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कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द


कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द से राहत दिलाएंगे ये योगासन

योग के नियमित अभ्यास से आपको कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि इस तरह के दर्द को कम करने के लिए कुछ ही योगासन मददगार हो सकते हैं।





कमर के निचले हिस्से में होने वाला दर्द कई कारणों से हो सकता है जैसे मांसपेशियों में खिंचाव, अधिक व्यायाम करने, अधिक वजन उठाने या फिर नर्व पर दबाव पड़ने से। योग उन संरचनात्मक और मांसपेशियों के असंतुलन को दूर करने में मददगार होता है जिनके कारण आपको पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। योग छोटी और टाइट मांसपेशियों को स्ट्रेच करने और पेल्विस व स्पाइन को मजबूत बनाने के लिए भी कारगर है। आप जितनी अच्छी तरह से योग का अभ्यास करते हैं आपको उतना ही अधिक फायदा होगा। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि हर किसी इंसान के लिए सभी प्रकार के योगासन पीठ दर्द को कम नहीं कर सकते हैं। अगर आपको कमर के निचले हिस्से में दर्द हो रहा है तो विशेष तौर पर कुछ योगासन कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में। 

साइड बेंडिन्ग माउन्टेन पोज (ताड़ासन): 
इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को एक साथ मिलाकर खड़े हो जाएं। अपने दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में जोड़ते हुए अपनी हथेलियों को सामने की तरफ रखें। अब अपने हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और हथेलियों को छत की ओर रखें। अब धीरे से शरीर के ऊपरी हिस्से को सीधे हाथ की तरफ झुकाएं। अपने उल्टे पैर पर शरीर का भार रखें। इस पोज में 6-8 सांस लेने तक रहें और फिर साइड बदल लें यानि उल्टे हाथ की तरफ ये आसन करें। यह आसन आपके स्पाइन की मसल्स को स्ट्रेच करने में मदद करता है।

कोबरा पोज (भुजंगासन): 
अपने पेट के बल लेट जाएं और हाथों को कमर के बराबर में रखें। अब सांस लेते हुए अपनी हथेलियों को कंधे के सीध में लाएं। अब अपनी हथेलियों पर शरीर के ऊपरी हिस्से का भार रखकर अपने सिर को ऊपर और छाती को सामने की तरफ उठाएं। ध्यान रखें कि इस दौरान आपकी नाभि जमीन से मिली होनी चाहिए और शॉल्डर ब्लेड्स आपकी पीठ पर एक-दूसरे की ओर होने चाहिए। इस पोज में 30 सेकेंड के लिए रहें और इसे फिर से दोहराएं। इस आसन से आपके कमर के निचले हिस्से की मसल्स मजबूत होती है। [

चाइल्ड्स पोज (बालासन): 
इस आसन को करने के लिए अपने घुटनों पर बैठ जाएं। अब अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और इसके बाद अपने घुटनों के बीच जगह बनाएं। अब आगे की ओर झुकते हुए अपने दोनों हाथों की हथेलियों और सिर को जमाीन से मिलाएं। हथेलियों को सिर के सामने रखें। इस दौरान अपने पैरों को आपस में मिलाकर रखें और अपने कूल्हों को बाहर की ओर रखें। यह आसन आपकी कमर को स्ट्रेच करता है और आपके स्पाइन में ट्रेक्शन (कोमल कर्षण) पैदा करता है।

बर्ड-डोग पोज:
इस आसन को करने के लिए अपने घुटनों और हथेलियों के बल पर लेट जाएं। इसके बाद अपने सीधे हाथ को आगे की तरफ बढ़ाएं और अपने उल्टे पैर को पीछे की ओर सीधा करें। इस दौरान अपनी बेली को स्पाइन की ओर दबाएं। याद रखें की आपको अपना सारा संतुलन उल्टे हाथ और सीधे पैर पर रखना है। गहरी सांस लेते हुए इस पोज में थोड़ी देर रहें और फिर पॉजिशन बदल लें। इस आसन को करने से आपकी स्पाइन में स्थिरता बनती है और यह स्पाइनल मसल्स की अंदरुनी परत को मजबूत करता है।

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