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सिर्फ 1 चम्मच शहद ले, जिससे होगा आपको ये फायदा,


रोज सोने से पहले सिर्फ 1 चम्मच शहद ले, जिससे होगा आपको ये फायदा, जरूर अपनाएँ


शहद या मधु हमेशा से रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ रहा है, साथ ही सदियों से एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में भी उसका इस्तेमाल होता है। दुनिया भर में हमारे पूर्वज शहद के कई लाभों से अच्छी तरह परिचित थे। एक औषधि के रूप में उसका इस्तेमाल सबसे पहले सुमेरी मिट्टी के टेबलेटों में पाया गया है जो करीब 4000 साल पुराने हैं। लगभग 30 फीसदी सुमेरी चिकित्सा में शहद का इस्तेमाल होता था। भारत में शहद सिद्ध और आयुर्वेद चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण अंग है जो चिकित्सा की पारंपरिक पद्धतियां हैं। प्राचीन मिस्र में इसे त्वचा और आंखों की बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता था और जख्मों तथा जलने के दागों पर प्राकृतिक बैंडेज के रूप में लगाया जाता था। आजकल चिकित्सा समुदाय में शहद पर काफी वैज्ञानिक शोध चल रहा है जो हमारे पूर्वजों द्वारा सोचे गए शहद के तमाम प्रयोगों की जांच कर के उन्हें पुष्ट कर रहा है। इनमें से कुछ पर नजर डालते हैं.आज हम आपको सोते वक़्त सिर्फ 1 चम्मच शहद लेने के ऐसे बेहतरीन फायदे बताएँगे जो आज की बढ़ती जीवन शैली की मुख्य समस्याओ में सामिल है। कब्ज, नींद नही आना या अनिद्रा और खर्राटों की आवाज़ आना ये वो समस्या है जिसको प्राकृतिक तरीके से दूर किया जा सकता है वो भी सिर्फ 1 चम्मच शहद से, आइये जानते है इसके बारे में।
सोते वक़्त शहद क्यों ले :

खर्राटों (snoring) की प्रॉब्लम दूर : खर्राटे से कई लोग परेशान होते हैं। हमारी सांस की नली और नाक में किसी भी किस्म की रुकावट के कारण सोते समय खर्राटे पैदा होते हैं। खर्राटों के कारण दूसरों को तकलीफ तो होती ही है, खर्राटे लेने वाले व्यक्ति को भी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। खर्राटे की प्रॉब्लम दूर करने के लिए कई उपाय हैं जो काफी आसान हैं।रोज सोने से पहले एक चम्मच शहद पीने से गले की नसों को आराम मिलता है और खर्राटों (snoring) की प्रॉब्लम दूर होती है।अनिद्रा या नींद नही आने की समस्या : यदि आपको अनिद्रा या नींद नही आने की समस्या है तो आपके लिए शहद बहुत अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि शहद आपके लिए किसी संजीवनी से कम नही होगी। रात को सोते वक़्त सिर्फ 1 चम्मच शहद लेकर सो जाये, यकीन कीजिये नींद ऐसी आएगी की जिस करवट सोये हो उसी करवट सुबह हो जायेगी। यह प्रयोग कम से कम 1 महीने तक करे।कब्ज : जिन व्यक्तियों को अक्सर सुबह पेट साफ नही होने की और कब्ज की समस्या रहती है उनको भी रात को सोते वक़्त 1 चम्मच शहद (जो कार्बनिक शहद हो) लेकर सोये तो कुछ दिनों में ही आपको पेट साफ होने की और कब्ज की समस्या में आराम मिलने लगेगा।बिस्तर में पेशाब करना : कुछ बच्चे रात में सोते समय बिस्तर में ही मूत्र (पेशाब) कर देते हैं। यह एक बीमारी होती है। सोने से पहले रात में शहद का सेवन कराते रहने से बच्चों का निद्रावस्था में मूत्र (पेशाब) निकल जाने का रोग दूर हो जाता है।

पेट दर्द : एक चम्मच शुद्ध शहद शीतल पानी में मिलाकर पीने से पेट के दर्द को आराम मिलता है।सिर का दर्द : सिर पर शुद्ध शहद का लेप करना चाहिए। कुछ ही समय में सिर का दर्द खत्म हो जायेगा। आधा चम्मच शहद और एक चम्मच देशी घी मिलाकर सिर पर लगाना चाहिए। घी तथा शहद के सूखने के बाद दोबारा लेप करना चाहिए।शक्तिवर्द्धक : एक कप दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह के समय पीने से ताकत बढ़ती है।हाईब्लडप्रेशर : दो चम्मच शहद और नींबू का रस एक चम्मच मिलाकर सुबह-शाम दिन में दो से तीन बार सेवन करने से हाई बल्डप्रेशर में लाभ होता है।कान दर्द : कान में शहद डालने से कान की पीव और कान का दर्द नष्ट हो जाता है।Healths Is Wealth  
आधासीसी (माइग्रेन) : इस रोग में सूर्य उगने के साथ दर्द का बढ़ना और ढलने के साथ सिर दर्द का कम होना होता है, तो जिस ओर सिर में दर्द हो रहा हो उसके दूसरी ओर के नाक के नथुने में एक बूंद शहद डालने से सिर के दर्द में आराम मिलता है। रोजाना भोजन के समय दो चम्मच शहद लेते रहने से आधे सिर में दर्द व उससे होने वाली उल्टी आदि बंद हो जाती हैं।शहद के हानिकारक प्रभाव : ज्यादा मात्रा में शहद का सेवन करने से ज्यादा हानि होती है। इससे पेट में आमातिसार रोग पैदा हो जाता है और ज्यादा कष्ट देता है। इसका इलाज ज्यादा कठिन है। फिर भी यदि शहद के सेवन से कोई कठिनाई हो तो 1 ग्राम धनिया का चूर्ण सेवन करके ऊपर से बीस ग्राम अनार का सिरका पी लेना चाहिए।





मोटापा, पेट की तोंद की चर्बी निवारण के बाबा रामदेव के कुदरती पदार्थों के घरेलु उपचार, ये उपाय थायरॉइड के कारण बड़े वजन में भी कारगर है

सामान्य रूप से शरीर में बनने वाली चर्बी से शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है लेकिन जब चर्बी सामान्य से अधिक बनने लगती है तो हमारा शरीर थुलथुल व मोटा हो जाता है। इस तरह अधिक चर्बी जमा होने से शरीर की अंगों की त्वचा लटकने लगती और शरीर बेडौल हो जाता है। इस तरह शरीर में अनावश्यक चर्बी बनने को मोटापा कहते हैं। योग गुरु बाबा रामदेव तेजी से वजन घटाने के लिए कई चीजों की सलाह देते हैं। अपने कई कार्यक्रमों और अपनी वेबसाइट पर स्वामी रामदेव ने मोटापा घटाने के लिए कुछ योगासनों और आयुर्वेदिक दवाओं को लेने की सलाह दी है जिसे हम सरल तरीके से आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं।

मोटापा, पेट की तोंद की चर्बी बढ़ने का कारण : मोटापे की बीमारी अनेक कारणों से होती है, जैसे- अधिक मात्रा में चिकने पदार्थों (घी, मक्खन) खाना, चर्बी (फैट) वाल पदार्थ अधिक खाना, दिन भर कुछ न कुछ खाते रहना, मिठाइयां अधिक खाना, गर्म पानी से स्नान करना, अधिक मात्रा में गर्म कपड़े पहनना, हर समय आराम करना, कोई कार्य न करना, व्यायाम (एक्सरसाईज) न करना आदि। कुछ लोगों में मोटापा वंशानुगत भी होता है अर्थात जिसके माता-पिता मोटे होते हैं उसके बच्चे भी मोटे ही होते हैं। मोटापे के कारण पुरुष या स्त्री का रक्तचाप बढ़ जाता है और वायु संचरण में रुकावट महसूस होती हैं। मोटापे के कारण त्वचा फूल जाती है जिससे शरीर पूर्ण रूप से वायु ग्र्रहण नहीं कर पाता। अधिक चर्बी के कारण हृदय पर भी प्रभाव पड़ता है जिससे हृदय की गति धीमी हो जाती है।

कपालभाति प्राणायाम : जो लोग मोटापे से परेशान हैं उन्हें रेग्युलर सुबह शाम 30-30 मिनट कपालभाति प्राणायाम करना चाहिए। इससे पेट और बॉडी की मसल्स ट्यून होती हैं। मोटापा घटता है।कैसे करें कपालभाति प्राणायाम : रीढ़ की हड्डी को सीधे रखते हुए और पैरों को सामने की ओर मोड़कर बैठें। लंबी सांस लें फिर जोर से सांस छोड़ें। सांस खींचने में ज्यादा जोर न लगाएं। सांस जोर से छोड़ने पर ध्यान दें। यह क्रिया करते समय सांस धौंकनी के समान चलनी चाहिए और पेट फूलना और सिकुड़ना चाहिए। शुरू में इसे 15-20 बार करें। ब्रेक लेकर धीरे-धीरे फ्रीक्वेंसी बढ़ाएं।हस्तपादासन : 5 मिनट हस्तपादासन करें। फिर सीधे लेटकर एक-एक पैर को ऊपर-नीचे, गोल घुमाएं, साइकिल की तरह पैर चलाएं। इससे बॉडी का एक्स्ट्रा फैट बर्न होगा। बॉडी शेप में आएगी।
कैसे करें हस्तपादासन : एक समतल स्थान पर दरी या चटाई बिछाएं और शोल्डर और बैकबोन को सीधा रखते हुए सावधान की पोजिशन में खड़े हो जाएं।दोनों हाथों को धीरे-धीरे ऊपर उठाकर शोल्डर की सीध में लाएं। फिर शोल्डर्स को थोड़ा-थोड़ा आगे की ओर प्रेस करते हुए हाथों को सिर के ऊपर तक उठाएं। ध्यान रहें कि कंधे कानों से सटे हुए हों। जब बांहें एक-दूसरे के समानान्तर ऊपर उठ जाएं, तब धीरे-धीरे कमर को सीधा रखकर सांस भीतर खींचते हुए नीचे की ओर झुकें। झुकते समय भी ध्यान रखे कि कंधे कानों से सटे रहें। घुटने सीधे रखते हुए हाथ की दोनों हथेलियों से पैरों के पंजे छूने और माथे को घुटने से छूने की कोशिश करें। अपनी कम्फर्ट के हिसाब से कुछ सेकंड तक इस पोजिशन को बनाए रखें। धीरे-धीरे इस पोजिशन से ऊपर उठें, वापस खड़ी पोजिशन में आकर हाथों को कमर से सटाएं और रिलैक्स करें। कुछ सैकेण्ड्स तक रिलैक्स करने के बाद फिर से इसे दोहराएं। ऐसा 5 से 7 बार करें।

उज्जायी प्राणायाम : थाइरॉइड के कारण मोटापा है तो कपालभाति प्राणायाम के साथ 7 से 11 बार उज्जायी प्राणायाम करें। इससे थाइरॉयड कंट्रोल होगा। मोटापे की प्रॉब्लम दूर होगी।कैसे करें उज्जयी प्राणायाम : आराम से बैठ जाएं। गले को टाइट करके आवाज करते हुए नाक से सांस अंदर खींचें। इस बात का ध्यान रखें कि सांस नाक से ही लें और मुंह बंद रखें। गले की मांसपेशियों को सिकोड़कर रखें। गले से घरघराहट की आवाज करते हुए सांस नाक के जरिए बाहर छोड़ें।शुरुआत में 2- 3 मिनट तक ही करे फिर धीरे-धीरे 10 मिनट तक लेकर जाये। सांस लेने और छोड़ने का समय एक बराबर होना चाहिये।सूर्य नमस्कारेग्युलर जॉगिंग और सूर्य नमस्कार करें। इससे पेट के आसपास की चर्बी तेजी से कम होगी।रनिंग : अगर आप यंग है तो रनिंग और स्विमिंग करें या तेज चाल से वॉक करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा। बॉडी में जमा एक्स्ट्रा फैट बर्न होगा।एक्यूप्रेशर : अंगूठे के नीचे हथेली पर 2-2 मिनट दबाएं। इससे मोटापे के साथ ही थाइरॉयड की प्रॉब्लम में फायदा होगा।
वैधकीय सलाह: 2-2 गोली मेदोहर वटी और 1-1 गोली त्रिफला गुग्गुल सुबह-शाम खाएं। शरीर में सूजन या वाटर रिटेंशन (पानी जमा) होने के कारण मोटापे की प्रॉब्लम है तो पुनर्नवादि मंडूर का सेवन करें। अश्वगंधा के 3-3 पत्ते सुबह दोपहर और शाम को हाथ से मसलकर और चबाकर खाएं। सुबह-शाम खाली पेट 3 से 5 चम्मच गोमूत्र का अर्क गर्म पानी मिलाकर पिएं। रोज़ सुबह लौकी का जूस पिएं। ध्यान रखें लौकी कड़वी न हो।मोटापा, पेट की तोंद की चर्बी निवारण के कुदरती उपचार : चर्बी घटाने के लिये व्यायाम बेहद आवश्यक उपाय है। एरोबिक कसरतें लाभप्रद होती हैं। आलसी जीवन शैली से मोटापा बढता है। अत: सक्रियता बहुत जरूरी है।

शहद मोटापा निवारण के लिये अति महत्वपूर्ण पदार्थ है। एक चम्मच शहद आधा चम्मच नींबू का रस गरम जल में मिलाकर लेते रहने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी नष्ट होती है। यह दिन में ३ बार लेना कर्तव्य है।पत्ता गोभी (बंद गोभी) में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। ज्यादा केलोरी का दहन होता है। इस प्रक्रिया में चर्बी समाप्त होकर मोटापा निवारण में मदद मिलती है।पुदीना में मोटापा विरोधी तत्व पाये जाते हैं। पुदीना रस एक चम्मच २चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से उपकार होता है।सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से शरीर की वसा में कमी होती है।गाजर का रस मोटापा कम करने में उपयोगी है। करीब 300 ग्राम गाजर का रस दिन में किसी भी समय लेवें।

एक अध्ययन का निष्कर्ष आया है कि वाटर थिरेपी मोटापा की समस्या हल करने में कारगर सिद्ध हुई है। सुबह उठने के बाद प्रत्येक घंटे के फ़ासले पर २ गिलास पानी पीते रहें।इस प्रकार दिन भर में कम से कम 20 गिलास पानी पीयें। इससे विजातीय पदार्थ शरीर सेबाहर निकलेंगे और चयापचय प्रक्रिया(मेटाबोलिस्म) तेज होकर ज्यादा केलोरी का दहन होगा, और शरीर की चर्बी कम होगी। अगर 2 गिलास के बजाये 3 गिलास पानी प्रति घंटे पीयें तो और भी तेजी से मोटापा निवारण होगा।कम केलोरी वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग करें।जहां तक आप कम केलोरी वाले भोजन की आदतनहीं डालेंगे, मोटापा निवारण दुष्कर कार्य रहेगा। अब मैं ऐसे भोजन पदार्थ निर्देशित करता हूं जिनमें नगण्य केलोरी होती है।क्या खाएं, क्या न खाएंकार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम लें, हरी सब्जियां खाएं, अंकुरित अनाज और प्रोटीन युक्त डाइट लें। फैट और मीठे से बचें, जब भी प्यास लगे तो गर्म पानी पिएं।नींबू, जामफ़ल (अमरुद), अंगूर, सेवफ़ल, खरबूजा, जामुन, पपीता, आम, संतरा, पाइनेपल, टमाट,र तरबूज, बैर स्ट्राबेरी, सब्जीयां जिनमें नहीं के बराबर केलोरी होती है-पत्ता गोभी, फ़ूल गोभी, ब्रोकोली, प्याज, मूली, पालक, शलजम, सौंफ़, लहसुन, अदरक चाकू से बरीक काट लें, एक नींबू की चीरें काटकर दोनो पानी में ऊबालें। सुहाता गरम पीयें।बढिया उपाय है.







हमारे शरीर में दो किडनी होती है। जिनका काम होता है, रक्त को साफ करना, हार्मोन बनाना, मिनरल का निर्माण करना, यूरिन बनाना और टॉक्सिन निकालना। एक किडनी में कम से कम 10 लाख फिल्टर लगे हुए होते है, जो रक्त को साफ करने का काम करते है। अगर किडनी काम करना बंद कर दे तो हमारे शरीर में यूरिया और क्रिएटिनिन जमा हो जाते है। एसिड को संतुलन में बनाए रखने का काम भी किडनी करती है। लेकिन आजकल बुरी आदत जैसे खाने-पीने की गलत आदते, व्यस्त जीवन शैली, संक्रमित पानी, और प्रदूषण के कारण किडनी बहुत जल्दी खराब हो जाती है। इसके लिए डॉक्टर डायलिसिस कराने की सलाह देता है। बहुत ज्यादा समस्या होने पर किडनी प्रत्यारोपण किया जाता है। किडनी को बचाने के लिए सबसे जरूरी है संतुलित खानपान।किडनी हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अनजाने में आपकी कुछ आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा देती हैं, जिन्हें वक़्त रहते सुधारा जा सकता है वरना आपकी ये आदते आपको वो दर्द दे जायेंगी जिसकी आप कल्पना भी नही कर सकते यकीन ना हो तो किडनी पेशेंट से पूछ लीजिये, आपकी आदतें जैसे कम पानी पीना, ज्यादा नमक खाना आदि।आपकी आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं हमारे शरीर में खून साफ करना, हार्मोन बनाना, मिनरल का अवशोषण, यूरीन बनाना, टॉक्सिन्स निकालना और एसिड का संतुलन बनाए रखने जैसे सारे जरूरी काम किडनी करती है। इससे आप समझ ही गए होंगे कि किडनी हमारे शरीर का कितना महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अनजाने में आपकी कुछ आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा देती हैं। आईए जाने किडनी को नया जीवन देने वाले 3 अद्भुत उपायों के बारे में।आज हम आपको बताएंगे किडनी बचेगी तो जीवन बचेगा, इसलिए आज से ही छोड़ दीजिए ये 5 गलत आदतें।
पानी कम पीने से किडनी रक्त को अच्छी तरह से नहीं छान पाती है, क्योंकि ब्लड में सबसे ज्यादा पानी की मात्रा होती है। इससे शरीर में टॉक्सिन बनना शुरू हो जाते है। इसके अलावा कम पानी पीने से किडनी में स्टोन की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। इसलिए किडनी को सही रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिये।
खाने में मीठे का अधिक प्रयोग करने से पेशाब से प्रोटीन निकलने लगता है। जिससे किडनी में बहुत सारी बीमारियां हो जाती है। इसलिए खाने में हमेशा मीठे का कम से कम प्रयोग करे।धूम्रपान करने से किडनी में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस रोग हो जाता है। इसके अलावा धूम्रपान करने से किडनी की कार्य क्षमता में भी कमी होती है। इसलिए धूम्रपान करना बंद कर दे।नींद नहीं लेने से किडनी सही नहीं रहती है, क्योंकि इससे मेटाबलिज्म प्रभावित होता है। इसलिए हमेशा भरपूर नींद ले।
नमक का अधिक सेवन करने से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है। जिससे इंसान का BP बढ़ता है, जो किडनी को प्रभावित करता है। इसलिए दिन में केवल 5 ग्राम नमक का सेवन करे। नमक के कम उपयोग से किडनी की पथरी के रोकथाम में भी मदद मिलेगी।किडनी के रोग के लिए आश्चर्यजनक 3 उपाय :
क्रिटनिन और यूरिया वृद्धि, गुर्दे या किडनी फेल होने पर : नीम और पीपल की छाल को बराबर मात्रा में पीसकर अलग-अलग रख लें। दोनों में से 1-1 चम्मच मात्रा लेकर 400 मिलीलीटर पानी में उबाल लें। उबालने पर 100 मिलीलीटर पानी बाकी रहने पर इस पानी को छानकर सुबह-शाम भूखे पेट रोजाना पीने से यूरिया व क्रिटनिन में होने वाली वृद्धि कम हो जाती है।किडनी की किसी भी समस्या का समाधान : 50 ग्राम मककई (भुट्टे के बाल फ़ोटो में देखे) के ऊपर के बाल ले लीजिये (जो मककई को धक दिया करते हे वो बाल) और 2 लीटर पानी मे उबाल दीजिये हल्के आग पे जब पानी एक लीटर शेष रह जाए वो पानी पूरे दिन मे थोड़े थोड़े अंतराल मे पी लीजिये आपकी किडनी की किसी भी समस्या का समाधान हो जाएगा। सूझ हो या बीमारी सब ठीक होना ही है।किडनी के कोशों की फिर से बनाए : पूनर्नवा जिसको सटोडी की सब्जी भी बोलते हे ये तो अद्भुत चमत्कारी है। इसके सेवन मात्र से मरे हुए किडनी के कोशों की फिर से नव जीवन प्रदान करती है इसलिए इस का नाम पुनर्नवा है। इसको सब्जी बना कर या फिर इसकी पट्टियाँ सूखा कर पाउडर बनाकर किसी भी सब्जी मे मिलने से सब्जी का स्वाद भी लज्जत दार स्वादिष्ट बन जाता है। इसकी वटी भी उपलब्ध है लगभग 20-25 रुपये मे मिल जाएगी, किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर।

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