अनुलोम विलोम प्राणयाम के फायदे:
अनुलोम विलोम प्राणायाम से तुरंत शान्ति और ख़ुशी का अनुभव होता है।
योग विज्ञान के अनुसार इस प्राणायाम से शरीर के 72000 नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है।
यह श्वशनतंत्र को मजबूत करता है तथा खून को भी साफ़ करता है।
यह प्राणायाम करने से खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है जिससे दिमाग, फेफड़ों, लीवर में ज्यादा मात्र में ऑक्सीजन पहुंचता है।
इस प्राणायाम को करने से तनाव दूर होता है।
बेचैनी, घबराहट और सिरदर्द की समस्या इस प्राणायाम को नियमित रूप से करने से दूर होती है।

किसे नहीं करना चाहिए प्राणायाम: अनुलोम विलोम प्राणायाम के साथ-साथ किसी भी तरह का प्राणायाम सावधानी के साथ करना चाहिए। बेहतर हो की ये किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक के नेतृत्व में किया जाये। अनुलोम विलोम प्राणायाम या अन्य प्राणायाम करते समय निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए।
गर्भवती महिलाओं तथा मासिक धर्म से गुजर रही महिलाओं को प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
व्यक्ति जिसे किसी भी प्रकार का हृदयरोग हो या फिर हाल ही में उसे दिल का दौरा पड़ा हो उसे प्राणायाम नहीं करना चाहिए। लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों को हमेशा किसी योग प्रशिक्षक के नेतृत्व में ही करना चाहिए। प्राणायाम करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना भी बेहद जरुरी है।
अगर निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, या बुखार हो तो प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
अगर व्यक्ति रेडिएशन थेरेपी या कीमोथेरेपी का उपचार करवा रहा हो तो उसे प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
मनोवैज्ञानिक समस्या से जूझ रहे लोगों को भी प्राणायाम नहीं करना चाहिए।