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कहीं आप भी इस गंभीर बीमारी से परेशान तो नही, जरुर पढ़े


कहीं आप भी इस गंभीर बीमारी से परेशान तो नही, जरुर पढ़े

आज के समय में आपने कई बार बड़ो के साथ छोटे बच्चो के मोटे पैर भी देखे होंगे. कुछ बच्चे तो सामान्य होते है लेकिन कुछ बच्चों के पैर छोटी सी उम्र में भी बहुत ही मोटे हो जाते है. कई बार पैर बेहद मोटे होने के कारण जींस पहनने में भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है. क्या कभी आपने सोचा आखिर ये बीमारी कैसे हो जाती है. और इससे कैसे बचा जा सकता है. आइये जानते है….

यह बीमारी अत्यधिक फैट जमा होने के कारण होती है, लेकिन अगर कम उम्र में यह बीमारी हो जाती है. तो आपको इस पर अभी से ध्यान देकर सही इलाज करवाना शुरू कर देना चाहिए. क्योंकि अगर इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया. तो आने वाले समय में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
इस बीमारी से बचने के लिए सबसे पहले आपको किसी एंडोक्रायनोलॉजिस्ट को दिखाना होगा जो हार्मोन का परीक्षण करते हैं. पैरों के मोटा होने का अर्थ है आपका बॉडी मास इंडैक्स (बीएमआई) भी बेहद बढ़ा हुआ है. सबसे पहले डॉक्टर से परामर्श लें. उसके बाद प्राथमिक तौर पर थायरॉइड और टेस्टेस्टेरॉन हार्मोन का चेकअप करवाएं.


उम्र के साथ मोटापे के कारण फैट मुख्य धमनियों और नसों में जमा होने लगता है. इससे डायबिटीज़ की आशंका भी बढ़ जाती है और शरीर धीरे-धीरे निष्क्रिय होने लगता है. अगर आपकी उम्र बहुत कम है तो अभी से ध्यान रखें क्योंकि इसे जल्द से जल्द ठीक करने का कोई शॉर्टकट नहीं है. इसमें कई महीनों का समय लगता है. नियमित तौर पर एक अनुशासित दिनचर्या का पालन करेंगे तो जल्दी असर दिखाई देने लगेगा.
इसके साथ ही डाइटीशियन से मिलकर अपना डाइट चार्ट बनवाएं और उसका सख़्ती से पालन भी करें. जंक फूड से परहेज़ करें. व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें. दौड़ना, साइकिल चलाना, स्वीमिंग, खेल गतिविधियों में भाग लें. आपको धीरे-धीरे 4 से 6 महीनों में इसका असर दिखाई देने लगेगा.

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