूर होती है। राजस्थान आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुण दधीचबता रहे हैं पुरुषों के लिए लहसुन के 7 फायदे।
लहसुन में मौजूद प्रोटीन से बॉडी टोंड होती है। लहसुन में कार्बोहाइड्रेट्स होत हैं। इससे कमजोरी दूर होती है। बॉडी को एनर्जी मिलती है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद एलिसिन से फैट बर्निंग प्रॉसेस तेज होती है। इससे वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। लहसुन में मौजूद फाइबर्स कब्ज और पेट दर्द की प्रॉब्लम दूर करते हैं। इससे कमजोरी दूर होती है। बॉडी को एनर्जी मिलती है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद एलिसिन से फैट बर्निंग प्रॉसेस तेज होती है। इससे वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। लहसुन में मौजूद फाइबर्स कब्ज और पेट दर्द की प्रॉब्लम दूर करते हैं।


1. लहसुन में सेलेनियम होता हैं यह इन्फ़टिलिटी से बचाता हैं 
2. इसमें एंटी बैक्टेरियल प्रोपर्टीस होती हैं इससे सांस और मुहं की बदबू दूर होती हैं महिलाएं पुरषों की और अट्रेक्ट होती हैं 
3. लहसुन में प्रोटीन होता हैं इससे मसल्स तोंड होती हैं 
4. इसमें कार्बोहाइड्रेटस होते हैं इससे कमजोरी दूर होती हैं बॉडी को एनर्जी मिलती हैं |
5. लहसुन में कैल्सियम होता हैं इससे हड्डियाँ मजबूत होती हैं 

6. इसमें मौजूद एलीसिन से फैट बर्निंग की प्रोसेस तेज होती हैं इससे वजन कण्ट्रोल रहता हैं 








बर्फ का एक टुकड़ा दिलाएगा फेस की कई समस्याओं से निजात


थकी आंखे, मेकअप जैसी प्रोब्लम्स में बर्फ का एक टुकड़ा आपकी मदद करेगा। आइए जानते हैं आइस क्यूब के फायदे-
अक्सर बिजी शैड्यूल के चलते आपको अपने फेस और स्किन की केयर करने का वक्त नहीं मिल पाता। महंगे प्रोडेक्ट्स इस्तेमाल करने की बजाए केवल एक बर्फ का टुकड़ा आपको राहत दे सकता है। थकी आंखे, मेकअप जैसी प्रोब्लम्स में बर्फ का एक टुकड़ा आपकी मदद करेगा। आइए जानते हैं आइस क्यूब के फायदे-

थकी हुई आंखे
अगर आप लंबे वक्त तक काम करती हैं तो आंखों में थकान महसूस होने लगती है। इसे दूर करने के लिए आइस क्यूब को आंखों पर रखें। ये आंखों को ठंडक पहुंचाता है, जिससे आंखों को आराम मिलता है। थकान से बचने का बहुत आसान उपाय है।

मेकअप बनाए रखने के लिए
कुछ महिलाओं को शिकायत रहती है कि उनका मेकअप कुछ ही देर में खराब हो जाता है। अपने मेकअप को लास्ट लॉन्ग बनाए रखने के लिए मेकअप एप्लाई करने से पहले फेस पर आइस क्यूब रब करें। इसके बाद मेकअप करें।

खींची स्किन से निजात
कई बार मौसम में नमी की कमी के चलते स्किन डिहाईड्रेट हो जाती है, इससे स्किन खींचने लगती है। इस समस्या से बचने के लिए आइस क्यूब चेहरे पर रगड़े। ये आपके चेहरे को ठंडक देकर आराम पहुंचाती है।

सनबर्न
सूरज की तेज रोशनी से सनबर्न होना आम बात है। इससे निजात पाने में आइस क्यूब मदद कर सकती है। इसके लिए कुछ आइस क्यूब्स को एक कपड़े में बांधे और सनबर्न वाली स्किन पर लगाएं। इससे स्किन को ठंडक मिलेगी और जलन कम होने लगेगी।



चेहरे को सुंदर रखने के लिए बेहतर उपाय और 15 कपूर के फायदे

दाग धब्बे आपके चेहरे की खूबसूरती को बिगाड़ कर रख देते है। इसलिए जरुरी है की जहां तक संभव हो चेहरे पर होने वाले दाग से चेहरे को बचाया जाए। ये बहुत मुश्किल काम नहीं है। ना ही इसके लिए आपको महंगी क्रीम लगाने की जरुरत है। इसके लिए सिर्फ थोडा सतर्क रहकर चेहरे की देखभाल की जानी चाहिए। चेहरे को धुल-मिटटी व धूप से बचाना चाहिए, दो तीन बार दिन में साफ जल से चेहरे को धोना चाहिए और कुछ आसान से घरेलु नुस्खे अपनाए जाने चाहिए।


आज हम आपको ऐसे घरेलु नुस्खे बताने जा रहे जिससे आप अपने चेहरे के दाग मिटा सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ घरेलु नुस्खे...


आइए जानते हैं कपूर के ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में...
वैसे तो कपूर का इस्तेमाल हर घर में पूजा-पाठ करने में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आयुर्वेद में इसके अनेक लाभ बताए गए हैं। इसलिए इसका इस्तेमाल कई औषधियां बनाने के लिए किया जाता है। आप भी अपनी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स दूर करने के लिए कपूर की मदद ले सकते हैं।


जानिए अन्य फायदे...


-नारियल का तेल और कपूर मिलाकर रख लें। इसे रोज पिंपल्स, जले या चोट के दाग पर लगाएंगे तो कुछ दिनों में ये निशान मिट जाएंगे।


-नारियल के तेल में कपूर मिलाएं। इसे गुनगुना कर सिर की मालिश करें और एक घंटे बाद सिर घो लें। डैंड्रफ की प्रॉब्लम खत्म होगी और बाल नहीं झडेंग़े।


-रेग्युलर रात को सोने से पहले कच्चे दूध में जरा-सा कपूर का पाउडर डालें। रुई की मदद से इसे चेहरे पर लगाएं। 5 मिनट बाद धो लें। स्किन हेल्दी बनेगी और चेहरे का ग्लो बढ़ेगा।


-एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन डालकर उबालें। पानी आधा रह जाए, तो इसमें जरा सा कपूर डालकर पी जाएं। पेट दर्द में जल्द आराम मिलेगा।

-कपूर, अजवाइन, पिपरमेंट को बराबर मात्रा में मिलाकर कांच की बरनी में भरें। इसे धूप में रखें। 6-8 घंटे बाद इसे हटा लें। तैयार मिश्रण की 4-5 बूंद डालकर शर्बत बनाकर पिएं। आराम मिलेगा।


-मसल्स या जोड़ों के दर्द की शिकायत है, तो दर्द वाली जगह पर कपूर के तेल से मालिश करें। जल्द राहत मिलेगी।


-खुजली या फंगल इन्फेक्शन होने पर प्रॉब्लम वाली जगह पर नारियल के तेल में कपूर डालकर लगाने से आराम मिलेगा।


-जलने पर कपूर या कपूर का तेल लगाइए। जलन खत्म होगी और इन्फेक्शन का खतरा टलेगा।


-घर में कपूर का धुंआ करने से आसपास मौजूद बैक्टीरिया खत्म होते हैं, जिससे इन्फेक्शन और बीमारियों का खतरा टलता है।



-गर्म पानी में थोड़ा सा कपूर और नमक डालें। इसमें कुछ देर पैर डालकर रखें, फिर स्क्रब करके मॉइश्चराइजर क्रीम लगा लें। फटी एडिय़ों की प्रॉब्लम दूर होगी।


-जैतून के तेल में कपूर मिलाकर सिर की मालिश करें। स्ट्रेस और सिरदर्द की प्रॉब्लम दूर होगी।



-कपूर में एंटीबायोटिक प्रॉपर्टी चोट ठीक करने में मदद करती है। चोट लगने, कट जाने या घाव हो जाने पर प्रॉब्लम वाली जगह पर कपूर मिला पानी लगाने से आराम मिलेगा।



-दांत दर्द पर दर्द वाली जगह पर कपूर का पाउडर लगाएं। जल्द राहत मिलेगी।



-कपूर को शुद्ध घी में मिलाकर मुंह के छालों मे लगाएं। छालों से राहत मिलेगी।



-सर्दी-जुकाम होने पर तिल या नारियल तेल में कपूर मिलाकर चेस्ट और सिर पर लगाएं या इसके पानी की भाप लें। राहत मिलेगी।

चेहरे के लिए केले के फायदे

केले के फायदे 




सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला व शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं
सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला व शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं 
सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला और शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं। यह कहना है विशेषज्ञों का।

वेसलीन की त्वचा विशेषज्ञ अपर्णा संथनम ने एक बयान में कहा, 'कोको बटर में मौजूद वसायुक्त अम्ल (फैटी एसिड) त्वचा के लचीलेपन और नमी को बनाए रखने के गुण को सुधारता है। यह हर प्रकार की त्वचा पर दैनिक उपयोग के लिए और साथ ही एक्जीमा जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए बेहद प्रभावशाली है।'

संथनम ने कहा, 'दैनिक रूप से प्रयोग किए जाने पर कोको बटर एक मॉयश्चराइजर के तौर पर काम करता है। यह त्वचा के टेक्सचर को सुधारता है और उसे मुलायम बनाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 मौजूद हैं। ये सभी त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने और त्वचा पर मौजूद स्टे्रच मार्क्स और दाग-धब्बों को दूर करने के गुणों से भरपूर हैं।'

लक्मे सेलोन की राष्ट्रीय विशेषज्ञ दिशा मेहर ने कहा कि स्वस्थ त्वचा के लिए फल आधारित उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। खासतौर पर विटामिनों, पोटेशियम और आयरन से भरपूर सेब, केला और संतरा जैसे फल बेहद लाभदायक हैं। मेहर ने कहा, 'केला एक सर्वश्रेष्ठ मॉयश्चराइजर है और यह त्वचा को पोषण देने के लिए काफी फायदेमंद है।'


काया लिमिटेड की चिकित्सा सेवा, अनुसंधान और विकास की उपाध्यक्ष और प्रमुख संगीता वेलस्कर शहतूत के गुणों को त्वचा के लिए बेहद असरदार मानती हैं। उनके अनुसार शहतूत का सत्व सर्दियों के लिए बेहद असरदार है। यह त्वचा में नमी के संतुलन को बनाए रखता है और त्वचा के रूखेपन को दूर करता है। शहतूत में आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, सी, ई और के, फोलेट, थाइमिन जैसे कई पोषक तत्व समाए हैं। इसमें मौजूद एंटिऑक्सिडेंट्स त्वचा में मौजूद मुक्त कणों को दूर करते हैं और उसे जवां बनाए रखते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.