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टमाटर ऐसे आपकी रंगत में लाएगा निखार

टमाटर ऐसे आपकी रंगत में लाएगा निखार…


टमाटर का इस्तेमाल आपने अभी तक सिर्फ सब्ज़ियों या सलाद में किया होगा। लेकिन अब इसे खाने के साथ-साथ चेहरे पर भी लगा सकते हैं।

विटामिन सी और लाइकोपीन से भरपूर टमाटर में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, इस वजह से यह शरीर को अंदर से ही नहीं बल्कि बाहर से भी खूबसूरत बनाता है। बस जरूरी है इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना। यहां टमाटर के 5 ऐसे ब्यूटी फायदों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे।


1. रंगत निखारे
टमाटर डिस्कलेरेशन को ठीक कर चेहरे के रंग को एक-सा करता है। इसके लिए दो चम्मच टमाटर के जूस में एक चम्मच शहद मिलाएं। इस पेस्ट को 15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं और फिर हल्के हाथों से 2 मिनट मसाज करें। बाद में पानी से धो लें, ऐसा हफ्ते में दो दिन करें। नियमित तौर पर इसे करने से कुछ ही हफ्तों में इसका फायदा दिखने लगेगा।

2. चेहरा बनाए फ्रेश

ऑफिस या कॉलेज से घर पहुंचकर अगर आपका चेहरा बेजान महसूस हो तो ठंडे टमाटर की एक स्लाइस को अपने चेहरे पर 5 मिनट तक रगड़ें ले। कुछ ही मिनटों में आपको फ्रेश और ताज़ा महसूस होगा। इस ट्रिक को आप रोज़ाना कर सकते हैं। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। अगर आपके चेहरे पर पिंपल्स हो तो इसे अवॉइड कर सकते है।

3. एक्ने करे खत्म
दो चम्मच टमाटर के गूदे को चेहरे पर लगाएं। टमाटर में मौजूद कूलिंग प्रॉपर्टी एक्ने को बढ़ने के रोकेगी और जल्द ही निशान सहित इसे चेहरे से गायब कर देगी। साथ ही ये तरीका चेहरे से सनबर्न को भी ठीक कर देगा।


4. ब्लैकहेड्स हटाएं

चेहरे पर मौजूद ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स पूरे चेहरे की सुंदरता खराब कर देते हैं। इसे आप टमाटर से ठीक कर सकते हैं। इसके लिए टमाटर की एक स्लाइस को ब्लैकहेड्स वाले एरिया पर रगड़ें और फिर कुछ देर बाद चेहरा धो लें। धीरे-धीरे कुछ ही दिनों में ब्लैकहेड्स खत्म हो जाएंगे।

5. ऑयल करे गायब

अगर आप चिपचिपे और ऑयल के भरे चेहरे से परेशान हो तो टमाटर आपकी इस मुश्किल को हल कर सकता है। इसके लिए टमाटर के जूस को रूई की मदद से पूरे चेहरे (आंखों को छोड़कर) पर लगाएं। चेहरा सूखने के बाद पानी से धो लें। इस तरीके से आपकी स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल खत्म हो जाएगा।



आइस क्यूब से निखारें सुंदरता


आइस क्यूब को ज्यादातर गर्मियों में तपती धूप में ठंडक प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है।

लेकिन आइस क्यूब का उपयोग महज खाने, पीने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आइस क्यूब गार्मियों में चेहरे की रंगत निखारने तथा सनबर्न, काले दाग, कील मुंहासों तथा सौंदर्य से जुड़ी अनेक समस्याओं का सरल तथा सस्ता उपचार साबित होते हैं।
सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन का कहना है कि आइस क्यूब से जहां सौन्दर्य समस्याओं के प्राकृतिक उपचार में मदद मिलती है वहीं आइस क्यूब, फेशियल स्पा तथा सैलून जैसे महंगे सौंदर्य उपचारों के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावी साबित होते हैं।

उन्होंने कहा कि चेहरे पर आइस क्यूब की मसाज से त्वचा में खिंचाव आता है तथा छिद्रों से गंदगी बाहर निकलती है। लेकिन आइस-क्यूब को सीधे कभी चेहरे पर कतई न मलें क्योंकि इससे चेहरे की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। आइस-क्यूब को हमेशा साफ कॉटन के कपड़े में लपेटकर ही चेहरे की हल्के-हल्के ऊपर से नीचे तथा दाएं से बाएं ओर मसाज करें। हल्के-हल्के मसाज करने से त्वचा में ताजगी तथा रंगत में निखार का साफ अहसास देखा जा सकता है।

गर्मियों के आद्र्रता भरे मौसम में फाउंडेशन को ज्यादा देर तक बनाए रखने के लिए सबसे पहले त्वचा को धोकर साफ करें तथा काटन वूल की मदद से एस्ट्रीजैन्ट टोनर अप्लाई करें। कुछ मिनटों के बाद साफ कपड़े में आइस-क्यूब को चेहरे पर आहिस्ता से रगड़िए। इससे त्वचा के छिद्रों को बंद करने में मदद मिलेगी।


वैकल्पिक तौर पर आईस क्यूब के ठंडे पानी में काटन वूल को भिगोकर इसे त्वचा पर आहिस्ता-आहिस्ता मलिए। इससे त्वचा की रंगत में निखार आएगा तथा त्वचा के छिद्रों को बंद करने में मदद मिलेगी।

हर्बल क्वीन के नाम से मशहूर शहनाज हुसैन ने कहा कि अगर त्वचा में चोट की वजह से सूजन आ जाए तो आइस-पैक्स से त्वचा की जलन तथा सूजन को राहत प्रदान करने में मदद मिलती है। आइस-क्यूब आंखों में सूजन के लिए भी रामबाण का काम करती है।
एक साफ कॉटन के वस्त्र में आइस-क्यूब को लपेट कर कुछ सेकेंड तक आंखों से लगाइए, लेकिन याद रखिए कि आंखों के नीचे की त्वचा अत्यंत पतली तथा संवेदनशील होती है तथा अगर आपने आईस क्यूब ज्यादा देर तक आंखों के नीचे रखे तो आंखों की कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है। थ्रे

डिंग तथा वैक्सिंग के बाद भी आईस-क्यूब ठंडक तथा राहत प्रदान करने में अति सहायक साबित होती है। चेहरे पर आइस क्यूब से चेहरे की झुर्रियों को रोकने में मदद मिलती है। मुट्ठी भर आइस क्यूब में लवैंडर, जैस्मिन तेल की बूंदें डालकर कपड़े में लपेटकर चेहरे की मसाज करने से त्वचा की यौवनता लौट आती है।

आइस क्यूब में संतरा, नींबू, स्ट्राबेरी का रस मिलाकर नैपकिन में डालकर चेहरे की मसाज करने से चेहरे के छिद्रों को टाइट करने में मदद मिलती है जिससे आप युवा लगते हैं।

आइस क्यूब टिप्स :

* कई बार थ्रेडिंग के बाद त्वचा में सूजन आ जाती है जिसे आइस-क्यूब को नैपकिन में लपेटकर मलने से दूर किया जा सकता है। घर में जब आप आईब्रोज करती है तो वैक्सिंग के बाद लालगी तथा सूजन के लिए आइस-क्यूब का उपयोग किया जा सकता है।

* त्वचा पर चकत्ते, फोड़़े, फुन्सियों में भी आइस-क्यूब काफी लाभकारी माने जाते हैं। अगर फोड़़े, फुन्सियों की वजह से चेहरे पर जलन तथा सूजन महसूस हो रही हो तो आइस-क्यूब के उपयोग से काफी राहत मिलती है।

* आइस-क्यूब के लगातार उपयोग से छिद्र बंद हो जाते हैं जिससे कील मुहांसे निकलने बंद हो जाते हैं।

* यदि आप किसी पार्टी में जाने की जल्दी में हैं तथा आप मेकअप के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं तो भी साफ कपड़े या नैपकिन में आई क्यूब लपेटकर चेहरे तथा त्वचा पर रगड़ने से त्वचा में निखार आएगा तथा चेहरे की आभा बढ़ेगी।

महिलाओं में थायराइड विकार 10 गुना ज्यादा

लगभग हर तीसरा भारतीय किसी न किसी थायराइड विकार से पीड़ित है, जो अक्सर वजन बढ़ाने और हार्मोनल असंतुलन का कारण बनता है। एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड विकार दस गुना ज्यादा होता ।

इसका मुख्य कारण है महिलाओं में ऑटोम्यून्यून की समस्या ज्यादा होना। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि थायराइड हार्मोन अंगों के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक होते हैं। इनमें किसी भी तरह के असंतुलन से विकार पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से थायरॉइड विकार दो प्रकार के होते हैं- हाइपरथायरायडिज्म जो एट्रियल फिब्रिलेशन, ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का कारण बन सकता है, और हाइपोथायरायडिज्म जो मायक्सेडेमा कोमा और मृत्यु का कारण बन सकता है। थायरॉइड समस्याओं का सबसे आम कारण ऑटोम्यून्यून थायराइड रोग (एआईटीडी) है।

यह एक वंशानुगत यानी जेनेटिक स्थिति है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडी उत्पन्न करती है, जो या तो थायराइड ग्रंथियों को अधिक हार्मोन बनाने के लिए उत्तेजित करती है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों में वजन घटना, गर्मी न झेल पाना, ठीक से नींद न आना, प्यास लगना, अत्यधिक पसीना आना, हाथ कांपना, लगातार मल त्याग की इच्छा करना, दिल तेजी से धड़कना, कमजोरी, चिंता, और अनिद्रा शामिल हैं।
हाइपोथायरायडिज्म में सुस्ती, थकान, कब्ज, धीमी हृदय गति, ठंड, सूखी त्वचा, बालों में रूखापन, अनियमित मासिकचक्र और इन्फर्टिलिटी के लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने आगे बताया, “सीटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड से गर्दन के निचले हिस्से में सूजन के साथ मौजूद थायराइड नोड्यूल का पता लग सकता है। बढ़ती हुई गर्दन से थायराइड कैंसर का पता चलता है, साथ ही निगलने में कठिनाई के साथ आवाज में बदलाव हो सकता है।”

कुछ सुझाव :

* स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए फाइबर से समृद्ध और कम वसा वाला आहार लें।

* कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि करते रहने के लिए खुद को प्रेरित करें।

* तनाव से थायराइड विकारों को बढ़ने का मौका मिलता है, इसलिए तनाव के स्तर को कम करने के लिए कुछ प्रयास करिए। योग, ध्यान, नृत्य आदि से मदद मिल सकती है।

* यदि कैंसर का जोखिम है, तो कुछ-कुछ वर्षो में नोड्यूल का पता करने के लिए अपनी जीपी और टीएसएच 

गर्मियों के मौसम में पैरों की देखभाल जरूरी है। स्टाइलिश होने के साथ ही सही फुटवियर पैरों के लिए बहुत जरूरी है। मेन्सवेयर लेदर शू ब्रांड के एगॉस की चीफ एक्सपीरियंस ऑफिसर कनिका भाटिया और मोटेलो डोमानी गर्मियों में पैरों की देखभाल के कुछ टिप्स बता रहे हैं जिससे गर्मियों में भी आपके पैर दिख सकते हैं खूबसूरत।
चमड़े से बने फुटवियर गर्मियों में पैरों के लिए ठीक रहते हैं। इससे पैरों से बदबू आने और इंफेक्शन होने की संभावना कम रहती है।


एथलेटिक सैंडल और लोफर्स गर्मियों में सबसे ज्यादा उपयुक्त होते हैं क्योंकि इनके पहनने पर हल्का महसूस होता हैं।


हल्के फ्लिप फ्लॉप स्लीपर गर्मियों में पहनने के लिए बेहतर होते हैं। फ्लिप फ्लॉप पहनने पर पैरों में होने वाले दर्द से बचने के लिए अच्छे सपोर्ट वाला फ्लिप फ्लॉप ही पहनें।


इस मौसम में कई लोग एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन होते हैं, ऐसे में उनके लिए एथलेटिक सैंडल उपयुक्त रहेंगे।


गर्मियों में स्टाइलिश दिखने के लिए आप क्लासिक ब्रोग्स (मोटे चमड़े वाला जूता) या ऑक्सफोर्ड जूते चुन सकते हैं। यह एक बेहतर विकल्प है।


लोफर्स गर्मियों में एक कूल लुक देते हैं, जिसे दोनों कैजुअल और फॉर्मल कपड़ों के साथ इस मौसम में पहना जा सकता है।


स्नीकर्स और एथलेटिक जूते इस मौसम के लिए जरूरी माने जाने लगे हैं। युवाओं के लिए रॉयल ब्लू रंग के स्नीकर्स बेहतर विकल्प हैं।


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