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ज्यादा मीठा पीना महिलाओं के लिए है नुकसानदायकज्यादा

ज्यादा मीठा पीना महिलाओं के लिए है नुकसानदायकज्यादा



गर्मियां शुरू होते ही शीतल पेय की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है. आजकल के युवा वर्ग का यह एक पसंदीदा पेय बन गया है. लेकिन शक्करयुक्त शीतल पेय के सेवन से मोटापा बढ़ता है और ज्यादा सेवन से डायबिटीज का खतरा भी. एक अध्ययन में ये बात सामने आई है कि शक्करयुक्त शीतल पेय लड़कियों के लिए ज्यादा घातक हो सकता है.

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हार्वर्ड मेडिकल स्कूल बोस्टॉन (यूएसए) के एक अध्ययन के अनुसार जो लड़कियां शुगर शीतल पेय का ज्यादा सेवन करती हैं, वे जल्दी मासिक रजोधर्म का शिकार हो जाती हैं. ऐसी लड़कियों के लिए ब्रेस्ट कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है.


हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर कॉरिन मिकेल्स के अनुसार सामान्य से एक साल पहले मासिक रजोधर्म ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 5 प्रतिशत बढ़ा देता है.

पैरों से आने वाली बदबू का इलाजपैरों से आने वाली बदबू का इलाज


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हम अक्सर अपने चेहरे की साफ़ साफाई पर बड़ा ध्यान दे देते है. उसे चमकाने के लिए महंगे महंगे उत्पाद भी खरीद लेते है. लेकिन जब बारी हमारे पाँव की साफ़ सफाई और देख भाल की आती है तो इसे अनदेखा कर देते है.


इस लापरवाही का नतीजा यह होता है कि पैरो से खतरनाक बदबू आने लगती है. इस बदबू की वजह से ना सिर्फ आप परेशान होते है बल्कि आप जहाँ जाते है वहां का पूरा माहौल बदबू से भर जाता है. इस समस्यां से निपटने के लिए यह करे.

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पैरों की दुर्गंध करें दूर: ग्रीन टी की महक स्ट्रॉन्ग और पावरफुल होती है. यूज़ की हुई चाय पत्ती को पानी में डाल दें और उसमें पैरों को 20 मिनट के लिए डालकर रखें. इससे चाय आपके पैरों के पसीने को सोख लेती है और पैरों की स्मेल को खत्म करती है.

: हैंडी हेल्थ टिप्सहैंडी हेल्थ टिप्स




आज हम आपको कुछ ऐसी आसान हेल्थ टिप्स बता रहे है जो आपके और आपके परिवार के लोगो के काम आएगी. इसलिए इसे कही सेव कर के रख ले.

- पसीने में पानी पीना, छाया में बैठकर अधिक हवा खाना, छाती व सिर में दर्द पैदा करते हैं.

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- भोजन के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी पीना, भोजन के बाद ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए.


- दिनभर बैठक का काम करने वाले व्यक्ति को प्रातः घूमना चाहिए.


- जूठा पानी पीने से टीबी, खांसी व दमा आदि बीमारियां पैदा होती हैं.


- पेट में पानी हो तो दो गोले नारियल का पानी नित्य सेवन करें.


- महिलाओं को विशेषकर अंगूर सेवन ज्यादा करना चाहिए.


- दही में बेसन मिलाकर उबटन की तरह मलें, शरीर की बदबू रफूचक्कर हो जाएगी.



गर्मी में बच्चों की देख रेखगर्मी में बच्चों की देख रेख




गर्मी के मौसम में बच्चों का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए. यदि थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाए तो उन्हें लू, दस्त, उलटी और पानी की कमी जैसे परेशानियां जकड़ सकती है. इसलिए यह आपका फर्ज बनता है कि आप गर्मी में बच्चों की सेहत का ख्याल रखते हुए नीचे दी गई टिप्स आजमाए.

1. गर्मी में बच्चों को पानी की कमी बिलकुल ना होने दे. वो पानी पीना भूल जाए तो आप उन्हें पानी पीने की याद दिलाये.


2. गर्मी में बच्चों को बहार का खान ना खाने दे. घर का बना खाना ही दे.

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3. जब बच्चे घर से बाहर जाए तो उन्हें ढक कर ले जाए.


4. यदि पॉसिबल हो तो बाइक से जाने की बजाये कार या बस से सफर करे.


5. ठंडक के तौर पर ज्यूस, केरी का झोल जैसी चीजे पिलाते रहे.



: इस जानवरों के सम्भोग के दौरान होता है खून खराबाइस जानवरों के सम्भोग के दौरान होता है खून खराबा





इंसान हो या जानवर, हर किसी को अपनी पीढ़ी या प्रजाति आगे बढ़ाने के लिए साथी के साथ रिश्ता बनाने की जरूरत पड़ती ही है. लेकिन कुछ जानवरों की संभोग की प्रक्रिया ऐसी होती है कि सुन कर आप सिहर जाएंगे। दोनों में किसी एक की जान तक चली जाती है.


1. सील: सील वैसे तो बहुत प्यारे दिखते हैं लेकिन इनके संभोग का तरीका उतना ही कंपा देने वाला है. नर सील संभोग करते वक्त मादा की खोपड़ी तक को अपने दांतों और जबड़ों में फंसा कर चूर चूर कर देते हैं. उनके लिए अच्छा रहता है कि जितना जल्दी बड़ी हो जाएं उतना मौत का खतरा कम हो जाता है.


2. मधुमक्खी: मधुमक्खियों में रानी मधुमक्खी संभोग करने से पहले अपनी सारी साथी मादा मधुमक्खियों को मार डालती है ताकि उसकी जगह कोई न ले सके. इसके बाद वह कई हजार नर मधुमक्खियों में से अपनी पसंद के मधुमक्खी चुनती है और उन सबके साथ संभोग करती है. इस दौरान उनका लिंग रानी मधुमक्खी के अंदर ही फट जाता है और उसके पास पूरी जिंदगी भर के लिए काफी स्पर्म जमा हो जाता है.


3. ततैया मकड़ि: ततैया मकड़ियों के संभोग में नर के जननांग टूट कर मादा के शरीर के अंदर ही रह जाते हैं. ऐसा इसलिए ताकि नर के जीन बच्चों में आ जाएं. उसके अंग टूटते ही मादा उस पर हमला कर के उसे खा जाती है.


4. खटमल: नर खटमल मादा के शरीर में उन अंगों को ढूंढ कर संभोग करने की बजाए सीधा उसके पेट में छेद कर के अपना स्पर्म छोड़ कर चला जाता है. स्पर्म खुद मादा के शरीर में खून के जरिए ओवरी तक पहुंच जाता है.


5. बीटल: बीटल यानि मोगरी की संभोग प्रक्रिया में भी मादा को बहुत चोट आती है क्योंकि उनका लिंग बहुत नुकीला होता है जो मादा को चुभता है. लेकिन मादाएं फिर भी तैयार हो जाती हैं क्योंकि वे इतने गर्म मौसम में रहते हैं कि उन्हें इस तरह चीज की जरूरत होती है और संभोग के वक्त नर के शरीर से निकलने वाला तर पदार्थ उन्हें राहत पहुंचाता है.

सेक्स में साफ़ सफाई का महत्वसेक्स में साफ़ सफाई का महत्व
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यदि आप खुद को संक्रमण या जीवाणुओं से बचाना चाहते हैं, तो संभोग के पहले और बाद में कुछ स्वच्छता नियमों का पालन जरुर करें. नीचे दिये गए बेहद जरुरी हाइजीन नियम पुरुषों और महिलाओं दोनों पर लागू होते हैं. इससे पहले की आपके मन में प्यार की उमंग जागे, बेहतर होगा कि आप अपने प्राइवेट पार्ट्स को अच्छी प्रकार से साफ-सुथरा कर लें.


1. अगर आपको पता है कि के जनांगो पर घाव या दाने निकले हुए हैं, तो बेहतर होगा कि उस दिन आप संभोग करने से बचें नहीं तो आपको यौन रोग या दाद आदि जैसी बीमारियां होने की गुंजाइश हो सकती है.


2. अपने दांतों को अच्छी तरह से ब्रश करना चाहिये, जिससे आपका पार्टनर आपकी सांसों की बदबू से हताश ना हो.


3. संभोग करते वक्त कभी भी पेशाब को रोक कर न रखें. अगर आपने ऐसा किया तो बैक्टीरिया का निर्माण होगा जिससे संक्रमण फैलने की गुंजाइश हो सकती है.


4. पुरुष और महिला दोनों को ही ये हिदायत दी जाती है कि वे अपने जनांगो के क्षेत्रों की शेविंग कर लें , जिससे पसीना पैदा होने पर संक्रमण या अन्य बीमारियां पैदा न हों.


6. आप दोनों को अच्छी प्रकार से शॉवर लेना चाहिये. यह एक अच्छी हाइजीन की आदत है.


7. पुरुषों को एक बार अपने प्राइवेट पार्ट्स को भली प्रकार से जांच लेना चाहिये कि कहीं उनमें घाव या छाले तो नहीं हो गए हैं. इस‍ी तरह से महिलाओं को भी देखना चाहिये.


8. संभोग करने के बाद महिलाओं को एक बार टॉयलेट जरुर जाना चाहिये नहीं तो उन्हें मूत्र संक्रमण हो सकता है.


9. बेसिक हाइजीन रूल कहता है कि इंटरकोर्स करने से पहले अपने प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा धो लें. ऐसा करने आप किसी भी बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया या फंगस को बढ़ने से रोक देते हैं.


10. संभोग करने के बाद हर किसी को दुबारा नहाना चाहिये, जिससे आप अपने शरीर पर लगी हुई गंदगी को साफ कर सकें और इन्फेक्शन से बच सकें.



: यौन शक्ति बढ़ाना है तो करे योगायौन शक्ति बढ़ाना है तो करे योगा






योगा काफ़ी पुरुषों के लिए लाभदायक हो सकता है. इस साल की सेक्स स्वास्थ कांग्रेस में प्रस्तुत की गयी इस रिसर्च के अनुसार शारीरिक और मानसिक व्यायाम की इस पौराणिक शैली को अपनाने से लिंग उत्तेजना जैसी समस्या का निवारण कर सेक्स को अवश्य बेहतर बनाया जा सकता है.


नियमित रूप से रोज़ योगा करने से सेक्स इच्छा और लिंग उत्तेजन में वृद्धि के साथ सेक्स अधिक देर तक कर पाने में भी मदद मिल सकती है. यह तथ्य 70 माध्यम आयु के भारतीय पुरुषों पर किए अध्ययन के नतीजों पर आधारित है. इतना ही नहीं, योगा आपके मूड को बेहतर बनाने का काम भी करता है और मानसिक तनाव को घटाता है. इस बात में कोई शक़ नहीं कि योगा शरीर के साथ साथ मानसिक स्वास्थ में भी फ़ायदेमंद है.


तो यदि उन्नत लिंग की समस्या आपको परेशान किए हुए है तो ज़रा योगा के आसन अपना कर देखें. यदि और कुछ नहीं तो कम से कम आपके मनोबल और आत्मविश्वास को इससे अवश्य फ़ायदा मिलेगा और आपका ये आत्म विश्वास आपके सेक्स जीवन को बेहतर बनाने में उपयोगी सिद्ध होगा.



चर्बी घटाना है तो अपनाए यह तेलचर्बी घटाना है तो अपनाए यह तेल




एक वक्त था जब नारियल के तेल को लेकर कई रिसर्च हुईं. ज्यादातर में कहा गया कि इसमें सेचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए इसलिए इसका इस्तेमाल कम से कम किया जाए. मगर हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो सभी रिसर्च हाइड्रोजिनेटेड रिफाइंड तेल को लेकर हुई हैं.


आज एक्सट्रा वर्जिन नारियल तेल न्यूट्रीशन की दुनिया में एक बड़ा हीरो बनकर उभरा है. वर्जिन कोकोनट ऑयल आम नारियल तेल से न केवल अलग है बल्कि काबिलेतारीफ भी है. पुरानी रिसर्च में इसके इस्तेमाल के प्रति क्यूं चेताया गया था इसकी वजह आप जान लें. हमारी बॉडी फैट को उस तरह से इस्तेमाल नहीं करती जिस तरह से प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट को करती है. हमारी बॉडी फैट को पहले फैटी एसिड में बदलती है. इनसे लीपोप्रोटीन्स का निर्माण होता है और तब उनसे एनर्जी मिलती है. इस प्रोसेस में फैट का कुछ हिस्सा बॉडी में जमा भी हो जाता है.


मगर वर्जिन कोकोनट ऑयल में मिडियम चेन फैटी एसिड होता है. ज्यादा विज्ञान में जाए बगैर आप इतना समझ सकते हैं इसका इस्तेमाल बॉडी फैट की तरह नहीं बल्कि प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट की तरह करती है. ये सीधी लीवर में जाता है और तुरंत एनर्जी में बदल जाता है. इसका शरीर में इधर उधर घूमने और जम जाने का चांस नहीं है. इसलिए जो लोग फैट लॉस या लीन मसल्स की राह में हैं वो एक्स्ट्रा वर्जिन या वर्जिन कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल बेधड़क कर सकते हैं. क्योंकि ये वो फैट है जो फैट बर्न करता है.

गर्मी में इन चीजों को ना रखे फ्रिज मेंगर्मी में इन चीजों को ना रखे फ्रिज में




गर्मी का मौसम है और इस मौसम में फ्रिज आमतौर पर पूरा भरा रहता है. हम खाने पीने की हर चीज फ्रेश रखने के लिए फ्रिज में डाल देते हैं, मगर हर चीज को फ्रिज में रखना जरूरी नहीं होता. कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्‍हें फ्रिज में रखने से वो अपना स्‍वाद बदलने लगती हैं.


टमाटर – टमाटर को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इससे टमाटर के पकने की प्रोसेस रुक जाती है और उसका स्‍वाद बदलने लगता है.


आलू – आलू जल्‍दी खराब होने वाली सब्‍जियों में से नहीं है. आलू को फ्रिज में रखने से उसमें मौजूद स्‍टार्च शुगर में बदलना शुरू हो जाती है.


लहसुन – लहसुन को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इसकी तासीर वैसे भी गर्म है. लहसुन को फ्रिज में रखने से वह अपना स्‍वाद खोने लगता है.


ब्रेड – ब्रेड तो पहले ही बासी चीज होती है उसे फ्रिज में रखने से आप उसे और बासी कर देते हैं. ब्रेड को फ्रिज में रखने से उसमें का पानी और कम हो जाता है और वह सूखने लगती है.


अचार, जैम वगैरा – अचार, जैम, टोमेटो सॉस या सोया सॉस को फ्रिज में रखने की कोई जरूरत नहीं है. यह सब कमरे के तापमान पर लंबे समय तक चल सकते हैं. फ्रिज में रखने से इनकी उम्र पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा बल्‍कि इनके स्‍वाद में बदलाव आ जाएगा.

शराब पीना क्यों है घातकशराब पीना क्यों है घातक






शराब पीना कई तरह से स्वास्‍थ्य के लिए हानिकारक होता है. यह पेट और स्तन कैंसर को भी बढ़ावा देता है. यूके की नेशनल हेल्‍थ सर्विस एक सर्वे कहता है कि ‌पुरूषों में दिन में 3 से 4 और महिलाओं में 2 से 3 पैग से ज्यादा नहीं लेना चाह‌िए.


शोधकर्ता डेमी सेले डेविस कहती हैं ज्यादा मात्रा में एल्कोहल का सेवन मुंह, आंत, ब्रेस्ट और जिगर कैंसर को बढ़ाता है. ड्रिंक के विकल्प के रूप में चाय, कॉफी, फलों का रस ले सकते हैं. इससे कैंसर का खतरा कम होगा.


गाजर का जूस विटामिन ए,बी,सी जैसे कई विटामिनों और पोटैशियम, कैल्शियम, जिंक, फॉस्फोरस, खनिज से भरपूर होता है. गाजर हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, इसमें कैंसर विरोधी गुण भी पाए जाते हैं.



यह गोली खा कर आप बन सकते है जूनियर आइंस्टाइनयह गोली खा कर आप बन सकते है जूनियर आइंस्टाइन






एक कंपनी ने ऐसी दवा बनाने का दावा किया है जो किसी भी इंसान का आई क्यू लेवल दोगुना कर देती है. कई जगह इस तरह की खबरें भी चल रही हैं कई बड़े सीईओ और आईटी प्रोफेशनल्स अपनी बुद्धी को तेज करने के लिए इस गोली का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वो पैसा ओर प्रमोशन पा सकें.


इस गोली का नाम सिनाजेन आईक्यू (SynagenIQ) है. वैसे इस तरह की कई दवाएं पहले भी बाजार में आ चुकी हैं और आज भी मिलती हैं जो दिमाग को तेज करने का दवा करती हैं. यह दवा भी उन्हीं में से एक है. कंपनी का कहना है कि उम्र बढ़ने से व्यक्ति की दिमागी चुस्ती, फोकस करने और याद रखने की कैपेसिटी कम होती जाती है. मगर यह गोली बौद्धिक क्षमता में जबरदस्त इजाफा कर सकती है और इसके परीक्षण के नतीजे बहुत पॉजिटिव रहे हैं.


कंपनी ने जो विज्ञापन दिया है उसके मुताबिक, इस एक गोली को हर रोज सुबह लेने से आपके दिमाग की ताकत बढ़ जाएगी. इस कैप्सूल में ऐसे तत्व हैं जो आपके दिमाग को वो खुराक देते हैं जिससे फोकस, याददाश्त और एनर्जी का लेवल बढ़ जाता है. इससे बूते आप बेहतरीन परफॉर्मेंस दे सकते हैं.

 ऐसे बढाए अपनी भूखऐसे बढाए अपनी भूख






बॉडी बिल्‍डिंग में तो खासतौर पर भूख भागी भागी सी रहती है क्‍योंकि इसमें औरों के मुकाबले ज्‍यादा खाना होता है. यही नहीं खाना भी बहुत स्‍वाद वाला नहीं होता. ऐसे में डाइट पूरी करना कई बार काफी मुश्‍किल भरा काम हो जाता है. भूख को बढ़ाने के आपके पास दो रास्‍ते हैं दवाई खाएं या आयुर्वेदिक नुस्‍खा आजमाएं. दवा का ऑप्‍श्‍न तो हमेशा ही खुला है क्‍यों न एक बार आयुर्वेद को भी आजमाएं.


भूख बढ़ाने के लिए: 1 अदरक को भून कर उसके छोटे छोटे टुकड़े कर लें और उसमें नींबू और नमक मिलाकर रोज दोनों टाइम खाने के साथ खाएं.


हाजमा बढ़ाने के लिए: 1 अजवायन को तवे पर भून लें और उसे पीसकर चूर्ण बना लें. इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक जिसे व्रत का नमक भी कहते हैं, मिला कर एक कांच की शीशी में रख लें. खाना खाने के बाद दो तीन चुटकी चूर्ण फांक लिया करें.

पेट साफ करने के लिए: 1 सोंठ, काली मिर्च और पीपल एक एक तोले (12 Gram) की मात्रा में लेकर उसमें एक तोला सेंधा नमक मिला लें. इन चारों को पीसकर चूर्ण बना लें और खाना खाने के बाद दोनों टाइम दो से तीन चुटकी चूर्ण पानी के साथ फांक लें.


ऐसा नहीं है ये नुस्‍खे एक ही दिन में जबरदस्‍त तरीके से काम करना शुरू कर देंगे. थोड़ा वक्‍त लगेगा. कम से कम आप दवा की गोलियां फांकने या सिरप पीने से तो बच ही जाएंगे.
: स्नैक्स खा कर आप दे रहे है बीमारियों को न्यौतास्नैक्स खा कर आप दे रहे है बीमारियों को न्यौता






ऑफिस में या टाइम पास के तौर पर हम वो खाते हैं जो मिल जाता है या जो दोस्त खिला देते हैं. हमारी यही आदत दिल की दुश्मन तो है ही, कैंसर जैसे गंभीर रोग को भी न्यौता देती है. क्योंकि स्नैक्स में जो स्वाद आपको भाता है, वही तो बीमारियां लेकर आता है.

दिल संबंधी बीमारी, लिवर में गड़बड़ी, किडनी में परेशानी और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की मोटे तौर पर दो वजहें सामने आ रही हैं. नंबर एक हमारे काम करने के तौर तरीके और दूसरी बात हमारी खाने पीने की आदतें. ऑफिस मे बैठे-बैठे या सफर के दौरान या टीवी देखते हुए नमकीन, आलू चिप्स,चाय कॉफी, पकौड़े पैक्ड स्नैक्स खाना आम बात है.

यह स्नैक्स हमारी भूख तो शांत करते हैं, लेकिन गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं. ऐसे स्नैक्स टाइप-2 डायबीटीज, बेड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाना, बॉडी को सही मात्रा में इंसुलिन न मिलना, काम के समय नींद आना, आलस, हाई बीपी जैसी प्रॉब्लम को पैदा करते हैं.
 फल सब्जी खाओ, बीमारियों को भगाओफल सब्जी खाओ, बीमारियों को भगाओ






जब भी हम बीमार होते है तो सीधे अस्पताल का रास्ता नापते है. फिर वहां जाकर डॉक्टर्स की फीस, अस्पताल के बिल और महँगी दवाई पर पैसे खर्च करते है. लेकिन यदि आप यही पैसे कुछ दिनों पहले ताजे फलों और हरी भरी सब्जियों को खाने में खर्च करते तो बीमार होने की नौबत नहीं आती.


पपीता, संतरा और विटामिन सी से भरपूर खट्टे फल, लीवर में पाए जाने वाले कार्सिनोजन को खत्म करने और कैंसर की कोशिकाओं को रोकने में मदद करते हैं. गाजर, आम, कद्दू, बीटा नामक कैरोटीन्स कैंसर को खत्म करने वाले कारक के रूप में जाने जाते हैं. यह मूत्राशय, पेट और स्तन कैंसर की रोकथाम में भी असरदार हैं.


टमाटर और तरबूज में लाइकोपीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है. जो कैंसर की रोकथाम में मदद करता है. फलियों में स्टार्च पाया जाता है, जो बड़ी आंत की कोशिकाओं को स्वस्‍थ बनाता है और पेट के कैंसर को दूर करता है. ब्रोकली में सेलेनियम होता है. ये तत्व मेलेनोमा और प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए अच्छा माना जाता है.
 डाइट में जोड़िए फाइबर का महत्वडाइट में जोड़िए फाइबर का महत्व






कई शोध कहते हैं कि फाइबरयुक्त डाइट भी कैंसर को रोकने में मददगार होती है. फाइबर युक्त भोजन पेट, मुंह, पाचन तंत्र और कोलेरेकटल जैसे कैंसर को रोकने में मदद करता है. इसके साथ-साथ, दिल संबंधी बीमारी, डायबीटीज से भी बचा जा सकता है.


अपनी डाइट में आप सूखे मेवे, मटर, ब्राउन राइस, मक्का, दालें, रेशेदार सब्जियां, ओटस मील, हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल कर सकते हैं. धर्मशिला कैंसर अस्‍पताल के हेड ऑफ रेडियोथैरेपी डॉक्‍टर मनीष भूषण पांडे कहते हैं कि अनियमित खानपान कैंसर का एक बड़ा कारण होता है.


मीट का ज्यादा प्रयोग, कैंसर के लिए जिम्मेदार है. वजन का बढ़ना भी स्तन और गर्भाश्य कैंसर के लिए जिम्मेदार है. भोजन में फाइबर की कमी, मुंह और आंत के कैंसर की संभावना को बढ़ाता है. इसलिए आज से ही अपने आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाना शुरू कर दे.
: जानिए बड़े होने पर आपके बच्चे की हाइट कितनी होगी?जानिए बड़े होने पर आपके बच्चे की हाइट कितनी होगी?






एक छोटे से गणित के फार्मूले से आप यह पता लगा सकता है कि किसी बच्चे की हाइट कितनी होगी. इस फार्मूले का इस्तेमाल सन 1970 से किया जा रहा है और हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स में छपा है. हर मामले में तो नहीं मगर हां ज्यादातर में इससे कैलकुलेट की गई हाइट करीब करीब सही निकलती है. इसमें माता-पिता की औसत हाइट के हिसाब से बच्चे की हाइट कैलकुलेट की जाती है.


ऐसे जोड़े बालक की हाइट: माता- पिता की हाइट (इंच में) जोड़ें. उसमें 5 इंच और जोड़ें और फिर 2 से भाग कर दें. अगर सेंटीमीटर में जोड़ रहे हैं तो माता-पिता की हाइट सेंटीमीटर में जोड़ें. उसमें 13 सेंटीमीटर और जोड़ें और 2 से भाग कर दें.


ऐसे जोड़े बालिका की हाइट: माता- पिता की हाइट (इंच में) जोड़ें. उसमें 5 इंच घटाएं और फिर 2 से भाग कर दें. अगर सेंटीमीटर में जोड़ रहे हैं तो माता-पिता की हाइट सेंटीमीटर में जोड़ें. उसमें 13 सेंटीमीटर घटाएं और 2 से भाग कर दें. जिन माता-पिता की हाइट में बहुत अंतर है उनके बच्चों की हाइट का अंदाजा लगाने के लिए और भी एक फॉर्मूला है.
 जीम जाने से पहले पिए यह तरल पदार्थजीम जाने से पहले पिए यह तरल पदार्थ

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यदि आपने अभी अभी जीम ज्वाइन किया है या पहले से वहां हाथ पैर मार रहे है तो आपको एक काम की बार बता दे. जीम में वर्कआउट पे जाने से पहले कई प्रकार के प्रोटीन शक पीने की सलाह दी जाती है. लेकिन आप चाहे तो एक और चीज ट्रॉय कर सकते है.

अगर आप प्री वर्कआउट शेक में नारियल तेल इस्तेमाल करेंगे तो यह परफॉर्मेंस सुधारने में मदद करेगा. नारियल तेल से मिलने वाली सारी कैलोरी उसके फैट से आती है. मगर यकीन मानें बॉडी बिल्डिंग के लिए फैट भी बहुत जरूरी है. क्योंकि फैट विटामिन्स को सोखता है, आपके अंदरूनी अंगों को बचाता है और कई तरह के हार्मोंस पैदा करने के अलावा आपकी बॉडी के तापमान को नॉर्मल बनाए रखता है.


एक चम्मच में करीब 13 ग्राम तेल आता है. एक ग्राम में करीब 9 कैलोरी होती है. इस हिसाब से महज एक चम्मच नारियल तेल से आपको करीब 120 कैलोरी मिल जाएगी. जो लोग गेनिंग कर रहे हैं वो आराम से दो तीन चार चम्मच तक डाल सकते हैं. आपकी डाइट आपके बॉडी वेट पर भी डिपेंड करती है.
 कंडोम पहनने को लेकर रोचक सर्वेकंडोम पहनने को लेकर रोचक सर्वे






यौन संबंध के दौरान कंडोम का प्रयोग अवश्‍य करें. यौन क्रिया के दौरान संक्रमण से बचने के लिये कंडोम का इस्‍तेमाल जरूरी. जी हां ये चंद बातें हैं जो अकसर सलाह के तौर सामने आती रहती हैं मगर ब्रिटेन में एक सर्वे में सामने आया है कि 15 साल से कम उम्र की लड़कियां सेक्‍स के समय कंडोम का इस्‍तेमाल नहीं करती. ये किशोरियां अपने आपको गर्भधारण से बचाने के लिये गर्भनिरोधक गोलियों का इस्‍तेमाल करती हैं. हालही के दिनों में यूके में किशोरियों में गर्भनिरोधक गोलियां ज्यादा पोपुलर हो गई हैं.


एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक लंदन में एनएचएस गर्भनिरोधक क्लीनिक पर आने वाली 15 साल से कम उम्र की किशोरियों में 39 फीसदी कंडोम की जगह गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं. वहीं 40 फीसदी किशोरियों ने कहा है कि गर्भधारण से बचाव के लिए कंडोम का इस्तेमाल सबसे अच्छा तरीका है.

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यौन संचरित संक्रमण से बचाव के लिए सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. गर्भनिरोधक गोलियां ऎसी बिमारियों से नहीं बचाती. यूके के हेल्थ एंड सोशल केयर इंफोरमेशन सेंटर द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक कम उम्र वाले युवाओं द्वारा ये गोलियां काफी संख्या में इस्तेमाल की जा रही हैं.
: ऐसे बिठाए कसरत और डाइट का ताल मेलऐसे बिठाए कसरत और डाइट का ताल मेल






कसरत से ज्‍यादा असर पड़ता है डाइट का. यह बहुत बहुत जरूरी है कि आपको अपनी डाइट के बारे में सब पता हो. क्‍या खा रहे हैं? कितना खा रहे हैं? इसका अंदाजा लगाना बंद करें. चीजों की सही सही पैमाइश करें. एक कटोरी का मतलब आखिर क्‍या होता है, एक चम्‍मच तेल का मतलब आखिर क्‍या होता है. इन्‍हें जानना जरूरी है.


एक बार यह पैमाइश कर लेंगे तो वो हमेशा के लिए आपके काम आएगी. किसी चीज में कितना प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट होता है और उससे कितनी कैलोरी मिलती है आपको पता होना चाहिए. जो वर्कआउट करने का तरीका हमने आपको बताया है उसके लिए ताकत चाहिए.


ताकत के लिए आपको खाना होगा. इंटेंस कसरत आप खाली पेट नहीं कर सकते इसलिए कसरत से आधा घंटा पहले एक दो उबले आलू खा लें. आपके मन में ये सवाल उठेगा कि फैट कम करने में आलू से परहेज करते हैं मगर आलू और आपकी पूरी एनर्जी वर्कआउट में खत्‍म हो जाएगी चिंता न करें. इस वाले शेड्यूल को फॉलो करने में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का रेशो 1:2 रहेगा.

 कैंसर के मरीज के लिए ऐसे पकाए खानाकैंसर के मरीज के लिए ऐसे पकाए खाना




हेल्दी डाइट के साथ-साथ खाना बनाने का तरीका भी सही होना बेहद जरूरी है. खाने को सही प्रकार से पकाना, सही तरीके से तलना, भाप देना जरूरी है, जिससे भोजन में मौजूद कैंसर विरोधी तत्व खत्म न हो और विटामिन और खनिज भी बने रहें.

इसलिए भोजन सही तरीके से पकाएं और पानी का उचित मात्रा में प्रयोग करें. इस खाने में मसाले भी जरूरी है. रोजमर्रा की डाइट में प्रयोग होने वाले लहसुन और प्याज में सल्फर कंपाउंड तत्व पाए जाते हैं, जो बड़ी आंत, स्तन और फेफड़े के कैंसर की रोकथाम में मदद करते हैं.


हल्दी और गर्म मसाला प्राकृतिक औषधि हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को मारकर ट्यूमर बढ़ने से रोकती है. अदरक भी कैंसर की रोकथाम में मदद करती है. इनके प्रयोग से फेफड़े, मुंह, मलाशय, यकृत किडनी, स्किन, ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम हो जाता है.
पेशाब में जलन होने पर यह करेपेशाब में जलन होने पर यह करे

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धूप में व तेज गर्मी में काम करने से व घूमने से उष्ण प्रकृति के पदार्थों के अति सेवन से मूत्राशय पर गर्मी का प्रभाव हो जाता है, जिससे पेशाब में जलन होती है. कभी-कभी जोर लगाने पर पेशाब होती है, पेशाब में भारी जलन होती है, ज्यादा जोर लगाने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब होती है.


एक भाग दूध व एक भाग ठंडा पानी मिलाकर फेंट लें, इसकी मात्रा 300 एमएल होनी चाहिए. एक चम्मच चूर्ण फांककर यह फेंटा हुआ दूध पी लें. यह पहली खुराक हुई। दूसरी खुराक दोपहर में व तीसरी खुराक शाम को लें. दो दिन तक यह प्रयोग करने से पेशाब की जलन दूर होती है व मुँह के छाले व पित्त सुधरता है. शीतकाल में दूध में कुनकुना पानी मिलाएँ.


पेशाब में जलन होना आम समस्या है लेकिन बहुत से लोग इसे नजरअंदाज कर जाते हैं. कभी-कभी यह कुछ समय के लिये ही होती है और कभी यह महीनो तक चलती है. यह बीमारी महिलाओं और पुरुष दोनों को ही होती है. इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं जैसे, मूत्र पथ संक्रमण, किडनी में पथरी या डीहाइड्रेशन आदि.



: पेट दर्द में उपयोगी अदरकपेट दर्द में उपयोगी अदरक






वैसे तो पेट दुखने के अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर पेट दर्द का एक मुख्य कारण अपच, मल सूखना, गैस बनना यानी वात प्रकोप होना और लगातार कब्ज बना रहना भी है. पेट दर्द को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय है, जो दर्द तो दूर करते है, साथ ही साथ पेट की क्रियाओं को भी ठीक करते है. अगर आपका पेट खराब हो गया है और आप दवाई खाने से बचना चाहते हैं तो अदरक का उपयोग कर राहत पा सकते हैं.

उदर मे असुविधा में अदरक का इस्तेमाल काफी कारगर होता है. इसमें एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो पेट दर्द में राहत देता है. एक चम्मच अदरक पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से आराम मिलता है.


अदरक का रस एक चम्मच, नींबू का रस 2 चम्मच लेकर उसमें थोडी सी शक्कर मिलाकर प्रयोग करें. पेट दर्द में लाभ होगा. दिन में 2-3 बार ले सकते हैं. अदरक का रस और अरंडी का तेल प्रत्येक एक-एक चम्म च मिलाकर दिन में 3 बार लेने से पेट दर्द दूर होता है.



: आम आदमी का खाना दाल चावल के लाभआम आदमी का खाना दाल चावल के लाभ





आमतौर पर लोगों के घर में हर रोज दाल-चावल बनता है. कुछ लोगों के घर में ये दोपहर का मुख्य आहार होता है तो कुछ के घर में रात का. पर दाल-चावल एक ऐसी चीज है जिसे हम रोज खा सकते हैं. आइये अब जाने इसे खाने के फायदे.


1. दाल में कई ऐसे अमीनो एसिड्स होते हैं जो चावल में नहीं होते. ऐसे में जब आप दाल और चावल साथ खाते हैं तो आपको ये सारे पोषक तत्व मिल जाते हैं.


2. दाल और चावल दोनों में ही फाइबर की भरपूर मात्रा होती है. ये एक सुपाच्य व्यंजन है. फाइबर की मौजूगी से पाचन क्रिया बेहतर बनती है.


3. मांसाहार करने वालों में प्रोटीन की कमी नहीं होने पाती लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए दाल ही प्रोटीन का प्रमुख माध्यम है. इसमें मौजूद फोलेट दिल को सुरक्षित रखने में भी मददगार होता है.


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4. ऐसा माना जाता है कि चावल खाने से वजन बढ़ जाएगा. पर ऐसा नहीं है. दाल-चावन खाने से काफी देर तक पेट भरे होने का अहसास होता है. जिससे दिनभर कुछ-कुछ खाने की जरूरत नहीं पड़ती और एक्स्ट्रा कैलोरी जमा नहीं होने पाती है.

मसल्स पेन दूर करेगी हींगमसल्स पेन दूर करेगी हींग






यदि आपकी पसलियों में दर्द बन रहता है तो आपको किसी दवाई पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. आपको बस अपने किचन में जाना होगा और वहां से कुछ सामान ढूंढ उसे मिलान होगा. तो आइये जाने कैसे आप घर पर ही अपनी पसलियों के दर्द से छुटकारा पा सकते है.


नारियल तेल गर्म कर लें. हींग के कुछ छोटे टुकड़े इस तेल में डालें और गलने तक तेल गर्म करें. जब ये तेल हल्का गर्म हो तो कानों में ईयरड्रॉप्स के रूप में डालें. पसलियों में दर्द होने पर हींग रामबाण की तरह से काम करता है.


ऎसे में हींग को गरम पानी में घोलकर लेप लगाएं, सूखने पर प्रक्रिया दोहराएं. आराम मिलेगा. यह प्रकियां एक हफ्ते तक रोजाना करे. जल्द आपको फर्क महसूस होगा.

: गर्भावस्था में खाए केलागर्भावस्था में खाए केला





केला पोषक तत्वों का खजाना है, केले में थाईमिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन, फोलिक एसिड, विटामिन A, B, B6, आयरन, कैल्शियम, मैगनिशियम, पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा विटामिन व मिनरल्स की आवश्यकता होती है. इसलिए गर्भवती को यह सलाह दी जाती है कि वह अपने आहार में केला अवश्य शामिल करें. इसका कारण यह है कि बच्चों के विकास के लिए केला बहुत फायदेमंद होता है.


केले में मिनरल और विटामिन पाया जाता है जिसका सेवन करने से बच्चों का विकास अच्छे से होता है. इसलिए बच्चों की डाइट में केले को जरूर शमिल करना चाहिए. मैग्निशियम की वजह से केला जल्दी पच जाता है और मेटोबोलिस्म (उपापचय) को दुरुस्त रखता है, कोलेस्ट्रोल कम करता है.


केला ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है. केले में आसानी से रक्त में मिलने वाला आयरन तत्व होता है, केला खाने से खून में हीमोग्लोबिन बढ़ता है इसलिए एनीमिया (रक्ताल्पता) के रोगियों को भी केला अवश्य खाना चाहिए.

: अनार दाना आज ही खानाअनार दाना आज ही खाना






अनार एक ऎसा फल है जिससे सौ तरह की समस्याओं का समाधान हो सकता है. अनार के दाने या जूस दोनो ही फायदा करते हैं अपने टेस्ट के अनुसार कुछ भी ले सकते हैं. अनार के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ है. ये विटामिन्स का बहुत अच्छा स्त्रोत है, इसमें विटामीन ए, सी और ई के साथ-साथ फोलिक एसिड भी होता है. इसमें एंटी आक्सीडेंट, एंटी वाइरल की विशेषता पाई जाती है.


- चिकित्सा अध्ययनों ने ये साबित हुआ है कि अनार फेफड़ो के कैंसर को बढने से रोकता है.


- अनार का जूस कम ब्लड प्रेशर वाले लोगो के लियें बहुत फायदा करता है.


- दिल की बीमारियों के लिए भी अनार को बहुत पौष्टिक माना जाता है.


- अनार के छिलके को पीसकर, उससे चेहरे पर मसाज करने से डेड स्किन साफ हो जाती है. साथ ही ब्लैकहेड्स की समस्या भी दूर हो जाती है. आप चाहें तो इसे ब्राउन शुगर और हनी के साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं. कैंसर से बचाव करने में भी अनार कारगर होता है.


- जो लोग प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर से परेशान हैं अगर वो अनार का जूस रोज़ पियें तो उनका कैंसर बढने से रुक सकता है.


- अनार खाने से शरीर में खून का प्रवाह ठीक तरह से होता है. इसके साथ-साथ ये हर्ट अटेक और हर्ट स्ट्रोक को भी ठीक कर देता है.

गर्मी में आरहे पसीने को ऐसे दूर करेगर्मी में आरहे पसीने को ऐसे दूर करे
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गर्मी के मौसम में पसीना आना शरीर के लिए अच्छा होता है. पसीना आने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है. लेकिन ज्यादा पसीना आना भी सेहत के लिए ठीक नहीं होता. ऐसे में आप यह उपाय आजमा सकते है.


- पसीने वाली जगहों के लगातार गीला रहने से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिसकी वजह से बदबू आने लगती है. इसलिए साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए.


- कुछ लोग ज्यादा पसीना आने के डर से कम पानी पीते हैं जिसकी वजह से पसीने में ज्यादा बदबू आती है. पसीनेकी बदबू से निजात पाने के लिए अधिक पानी पीना चाहिए.


- रोज दिन में एक बार टमाटर का जूस पीने से ज्यादा पसीने से राहत मिलती है.


- पैरों के तलवों में पसीना आने पर पानी में फिटकरी पाउडर डालकर थोड़ी देर उसमें पैर डालकर बैठने से पसीना कम आता है.


- साबुत मूंग को हल्का भूनकर उसमें एक चम्मच बिना उबला दूध मिलाकर पेस्ट बनाकर फेस पर लगाने से पसीना नहीं आता. मूंग फेस की नमी को सोखती है, जिससे पसीना निकलना बंद हो जाता है.


- गर्मी में बाहर जाने से पहले पसीना आने वाली जगहों पर बर्फ रगड़ने से पसीना कम आता है.


- शरीर के जिस हिस्से पर ज्यादा पसीना आता है उस पर आलू के पीस काटकर मलने से पसीना आना कम हो जाता है.


- चेहरे पर ज्यादा पसीना आने पर खीरे के रस को चेहरे पर लगाने से पसीने से राहत मिलती है.



यह टिप्स आजमाए और लू को दूर भगाएयह टिप्स आजमाए और लू को दूर भगाए
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घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर बाहर निकलें. जैसे आम पना, शिकंजी, खस का शर्बत ज्यादा फायदेमंद है. गर्मी के दिनों में हल्का भोजन करना चाहिए. भोजन में दही को शामिल करना चाहिए.


नहाने से पहले जौ के आटे को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाकर बॉडी पर लगाकर कुछ देर बाद ठंडे पानी से नहाने से लू का असर कम होता है. धूप से आने के बाद थोड़ा सा प्याज का रस शहद में मिलाकर चाटने से लू लगने का खतरा कम होता है.


गर्मी के मौसम में खाने के बाद गुड़ खाने से भी लू लगने का डर कम होता है. टमाटर की चटनी, नारियल और पेठा खाने से भी लू नही लगती. लू से बचने के लिए कच्चे आम का लेप बनाकर पैरों के तलवों पर मालिश करनी चाहिए. लू लगने और ज्यादा गर्मी में शरीर पर घमौरियां हो जाती हैं. बेसन को पानी में घोलकर घमौरियों पर लगाने से फायदा होता है.



: दिल के मरीज है? तो इसे जरूर पड़ेदिल के मरीज है? तो इसे जरूर पड़े






हृदय हमारे शरीर में सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग है. संपूर्ण शरीर मे रक्त परिसंचरण हृदय की मांसपेशी के जरिये ही होता है. कोरोनरी धमनी के माध्यम से दिल की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति होती रहती है और इसी प्रक्रिया से दिल की पेशियां जीवंत रकर कार्यक्षम बनी रहती है. जब इन रक्त वाहिकाओं में खून का थक्का जमने से रक्त परिभ्रमण रूक जाता है तो हार्ट अटैक का दौरा पड जाता है.


हृदय की जिन मांस पेशियों को रक्त की आपूर्ति नहीं होती हैं वे मरने लगती हैं. हार्ट अटैक पडने के बाद के 1-2 घंटे रोगी के जीवन को बचाने की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण होते हैं. बिना देर किये फ़ौरन मरीज को किसी बडे अस्पताल में पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिये. प्राथमिक चिकित्सा के तौर पर रोगी की जिबान के नीचे सोर्बिट्रेट और एस्प्रिन की गोली रखना चाहिये. समय पर ईलाज मिलने से रक्त का थक्का घुल जाता है और प्रभावित मांसपेशी फ़िर से काम करने लगती है.

रोगी को छाती के मध्य भाग में दवाब,बैचेनी,भयंकर दर्द,भारीपन और जकडन मेहसूस होती है. यह हालत कुछ समय रहकर समाप्त हो जाती है लेकिन कुछ समय बाद ये लक्षण फ़िर उपस्थित हो सकते हैं.

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अगर यह स्थिति आधा घंटे तक बनी रहती है और सोर्बिट्रेट गोली के इस्तेमाल से भी राहत नहीं मिलती है तो यह हृदयाघात का पक्का प्रमाण मानना चाहिये. छाती के अलावा शरीर के अन्य भागों में भी बेचैनी मेहसूस होती है. भुजाओं, कंधों, गर्दन, कमर और जबडे में भी दर्द और भारीपन महसूस होता है.



इस उम्र में महिलाओं को पसंद आता है ज्यादा सेक्सइस उम्र में महिलाओं को पसंद आता है ज्यादा सेक्स






इस बात पर कई बार विशेषज्ञों में बहस हुई है कि आखिर महिलाओं को उम्र के कौन से पड़ाव पर सेक्स का भरपूर आनंद आता है. इसी मुद्दे पर हाल ही में लंदन में एक शोध पूरा हुआ, जिसके नतीजे में कहा गया कि युवावस्था के बजाय चालीस वर्ष की उम्र के बाद महिलाएं सेक्स का भरपूर आनंद लेती हैं. या इसे यूं कह लीजिए कि किसी किशोरी की अपेक्षा 40 से 50 साल की उम्र की महिला को सेक्स करने में ज्यादा आनंद मिलता है.


अध्ययन में कहा गया है कि 40 से 50 साल की उम्र में महिलाएं सेक्स के 'चरम आनंद' की अनुभूति कर पाती हैं, जो मनोवैज्ञानिक कारणों से युवावस्था में प्राप्त नहीं हो पाता. इस शोध में बताया गया कि 40 के बाद महिलाएं स्वास्थ्य की दृष्टि से अपनी आदर्श स्थिति में होती हैं और इस दौरान वे सेक्स का मनचाहे अंदाज में मजा लेती हैं.


इसके अलावा इस उम्र में महिलाओं की सेक्स के प्रति रूचि बढ़ जाती है और वे युवावस्था की अपेक्षा इस उम्र में ज्यादा सेक्स करती हैं. इस दौरान वे शर्माती नहीं और अपने पार्टनर के साथ सेक्स में नए आसनों का प्रयोग करती हैं.



: यहाँ टच करने पर लड़के होते है खुशयहाँ टच करने पर लड़के होते है खुश






क्या सेक्स करते वक्त आप अपने पार्टनर के साथ सही से घुलमिल नहीं पाती हैं? क्या आपको यह कन्फ्यूजन बनी रहती है कि आपका पार्टनर संतुष्ट हो पाता है या नहीं? यदि ऐसा है तो कोई बात नहीं, क्योंकि आज हम आपको बताने जा रहे हैं पुरुषों के ऐसे संवेदनशील अंगों के बारे में, जहां पर हल्का-सा स्पर्श भी उन्हें रोमांचित कर देता है.


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गर्दन: गर्दन बेहद ही संवेदनशील अंग है. यहां हल्की-सी छुअन भी उनके शरीर में झनझनाहट पैदा कर सकती है. अगली बार उनकी गर्दन पर गर्म सांसे फेंकते हुए किस करिए, उसके बाद का अहसास आप भूल नहीं पाएंगी.


कान के पीछे: कान के पीछे का हिस्सा भी काफी संवेदनशील होता है. उनके कान के टॉप को अपने दांतों से हल्का-सा काटें और वहां पर जोर-जोर से सांसे लें. सेक्स का मजा दोगुना हो जाएगा.


बट: मर्दों का बट भी काफी सेंसिटिव होता है. जब वे आपके उपर छाए हों, या जब भी मौका मिले, उनके बट को जरूर ध्यान में रखें. वहां पर हल्का-सा मसाज भी पुरुषों को बहुत उत्तेजित करता है.


होंठ: किस करना प्यार में तड़का लगाने का सबसे कारगर तरीका है. आप अपने पार्टनर के होठों को चूसकर, उन्हें चूमकर उन्हें काफी उत्तेजित कर सकते हैं. उसके बाद तो सेक्स के खूबसूरत अहसास के लिए तैयार रहिए.


स्किन: स्किन मर्दों को उत्तेजित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. सेक्स में सबसे ज्यादा यही अंग शामिल रहता है. त्वचा को चूमने, उसे रगड़ने से ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाती है और पुरुषों को उत्तेजित होने में मदद मिलती है. तो अगली बार उन हसीन लम्हों के लिए पूरी तैयारी करके जाइए.



सर्वे: जानिए क्या है पुरुषों के लिंग का औसत साइजसर्वे: जानिए क्या है पुरुषों के लिंग का औसत साइज






लंबे समय से प्राइवेट पार्ट के साइज को लेकर परेशान रहने वाले मर्दों के लिए राहत भरी खबर है. वैज्ञानिकों ने मर्दों के प्राइवेट पार्ट का औसत साइज सामने रखा है. इस बारे में हुए गहन शोध से पता चला है कि उत्तेजित प्राइवेट पार्ट की औसत लंबाई 5.2 इंच (13.12 सेमी) होती है.


वैज्ञानिकों ने शांत प्राइवेट पार्ट की औसतन लंबाई 3.6 इंच (9.16 सेमी) बताई है. इस रिसर्च ने प्राइवेट पार्ट की औसत मोटाई के मामले में भी मर्दों को राहत दी है. नए नतीजों के मुताबिक, आमतौर पर उत्तेजित प्राइवेट पार्ट की मोटाई 4.6 इंच (11.66 सेमी) और शांत प्राइवेट पार्ट की मोटाई 3.7 इंच (9.31 सेमी) होती है.


इस बारे में शोध करने वाले ब्रिटिश वैज्ञानिकों को यह भी पता चला है कि प्राइवेट पार्ट की लंबाई का मर्दों की हाइट से बहुत ज्यादा लेना-देना नहीं है. इस रिसर्च में 17 अध्ययनों और 15,521 मर्दों को शामिल किया गया. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नतीजे से डॉक्टरों को अपने साइज को लेकर परेशान रहने वाले मर्दों को समझाने में काफी मदद मिलेगी.



: वर्जिन लोगो से पूछे जाते है यह सवालवर्जिन लोगो से पूछे जाते है यह सवाल




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हो सकता है आप ऐसे लोगों के बीच रहते हों जहां अब भी सेक्स के बारे में सांय-सांय करके बात की जाती हो या फिर ऐसे लोगों के बीच जिनके लिए सेक्सुअली इंटीमेट होना सामान्य बात है. इस दुनिया में हर तरह के लोग हैं लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं कि सेक्स को लेकर अब पहले से ज्यादा बातें होने लगी हैं.


वर्जिन होना या नहीं होना पूरी तरह पर्सनल च्वॉइस है. न सिर्फ च्वॉइस बल्क‍ि किसी को भी ये हक नहीं है कि वो आपसे इस बारे में सवाल-जवाब करें. दुनिया में हर तरह के लोग हैं और सभी को अपने हिसाब से अपने तरीके से जिंदगी जीने का हक है. लेकिन हमारे आस-पास ही कुछ ऐसे लोग भी रहते हैं जिन्हें अगर आप ये बता दें कि आप वर्जिन हैं तो वो एकदम से चौंक जाते हैं और कुछ ऐसे सवाल करने लगते हैं:


1. क्या तुम सच बोल रही हो? ये सवाल पूछने वाला कोई आपका बहुत करीबी ही होता है और वो ये बात कुछ इस तरीके से पूछता है जैसे आपके कोई गलती कर दी हो.


2. दूसरा सवाल ये होता है कि तुम्हारा पार्टनर तो है न...? तुम तो सिंगल भी नहीं हो फिर भी...


3. जब उन्हें ये पता चल जाता है और वो ये श्योर हो जाते हैं कि आप सिंगल नहीं है तो वो तुरंत असल वजह जानने के फेर में पड़ जाते हैं.


4. फाइनली जब उन्हें कोई सॉलिड रीजन नहीं मिलता है तो उनका अगला सवाल आपकी पसंद पर आकर अटक जाता है. फिर वो पूछते हैं, क्या तुम्हारा कभी मन नहीं करता?


5. इसके बाद शुरू होता है डराने का सिलसिला और वो कहते हैं, लिख लो, तुम्हारा रिश्ता बहुत लंबा नहीं चलने वाला है.


6. कैसा है तुम्हारा पार्टनर? क्या उसने कभी भी तुमसे इसके लिए कंप्लेन नहीं की?


7. क्या तुम शादी का वेट कर रही हो?


8. जिंदगी में हर चीज को एकबार ट्राई जरूर करना चाहिए और अब तुम छोटी बच्ची तो हो नहीं.


9. कहीं तुम्हारे ब्वॉयफ्रेंड में ही तो कोई कमी नहीं....?



सुबह सुबह लड़कों का मन सेक्स करने का क्यों करता हैसुबह सुबह लड़कों का मन सेक्स करने का क्यों करता है


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क्या आपने कभी सोचा है कि सुबह के समय पुरुषों में कामेच्छा अधिक क्यों होती है और रात के समय महिलाएं अधिक सक्रिय क्यों होती हैं? पूरे दिन में अलग-अलग समय पर शरीर में सेक्स हार्मोन का स्तर अलग-अलग होता है, जो सेक्स की इच्छा को प्रभावित करता है.


सुबह 5 बजे यानी सोकर उठने से जरा पहले पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर पूरे दिन की अपेक्षा 25 से 50 प्रतिशत अधिक होता है. इसका कारण है शरीर का पिट्यूटरी ग्लैंड जो पुरुषों में सेक्स हार्मोन तेजी से बनाता है. नींद के बाद


सुबह 6 बजे के करीब पुरुषों के शरीर में पर्याप्त मात्रा में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन होता है इसलिए इस समय उनमें कामेच्छा व फर्टिलिटी अधिक होती है.


सुबह 7 बजे पुरुषों के शरीर में सेक्स हार्मोन अधिक होता है लेकिन महिलाओं के शरीर में सेक्स हार्मोन सबसे कम होते हैं. यही वजह है कि पुरुषों में कामेच्छा तो इस वक्त अधिक होती हैं लेकिन महिलाएं इस मामले में ढीली पड़ जाती हैं.


सुबह 8 बजे शरीर में सेक्स हार्मोन तो अधिक होता है लेकिन दिन की शुरुआत करने के तनाव के कारण शरीर में कोर्टिजोल नामक हार्मोन बनना शुरू हो जाता है जो कामेच्छा घटाता है.


दोपहर 12 बजे पुरुष और महिलाएं, दोनों ही दिन की व्यस्तता में उलझे होते हैं जिससे उनके सेक्स हार्मोन सक्रिय नहीं होते हैं.


: तनाव से राहत पाने का घरेलु नुस्खातनाव से राहत पाने का घरेलु नुस्खा





आज कल की दौड़ भाग की जिंदगी में इंसान को जरा सा भी चेन नहीं है. वह इतना बिजी रहता है कि शान्ति से बैठ कर दो पल आराम भी नहीं कर पाता है. ऐसे में उसे जबरजस्त सर दर्द और तनाव होने लगता है.


यदि आपकी लाइफस्टाइल भी कुछ ऐसी ही है और आपका सर दर्द से फटा जाता है और तनाव भी रहता है तो घबराइए नहीं. आज हम आपको ऐसा उपाय बताएँगे जिस से ना सिर्फ आपका तनाव दूर होगा बल्कि आपकी व्यस्तता से भरी लाइफ भी डिस्टर्ब नहीं होगी.
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स्ट्रेस में चाय दवाई का काम करती है. चाय पीने से जहां आराम मिलता है. वहीं, चाय की सूखी पत्तियों को तकिए के साइड में रखकर सोने से भी सिर दर्द में भी राहत मिलती है. सूखी चाय की पत्ती की महक माइंड को रिलैक्स देती है.

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