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गर्भधारण के बाद इन फलों को न खाएं

गर्भधारण के बाद इन फलों को न खाएं


प्रेग्नेंट महिलाएं नहीं करें इन फलों का सेवन
गर्भावस्था
गर्भधारण के बाद इन फलों को न खाएं

गर्भधारण के बाद इन फलों को न खाएं, प्रेगनेंसी में किन फलों का सेवन नहीं करना चाहिए, इन फलों से प्रेगनेंसी में करें परहेज, Fruits do not eat during Pregnancy

प्रेगनेंसी में खान पान का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है इस समय आपको ऐसा आहार लेना चाहिए जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को सेहतमंद होने में मदद मिल सके। इसीलिए आपको प्रेगनेंसी में इस बात का ध्यान रखना चाहिए की क्या आप खा सकते हैं और क्या नहीं। तो आज हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान न खाएं जाने वाले कुछ फलों के बारे में बताने जा रहे हैं हैं। जो की न केवल गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकते हैं बल्कि इससे गर्भपात भी ही सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान न करें इन फलों का सेवन

प्रेगनेंसी के दौरान न करें इन फलों का सेवन
कच्चा पपीता
अंगूर
अनानास

प्रेगनेंसी के समय फलों का सेवन करने से शरीर में पानी की मात्रा को भरपूर बनाएं रखने के साथ बहुत से पोषक तत्व भी मिलते हैं लेकिन कुछ फल ऐसे होते हैं जो प्रेगनेंसी के दौरान आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं आइये जानते हैं की वो फल कौन से हैं।
कच्चा पपीता
कच्चा पपीता प्रेगनेंसी के दौरान नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसमें विटामिन सी की अधिकता होती है। शुरूआती दिनों में कच्चे पपीता का सेवन करने से गर्भपात होने के चांस होते हैं, वहीँ बाद के महीनो में इसका सेवन करने से प्रीमैच्योर बच्चा होने के चांस बढ़ जाते हैं।
अंगूर

अंगूर का सेवन भी प्रेगनेंसी के दौरान कम करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से आपको समय से पहले प्रसव होने की आशंका रहती है जबकि शुरूआती दिनों में आपको इसके अधिक सेवन से परेशानी का अनुभव हो सकता है।
अनानास

अनानस में भी विटामिन सी बहुत अधिक मात्रा में होता है जिसके कारण आपको गर्भ गिरने या समय से पहले बच्चा होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
तो यह हैं वो फल जिनके सेवन से आपको प्रेगनेंसी के दौरान परहेज करना चाहिए। इसके अलावा आपको भरपूर मात्रा में फलों का सेवन करना चाहिए क्योंकि फलों में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं जो शिशु के बेहतर विकास में आपकी मदद करते हैं। और आपको इन फलों का परहेज तब भी करना चाहिए यदि आप प्रेग्नेंट होने चाहती हैं तो, क्योंकि यदि आप इन फलों का सेवन करती है तो इनके सेवन से आपको गर्भ न ठहरने की समस्या हो सकती है।



मेरे स्तनों का आकार बिना किसी कॉस्मेटिक सर्जरी के २ साइज़ बढ़ गया है.


आज मैं, स्मिता साहू अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी निराशा आप लोगों के सामने प्रस्तुत करने जा रही हूँ. और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें मैंने उस निराशा से जीत भी प्राप्त की है!

२ वर्ष पूर्व मैंने एक सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने का मन बनाया "मिस. इंडिया". मैंने पहला चरण बहुत ही आसानी से पार कर लिया परन्तु उसके बाद मेरा मोहभंग हो गया और मैं उस प्रतियोगिता के शीर्ष १० में भी कोई जगह नहीं बना पायी!! बाद में मैंने अपनी इस हार का कारण भी पता कर ही लिया.

कार्यक्रम समिति के एक व्यक्ति के अनुसार निर्णायक मेरी बिकनी के प्रदर्शन से बहुत ही हताश रहे थे और सच कहें तो वे मेरे स्तनों के आकार से खुश नहीं थे क्योंकि मेरे स्तनों का आकार बहुत ही छोटा है.



प्रतियोगिता के १ दिन पहले फ़ोटोशूट भी हुआ था और उस समय तक मुझे यह नहीं पता था कि मैं उत्तीर्ण नहीं हो पाऊँगी.

सच में इसकी चिंता मुझे हमेसा ही सताती रहती थी. छरहरी काया और सुन्दर चेहरा होने के बाबजूद भी मेरी छाती बहुत ही छोटी थी. मेरे पूरे परिवार में किसी के भी बड़े स्तन नहीं थे तो मुझे लगता है यह वंशानुगत समस्या थी



एक लड़की जो कि देखने में सुन्दर काया और चेहरे वाली है ... परन्तु उसके स्तन का आकार छोटा है

प्रतियोगिता के बाद मैं उदासी से भर गयी!! अगर मेरे परिवार वाले मेरा साथ न देते तो न जाने मैं क्या कुछ न कर बैठती. मेरे अभिभावक और भाई ने मुझे शान्त किया और आश्वस्त किया कि केवल इस एक प्रतियोगिता में हार जाने से मेरी ज़िन्दगी खत्म नहीं हो जाती है. उन्होंने मुझे बताया कि स्तनों का बड़ा होना कोई महत्वपूर्ण बात नहीं है और मैंने उनकी बात मान ली....परन्तु फ़िर भी उसके बाद मैंने अपने स्तन का आकार बढ़ाने की ठान ली जिससे कि मैं पूरे भारत में सबसे सुन्दर लड़की बन जाऊं!

परन्तु किसी काम के बारे में बात करना उसके करने से कहीं अधिक आसान होता है. मैं यह कैसे कर सकती हूँ? मुझे हमेशा से पता था कि स्तन का आकार बढ़ाने के लिए मुझे कॉस्मेटिक सर्जरी से अच्छा कोई विकल्प खोज़ना पड़ेगा.
अंततः मैंने कॉस्मेटिक सर्जरी से भी अच्छा विकल्प खोज़ लिया!!

इसके बाद मुझे इंग्लैंड में रहने वाली एक चाची ने इसके बारे में बताया. उनके अनुसार वहां डॉक्टर्स ने Bust-full जेल बनायी है जिसे ब्रिटिश लोग (छोटे स्तनों वाली महिलाएं) इस्तेमाल करते हैं और यह जेल उनकी समस्या को जड़ से खत्म भी कर रही है!! यह जेल सच में (जो कि प्राकृतिक घटकों से बनी हुई है, देखने के लिए यहाँ क्लिक करें) रामबाण है.

हाँ! यह सही है! इसके प्रयोग से स्तनों के आकार में केवल कुछ मिलीमीटर नहीं बल्कि 2-3 साइज़ तक वृद्धि हो जाती है (ज्यादातर लोगों को इस बात पर विश्वास नहीं होगा) यह सच में संभव है. शानदार!!!!

मेरी चाची ने मुझे इसे ऑर्डर करने के लिए लिंक प्रदान किया और ऑर्डर करने के केवल 2 सप्ताह बाद यह जेल मुझे प्राप्त हो गयी.
परिणाम कैसे रहे

शानदार!!
आप ख़ुद ही देखिये इन कुछ तस्वीरों में



पहले सप्ताह के ट्रायल को आज़माने के बाद ही मेरे स्तनों के आकार में वृद्धि होने लगी थी. मैंने अपने परिणामों को इस चार्ट के सम्मिलित कर दिया जिससे आपको इसे देखने में आसानी होगी:
प्रयोग का समय Bust-fullआकार, सेमी. मेंआकार में अंतर, सेमी. मेंब्रा का आकार
प्रयोग के पहले Bust-full 75 80 एए
पहला सप्ताह ७५,५ 80 एए
दूसरा सप्ताह 77 80 ए
तीसरा सप्ताह 78 80 ए
चौथा सप्ताह 79 80 बी
पांचवा सप्ताह ७९,५ 80 बी
छठवां सप्ताह 80 80 बी
सातवाँ सप्ताह ८०,५ 80 बी
आठवां सप्ताह ८०,८ 80 बी (लगभग सी)


इसके बाद मेरे स्तनों का आकार बढ़ना बंद हो गया, Bust-full जेल का बहुत-बहुत धन्यवाद जिसने मेरे छाती का आकार बढ़ाने में मेरी इतनी मदद की.

मैंने जिस धन को अपनी प्लास्टिक सर्जरी के लिए बचा के रखा हुआ था उस धन का प्रयोग करके मैं अपने परिवार के साथ इटली भी घूमने गयी. अब मैं फ़िर एक बार मन बना रही हूँ कि "मिस. इंडिया" प्रतियोगिता में भाग लूँ. देखते हैं आगे क्या होता है. इस बार देखेंगे कि निर्णायक गण अंतिम दौर में क्या फ़ैसला सुनाते हैं.
इस बार मैं जीत में विश्वास कर रही हूँ!!!


जैसा कि आप देख सकते हैं कि इस जेल के माध्यम से आप अपने मनचाहे आकार के स्तनों को प्राप्त कर सकते हैं. 
क्योंकि अब आपकी मदद के लिए है 

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