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पहचानें तनाव के लक्षण


पहचानें तनाव के लक्षण

शहरी जीवनशैली है ही कुछ ऐसी की तनाव आ ही जाता है. पर ऐसा नहीं है कि तनावमुक्त रहना बहुत मुश्क़िल है. पर ज़्यादातर लोग तनावमुक्त इसलिए नहीं हो पाते कि उन्हें पता ही नहीं होता कि वे तनावग्रस्त हैं. इन सामान्य से लक्षणों पर ग़ौर करें और जानें कि कहीं आप तनावग्रस्त तो नहीं. यदि आपका जवाब ‘हां’ में आता हैं तो जुट जाएं तनाव भगाने में. 


लक्षण: पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो गई हैं 
मस्तिष्क और पाचनतंत्र वेगस नर्व्स द्वारा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. अत: जब हम स्ट्रेस्ड होते हैं तब उसका असर पाचनतंत्र पर दिखने लगता है. तनाव के चलते भोजन को पचाने में सहायक गुड बैक्टीरिया की संख्या में कमी आती है. पेट में दर्द और अपच जैसी समस्याएं हमें परेशान करने लगती हैं. 
ऐसे में आप क्या करें?: पाचन की समस्या से निजात पाने के लिए आप बाज़ार में उपलब्ध गुड बैक्टीरिया के सप्लिमेंट्स ले सकते हैं. 

लक्षण: आप बार-बार सर्दी-खांसी से परेशान होते रहते हैं 
कॉर्टिसोल आपके इम्यून सेल्स को क्षतिग्रस्त कर देता है. इसके चलते जर्म और वायरस से लड़ने की शरीर की क्षमता में काफ़ी हद तक कमी आ जाती है. यही कारण है कि तनावग्रस्त होने पर लोगों को सर्दी-खांसी व दूसरी छोटी-मोटी बीमारियां परेशान करती रहती हैं. यदि स्ट्रेस का लेवल बढ़ता ही गया तो इम्यून सिस्टम कन्फ़्यूश हो जाता है और शरीर के अच्छे और स्वस्थ सेल्स पर अटैक करता है.
ऐसे में आप क्या करें?: अपने इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए बिना देर ‌किए अपनी जीवनशैली पर ध्यान दें. उसे बेहतर बनाने की कोशिश करें. स्मोकिंग, ड्रिंकिंग तो तुरंत छोड़ दें. रोज़ाना के खानपान में फल, सब्ज़ियां और साबुत अनाज से बनी चीज़ें शामिल करें. बेहतर तो यही होगा कि नि‌यमित रूप से हेल्थ चेकअप्स कराते रहें. 


लक्षण: आप कुछ ज़्यादा ही चिंतित रहने लगे हैं और डिप्रेस्ड भी महसूस करते हैं 
इन दोनों समस्याओं का सीधा संबंध हाई लेवल स्ट्रेस से है. जब हम स्ट्रेस्ड होते हैं तो अक्सर तरह-तरह की चिंताओं से घिर जाते हैं. पैनिक अटैक और घबराहट भी महसूस करते हैं. यदि तनाव लंबे समय तक बना रहा तो धीरे-धीरे उसका असर हमारी याद्दा.श्त पर भी पड़ता है. ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है. वक़्त रहते तनाव को कम करने के लिए कुछ नहीं किया गया तो अवसाद यानी डिप्रेशन में जाने की संभावना बढ़ जाती है. 
ऐसे में आप क्या करें?: समय निकालकर व्यायाम करें. इससे एन्डॉर्फ़िन हारमोन का स्राव होता है. एन्डॉर्फ़िन को नैचुरल पेनकिलर कहा जाता है. इससे आपका मूड भी ठीक होता है. योग और मेडिटेशन से भी मदद मिल सकती है. कई अध्ययनों में पाया गया है कि प्राणायाम भी स्ट्रेस को कम करने में बेहद प्रभावी है. 


लक्षण: सेक्स की आपकी इच्छा कम से कमतर होती जा रही है
जब शरीर में स्ट्रेस हारमोन कार्टिसोल का उत्पादन बढ़ जाता है, तब सेक्स हारमोन्स का स्राव उसी अनुपात में घट जाता है. यही कारण है कि जब हम तनावग्रस्त होते हैं, तब सेक्स की इच्छा कम से कमतर होती जाती है. 
ऐसे में आप क्या करें?: सेक्स की इच्छा को बढ़ाने के लिए सेहतमंद चीज़ें खाएं, नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें और नींदभर सोएं. और हां, अपने साथी से इस मुद्‍दे पर खुलकर बातचीत करने से भी मदद मिल सकती है. 







लक्षण: आपको आजकल ठीक से नींद नहीं आ रही है 
तनाव के चलते हम दिनभर थका-थका सा महसूस करते हैं. ऐसा लगता है कि शरीर को आराम की ज़रूरत है. पर जब बिस्तर पर जाते हैं तो नींद आंखों से ग़ायब हो जाती है. लंबे समय से तनावग्रस्त रहने पर नींद न आना यानी इन्सोम्निया एक आम समस्या बन जाती है. इन्सोम्निया आपके तनाव को बढ़ाने का ही काम करेगा. 
ऐसे में आप क्या करें?: भले ही नहीं न आ रही हो अपने नियमित समय पर बिस्तर पर लेट जाएं. बेडरूम की को नीले रंग से पेंट कराएं. रात को सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाएं. कैफ़ीन की मात्रा कम कर दें. रात को भारी भोजन न करें. 


लक्षण: आपकी त्वचा रूखी-सूखी और पपड़ीदार हो गई है 
आमतौर पर जब हम तनावग्रस्त होते हैं, तब हमारी त्वचा की नमी कम हो जाती है. त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं. इसका कारण यह है कि तनाव का हारमोन कॉर्टिसोल स्किन सेल्स में इन्फ़्लेमेट्री कंपाउंड्स रिलीज़ करता है, जिससे सोरायसिस (पपड़ीदार त्वचा), एक्ज़िमा (खुजली), एलोपीशिया, रोजेसी (त्वचा लाल हो जाना) और ऐक्ने जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं. 
ऐसे में आप क्या करें?: रात को भरपूर नींद लेने से कॉर्टिसोल का स्तर काफ़ी हद तक कम हो जाता है. अत: अचानक ही त्वचा संबंधी समस्याएं शुरू हो गई हों तो पहले भरपूर नींद लेने की कोशिश करें. खाने में शक्कर की मात्रा को कम कर दें, इससे स्किन सेल्स का इन्फ़्लेमेशन कम होगा. ऐक्ने को हटाने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा एक्सफ़ॉलिएट न करें. त्वचा के रूखेपन को कम करने तथा खुजली से निजात पाने के लिए किसी डर्मैटोलॉजिस्ट की सलाह पर सौम्य मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें.

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