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योगासनों के गुण और लाभ




योगासनों के गुण और लाभ
योगासनों का सबसे बड़ा गुण यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। योगासन ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसमें न तो कुछ विशेष व्यय होता है और न इतनी साधन-सामग्री की आवश्यकता होती है। योगासन अमीर-गरीब, बूढ़े-जवान, सबल-निर्बल सभी स्त्री-पुरुष कर सकते हैं। आसनों में जहां मांसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली क्रियायें करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर साथ-साथ तनाव-खिंचाव दूर करनेवाली क्रियायें भी होती रहती हैं, जिससे शरीर की थकान मिट जाती है और आसनों से व्यय शक्ति वापिस मिल जाती है।

शरीर और मन को तरोताजा करने, उनकी खोई हुई शक्ति की पूर्ति कर देने और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी योगासनों का अपना अलग महत्त्व है। आइये जानते हैं योगासन के गुण और लाभ के बारे में।


क्‍या हैं यागासन के लाभ-


(1) योगासनों से भीतरी ग्रंथियां अपना काम अच्छी तरह कर सकती हैं और युवावस्था बनाए रखने एवं वीर्य रक्षा में सहायक होती है।


(2) योगासनों द्वारा पेट की भली-भांति सुचारु रूप से सफाई होती है और पाचन अंग पुष्ट होते हैं। पाचन-संस्थान में गड़बड़ियां उत्पन्न नहीं होतीं।


(3) योगासन मेरुदण्ड-रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और व्यय हुई नाड़ी शक्ति की पूर्ति करते हैं।


(4) योगासन पेशियों को शक्ति प्रदान करते हैं। इससे मोटापा घटता है और दुर्बल-पतला व्यक्ति तंदरुस्त होता है।


(5) योगासन स्त्रियों की शरीर रचना के लिए विशेष अनुकूल हैं। वे उनमें सुन्दरता, सम्यक-विकास, सुघड़ता और गति, सौन्दर्य आदि के गुण उत्पन्न करते हैं।


(6) योगासनों से बुद्धि की वृद्धि होती है और धारणा शक्ति को नई स्फूर्ति एवं ताजगी मिलती है। ऊपर उठने वाली प्रवृत्तियां जागृत होती हैं और आत्मा-सुधार के प्रयत्न बढ़ जाते हैं।


(7) योगासन स्त्रियों और पुरुषों को संयमी एवं आहार-विहार में मध्यम मार्ग का अनुकरण करने वाला बनाते हैं, अत: मन और शरीर को स्थाई तथा सम्पूर्ण स्वास्थ्य, मिलता है।


(8) योगासन श्वास- क्रिया का नियमन करते हैं, हृदय और फेफड़ों को बल देते हैं, रक्त को शुद्ध करते हैं और मन में स्थिरता पैदा कर संकल्प शक्ति को बढ़ाते हैं।




(9) योगासन शारीरिक स्वास्थ्य के लिए वरदान स्वरूप हैं क्योंकि इनमें शरीर के समस्त भागों पर प्रभाव पड़ता है, और वह अपने कार्य सुचारु रूप से करते हैं।


(10) आसन रोग विकारों को नष्ट करते हैं, रोगों से रक्षा करते हैं, शरीर को निरोग, स्वस्थ एवं बलिष्ठ बनाए रखते हैं।


(11) आसनों से नेत्रों की ज्योति बढ़ती है। आसनों का निरन्तर अभ्यास करने वाले को चश्में की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

(12) योगासन से शरीर के प्रत्येक अंग का व्यायाम होता है, जिससे शरीर पुष्ट, स्वस्थ एवं सुदृढ़ बनता है। आसन शरीर के पांच मुख्यांगों, स्नायु तंत्र, रक्ताभिगमन तंत्र, श्वासोच्छवास तंत्र की क्रियाओं का व्यवस्थित रूप से संचालन करते हैं जिससे शरीर पूर्णत: स्वस्थ बना रहता है और कोई रोग नहीं होने पाता। शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक सभी क्षेत्रों के विकास में आसनों का अधिकार है। अन्य व्यायाम पद्धतियां केवल वाह्य शरीर को ही प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं, जब कि योगसन मानव का चहुँमुखी विकास करते हैं।


मोटापा कम करने के चक्‍कर में ना पिएं ज्‍यादा नींबू पानी, हो सकते हैं ये नुकसान


Lemon water, नींबू पानी | Side effects | भूलकर भी इस वक़्त न पीये नींबू पानी |

वे लोग जो वजन कम करने के पीछे पागल हैं, वो अपने दिन की शुरुआत हमेशा नींबू पानी पी कर ही करते हैं। पर क्‍या आपने कभी सोंचा है कि जरुरत से ज्‍यादा नींबू पानी पीना भी आपके शरीर के लिये कितना ज्‍यादा नुकसानदेह हो सकता है? हम में से बहुत लोग नींबू को हेल्‍थ, स्‍किन और बालों के लिये वरदान मानते हैं। मगर जिस तरह से कोइ चीज़ फायदा पहुंचाती है ठीक उसी तरह से वह ज्‍यादा लेने से नुकसान भी पहुंचा सकती है।


नींबू एक एसिडिक फ्रूट है जिसका pH, 2 होता है। नींबू में ढेर सारा विटामिन सी होता है जिसके ओवरडोस की वजहह से साइड इफेक्‍ट देखने को मिल सकता है। वैसे तो विटामिन सी के ओवरडोस का रिस्‍क काफी कम देखने को मिलता है क्‍योंकि शरीर में इसका ओवरडोज होने के लिये हमें 2,000 mg तक विटामिन सी ग्रहण करना पड़ेगा, जो कि नींबू के रस का 21 कप माना जाता है।

पर याद रखें कि हमको विटामिन सी केवल नींबू से ही नहीं बल्‍कि कई अन्‍य खाद्य पदार्थों से भी मिलता है जिसे हम रोजाना आने अनजाने खाते हैं। नींबू पानी के लंबे समय तक के सेवन करने से आपको कई साइड इफेक्‍ट्स हो सकते हैं, जिसके बारे में हम आपको जानकारी देंगे।


दांतों का संवेदनशी होना

कभी आपने नींबू को मुंह में रख कर दांतों से काटने की कोशिश की है पाया है कि यह पूरे मुंह को खट्टा कर देता है। यह इसलिये क्‍योंकि नींबू आपके दांतों के इनेमल पर एसिड छेाड़ता है। नींबू में सिट्रस एसिड होता है, जिसका दांतों में ज्‍यादा संपर्क होने से दांत संवेदनशील हो जाते हैं। अगर आपको नींबू पानी पीना भी है तो उसे हमेशा स्‍ट्रॉ से पियें, जिससे पानी दांतों को न छुए। नींबू में लगभग pH, दो के बराबर होता है जो कि सिट्रस और ascorbic acid की वजह से होता है। और जब यह एसिड कैल्‍शियम के संपर्क में आते हैं दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।


सीने में जलन और अल्‍सर पैदा करे

अगर आपको एसिडिटी की समस्‍या है तो, नींबू का सेवन एक दम बंद कर दीजिये क्‍योंकि इसमें एसिड होता है। यह एसिडिक जूस आपके पेट की लाइनिंग पर असर डालता है जिससे पेट का एसिड esophagus में वापस आ जाता है और खट्टी डकार जैसी समस्‍या आने लगती है। वे लोग जिन्‍हे पेट का अल्‍सर है उन्‍हे नींबू से परेशानी पैदा हो सकती है और बीमारी जल्‍द ठीक नहीं होगी।
मतली, उल्‍टी और पेट हो सकता है खराब

कई बार लोग खाना पचाने के लिये नींबू के रस का सेवन करते हैं क्‍योंकि इसका एसिड पाचन में मदद करता है। पर पेट में अधिक एसिड हो जाने की वजह से पेट खराब हो सकता है। नींबू को हमेशा खाने में मिला कर ही खाएं। अगर आपको नींबू पानी पीने के बाद उल्‍टी या पेट खराब होने जैसा लगे तो जान जाएं कि आपकी डाइट में विटामिन सी ज्‍यादा हो रहा है और अब आपको इसे बंद करना होगा। अगर आप पहले से ही नींबू का रस पी चुके हैं तो आपकी बॉडी और ज्‍यादा विटामिन सी लेने से मना कर देगी।
आयरन की मात्रा बढ जाएगी

विटामिन सी शरीर में आयरन के तत्‍व को अवशोषित करने में मदद करता है। लेकिन अगर आपकी बॉडी में पहले से ही ज्‍यादा आयरन स्‍टोर कर के रखा है तो यह आपके लिये घातक हो सकता है। शरीर में अत्‍यधिक आयरन होना मतलब आपके अंगों पर बुरा असर। इससे अंग डैमेज भी हो सकते हैं।
गुर्दे और पित्ताशय की थैली की समस्‍या

नींबू में एसिडिक लेवल के अलावा उसमें ऑक्‍सलेट भी होता है, जो कि ज्‍यादा सेवन से शरीर में जा कर क्रिस्‍टल बन सकता है। ये क्रिस्‍टलाइज्‍ड ऑक्‍सलेट, किडनी स्‍टोन और गॉलस्‍टोन का रूप ले सकता है।
डीहाइड्रेशन

नींबू पानी पीने से बार बार पेशाब आती है, जिससे बॉडी में डीहाइड्रेशन हो सकता है। इसलिये नींबू पानी का सेवन जब भी करें, तब दिन भर में ढेर सारा पानी अलग से पीते रहें।
कुछ सावधानियां बरतें -

नींबू पानी को कभी भी किसी प्रकार की बीमारी को दूर करने के लिये नहीं पीना चाहिये। अगर आपको इसे पीने के बाद कोई साइड इफेक्‍ट लगे, तो इसका सेवन तुरंत ही बंद कर दें। अगर आपको इसे विटामिन सी प्राप्‍त करने के लिये पीना है, तो केवल आधा नींबू निचोड़ कर आधे गिलास पानी में मिक्‍स कर के पियें।





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