Header Ads

सुविचार ऐसे जो दिल को छू जाए।


सुविचार ऐसे जो दिल को छू जाए।



1. क़ाबिल लोग न तो किसी को दबाते हैं और न ही किसी से दबते हैं।


2. ज़माना भी अजीब हैं, नाकामयाब लोगो का मज़ाक उड़ाता हैं और कामयाब लोगो से जलता हैं।

3. कैसी विडंबना हैं ! कुछ लोग जीते-जी मर जाते हैं, और कुछ लोग मर कर भी अमर हो जाते हैं।



4. इज्जत किसी आदमी की नही जरूरत की होती हैं. जरूरत खत्म तो इज्जत खत्म।

5. सच्चा चाहने वाला आपसे प्रत्येक तरह की बात करेगा. आपसे हर मसले पर बात करेगा. लेकिन धोखा देने वाला सिर्फ प्यार भरी बात करेगा।

6. हर किसी को दिल में उतनी ही जगह दो जितनी वो देता हैं.. वरना या तो खुद रोओगे, या वो तुम्हें रूलाऐगा।

7. खुश रहो लेकिन कभी संतुष्ट मत रहो।

8. अगर जिंदगी में सफल होना हैं तो पैसों को हमेशा जेब में रखना, दिमाग में नही।

9. इंसान अपनी कमाई के हिसाब से नही, अपनी जरूरत के हिसाब से गरीब होता हैं।

10. जब तक तुम्हारें पास पैसा हैं, दुनिया पूछेगी भाई तू कैसा हैं।

11. हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ छिपा होता हैं ऐसी कोई भी मित्रता नही जिसके पीछे स्वार्थ न छिपा हो।

12. दुनिया में सबसे ज्यादा सपने तोड़े हैं इस बात ने, कि लोग क्या कहेंगे..

13. जब लोग अनपढ़ थे तो परिवार एक हुआ करते थे, मैने टूटे परिवारों में अक्सर पढ़े-लिखे लोग देखे हैं।

14. जन्मों-जन्मों से टूटे रिश्ते भी जुड़ जाते हैं बस सामने वाले को आपसे काम पड़ना चाहिए।

15. हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं.. भाग लो..भाग लो..पसंद आपको ही करना हैं।

16. इस तरह से अपना व्यवहार रखना चाहिए कि अगर कोई तुम्हारे बारे में बुरा भी कहे, तो कोई भी उस पर विश्वास न करे।

17. अपनी सफलता का रौब माता पिता को मत दिखाओ, उन्होनें अपनी जिंदगी हार के आपको जिताया हैं।

18. यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा ‘आप’ शब्द का, उसके बाद ‘हम’ शब्द का और सबसे कम ‘मैं’ शब्द का उपयोग करना चाहिए।

19. इस दुनिया मे कोई किसी का हमदर्द नहीं होता, लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पुछ्ते हैं.. और कितना वक़्त लगेगा।

20. दुनिया के दो असम्भव काम- माँ की “ममता” और पिता की “क्षमता” का अंदाज़ा लगा पाना।

21. कितना कुछ जानता होगा वो शख़्स मेरे बारे में जो मेरे मुस्कराने पर भी जिसने पूछ लिया कि तुम उदास क्यों हो।

22. यदि कोई व्यक्ति आपको गुस्सा दिलाने मे सफल रहता हैं तो समझ लीजिये आप उसके हाथ की कठपुतली हैं।

23. मन में जो हैं साफ-साफ कह देना चाहिए Q कि सच बोलने से फैसलें होते हैं और झूठ बोलने से फासलें।

24. यदि कोई तुम्हें नजरअंदाज कर दे तो बुरा मत मानना, Q कि लोग अक्सर हैसियत से बाहर मंहगी चीज को नजरंअदाज कर ही देते हैं।

25. “जिन्दगी”एक आइसक्रीम की तरह हैं टेस्ट करोगे तो भी पिघलती हैं और वेस्ट करोगे तो भी पिघलती हैं। इसलिये जिन्दगी को वेस्ट नही टेस्ट करो।

26. गलती कबूल़ करने और गुनाह छोङने में कभी देर ना करना, Q कि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती हैं।

27. दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं जो बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं।

28. कोई देख ना सका उसकी बेबसी जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों मे डालकर।

29. जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में।
30. जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा।

31. हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती।

32. दुनिया में भगवान का संतुलन कितना अद्भुत हैं, 100 कि.ग्रा. अनाज का बोरा जो उठा सकता हैं वो खरीद नही सकता और जो खरीद सकता हैं वो उठा नही सकता।

33. जब आप गुस्सें में हो तब कोई फैसला न लेना और जब आप खुश हो तब कोई वादा न करना। (ये याद रखना कभी नीचा नही देखना पड़ेगा)।

34. अगर कोई आपको नीचा दिखाना चाहता हैं तो इसका मतलब हैं आप उससे ऊपर हैं।

35. जिनमें आत्मविश्वास की कमी होती हैं वही दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।

36. मुझे कौन याद करेगा इस भरी दुनिया में, हे ईशवर बिना मतल़ब के तो लोग तुझे भी याद नही करते।

37. अगर आप किसी को धोखा देने में कामयाब हो जाते हैं तो ये मत सोचिए वो बेवकूफ कितना हैं बल्कि ये सोचिए उसे आप पर विश्वास कितना हैं।

38. बहुत दूर तक जाना पड़ता हैं सिर्फ यह जानने के लिए कि नजदीक कौन हैं।

39. अपनी उम्र और पैसे पर कभी घमंड़ मत करना Q कि जो चीजें गिनी जा सके वो यक़िनन खत्म हो जाती हैं।

40. मैनें धन से कहा.. तुम एक कागज़ के टुकड़े हो.. धन मुस्कराया और बोला मैं बेश्क एक कागज़ का टुकड़ा हूँ लेकिन मैनें आज तक कूड़ेदान का मुँह नही देखा।

41. इंसान कहता हैं.. अगर पैसा हो तो मैं कुछ कर के दिखाऊँ, लेकिन पैसा कहता हैं तू कुछ कर के दिखा तभी तो मैं आऊँ।
42. जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना Q कि बंद पड़ी घड़ी भी दिन में दो बार सही समय बताती हैं।

43. बचपन में सबसे ज़्यादा पूछा गया सवाल – बड़े होकर क्या बनना हैं ? जवाब अब मिला.. फिर से बच्चा बनना हैं।

44. कंडक्टर सी हो गई हैं जिंदगी.. सफर भी रोज़ का हैं और जाना भी कही नही।

45. जिंदगी मज़दूर हुई जा रही हैं और लोग “साहब” कहकर तानें मार रहे हैं।

46. एक रूपया एक लाख नही होता.. फिर भी एक रूपया अगर एक लाख से निकल जाए तो वो लाख भी नही रहता.

47. जो लोग दिल के अच्छे होते हैं, दिमाग वाले उनका जमकर फायदा उठाते हैं।

48. जली रोटियाँ देखकर बहुत शोर मचाया तुमनें.. अगर माँ की जली उंगलियों को देख लेते, तो भूख उड़ गई होती।

49. इस कलयुग में रूपया चाहे कितना भी गिर जाए, इतना कभी नहीं गिर पायेगा, जितना रूपये के लिए इंसान गिर चुका हैं।

50. नमक की तरह हो गई हैं जिंदगी.. लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं।

51. हे! स्वार्थ, तेरा शुक्रिया करता हैं .. एक तू ही हैं जिसने लोगो को आपस मे जोड़ कर रखा हुआ हैं।

Hindi Motivational Quotes जो जिंदगी बदल दे

सुविचार तो बहुत पढ़े होंगे लेकिन आज जैसे नही पढ़े होंगे। दोस्तों कई बार ऐसा होता हैं कि हम भले ही बड़े motivation के साथ कोई काम शुरू करें पर किन्हीं कारणों से कुछ समय बाद हम अपना motivation lose कर देते हैं, और वापस track पर आना मुश्किल लगने लगता हैं. आज 4Remedy.com पर मैं आपके साथ ऐसी ही state से बाहर निकलने के 30 Motivational quotes share कर रहा हूँ. उम्मीद हैं, आपको 100% Motivate करेंगे.



1. जब लोग आपको Copy करने लगें तो समझ लेना जिंदगी में Success हो रहे हों.

2. कमाओ…कमाते रहो और तब तक कमाओ, जब तक महंगी चीज सस्ती न लगने लगे.

3. जिस व्यक्ति का लालच खत्म, उसकी तरक्की भी खत्म.

4. यदि “Plan A” काम नही कर रहा, तो कोई बात नही 25 और Letters बचे हैं उन पर Try करों.

5. जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की.

6. भीड़ हौंसला तो देती हैं लेकिन पहचान छिन लेती हैं.

7. अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती हैं.

8. कोई भी महान व्यक्ति अवसरों की कमी के बारे में शिकायत नहीं करता.

9. महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है.

10. जिस चीज में आपका Interest हैं उसे करने का कोई टाईम फिक्स नही होता. चाहे रात के 1 ही क्यों न बजे हो.

11. अगर आप चाहते हैं कि, कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये.

12. सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते.

13. जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं.

14. जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी.

15. यदि लोग आपके लक्ष्य पर हंस नहीं रहे हैं तो समझो आपका लक्ष्य बहुत छोटा हैं.

16. विफलता के बारे में चिंता मत करो, आपको बस एक बार ही सही होना हैं.

17. सबकुछ कुछ नहीं से शुरू हुआ था.

18. हुनर तो सब में होता हैं फर्क बस इतना होता हैं किसी का छिप जाता हैं तो किसी का छप जाता हैं.

19. दूसरों को सुनाने के लिऐ अपनी आवाज ऊँची मत करिऐ, बल्कि अपना व्यक्तित्व इतना ऊँचा बनाऐं कि आपको सुनने की लोग मिन्नत करें.

20. अच्छे काम करते रहिये चाहे लोग तारीफ करें या न करें आधी से ज्यादा दुनिया सोती रहती है ‘सूरज’ फिर भी उगता हैं.

21. पहचान से मिला काम थोडे बहुत समय के लिए रहता हैं लेकिन काम से मिली पहचान उम्रभर रहती हैं.

22. जिंदगी अगर अपने हिसाब से जीनी हैं तो कभी किसी के फैन मत बनो.

23. जब गलती अपनी हो तो हमसे बडा कोई वकील नही जब गलती दूसरो की हो तो हमसे बडा कोई जज नही.

24. आपका खुश रहना ही आपका बुरा चाहने वालो के लिए सबसे बडी सजा हैं.

25. कोशिश करना न छोड़े, गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल सकती हैं.

26. इंतजार करना बंद करो, क्योकिं सही समय कभी नही आता.
27. जिस दिन आपके Sign #Autograph में बदल जाएंगे, उस दिन आप बड़े आदमी बन जाओगें.

28. काम इतनी शांति से करो कि सफलता शोर मचा दे.

29. तब तक पैसे कमाओ जब तक तुम्हारा बैंक बैलेंस तुम्हारे फोन नंबर की तरह न दिखने लगें.

30. अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्करा दे तो जीतने वाला भी जीत की खुशी खो देता हैं. ये हैं मुस्कान की ताकत.



स्वामी विवेकानंद जी के अनमोल विचार

1-उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये|

2-उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक हैं तुम तत्व के सेवक नहीं हो|

3-किसी की निंदा ना करें| अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढाएं| अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये|

4-कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव हैं| ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म हैं| अगर कोई पाप हैं, तो वो यही हैं; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं|

5-बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप हैं|

6-भला हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं अगर उसे अपने ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते|

7-हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा, और परमात्मा उसमे बसेंगे|

8-विश्व एक व्यायामशाला हैं जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं|
9-जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते|

10-जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता हैं|

11-एक विचार लो| उस विचार को अपना जीवन बना लो – उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार को जियो| अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो| यही सफल होने का तरीका हैं|

12-यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन हैं कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता|

13. पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान. ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है.

14-ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है.

15- उठो और जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तमु अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते.

16- जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है.

17. पवित्रता, धैर्य और उद्यम- ये तीनों गुण मैं एक साथ चाहता हूं.

18-. लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, तुम्हारा देहांत आज हो या युग में, तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो.

19- जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिये, नहीं तो लोगो का विश्वास उठ जाता है.

20. जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते.

21. एक समय में एक काम करो , और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ.

22. जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी.


घरेलू नुस्खे: घरेलू नुस्‍खों के कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होते और आप आसानी से इनका प्रयोग कर सकते हैं. सालों से अपनायी जा रही घरेलू नुस्खे / होम रेमेडीज़ के बारे में सभी को नही पता. आज हम आपको जो घरेलू नुस्खें बताने जा रहे हैं वो जिंदगी में बहुत काम आएंगे.

1. कटे हुए सेब पर नींबू का रस लगाने से सेब काला नही पड़ेगा.

2. नींबू को गर्म पानी में थोड़ी देर के लिए छोड़ देने के बाद फिर उसे काटने से नींबू से ज्यादा रस निकलता हैं.

3. 1 माह में 1 बार Mixer में नमक डाल कर चला देने से Mixer के Bled तेज हो जाते हैं.

4. दही को जल्दी और अच्छी जमाने के लिए रात को जमाते वक्त दूध में हरी मिर्च का डंठल तोड़ कर डाल दे. दही जबरदस्त जमेगी. एक हजार बार आजमाया हुआ हैं.

5. प्याज को काट कर बल्ब या ट्यूब लाईट के साथ बाँधने से मच्छर व छिपकिली नही आते.

6. यदि फ्रिज में कोई भी खुशबू या बदबू आती हैं, तो आधा कटा हुआ नींबू रखने से ख़त्म हो जायेगी.

7. अगर सब्जी में नमक ज्यादा हो गया हो तो आटे को गूंथ कर उसके छोटे – छोटे पेड़े (लोइयां) बना कर डाल दे. नमक कम हो जायेगा.

8. चावल के उबलने के समय 2 बूँद नींबू के रस की डाल दे चावल खिल जायेंगे और चिपकेंगे नही.

9. चीनी के डब्बे में 3 या 4 लौंग डालने से चींटी नहीं आती.

10. बरसात के दिनों में अक्सर नमक सूखा नही रह पाता वह सिल (गीला-गीला सा) जाता हैं आप नमक की डिबिया में 7-8 चावल के दाने डाल दें तब उसमें बहुत कम सीलापन आता हैं.

11. मेथी की कड़वाहट हटाने के लिये थोड़ा-सा नमक डालकर उसे थोड़ी देर के लिये अलग रख दें.

12. आटा गूंधते समय पानी के साथ थोड़ा सा दूध मिलाये, फिर देखिये रोटी और पराठे का स्वाद.

13. लहसुन को हल्का-सा गर्म करने से उसका छिलका जल्दी उतरता हैं.

14. भिन्डी की सब्जी बनाते समय उसमें एक चम्मच दही डालने से सब्जी में चिकनापन कम हो जाएगा.

15. मिर्च के डिब्बे में थोड़ी-सी हींग डालने से मिर्च लम्बे समय तक खराब नही होती.

16. नूडल्स उबालने के बाद अगर उसमें थोड़ा ठंडा पानी डाल दिया जाये तो वह आपस में चिपकेंगे नही.

17. जल जाने पर जले हुए स्थान पर केला मसलकर लगा लें. फफोले नहीं बनेंगे.

18. तरी वाली सब्जी मे पानी ज्यादा हो गया हो तो सूखी ब्रेड का चूरा या बेसन भून कर डाल दे.

19. रोटी सेंकने के बाद रोटी खड़ी रखिए, उसकी भाप नहीं निकलेगी और वह देर तक करारी बनी रहेगी.

20. शरीर में अगर कहीं चोट लग जाए या कट जाए और डाक्टर तक पहुचने में देर लगे तो तुरंत खून निकलने वाली जगह पर चुटकी भर चाय पत्ती डालें फिर उस स्थान पर रुई रखें और जोर से दबाए रखे चाय पत्ती में टेनिन होने के कारण खून नहीं जमता हैं.

जीरे के सेवन से घटये तीन गुना तेजी से फैट !


1वजन कम करना एक समस्‍या की तरह है।2 जीरे का सेवन रोज करने से घटता है वजन।
3 यह फैट के अवशोषण को बाधित करता है। 4जीरे के सेवन से पाचनतंत्र होता है दुरूस्त।

● जीरा, एक ऐसा मसाला है जो खाने में बेहतरीन स्वाद और खुशबू देता है। इसकी उपयोगिता केवल खाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी हैं। कई रोगों में दवा के रूप में इसका इस्‍तेमाल किया जाता है। जीरे में मैंगनीज, लौह तत्व, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है। इसे मेक्सीको, इंडिया और नार्थ अमेरिका में बहुत उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे खासियत यह है कि यह वजन तेजी से कम करता है। इस लेख में विस्‍तार से जानिये कैसे जीरे के सेवन से कम होता है वजन।
》 जीरा खाएं मोटापा घटाएं
वजन कम करने के लिए भी जीरा बहुत उपयोगी होता है। एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि जीरा पाउडर, के सेवन से शरीर मे वसा का अवशोषण कम होता है जिससे स्वाभाविक रूप से वजन कम करनें में मदद मिलती है। एक बड़ा चम्‍मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पिये। बचा हुआ जीरा भी चबा लें।
इसके रोजाना सेवन से शरीर के किसी भी कोने से अनावश्यक चर्बी शरीर से बाहर निकल जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखे की इस चूर्ण को लेने के बाद 1 घंटे तक कुछ न खायें। भुनी हुई हींग, काला नमक और जीरा समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें, इसे 1-3 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार दही के साथ लेने से भी मोटापा कम होता है। इसके सेवन से न केवल शरीर से अनावश्यक चर्बी दूर हो जाती है बल्कि शरीर में रक्त का परिसंचरण भी तेजी से होता है। और कोलेस्‍ट्रॉल भी घटता है।
》 इन बातों का भी रखें ध्यान
1) इस दवाई को लेने के बाद रात्रि में कोई दूसरी खाद्य-सामग्री नहीं खाएं। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तम्बाकू-गुटखा खाता या मांसाहार करता है तो उसे यह चीजें छोड़ने पर ही दवा फायदा पहुचाएंगी। शाम का भोजन करने के कम-से-कम दो घंटे बाद दवाई लेनी है।

2) जीरा हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर हमें ऊर्जावान रखता है। साथ ही यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी बढ़ता है। इससे ऊर्जा का स्‍तर भी बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म का स्‍तर भी तेज होता है। हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ फैट बर्न की गति को भी बढ़ाता है। पेट से सबंधित सभी तरह की समस्याओं में जीरे का सेवन लाभकारी है।

3) जीरे का नियमित इस्तेमाल शरीर की शोधन की प्रक्रिया को तेज करता है। मोटापा कम करने के अलावा भी जीरा कई तरह की बीमारियों में लाभदायक है।

सुख, शांति और सम्रद्धि के अचूक टोटके


घर में सुख, शांति तथा सम्रद्धि के लिए करें ये आसान उपाय
भारतीय समाज की मान्यताओं के अनुसार घर को मंदिर के समान पवित्र माना जाता है. घर के वातावरण का हमारे दैनिक जीवन पर असर जरूर पड़ता है. साफ़ सुथरा तथा खुशियो से भरा घर किसे अच्छा नहीं लगता. सुख और शांति ऐसी वस्तु है जिनको प्रत्येक मनुष्य प्राप्त करना चाहता है. मगर किन्ही कारणों की वजह से अनेक घरों में द्वेष तथा अशांति होने लगती है. घर साफ सुथरा रखने के साथ घर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए घर में पेंटिग, नक्काशी और कई चीजों को इस्तेमाल किया जाता है. आमतौर पर सुख सम्रद्धि से भरा हुआ घर बनाने के लिए शांति तथा पैसा दोनों की ही जरुरत पड़ती है परन्तु किसी के पास पैसा है तो शांति और सुख नहीं है. किसी के पास सुख शांति है तो पैसा नहीं है प्रत्येक व्यक्ति किसी ना किसी समस्या से परेशान है. इसीलिये हमें कुछ ऐसे उपाय करने चाहिए जिनके प्रयोग में लाने से जीवन में आपको कभी धन और सुख समृद्धि की कमी ना हों और घर में हमेशा शांति का माहौल बना रहें.

रात को सोने से पहले एक बाल्टी पानी भरकर रसोईघर में रख दें. इससे कर्ज से मुक्ति है साथ ही बाथरूम में पानी की भरी बाल्टी रखने से उन्नति के मार्ग में बाधा नहीं आती है.
रोजाना सुबह को कुछ देर के लिए घर में भजन अवश्य लगाए. इससे मन को शांति मिलती है साथ ही सुखो की वृद्धि भी होती है.
यदि आप घर की दिवार में घड़ी लगाते हैं तो घर में घड़ी पूर्व-उत्तर दिशा में लगाएं. घड़ी पूर्व-उत्तर दिशा में लगाने से समय अच्छा बीतता है.
भोजन कक्ष को हमेशा उत्तर पश्चिम में बनाएं इससे स्वास्थ्य ठीक रहता है तथा किसी प्रकार की बीमारी नहीं होती.
घर में बैठक का कमरा उत्तर पूर्व या उत्तर पश्चिम दिशा में बनना चाहिए. इससे सुख और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है.
जब भी आप घर बनाये तो घर में टॉयलेट और स्नानघर को दक्षिण पश्चिम की ओर ही बनाएं. ऐसा करने से अतयन्त लाभ मिलता है. घर के चारों कोनें सुरक्षित रखें. पूर्व व दक्षिण की दिशा में टॉयलेट बनवा सकते हैं. यह दिशा टॉयलेट बनाने के लिए सही है.
पूजा पाठ का स्थान हमेशा ईशानकोण यानि उत्तर और पूर्व का कोना जहां मिलता है में ही बनाना चाहिए. इससे मान-सामान में बढ़ोत्तरी होती है.
घर को हमेशा स्वच्छ रखें तथा घर में कभी जाले ना लगने दें. इससे घर में अशांति होती है तथा घर में बाधा आती है.
रोजाना रोटी बनाने के बाद सबसे पहले 1 रोटी गाय के लिए रखें. इससे देवता भी खुश होते हैं और पितरों को भी शांति मिलती है.
अपनी तिजोरी को हमेशा पूर्व उत्तर व दक्षिण में ही रखें. इससे तिजोरी भरी रहती है तथा पैसे की कमी नहीं होती.
जब भी आप घर में पोछा लगाते हैं तो हफ्ते में एक बार समुद्री नमक अथवा सेंधा नमक से लगाए. इससे नकारात्मक ऊर्जा हटने लगती है.
घर को साफ रखें तथा हमेशा घर में झाड़ू पोछा लगाए. रोजाना झाड़ू पोछा करने से घर में सुख सम्रद्धि बढ़ती है.
रात को खाना खाने के बाद जूठे बर्तन ना रखें. इससे घर सुख सम्रद्धि तथा बरकत नहीं आती है. हमेशा बर्तनों को साफ करके ही रखें.
जब भी आप सुबह की पूजा करे तो यह पूजा 6 से 8 बजे के बीच में ही करे तथा भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके पूजा करे. इससे घर में सुख तथा शांति बनी रहती है.
घर में तुलसी का पौधा लगाए तथा जिस गमले में तुलसी का पौधा हो उसमे कोई दूर पौधा ना लगाए. तुलसो को हमेशा घर के पूर्व या उत्तर दिशा में ही लगाए.
रात को सोते समय हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर सिर कर के सोएं. पूर्व की ओर सिर करने से विद्या की प्राप्ति होती है तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से आयु तथा धन में बढ़ोतरी होती है.
घर में जूते चप्पलो को सम्भालकर रखें. इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे सीधे करके नहीं रखने चाहिए. इससे घर में अशांति होने लगती है.
घर के मुख्य दरवाजे के पास कभी भी कूड़ेदान नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से पडोसी शत्रु बन सकते हैं.
सूर्यास्त होते समय यदि कोई दूध,दही या प्याज मांगे तो उसे ये सब वस्तुएं ना दें. इससे घर की बरकत समाप्त हो जाती है.
झाड़ू को घर में कभी भी खड़ा कर के ना रखें. ना ही झाड़ू में पैर लगाए तथा झाड़ू के ऊपर से ना गुजरे. ऐसा करने से घर की बरकत नहीं होती.
कभी भी बिस्तर पर बैठ कर कभी खाना नहीं खाना चाहिए. बिस्तर पर खाना खाने से धन की हानि होने की सम्भावना रहती है तथा घर में अशांति होने लगती है.
माह में एक बार पुरे घर में गौ मूत्र या फिर गंगाजल छिड़के. इससे घर सुद्ध होता है साथ ही यदि किसी बुरी शक्ति की वजह से घर में चल रही लड़ाई खत्म हो जाती है.
सुबह उठने के बाद अपने घर की खिड़की तथा दरवाजों को खोल दें. जिससे घर के पूजा वाले स्थान में सूरज की पहली किरणे आ सकें. ऐसा करने से घर में सुख-शांति तथा सम्रद्धि होती है.
नहाने के बाद जिस तोलिये का उपयोग किया हो उसका उपयोग दुबारा नहीं करना चाहिए. या फिर पहले दिन उपयोग में लाया गया तौलिया जो धोया ना हो उसका भी उपयोग ना करें. इससे संतान हठी व परिवार से अलग होने लगती है. इसलिए हमेशा तोलिये को धो कर ही प्रयोग में लाये.

बुखार कम करने के घरेलु उपाय


बुखार आने के कारण और सरल घरेलु उपचार

मौसम बदलने, तापमान परिवर्तन तथा संक्रमण होने के कारण कई लोगों को बुखार की समस्या हो जाती है. बदलते मौसम में बुखार की समस्या होने कोई गम्भीर समस्या नहीं है. कभी वायरल फीवर के नाम पर तो कभी मलेरिया जैसे नामों से यह सभी को अपनी चपेट में ले लेता है. लेकिन अगर बुखार का समय पर इलाज ना कराया जाये तो बुखार और भी कई बीमारियों का कारण बन जाता है. कई बुखार तो ऐसे हैं जो बहुत दिनों तक आदमी को अपनी चपेट में रखकर उसे पूरी तरह से कमजोर बना देता है.

आमतौर पर बुखार या तो गलत आहार-विहार के कारण, कुपित हुए दोषों से उत्पन्न या किसी आगंतुक के कारण होता है. पुराने समय से हम देखते औए सुनते आए है कि घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होती है. बुखार की समस्या को दूर करने के लिए भी आप कुछ सरल घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं. जिसके प्रयोग से आसानी बुखार की समस्या को कम किया जा सकता है.
बुखार आने के कारण 

टाइफाइड – टाइफाइड एक खतरनाक बीमारी है. टाइफाइड की बीमारी होने के कारण लोगो को तेज बुखार आने लगता है.

वायरल – अनेक बार क्यों लोगो को वायरल के कारण भी बुखार की समस्या होने लगती है. वायरस के संक्रमण से होने वाले बुखार को वायरल फीवर कहते हैं. वायरल बुखार के वायरस गले में सुप्तावस्था में निष्क्रिय रहते हैं.

मलेरिया – मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो ठण्‍ड या सर्दी (कॅंपकपी) लग कर आता है. मलेरिया रोगी को रोजाना या एक दिन छोडकर तेज बुखार आता है.

डेंगू – डेंगू बुखार मच्छरों के काटने से होने वाली एक दर्दनाक बीमारी है. जो मादा एडीस मच्छर के काटने से फैलता है. डेंगू होने पर लोगो को तेज बुखार आने लगता है.

मौसम का बदलाव – अचानक मौसम में बदलाव तथा ठंडा गर्म होने के कारण अनेक समस्याएं आने लगती हैं. मौसम में बदलाव को कुछ लोग सहन नहीं कर पाते जिसके कारण उन्हें तेज बुखार की समस्या होने लगती है.
बुखार को कम करने के आसान घरेलु उपचार 

गीले मोजे बुखार को कम करने के लिए

यदि किसी को तेज बुखार आ जाये तो सूती मोज़े लें. अब इन मोजो को ठंडे पानी में डालें. इन मोजो का एक्स्ट्रा पानी निचोड़ कर पैरों में पहना दें.जब यह मोज़े पैरों में सुख जाए तो दुबारा इस प्रक्रिया को दोहराए. इससे शरीर का तापमान कम होगा.

आलू का प्रयोग बुखार को कम करने के लिए

यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार हो तो उसके उपचार के लिए कच्चे आलू का टुकड़ा लेकर रोगी के तलुओं और हथेली मे रगड़ें , रोगी को खुला रखें उसके सिर पर ठंडी पट्टियाँ रखें. इससे बुखार कम होने लगेगा.

मेथी के पानी के फायदे बुखार को कम करने के लिए

बुखार की स्थिति होने पर आधा कप पानी में में एक बड़ा चम्म्च मेथी के बीज भीगा दें. अलगी सुबह इस पानी को पीए. नियमित अंतराल में इस पानी के सेवन से बुखार कम होने लगेगा.

नींबू का प्रयोग बुखार को कम करने के लिए

निम्बू अनेक बीमारियों को ठीक करने के साथ-साथ बुखार का भी रामबाण इलाज है. इसके प्रयोग के लिए निम्बू को काट कर उसका एक टुकड़ा लें और उससे अपने पैरों के तलों पर मसाज करें. इस प्रयोग से आपको आसानी से बुखार की समस्या से राहत मिलेगी.

लहसुन का उपयोग बुखार को कम करने के लिए

कच्‍चे लहसुन के टुकड़े लें और इसमें थोड़ा शहद लगाकर इसका सेवन करें. इसके अलावा लहसुन की दो कलियों को दो चम्‍मच ऑलिव ऑयल में मिलाकर इसे गर्म कर लें और इससे अपने पैरों के तलों में मसाज करें. अपने पैरों को सारी रात के लिए लपेटकर रखें. इससे आसानी से बुखार कम होने लगेगा.

सिरका का फायदा बुखार को कम करने के लिए

जब भी आप नहाने जाए तो नहाने के पानी में आधा कप सिरका मिला कर दस मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें. अब इस पानी से नहाए. इससे आपको फायदा होगा.

उठते ही करने चाहिए ‘कर दर्शन’, जानिए क्यों?

शास्त्रों के अनुसार सुबह उठते ही करने चाहिए ‘कर दर्शन’, जानिए क्यों? – सुबह सुहानी हो तो दिन अच्छा गुजरता है। दिन अच्छा हो इसके लिए हम सुबह अपने अंदर और बाहर अर्थात मन में और घर में शांति और प्रसन्नता चाहते हैं। हम आंख खुलते ही कोई ऐसी चीज देखना पसंद नहीं करते जिससे हमारा दिन खराब हो। हमारा दिन हमारे लिए शुभ हो इसके लिए ऋषियों ने कर दर्शनम् का संस्कार हमें दिया है।हमारी संस्कृति हमें धर्ममय जीवन जीना सिखाती है। हमारा जीवन सुखी, समृद्ध, आनंदमय बने इसके लिए संस्कार रचे गए और दिनचर्या तय की गई। दिनचर्या का आरंभ नींद खुलने के तत्काल बाद शुरू हो जाता है। दिन की शुरुआत का पहला कदम है- कर दर्शनम् अर्थात हथेलियों को देखना। सुबह उठते ही सबसे पहले हमें हथेलियों के ही दर्शन करना चाहिए। यहां जानिए क्या होता है सुबह-सुबह हथेलियों के दर्शन करने से…

कैसे करें कर दर्शनम् –

सुबह जब नींद से जागें तो अपनी हथेलियों को आपस मे मिलाकर पुस्तक की तरह खोल लें और यह श्लोक पढ़ते हुए हथेलियों का दर्शन करें-



कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
कर मूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते कर दर्शनम्॥

अर्थात- (मेरे) हाथ के अग्रभाग में लक्ष्मी का, मध्य में सरस्वती का और मूल भाग में ब्रह्मा का निवास है।

हथेलियों के दर्शन करते समय एक और मंत्र भी बोला जाता है…


कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥

अर्थात- (मेरे) हाथ के अग्रभाग में लक्ष्मी का, मध्य में सरस्वती का और मूल भाग में भगवान विष्णु का निवास है।

हथेलियों के दर्शन का मूल भाव तो यही है कि हम अपने कर्म पर विश्वास करें। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि ऐसे कर्म करें जिससे जीवन में धन, सुख और ज्ञान प्राप्त करें। हमारे हाथों से ऐसा कर्म हों जिससे दूसरों का कल्याण हो। संसार में इन हाथों से कोई बुरा कार्य न करें।
हथेलियों के दर्शन के समय मन में संकल्प लें कि मैं परिश्रम कर दरिद्रता और अज्ञान को दूर करूंगा और अपना व जगत का कल्याण करूंगा।


हाथों का ही दर्शन क्यों –

हमारी संस्कृति हमें सदैव कर्म का संदेश देती है। जीवन के चार आधार- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को पुरुषार्थ कहा गया है। ईश्वर पुरुषार्थी मनुष्य की ही सहायता करते हैं। कर्म से हम अपने जीवन को स्वर्ग बना सकते हैं और नर्क में भी ढकेल सकते हैं। मनुष्य के हाथ शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं। हमारे दो हाथ पुरुषार्थ और सफलता के प्रतीक हैं।

इस परंपरा के संबंध में वेद कहते हैं-

कृतं मे दक्षिणेहस्ते जयो मे सष्य आहित:। – अथर्ववेद 7/50/८

अर्थात- मेरे दाहिने हाथ में पुरुषार्थ है और बाएं हाथ में सफलता। भावार्थ यही है कि हम यदि परिश्रम करते हैं तो सफलता अवश्य मिलती है। हमे अपने कर्म में पीछे नहीं हटना चाहिए,

अयं मे हस्तो भगवानयं मे भगवत्तर:। – ऋग्वेद 10/60/12
अर्थात- परिश्रम से हमारे हाथों में श्री और सौभाग्य होते हैं। अर्थ यह है कि हम परिश्रम करेंगे तो ही हमें धन मिलेगा। धन से हम सुख-समृद्धि का सौभाग्य पाएंगे। वेद हमें यह भी सचेत करते हैं कि हमारे हाथ से कोई बुरा काम न हो।

हस्तच्युतं जनयत प्रशस्तम्। – सामवेद -72

अर्थात- हमारे हाथों से सदा श्रेष्ठ का निर्माण हो। हम सदा अच्छे काम करें। किसी का बुरा न करें। किसी को दु:ख न पहुंचाएं।
शिक्षा-

प्रभाते कर दर्शनम् का यही संदेश है। हम सुबह उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन कर अच्छे कार्य करने का संकल्प लें, ताकि दिनभर हमारे मन में कोई बुरे विचार न आएं। अच्छे कार्यां से ही हमारी अलग पहचान बनती है।
अन्य धार्मिक लेख-





तेरी यादें रोज आ जाती है मेरे पास….लगता है अपनी तरह इनको बेवफ़ाई नही सिखाई तुमने.

करनी है तो दर्द की साझेदारी कर ले,मेरी खुशियों के तो दावेदार बहुत हैँ..!

हर रोज बहक जाते हैं मेरे कदम, तेरे पास आने के लिये…ना जाने कितने फासले तय करने अभी बाकी है तुमको पाने के लिये !

तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल..जिनके चाहने वाले ज्यादा हो..वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं!

जिस क़दर….उसकी क़दर की,उस क़दर…..बे क़दर हुये हम..!

ऐसा नही है की..जब भी तेरी याद आती है उदास हो जाता हू….!!मगर जब भी उदास होता हू तेरी याद ज़रूर आती है…!!

दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है… … ना जाने कौन सा दर्द लेकर कोई जी रहा होगा

अच्छा दिखने के लिये मत जिओ बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ

कुछ सोचना चाहिए था उसे हर सितम से पहले..!! मैँ सिर्फ दिवाना नही था इंसान भी था..!!

जो झुक सकता है वह सारी दुनिया को झुका सकता है !

इन्सानियत तो हमने ब्लड बैंक से सीखी है… जहां बोतल पर मजहब नहीं लिखा जाता..

आप कहते थे कि रोने से न बदलेगें नसीब उम्र भर आपकी इस बात ने रोने न दिया..!!

खुशी का नक़ाब लगाया है दुनिया क लिए,मेरा असली हाल-ए-दिल जनता है मेरा यार..

अगर बुरी आदत समय पर न बदली जाये तो बुरी आदत समय बदल देती है

चलते रहने से ही सफलता है,रुका हुआ तो पानी भी बेकार हो जाता है

मुसीबत सब पर आती है,कोई बिखर जाता है और कोई निखर जाता है!

अगर सुकुन मिलता है तुझे हम से जुदा होकर…,तो दुआ है ख़ुदा से…कि तुझे कभी हम ना मिलें…

सिसकना,भटकना,और फिर थम जाना….बहुत तकलीफ देता है, खुद ही संभल जाना…!

इसे इत्तिफ़ाक़ समझो या मेरे दर्द की हकीक़त, आँखे जब भी नम हुई वजह तुम निकले…
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।
रोज़ आता है मेरे दिल को तस्सली देने,.ख्याल-ए-यार को मेरा ख्याल कितना है..!
नया नया शौक उन्हे, रुठने का लगा है; खुद ही भूल जाते है कि, रूठे किस बात पे थे!
तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन..जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा
कमाल करते है हमसे जलन रखने वाले,महफिले खुद की सजाते है और चर्चे हमारे करते है..!
जिन्दगी में जिन्दगी से हर चीज मिली,,,पर उसके जाने के बाद जिन्दगी न मिली…!
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम..चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.