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सुरक्षित सेक्स करने के तरीके –




आज भी जब सेक्स की बात आती है तो लोग सेक्स और योन संबंधो के बारें में बात नहीं करते जिससे सेक्स से होने वाली बीमारियों और गर्भनिरोधक के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती इसलिए सुरक्षित सेक्स करने के तरीके के जानकारी होना जरुरी हो गया है अगर बात की जाये तो कामसूत्र की या आज के वन नाईट स्टैंड की सेक्स करने के तरीको में तब से आज तक बहुत से बदलाव हुए है जिससे सुरक्षित सेक्स करने के तरीके, सेक्स कैसे किया जाता है और सेक्स करते समय क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिय, किन बातो का ध्यान रखके सुरक्षित सेक्स किया जा सकता है को जानना बहुत ही जरुरी हो जाता है

आजकल हम जिस युग में जी रहें हैं उसमें काफी खुलापन आ गया है एक आदमी के कई लोगों से सेक्सुअल संबंध होते हैं जो आम बात हो गई है, लेकिन यह भी यौन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। यह नैतिकता और स्वास्थ्य दोनों हो दृष्टि से गलत है। इसी का परिणाम है कि समाज में रति रोग जैसे की सिफलिस, हर्पिस, गोनोरिया, एचआईवी जैसे संक्रमण बढ़ गए हैं। कई लोगों को तो इस बात की भी परवाह नहीं होती कि इसका उन पर कैसा असर होगा। इसलिए सुरक्षित सेक्स करने के तरीके जानना और जरुरी हो जाता है


एक ओर आज के नए जमाने में जहां आप सेक्स के मामले में बहुत ही आजाद हैं और बिना किसी दबाव के आप अपने साथी का चुनाव करके उसके साथ सेक्स कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर अस्वस्थ यौन आदतों के कारण सेक्स से होने वाले खतरे भी काफी बढ़ गए हैं। इन खतरों से बचने का आपके पास सबसे बड़ा और शक्तिशाली हथियार, सेक्स के बारे में सही जानकारी और सुरक्षित सेक्स करने के तरीके का ज्ञान होना है। अगर आपको सेक्स करने के बारे में, खासकर सुरक्षित सेक्स करने के तरीके के बारे में उचित ज्ञान होगा तो आप सेक्स का आनंद भी ले सकते हैं और साथ ही साथ यौन रोगों से बचे भी रह सकते हैं।


यदि आप चुंबन और सहलाने से ज़्यादा करना चाहते हैं तो यह महत्त्वपूर्ण है कि आपका सेक्स सुरक्षित हो, यौन संचारित बीमारियों से बचने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप गर्भवती ना हो, हमेशा सुरक्षित सेक्स ही करें|
सुरक्षित सेक्स करने के लिए सेक्स के बारे में अपने पार्टनर से बात करें – Talk to your partner about sex in hindi

अपने साथी के साथ इस बारे में बात करना सबसे ज़्यादा अजीब और नीरस होता है। लेकिन! जो जोड़े इस बारे में बात कर पाते हैं वो एक दूसरे पर और भरोसा करने लगते हैं और उनका सेक्स जीवन भी बेहतर हो जाता है- एक रिश्ते को लम्बे समय तक चलाने के लिए दो सबसे ज़रूरी बातें ये है
1. सुरक्षित सेक्स किया जाता है कंडोम के उपयोग से – Safe sex is done using condom in hindi


असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण हुए संक्रमण से यौनसंचारित रोगों का खतरा बना रहता है। जिससे बचने के लिए आपको कंडोम का इस्तेमाल कराना होगा। असुरक्षित यौन संबध का अर्थ, कंडोम के बिना किया जाने वाला सेक्स है जाने कंडोम के फायदे 
वीर्य को वेजाइना में जाने से रोकता है
वेजाइना से निकलने वाले द्रव या रक्त के आदान प्रदान को रोकना
एसटीआई या सेक्स करने से संचारित संक्रमण के प्रति सुरक्षा प्रदान करना।
यह ध्यान रखें, कि कोई भी तरीका आपकों यौन संचारित रोगों से 100% सुरक्षा नहीं दे सकता। लेकिन यह आपको अनचाहे गर्भ से जरुर शुरक्षा देगा।

छूने या किस (Kiss) करने से प्रेगनेंसी नहीं होती। जब तक पुरुष का वीर्य स्त्री के अंदर नहीं जाता तब तक गर्भावस्था नहीं हो सकती है। इसलिए सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें।
हमेशा कंडोम का प्रयोग करना सही है। यह अनचाहे गर्भ से तो बचाता ही है साथ ही यौन संचारित रोगों से भी सुरक्षित रखता है, पर ध्यान देने वाली बात यह है की आप सेक्स के दौरान पूरे समय इसे पहने रखे ताकि यौनजनित रोगों से बचाव बना रहे।
कंडोम, लुब्रिकेटेड हों तो इसके फटने का खतरा कम हो जाता है। अगर कंडोम सेक्स के समय फट जाए तो प्रेगनेंसी हो सकती है। येसे में तुरंत ही इमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव पिल जैसे की आई-पिल लें लें। पिल लेने में देरी न करें। जितना देर से लेंगी उतना ही गर्भ ठहरने का रिस्क अधिक रहेगा।
पुराना, फटा हुआ, एक्सपायर्ड (expired) या दो कंडोम एक साथ कभी प्रयोग न करें। कंडोम का पैकेट काटने के लिए कैंची या दांतों का इस्तेमाल भी न करें।
एक बार प्रयोग किया हुआ कंडोम दोबारा इस्तेमाल न करें। हमेशा नया कंडोम ही इस्तेमाल करें।
महिला कंडोम और पुरुष कंडोम एक साथ इस्तेमाल न करें। 
कंडोम तभी असरदार होते हैं जब उन्हें सेक्स के शुरू से अंत तक इस्तेमाल किया जाता है।
2. सुरक्षित सेक्स करने के तरीके – Safe sex karne ke tareeke in hindi

छूने से या किस करने से प्रेगनेंसी नहीं हो सकती। जब तक पुरुष का स्खलन स्त्री के योनि के अंदर नहीं होता तब तक गर्भावस्था नहीं हो सकती है। इसलिए सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करें।
हमेशा कंडोम का प्रयोग करें। यह अनचाहे गर्भ और यौन संचारित रोगों sexually transmitted diseases (STD)से बचाता है, यदि पूरे सेक्स के दौरान इसे पहने रखा जाए तो यौनजनित रोग होने से बचाव हो सकता है।
सेक्सुअल सम्बन्ध बनाते समय केवल वाटर बेस्ड या सिलिकॉन बेस्ड लुब्रिकेंट लगायें। वेसलीन,तेल या जेली का प्रयोग न करें।
गर्भनिरोधक गोलियों, हार्मोनल इंजेक्शन, पैच, कॉपर टी आदि से प्रेगनेंसी से बचा सकते हैं लेकिन इन उपायों से यौन संचारित रोगों से बचाव नहीं होगा।
ओरल सेक्स के द्वारा भी एसटीडी हो सकती है इसलिए सावधान रहें। ऐसा करना हो तो भी प्रोटेक्शन के साथ करें। हर्पिज़ herpes जैसे संक्रमण ओरल सेक्स के द्वारा भी हो जाते हैं।
बार-बार इमरजेंसी कॉण्ट्रासेप्टिव पिल का सेवन न करें।
ओरल सेक्स से पहले गुप्तांगों को अच्छे से साबुन से साफ़ करें।
सेक्स के बाद पानी से प्राइवेट पार्ट्स धो लें।
गुदा (Anus) को छूकर कभी योनि न छुएं और गन्दी उँगलियाँ कभी भी योनि में न डालें।
सेक्स के दौरान प्राइवेट पार्ट्स पर किसी भी प्रकार असामान्य लक्षण हो तो सेक्स न करें।
योनि से बदबू आती हो तो सेक्स न करें।
गुप्तांगों पर छाले, फोड़े, मस्से, घाव, स्राव आदि हो तो सेक्स न करें। यह सब किसी प्रकार के एसटीआई के लक्षण हो सकते हैं। सेक्स के दौरान यह संक्रमण इन्फेक्टेड पार्टनर से आप तक पहुँच सकते हैं। यौन संक्रमणों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें और उनके लक्षणों को समझें
बहुत सारे लोगों से शारीरिक सम्बन्ध न बनाएं। ऐसा करने से आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड रोगों के होने का खतरा बढ़ जाएगा।
यौन विधियां जो सुरक्षित हैं – Safe sexual activities in Hindi


कुछ ऐसे यौन संपर्क जिनसे यौन संचारित संक्रमणों के होने का जोखिम कम होता है, निम्नलिखित हैं:


चुम्बन या किसिंग (जिसे फ्रेंच किसिंग भी कहा जाता है) यदि आपके मुंह में कोई पीड़ा या अन्य समस्या नहीं है।
आलिंगन (Cuddling)
एक दुसरे के गुप्त अंगो की मालिश करना
हस्तमैथुन करना 
आपसी हस्तमैथुन (Mutual masturbation)
योनी से बाहर त्वचा पर वीर्यपात
गर्भनिरोधक का उपयोग करते हुए संभोग – जैसे कंडोम या महिला कंडोम।
असुरक्षित सेक्स के बाद बरती जाने वाली सावधानियां – Things to do if you had unsafe sex in Hindi


यदि आपने जल्दबाजी या किसी और कारण से असुरक्षित यौन संबंध स्थापित कर लिया है, तो नीचे दिए गुए उपायों को जरुर करें ताकि भविष्य में आपको इससे कोई परेशानी ना हो-
योनि या गुदा (Anus) की सफाई अच्छे से करें।
अपनी प्रेगनेंसी की पुष्टि करें। आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली लें। 72 घंटों के भीतर इसका सेवन असुरक्षित सेक्स के बाद प्रेगनेंसी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है, लेकिन यह असुरक्षित सेक्स के 120 घंटे तक या कंडोम के फटने पर ली जा सकती हैं, अगर अन्य प्रकार के गर्भनिरोधकों का उपयोग नहीं किया गया हो तब ।
एड्स से बचने के लिए एचआईवी टेस्ट कराएं।
सेक्स करने के लिए सुरक्षित समय कौन-सा होता है? -What is the safe period to have sex


‘सुरक्षित समय या अवधि’ का मतलब यह होता है किं जब पुरूष और स्त्री सेक्स का आनंद उठाते हैं उस समय महिला के गर्भवती होने की संभावना सबसे कम होती है। वैज्ञानिक रूप से कहे तो यह सुरक्षित अवधि मासिक धर्म (पिरीअड) के पहले से सांतवे दिन तक होता है और 19वें दिन से अगले चक्र के शुरू होने तक रहता है।

सामान्यतः महिलाओं का मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का होता है। 8 से लेकर 19 दिनों के बीच यदि असुरक्षित संभोग हुआ तो गर्भधारण करने की पूरी संभावना होती है क्योंकि उस अवधि में प्रजनन क्षमता बहुत क्रियाशील होती है।

लेकिन ‘सुरक्षित अवधि’ के दौरान भी असुरक्षित संभोग करने से गर्भधारण होने की संभावना बनी रहती है। बहुत सी महिलाओं का अनियमित मासिक धर्म चक्र होता है । महिलाओं के शरीर का मासिक चक्र का समय अलग-अलग होता है। इसलिए ‘सुरक्षित अवधि’ की बात तो सच है मगर इसके बारे में सही ज्ञान शायद ही किसी को है। इसलिए अनचाहे गर्भधारण से बचने के लिए कॉन्डोम (गर्भनिरोधक आवरण) या गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल करना ही सुरक्षित विकल्प होता है। जो सुरक्षित सेक्स करने के तरीके में आप ऊपर जान चुके है

क्या मासिक धर्म के दौरान सेक्स सुरक्षित है- Is sex safe during menstruation


सुरक्षित सेक्स करने के तरीके में मासिक धर्म की जानकारी भी है जरुरी, महिलाओं में मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रकिया है, इसलिए आपको अपने मासिक धर्म के समय को सहजता से लेना चाहिए। लेकिन ज्यारदातर महिलाओं को ये पता नहीं होता की मासिक धर्म में क्या करें और क्या ना करें। खासकर बात जब बात मासिक धर्म के दौरान सेक्स की हो।
सुरक्षित सेक्स करने के तरीके मासिक धर्म के दौरान
अगर आप मासिक धर्म के दौरान सेक्स करना चाहती है तो कर सकती है। इस दौरान अगर दोनों पार्टनर की रजामंदी हो तो सेक्स करने में वैज्ञानिक रूप से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं है।
कुछ लोग मासिक धर्म के दौरान ही सेक्स करना ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि उस दौरान महिला जनन अंग में गीलापन पहले से ही बना रहता है जिससे सेक्स करने में आसानी होती है।
मासिक धर्म के दौरान सेक्स करने से गर्भ ठहरने की आशंका न के बराबर रह जाती है।
एक अहम बात यह भी है कि मासिक धर्म में सहवास के दौरान अगर किसी महिला को चरमसुख मिल जाता है तो मासिक धर्म के दौरान उसे होने वाले कमर और पेड़ू के दर्द में काफी आराम मिलता है।
मासिक धर्म के दौरान कब सेक्स नहीं करना चहिये –
यदि मासिक धर्म के दौरान यदि महिला को किसी तरह के इन्फेक्शन की आशंका है तो ऐसे में सेक्स कदापि नहीं करना चाहिए।
मासिक धर्म के समय सेक्स करने के लिए यौनांगों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। सेक्स के बाद शिश्न तथा योनि को ठीक तरह से पानी से धोना चाहिए। माइल्ड डिसइंफेक्टेड मेडिसिन मिलाकर भी सप्ताह में दो बार यौनांगों की सफाई करनी चाहिए।
अगर आपके पार्टनर को मासिक धर्म के दौरान पेट या योनि में दर्द हो रहा हो और यदि आपके पार्टनर को कोई आपत्ति हो तो मासिक धर्म के दौरान सेक्स नहीं करना चाहिए|
सुरक्षित सेक्स करने के तरीके से जुड़े मिथक – Safe sex myths in Hindi

सुरक्षित सेक्स और सुरक्षित सेक्स करने के तरीके के बारे में समाज में कई मिथक प्रचलित हैं, जिनकी सही जानकारी न होना आपके लिए योन सम्बन्ध बनाते समय बाधा उत्पन्न कर सकता है। जो इस प्रकार हैं:
सेक्स के लिए भविष्य की योजना बनाने से मूड खराब होता है।
किसी को सिर्फ देखकर मान लेना कि उसे यौन संचारित रोग है या नहीं है।
सुरक्षित यौन व्यवहार का अर्थ है कि दोनों साथियों में से एक एसटीआई से पीड़ित है।
समलैंगिकों को एसटीआई नहीं होते।
गर्भनिरोधक गोली खाने का मतलब है कि महिला सुरक्षित सेक्स की कोशिश कर रही है।
कंडोम सेक्स की प्राकृतिक भावना को कम करते हैं।
यह सोच कि ‘बस एक बार’ करने से कुछ नहीं होता।
कंडोम ख़रीदना शर्मनाक है।

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