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ब्रोंकियल अस्थमा यानि दमा के लक्षण और घरेलू उपचार


ब्रोंकियल अस्थमा यानि दमा के लक्षण और घरेलू उपचार
ब्रोंकियल अस्थमा Bronchial Asthma Dama Kya Hai.
Bronchial Asthma Dama Ka Upchar
दमा एक ऐसी बीमारी है जिसके कारण फेफड़ों का वायुमार्ग सूज जाता है और संकीर्ण हो जाता है| इसमें धर्धराहट की आवाज सांसो की लघुता सीने की जकड़न और खांसी अनुभव होती है| इस अस्थमा से पीड़ित कुछ व्यक्तियों को अस्थमा के दौरे के साथ-साथ लंबे समय तक श्वांस की लघुता की शिकायत रहती है|

अस्थमा दो प्रकार का होता है (Dama Do Tarh Ka Hota Hai) पहला मौसमी अस्थमा या एलर्जीक अस्थमा और दूसरा सार्वकालिक अस्थमा|
1. मौसमी या एलर्जी अस्थमा (Allergic Asthma Symptoms in Hindi)
सामान्यतः यह अस्थमा कम उम्र में ही हो जाता है तथा यह महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है | इस अस्थमा से ग्रसित व्यक्ति की छाती में जकड़न तथा स्वांस छोड़ने में परेशानी अनुभव करता है| सीजनल अस्थमा से ग्रसित व्यक्ति स्वांस छोड़ते समय आवाज करता है पर अधिकांशतह खांसी का अनुभव करता है |
2. सार्वकालिक अस्थमा (Non Allergic Asthma Symptoms in Hindi)

यह रोग उम्र की किसी भी अवस्था में हो सकता है तथा मौसम के साथ इसके लक्षणों में परिवर्तन नहीं आते हैं| यह अस्थमा आनुवंशिक भी हो सकता है इसमें स्वास्थ छोड़ते समय लगातार धर्धराहट की आवाज होती है | कफ खांसी और बार-बार सांसो में संक्रमण आदि इसके लक्षण हैं |


ब्रोंकियल अस्थमा के प्रमुख कारण क्या हैं Asthma Dama Hone Ke Karan Kya Hai.

1. वायु मार्ग में सूजन
2. तंबाकू अवशिष्ट उत्तेजक पदार्थ और वायु प्रदूषण
3. घर में प्रयुक्त की जाने वाली सुगंध, इत्र, स्प्रे आदि
4. एलर्जी
5. आनुवंशिकता
6. भावनात्मक गड़बड़ी विशेष रूप से अस्थमा का सबसे मुख्य कारण एलर्जी है जो कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी की वजह तथा प्रकृति के साथ तालमेल ना बैठने के कारण होता है | अतः पूर्ण रुप से इसके इलाज के लिए प्रकृति के साथ तालमेल बैठाना आवश्यक है | चिंता आदि इसके प्रमुख कारण हैं |

ब्रोंकियल अस्थमा का एलोपैथी में कोई उपचार नहीं है | एलोपैथिक दवाइयां अस्थमा के कारणों को कुछ समय के लिए कम तो कर सकती हैं परंतु बार-बार यह दवाई खाने से उनकी आदत पड़ने का खतरा रहता है | अनेक अनुसंधानों में यह पाया गया है कि –
Asthma Ke Lakshan Aur Gharelu Upchar दमा के रोगियों को सर्वप्रथम –
योग अपनाना चाहिए
खाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए
उन चीजों से बचना चाहिए जिन से नसों में तनाव पैदा होता है
ब्रोंकियल अस्थमा के योगिक उपचार Yoga Se Asthma Ka Ilaj
सूक्ष्म व्यायाम करें जो कि कंधों के संचालन के साथ किया जाता है
जल नेति Jal Neti
सूत्र नेति Sootra Neti
सुखासन Sukhasan
अर्धमत्स्येंद्रासन Ardhmatsyendrasan
पवनमुक्तासन Pawan Muktasan
भुजंगासन Bhujangasan
मत्स्यासन Matsyasan
शवासन Sahavasan
अनुलोम – विलोम प्राणायाम Anulom-Vilom Pranayam
कपालभाती प्राणायाम Kapalbhati Paranayam
भस्त्रिका प्राणायाम Bhastrika Paranayam
और इसके साथ ही किसी योग्य प्रशिक्षक की देखरेख में कुंजल क्रिया भी कर सकते हैं इस तरह के अस्थमा में काफी उपयोगी है |

अस्थमा रोगी को किस तरह का आहार लेना चाहिए Food For Asthma Patient in Hindi
हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल और जड़ी बूटियां (जैसे की एलोवेरा और आंवला आदि) जिनमें ऐंटि-ऑक्सिडेंट प्रचुर मात्रा में होने के कारण बहुत प्रभावी होता है |
प्याज में ही एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व Quercetin शामिल होता है जो सबसे प्रभावी उपाय के रूप में माना जाता है|
खट्टे फलों में विटामिन-C की प्रचुरता के कारण यह इस रोग से लड़ने में काफी कारगर है |
अदरक और कालीमिर्च, शहद के साथ लेना सबसे अच्छा माना जाता है |
जौ का पानी गेहूं की दलिया अंगूर किशमिश सेब और हल्के खाद्य पदार्थ लेना इसमें अच्छा रहता है |
अस्थमा रोगी को क्या नहीं खाना चाहिए
कब्ज को बनाने की वजह से चीनी, चावल, अचार, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और दही से बचना चाहिए |
मसालेदार और तीखे खाद्य पदार्थों से भी बचना चाहिए |
फ्रूट बीयर, शराब, बीयर और पनीर जैसे पदार्थों से अस्थमा का दौरा अधिक बढ़ जाता है |
एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थ जैसे मांस, अंडा, मछली, दूध और चॉकलेट जैसे भोजन एलर्जी के लिए काफी जिम्मेदार होते हैं |
नींबू का जूस अच्छा प्राकृतिक उपाय है | यह हल्का गर्म होना तथा शहद के साथ मिलाकर लेना चाहिए|
अदरक का रस + मेथी + शहद जीर्ण हालत में बहुत प्रभावशाली घरेलू उपाय है |
गाजर और पालक का रस इस रोग में राहत प्रदान करता है|
सीने पर सरसों का तेल और कपूर की मालिश करने से राहत मिलती है|
अधिक राहत पाने के लिए अजवायन की भाप भी ले सकते हैं|

ब्रोंकियल अस्थमा के सामान्य लक्षण Bronchial Asthma Ke Lakshan Hindi Me

1. सांस लेने में तकलीफ श्वास-प्रश्वास की लंबाई में कमी

2. स्वांस छोड़ते समय घरघराहट की आवाज आना

3. खांसी होना
4. सीने में दबाव का महसूस होना

5. गर्दन तथा पसलियों के बीच की मांसपेशियों में खिंचाव तथा संकुचन (इंटरकोस्टल रिफ्लेक्शन)

6. सीने में जकड़न का होना आदि इसके लक्षण हैं |

यद्यपि इस अस्थमा का निदान तत्काल आवश्यक है, विशेषकर उन बच्चों के लिए जिनको कोई और हल्की बीमारी है | इसकी पहचान और इलाज में पिछले दशकों में हुए सुधारों से मृत्यु दर में काफी कमी आई है जो कि उल्लेखनीय बात है | सरकार द्वारा इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं | सही तरीके से इसका प्रबंधन करने पर अधिकांश व्यक्ति जो इससे ग्रसित है वह उपचार के बाद अब साधारण जीवन जी सकते हैं |

यह अस्थमा स्वास्थ नलिकाओं में सूजन के कारण होता है | जब अस्थमा का दौरा पड़ता है तब श्वास नलिका सूज जाती है तथा इनके आसपास की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं | इस कारण सांस नलिकाओं से आने वाली हवा की मात्रा में कमी आ जाती है | विशेषकर उन लोगों में जिनमें स्वास्थ नलिकाएं संवेदनशील होती है| अस्थमा का दौरा संक्रमण फैलाने वाले तत्वों को स्वांस के साथ लेने की वजह से भी हो सकता है |
अगर आपके या आपके किसी परिचित के इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो आप यह समझ लीजिए कि उसको ब्रोंकियल अस्थमा की शिकायत है | इसलिए इस तरह के रोगी को तुरंत किसी कुशल चिकित्सक से मिलकर उसका इलाज शुरु कर देना चाहिए | जिससे कि समय रहते ही उसका इलाज हो सके और वह स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सके और समाज और देश के विकास में योगदान कर सकें |
ब्रोंकियल अस्थमा की रोकथाम और सावधानियां Dama Ka Gharelu Ilaj in Hindi.

How To Control Bronchial Asthma and Take Care in hindi. Bronchial Asthma Ko Kaise Roke Aur Kya Saavdhaniya Hai. नीचे दी गई सावधानियों को अपनाकर ब्रोंकियल अस्थमा से बचा जा सकता है :

1. ब्रोंकियल अस्थमा (Bronchial Asthma) के रोगियों को हमेशा, विशेष रूप से रात में अपनी क्षमता से कम भोजन करना चाहिए|

2. ठंडे और नमी वाले स्थानों से दूरी बनाकर रखें|

3. भोजन को धीरे-धीरे और चबाकर खाना चाहिए|

4. धूल वाले स्थानों से बचे|

5. योग का अभ्यास प्रतिदिन करना चाहिए|

6. घूमना, विशेष रूप से प्रतिदिन तेज चलने को प्राथमिकता देना चाहिए|

7. मसाले, अचार, चाय कॉफी से परहेज करना चाहिए|

8. अत्यधिक खाना खाने से परहेज करना चाहिए|

9. तंबाकू, गुटका, शराब, पान मसाला तथा धूम्रपान से बचना चाहिए|
10. इत्र, अन्य सुगंधित द्रव्य के प्रयोग से बचें|

11. ठंडा पानी न पिए|

12. नियमित व्यायाम करें|

13. शयन कक्ष को एलर्जी बढ़ाने वाली चीजों से मुक्त रखें

14. नियमित रुप से अपने बिस्तर को धोकर साफ रखें
इस प्रकार नियमित योग अभ्यास, जीवन शैली में परिवर्तन तथा आहार में परिवर्तन कर हम ब्रोंकियल अस्थमा या दमा की तीव्रता को नियंत्रित कर सकते हैं| Niyamit Yog aur jeevan shaile me parivartan kar Bronchial Asthma Ko Control Kar Sakte hai.

अस्थमा का दौरा बार-बार तथा गंभीर न हो इसके लिए भी ऊपर दिए गए उपाय काफी लाभदायक है| अगर इनहेलर से आराम नहीं मिल रहा हो तो इसे खतरनाक स्थिति समझकर अतिशीघ्र चिकित्सीय मदद लें|

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