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खाने में इस चीज की ज्यादा मात्रा शरीर के लिए हानिकारक है


खाने में इस चीज की ज्यादा मात्रा शरीर के लिए हानिकारक है

अब तक तो अपने यह सुना था कि आयोडीन की कमी के कारण कई तरह के रोग हो सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते है कि इसकी जरूरत से अधिक मात्रा थायरॉइड रोगियों में हार्मोनल असंतुलन की एक वजह भी बन सकती है. इसलिए थायरॉइड रोगियों को सी फूड और अन्य आयोडीन आहार का सेवन कम से कम करना चाहिए.
थायरॉइड हो जाने से शरीर में कई तरह के हार्मोनल असंतुलन होने लगते हैं. कई बार रोगी को अस्थमा, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है. इनसे बचने के लिए थायरॉइड रोगी को आहार का खास ख्याल रखना जरूरी होता है. खाने की आदतों में इन मुख्य बातों का ध्यान रख थायरॉइड से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सकता है.

सबसे पहले चाय-कॉफी को ना कहे
बरसात के मौसम में गरमागरम चाय की चुस्की लेना किसे पसंद नहीं होता, लेकिन अधिक मात्रा में चाय और कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थ पीना थायरॉइड रोगियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. दरअसल, चाय और कॉफी में उपस्थित कैफीन शरीर के लिए नुकसानदायक होता है. इसलिए यदि सेहतमंद रहना चाहते हैं तो कैफीन युक्त पदार्थों से परहेज करें.
हानिकारक है घी
थायरॉइड रोगी वनस्पति घी का उपयोग ना करे, क्योंकि इसमें कई तरह की मिलावट होती है. जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है. ये घी शरीर में मौजूद अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम कर देता है जो थायरॉइड रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए वनस्पति घी का सेवन कम ही करना चाहिए.
अल्कोहल का सेवन ना करे


थायरॉइड रोगी अगर अल्कोहल का सेवन करें तो उन्हें बैचेनी, घबराहट और नींद ना आना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इससे उनकी एनर्जी भी बहुत कम हो जाती है और वे कमजेार महसूस करने लगते हैं. ऐसे में अल्कोहल से दूरी बनाए रखना ही उनके लिए बेहतर है.
रेड मीट से नुकसान
वजन बढ़ना इस रोग में बहुत नुकसानदायक होता है. रेड मीट में सैचुरेटेड फैट प्रचुरता में पाया जाता है जो वजन बढ़ाने में सहायक है. इसलिए थायरॉइड रोगियों को जितना संभव हो इससे दूर ही रहना चाहिए. इसे खाने से उन्हें जलन की समस्या भी हो सकती है

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