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नींद नहीं आती रात भर

नींद नहीं आती रात भर

अनिद्रा भौतिकवाद की देन है। लाखों लोग हैं जो किसी न किसी कारण से रात में ठीक से सो नहीं पाते। यदि किसी एक रात व्यक्ति ठीक से सो नहीं पाता, तो वह अस्वाभाविक नहीं है लेकिन यदि यह क्रम लगातार चलता रहे और आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगे। तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। इसकी उपेक्षा करने की कोशिश भूलकर भी न करें। शुरुआती दौर में ही यदि इस पर नियंत्रण पा लिया जाय तो बहुत अच्छा, नहीं तो समस्या बहुत विकट रूप धारण कर लेती है और तब उस पर नियंत्रण पाना बहुत कठिन हो जाता है। इसको अगर और स्पष्ट करके कहें तो अनिद्रा के रोगी की स्थिति बहुत त्रासद हो जाती है। इतनी कि जो इस रोग का मरीज नहीं है वह इसकी कल्पना भी न कर सकता। उस समय उसको कुछ सुझाई नहीं देता। धर्म, आध्यात्म, आशा-दिलाशा योग जैसे सभी शब्द बेमानी लगते हैं। पूरी दुनिया नींद के आगोश में डूबी होती और वह.......
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नींद न आने का कोई निश्चित कारण बता पाना संभव नहीं है। हर व्यक्ति के लिए इसका अलग कारण हो सकता है। इसके ऊपर किए गए शोध तथा सर्वेक्षण के आधार पर चिकित्सकों का मानना है कि नींद न आने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है आपकी जीवन पद्धति। अगर जीवन पद्धति में परिवर्तन किया जाय तो संभवतः नींद लाने के लिए नींद की गोलियों की जरूरत ही न पड़े।
1.अपने स्लीपिंग पैटर्न को सकारात्मक ढंग से बदलने की कोशिश करिए। कोशिश करिए कि आपके बेडरूम में कहीं से भी रोशनी न आए। रोशनी आने वाली हर उस जगह को बंद कर दीजिए।

2. जो लोग रात की शिफ्ट में काम करते हैं और दिन में सोते हैं उनकी भी नींद पूरी नहीं हो पाती तथा वे लोग भी जो प्रायः दिन में सोने के आदी होते हैं उन्हें अक्सर रात में सोने में परेशानी होती हैं।

3। सोने के कमरे में हल्की सी ठंडक होने चाहिए। गर्मी भी कई बार नींद में बाधक होती है।
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ऐसा भी माना जाता है कि कई बीमारियों में दी जाने वाली दवाईयां भी आपके नींद के पैटर्न को प्रभावित करती हैं। मानसिक स्वास्थ्य का भी नींद से सीधा संबंध है। कई बार मानसिक रोग, हृदय रोग या उच्च रक्तचाप एवं एलर्जी के लिए दी जाने दवाईयों के कारण भी नींद में व्यवधान पड़ता है। अगर आपको ऐसा लगता है कि उन दवाईयों के कारण आपको नींद नहीं आ रही तो आपको अवश्य ही चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। तथा स्वयं आपको भी इसकी जानकारी होनी चाहिए कि जो दवाईयां आप खा रहे हैं उसके साइड इफैक्ट्स क्या हैं। कभी भी चिकित्सक की सलाह के बिना नींद लाने वाली कोई दवा न लें। क्योंकि अगर दवा का कॉम्बिनेशन सही नहीं है तो भी समस्याएं खड़ी हो सकती है।
एक बात पर तो दुनिया के सभी चिकित्सक एकमत हैं कि तनाव नींद न आने का सबसे बड़ा कारण है। और उससे भी महत्वपूर्ण है तनाव से निपटने का तरीका। पुराना पर कामयाब तरीका है सोने से पहले एक गिलास गरम दूध पीना, दिल को सुकून देना वाला संगीत सुनना इससे आपको शांति महसूस होती है। तनाव घटता है और नींद अच्छी आती है। इसके अलावा सोने से पहले नहाना तथा सिर में गुनगुने तेल की मालिश भी नींद लाने में सहायक सिद्ध होती है।

दोस्तों, हकीकत तो यही है कि नींद लाने के ये जो उपाय है इनके परिणाम बहुत जल्दी नहीं आते। वक्त लगता है और इससे कई बार मन में निराशा उत्पन्न होती हैं। इसलिए जहां तक संभव हो सोच को सकारात्मक रखने की कोशिश करिए। हमारे और आपके स्वास्थ्य के लिए यही उचित होगा। क्योंकि नकारात्मकता से निराशा पनपती है निराशा से तनाव से अनिद्रा, अनिद्रा से उच्च रक्तचाप। यानी ये सभी चीजें एक चक्र में जुड़ी हुई हैं और हमें उसी चक्र को तोड़ना है। अपने मनोबल से।
ये काम भरपूर नींद लेने के बाद भी रहती है थकान तो करें


भागदौड़ भरी कामकाज में व्यस्त जिंदगी में आराम करना भी बहुत जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार थकावट को दूर करने के लिए सभी 6 से 7 घंटे तक जरूर सोना चाहिए। इससे पूरा दिन शरीर भी स्वस्थ रहता है और मस्तिष्क सही तरीके से काम करता है। अगर आप 6 से 7 घंटो तक सोने के बाद भी थके-थके महसूस करते हैं तो इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे कोई लंबी बीमारी, नींद का पूरा ना होना, खराब भोजन, अनियमित दिनचर्या, थायराइड, शरीर में अधिक एसिड बनना आदि। आज हम आपको ऐसे उपाय बताएंगे, जिसे इस्तेमाल करके आपकी थकान तो दूर होगी, साथ में पूरा दिन ताजगी भी महसूस करेंगे।

1. शरीर में पानी की कमी होने पर भी पूरा दिन थकावट महसूस होती है। इसलिए दिन में अधिक से अधिक मात्रा पानी पीएं।

2. गर्म पानी की बोतल से शरीर के अंगों की सिकाई करें।
3. दिन में कमजोरी या थकान अनुभव होने पर चॉकलेट खाएं। इससे शरीर में तुरंत एनर्जी आएगी। इसके अलावा कोको तनाव को भी कम करता है।

4. समय पर न सोना और कम नींद लेना भी सुबह-सुबह थकावट के खास कारण है। इसलिए समय पर सोएं और सुबह समय पर उठे।
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5. सुबह-सुबह ठंडे पानी से नहाएं। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक होगा और आप पूरा दिन तरोताजा महसूस करेंगे।

6. सुबह जल्दी उठने के बाद व्यायाम जरूर करें। सुबह की सैर सेहत के लिए वैसे भी बहुत फायदेमंद होती है। इससे शरीर में पूरा दिन एनर्जी बनी रहती है।

7. थकान को दूर करने के लिए गर्मा-गर्म चाय काफी कारगार उपाय है। खास करके तुलसी के पत्तियों की चाय बनाएं और पीएं।

8. सुबह के नाश्ते में ताजे फलों का जूस शामिल करें। इससे थकान कम लगती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसके अलावा नींबू पीने से थकावट से छुटकारा मिलता है।

9. थकावट महसूस होने पर हाथों-पैरों की मालिश करवाएं। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।
10. अपनी डाइट में हरी सब्जियों पालक, साग, भिंडी आदि को शामिल करें। इससे शरीर में खून की पूर्ति होती है। कई बार खून की कमी और हीमोग्लोबिन का स्तर घटने से भी पूरा दिन थकावट महसूस होती है।


सोने से पहले का स्नान लाएगा गहरी और मीठी निंदिया


कई सोधो में यह साबित हो चूका है कि रात में सोने से पहले ठन्डे पानी से स्नान कर लिया जाये तो न केवल कई छोटी-मोटी बीमारी दूर रहती है साथ ही गहरी और मीठी नींद भी आती है | शोधों में तो यह भी पाया गया है कि स्नान मोटापे में भी कमी लाकर शरीर में ताजगी भर देता है ।

स्नान केवल शुद्धता या पवित्रता से जुड़ा मुद्दा नहीं है । स्नान करने से ताजगी मिलती है, थकान नहीं आती और नींद भी आ जाती हे। चिकित्स्कीय शोध का निष्कर्ष है कि ठन्डे पानी से नहाने से पहले रक्त संचार मंद होता है और बाद में उत्तेजित जो की शरीर के लिए लाभदायक है । इसके विपरीत गर्म पानी से नहाने नहाने से पहले रक्त संचार उत्तेजित होता है और फिर मंद । आयुर्वेद के अनुसार ठंडा पानी दिमाग को ठंडा करता है और पुरे दिन ताजगी बनाए रखता है । 


सुस्ती भगाता स्नान

आ लस्य दूर करने का सबसे आसान तरीका है, ठन्डे पानी से नहाए । ठन्डे पानी से नहाते समय हल्का शॉक लगता है, ह्रदय धड़कन बढ़ जाती है । ब्लॅड संकुलेसन बढ़ता है और ताजगी महसूस होने लगती है ।सोने से पहले नहाने से दिनभर की थकान मीट जाती है और अच्छी नींद आती है । स्नान के जल में एसेंस ऑइल डाल ले तो नींद और गहरी आएगी ।
सोने से पहले ठन्डे पानी से नहाएंगे तो शरीर का तापमान ठीक रहेगा अच्छी नींद आएगी'।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार ठन्डे पानी से नहाने से बाल अच्छे होते है और त्वचा चमकदार हो जाती हे। ठन्डे पानी से नहाने से त्वचा रूखेपन से और बेजान होने से बचती है । इससे पिंपल्स से बच सकते है ।

हमारे शरीर के लिए वाइट फैट बुरा है और ब्राउन फैट अच्छा । वाइट फैट भोजन से बनता है और शरीर के विभिन्न हिस्सों में जमा हो जाता हे। विशेषज्ञ कहते है की नहाने से कैलोरी बर्न होती है यानि स्नान मोटापा घटाता है ।
ठन्डे पानी से नहाने से त्वचा के रोम छिद्र खुल जाते है और इम्युनिटी स्तर बढ जाता हे। स्तर बढ़ने से ब्लॅड सेल्स बढ़ते है जो बीमारियों से बचाते है ।

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