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पीरियड्स के दर्द से हैं परेशान

पीरियड्स के दर्द से हैं परेशान, तो हरी प्याज से पाएं निदान!
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पीरियड्स हर महीने होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है।
इसमें पेनकिलर का सहारा लेने की नौबत आ जाती है।
हरी प्याज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है।महिलाओं के लिए पीरियड्स हर महीने होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है जो 4 से 5 दिनों तक रहती है। लेकिन कुछ महिलाओं के लिए यह कुछ दिन हर माह कष्‍टप्रद होते हैं। इस दौरान मूड स्विंग होने के साथ ही पेट में भयंकर दर्द होने की शिकायत ज्‍यादातर महिलाओं को होती है। कई बार ये दर्द इतना बढ़ जाता है कि पेनकिलर का सहारा लेने की नौबत आ जाती है। लेकिन यह महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में इस समस्‍या से बचने के लिए आप घरेलू उपायों की मदद ले सकती हैं। हरी प्‍याज और शहद का मिश्रण पीरियड्स के तेज दर्द से राहत देने में आपकी मदद कर सकता है, आइए जानें कैसे।
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पीरियड्स के दर्द के लिए हरी प्‍याज 
भोजन के साथ सलाद के रूप में खाया जाने वाला हरी प्याज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है। सैंडविच, सलाद या फिर चाट, प्याज सभी के स्वाद को दोगुना कर देता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि यह पीरियड्स में होने वाले दर्द को दूर करने में भी बहुत मददगार होता है। हरे प्‍याज में मौजूद विटामिन 'के' पीरियड्स में होने वाले हैवी ब्‍लीडिंग और दर्द को प्राकृतिक रूप से दूर करने में मदद करता है।

पीरियड्स के दर्द के लिए शहद
एक गाढ़ा मीठा लिक्विड स्‍ट्रॉग ऑक्‍सीकरण एजेंट के रूप में काम करता है। यह आपके ब्‍लड में ऑक्‍सीजन को जोड़कर, प्रभावी ढंग से दर्द को दूर करता है। आप शहद का उपयोग पीरियड्स के दौरान अंडे की मुक्ति परेशान कर रहे, किसी भी प्रकार के दर्द को दूर करने के लिए कर सकते हैं। लेकिन ध्‍यान रहें कि तीव्र दर्द घातक हो सकता है, इसलिए दर्द का इलाज प्रारंभिक अवस्‍था में करना बेहतर होता है। यह आपके रक्‍तचाप को स्थिर कर, एक प्राकृतिक मरहम के रूप में काम करता है। शहद पीरियड्स में दर्द के लिए प्रभावी उपचारों में से एक है।
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पीरियड्स के दर्द के लिए शहद और हरी प्‍याज का जादू
हरा प्‍याज और शहद पीरियड्स के दर्द के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन अगर इन दोनों को एक साथ लिया जाये तो सोचिये यह किसी चमत्‍कार से कम नहीं होगा। जीं हां पीरियड्स में दर्द को दूर करने में इन दोनों का मिश्रण चमत्‍कारी साबित होता है। यह ब्‍लड फ्लो को बढ़ा कर, यूटरस की मसल्‍स को आराम देता है। दर्द को दूर करने के लिए हरी प्‍याज के आगे के सफेद वाले हिस्‍से को लेकर कद्दूकस करके इसका जूस निकाल लें। फिर इस जूस की एक चम्‍मच लेकर उसमें एक ही चम्‍मच शहद मिला लें। इसे पीरियड्स के दिनों में यानी उन पॉच दिनों में हल्‍के गुनगुने पानी के साथ दिन में 3-4 बार लें। आपको तुरंत आराम मिलेगा। 
अगर इस उपाय के बाद से आपका दर्द दूर नहीं हो रहा है, तो दर्द का सही कारण जानने के लिए अपने डॉक्‍टर से सलाह लें
पीरियड्स में आपको इन कारणों से होता है दर्द, जानें

गर्भधारण में समस्या और माहवारी के दौरान दर्द का संबंध।
सेमिनल फ्लूड सर्वाइवल व एन्डोमीट्रीओसिस के नुकसान को बढ़ाता है।
एन्डोमेट्रीओसिस ऐसा ट्यूमर है जो केवल महिलाओं को ही होता है।


इन कारणों से कुछ पीरियड्स के दौरान होता है ज्यादा दर्द

पीरियड्स में होने वाला दर्द तब तक ही सामान्य है जब तक आप बिस्तर ना पकड़ें। अगर आप दर्द के कारण बिस्तर पकड़ ले रहे हैं तो जरूरी है दर्द के इन कारणों को जानें।

पीरियड्स में दर्द



बुजुर्ग महिलाएं महीने के उन दिनों में दर्द होने को सामान्य स्थिति बताती है। जबकि दर्द की ये समस्या कुछ लड़कियों को नहीं होती और कुछ लड़कियों को बहुत अधिक होती हैं। अगर आप भी उन लड़कियों में शामिल हैं जिनको बहुत ज्यादा ही दर्द होता है तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय दर्द होने के कारणों में गौर करें।




व्यायाम ना करना

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नमक ज्यादा खाना



पेट दर्द की जगह पीरियड्स में कमर और कमर के नीचे दर्द होता है तो नमक कम खाएं। नमक अधिक खाना भी इन जगहों में उस दौरान दर्द का कारण बनता है। ये हर लड़की के लिए नहीं बल्कि उनके लिए है जिन्हें उस दौरान बहुत अधिक दर्द होता है।




उम्र भी वजह
उम्र बढ़ने के साथ-साथ पीरियड्स में भी दर्द बढ़ने लगता है। 20 की उम्र के बाद पीरियड्स का दर्द बहुत ही भयानक हो जाता है। ये प्रोस्टाग्लेंडिन्स की वजह से होता है जो यूटेरस की लाइनिंग को गिराने वाले हार्मोंस है।




यूटेराइन फाइब्रॉइड्स



पीरियड्स का अधिक दिन रहना और उस दौरान खून का अधिक बहना व बहुत अधिक दर्द होना यूटेराइन फाइब्रॉइड्स के लक्षण हैं। यूटेराइन फाइब्रॉइड्स की समस्या लगभग 75 फीसदी महिलाओं को होती है। यूटेराइन फाइब्रॉइड्स जब यूटेरस की लाइनिंग को छूते हैं तो बहुत अधिक दर्द होता है। ऐसे में अधिक दर्द होने पर अल्ट्रासाउंड करवा कर यूटेरस में यूटेराइन फाइब्रॉइड्स की जांच करवा लें।



एंडोमेट्रिओसिस
इसमें पीरियड्स में बेहद भयानक दर्द होता है और ये समस्या लगभग 10 फीसदी महिलाओं को होती है। इस समस्या के कारण महिलाओं को गर्भधारण करने में भी परेशानी होती है। एंडोमेट्रिओसिस में गर्भाशय की अंदरूनी लाइनिंग गर्भाशय के बाहर तक बढ़ जाती है। इससे अधिक खून बहता है जिससे पेल्विक एरिया को काफी नुकसान होता है। इसी कारण पीरियड्स में दर्दभरे क्रेंप्स होते हैं।



हाल ही में हुए एक शोध से पता चला कि यौन गतिविधियों (सेक्सुअल एक्टिविटी) और मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द के बीच संबंध होता है। सेहत संबंधी विषय पर आधारित एक साइट के मुताबिक पेल्विक पेन, गर्भधारण में समस्या और माहवारी के दौरान दर्द का संबंध यौन गतिविधियों से होता है। शोध में पाया गया है कि एन्डोमीट्रीओसिस के विकास और सेमिनल फ्लूड के संपर्क में आने से 10 प्रतिशत तक महिलाएं रिप्रोड्यूक्टिव समय में प्रभावित होती हैं। चलिये इस शोध के विशेष पहलुओं पर एक सरसरी नज़र डालें -


क्या कहता है शोध
ऑस्ट्रेलिया स्थित एक यूनिवर्सिटी में हुए इस शोध के प्रमुख लेखक जोनाथन का कहना है कि प्रयोगशाला में शोध के दौरान पाया गया कि सेमिनल फ्लूड सर्वाइवल और एन्डोमीट्रीओसिस के नुकसान को बढ़ा देता है। दरअसल एन्डोमेट्रीओसिस एक ऐसा ट्यूमर होता है जो केवल महिलाओं को ही होता है। यह ट्यूमर ज्यादातर यूट्रेस में ही होता है और यह बेहद दर्द भरा होता है। महिलाओं को पीरियड शुरू होने से 5 से 7 दिन पहले लोअर एब्डोमिन (पेट का बिल्कुल निचला हिस्सा) में बहुत दर्द होता है। ये दर्द पीरियड में भी 2 से 3 दिन तक रहता है।


एन्डोमेट्रीओसिस में टिश्यू महिला के यूट्रेस के भीतर और बाहर सामान्य तौर पर बढ़ते हैं। इस समस्या के कारण महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत होती है।
शोध में पाया गया कि मुम्किन है कि ऐडोमेट्रिम और सेमिनल फ्लूड महिलाओं में ऐसी बीमारियां बढ़ाने में सहायक हो। हालांकि ‌शोधकर्ता के अनुसार इस विषय पर अभी और शोध होने की जरूरत है और एन्डोमेट्रीओसिस और सेक्शूअल एक्टिविटी के बीच संबंध के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने की आवश्यकता है।

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