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जवानी में उडऩे लगे बाल तो ये अपनाएं ये देसी नुस्खे


जवानी में उडऩे लगे बाल तो ये अपनाएं ये देसी नुस्खे


आजकल कम उम्र में बालों का उड़ना और गंजापन एक आम समस्या बनता जा रहा है गंजेपन के कारण कोई भी व्यक्ति अपनी उम्र से बड़ा दिखाई देने लगता है और एक बाल उड़ने शुरू हो जाते हैं तो उन्हें रोकना बहुत मुश्किल होता है। वैसे तो बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन अनुवांशिक कारणों के अलावा विकार, किसी विष का सेवन कर लेने, उपदंश, दाद, एक्जिमा आदि के कारण ऐसा हो जाता है। आज हम बताने जा रहे हैं आपको कुछ ऐसे नुस्खों के बारे में जो गंजेपन की समस्या में रामबाण हैं….


- नमक का अधिक सेवन करने से गंजापन आ जाता है। पिसा हुआ नमक व काली मिर्च एक-एक चम्मच नारियल का तेल पांच चम्मच मिलाकर गंजेपन वाले स्थान पर लगाने से बाल आ जाते हैं। कलौंजी को पीसकर पानी में मिला लें। इस पानी से सिर को कुछ दिनों तक धोने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं और बाल घने भी होना शुरू हो जाते हैं।
– अगर बालों का गुच्छा किसी स्थान से उड़ जाए तो गंजे के स्थान पर नींबू रगड़ते रहने से बाल दुबारा आने लगते हैं। जहां से बाल उड़ जाएं तो प्याज का रस रगड़ते रहने से बाल आने लगते हैं। बालों में नीम का तेल लगाने से भी राहत मिलती है।
- बाल झड़ते हैं तो गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगा लें। 15 मिनट बाद बाल गरम पानी से सिर को धोएं। ऐसा करने पर कुछ ही दिनों बालों के झड़ने की समस्या दूर हो जाएगी।
- लहसुन का खाने में अधिक प्रयोग करें। उड़द की दाल उबाल कर पीस लें। इसका सोते समय सिर पर गंजेपन की जगह लेप करें। हरे धनिए का लेप करने से भी बाल आने लगते हैं। केले के गूदे को नींबू के रस के साथ पीस लें और लगाएं, इससे लाभ होता है।अनार के पत्ते पानी में पीसकर सिर पर लेप करने से गंजापन दूर होता है।


जीरा खाएं मोटापा घटाए

जीरे का पानी कैसे वजन कम करता है जबरदस्त उपाय
वजन कम करना एक समस्या की तरह है जीरे का रोज सेवन करने से घटता है वजन यह फेट के अवशोषण को बाधित करता है जीरे के सेवन से पाचन तंत्र होता है दरुस्त
जीरा खाएं वजन घटाएं :-
जीरा एक ऐसा मसाला है जो खाने में बेहतरीन स्वाद और खुशबू देता है इसकी उपयोगिता केवल खाने तक ही सिमित नहीं है बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी है कई रोगों में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है जीरे में मैंगनीज, लोह तत्व ,मैग्नीशियम ,कैलशियम , जिनक और फास्फोरस भरपूर मात्रा में है इसे मेक्सिको ,इंडिया और अमेरिका में बहुत इस्तेमाल किया जाता है इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कई यह बड़ी तेजी से वजन कम करता है
वजन कम करने के साथ ही यह बहुत सारी अन्य बीमारियों से भी बचाता है जैसे कोलोस्ट्रोल कम करता है – हर्टअटैक से बचाता है – स्मरण शक्ति बढ़ाता है – खून कई कमी दूर करता है – पाचन तंत्र ठीक कर गैस व् ऐठन ठीक करता है
जीरा कैसे 15 दिन में 5 किलो वजन कम करता है
जीरा पानी बनाने कई विधि :-
दो बड़े चम्मच जीरा एक गिलास पानी में भिगो कर रात भर के लिए रख दे
सुबह उसे उबाल ले और गर्म चाय कई तरह घूंट-घूंट भर के पिए बचा हुआ जीरा भी चबा ले इसके रोजाना सुबह खाली पेट सेवन से शरीर के किसी भी कोने से अनावशयक चर्बी बाहर निकल जाती है
दही के साथ जीरा पाउडर :-
जीरे को आप वजन कम करने के लिए किसी भी तरह से खा सकते है
50 ग्राम दही में एक चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर हर रोज खाएं
जीरे को इस्तेमाल करने के और तरिके :-
वेजिटेबल सूप बनाए और इसमें एक चम्मच जीरा डाले
3 ग्राम जीरा पाउडर को पानी में मिला इसमें कुछ बुँदे शहद कई डाले और पि जाये
ब्राउन राईस बनाए और इसमें जीरा डाले – यह सिर्फ आपका स्वाद नहीं बढ़ाएगा बल्कि आपका वजन भी कम करेगा
नींबू , अदरक और जीरा :-
अदरक और नींबू दोनों जीरे के वजन कम करने की क्षमता को बढ़ाती है इसके लिए गाजर और थोड़ी सब्जियों को उबाल ले इसमें अदरक को कद्दूकस कर ले और ऊपर से जीरा और नींबू का रस डाले और इसे रात को खाएं
चर्बी को कम करता है :-
जीरे में मौजूद पौषक तत्व और एंटी आक्सिडेंट चयापचय को बढ़ाता है जिससे पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है
जीरा पाचन किर्या को बढ़ाता और गैस से बचाता है जीरा खाने को पाचन में मदद करता है जिससे गैस कम बनती है ऐठन और पेट फूलना ख़राब पाचन की समस्या है जीरा गैस को बनने से रोकता है जिससे पेट में अच्छे से खाना पच जाता है
हार्ट अटैक से बचाता है जीरा :-
ख़राब कोलेस्ट्रॉल और फेट को शरीर में बनने से रोकता है जीरा इसलिए यह वजन कम करने में मदद करता है साथ ही हार्ट अटैक से भी बचाता है जीरा

सफेद बालों को नेचुरल काला करने का रामबाण घरेलू नुस्खा


सफेद बालों को नेचुरल काला करने का रामबाण घरेलू नुस्खा

बालों का असमय पकना व् सफ़ेद होने का रामबाण घरेलू नुस्खा | बालों को घने काले और लम्बे बनाने का चमत्कारी नुस्खा
असमय बालों का पकना या सफेद होना आजकल एक आम समस्या है बालों के कम उम्र में सफेद हो जाने के कारण कई कन्याओं या बालको के विवाह में भी बाधा उतपन्न हो जाती है

कारण :-
मानसिक तनाव ,दुर्घटना,भरपूर पोषक तत्वों कई कमी और नजला जुकाम आधी
उपचार :-
1. आवश्यकतानुसार आंवला चूर्ण और तुलसी के 21 पत्ते पानी में घोल ले एक पेस्ट सा बना ले सूखने पर हल्का -हल्का रगड़कर धो ले असर शीघ्र सामने आ जाएगा किन्तु आप इस क्रम को रोजाना करते हुए चार महीने तक जारी रखें
2. काला भांगरा अच्छी प्रकार पीस क़र और उसमे काले तिल मिलाकर रख ले रोज सुबह खाली पेट दो चमच्च यह मिश्रण खूब चबा-चबा क़र खाएं और ऊपर से 250 ग्राम देसी गाय का दूध पि ले बाल काले होने शुरू हो जाएंगे बाल काले होने के बाद भी एक महीने तक इसे जरी रखें
3. त्रिफला पाऊडर पानी में घोलकर दो घण्टे के लिए रख दे दो घण्टे बाद सिर को इसके पानी से धोए इस क्रम को उपरोक्त खाने वाले मिश्रण के साथ जारी रखें बाल शीघ्र काले होने शुरू हो जाएंगे
4. रात्रि सोते समय चमच्च भर आंवला चूर्ण दो घूंट पानी में अच्छी प्रकार से घोलकर पिएं
अधिक जानकारी कई लिए हमारी वेबसाइट को विजिट करें जो निम्न प्रकार है :
सावधानिया :-
1. जुकाम या नजला होने पर एलोपेथी दवाई के प्रयोग से बचें इससे नजला बाहर निकलने क़ी बजाय सिर में ही जाम हो जाता है और अन्य कई सिर समन्धी रोगों का कारण बनता है जिनमें से बालों का पकना भी एक है
2. दही,लस्सी आदि का अधिक सेवन करना है
3. तली हुई और बासी चीजें न खाएं यह पाचन किर्या पर बुरा प्रभाव डालती है
4. शीतल पेय ,फ्रिज का ठण्डा पानी आदि न पिएं
5. सिर क़ी मालिश ज्यादा जोर-जोर से रगड़कर न करें
6. नजला हो तो शीघ्र आयुर्वेदिक दवा से उपचार करवाए नजला जुकाम में एलोपेथी से बचें
7. रबड़ कई जूते चप्पल न पहनें
8. शौच न रोकें सही समय पर जाएं सुबह जल्दी उठकर शौचादि क़ी आदत डाल लें , रोगों से दुरी बनी रहेगी
9. अंग्रेजी साबुनों से या सोडे वाले देसी साबुन से बाल न धोए

यह चेहरे नकाब जादुई दाग, मुँहासे निशान और झुर्रियों को हटा दूसरा प्रयोग करने के बाद


यह चेहरे नकाब जादुई दाग, मुँहासे निशान और झुर्रियों को हटा दूसरा प्रयोग करने के बाद

जब भी मैं फेसपैक लगाती हूं तो मेरे दिमाग में कुछ सवाल जरूर आते हैं। जैसे कि ग्लोइंग स्किन पाने के लिए मुझे कितने दिनों के बाद फेसपैक लगाना चाहिए? क्या स्मूद और क्लियर स्किन के लिए नैचुरल फेस पैक का इस्तेमाल करना ही सबसे अच्छा तरीका है? क्या हर तरह की स्किन के लिए अलग फेसपैक लगाया जाना चाहिए? क्या मैं ग्लोइंग स्किन के लिए नींबू, नीम और दूसरे घरेलू उपायों का इस्तेमाल कर सकती हूं?
इस सवाल का जवाब फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई की कंसल्टेंट डर्मटॉलोजिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर स्मृति नासवा सिंह ने दिया।
डॉक्टर स्मृति के अनुसार फेसपैक का इस्तेमाल स्किन-टाइप देखकर किया जाता है। ड्राई स्किन, ऑयली स्किन, नॉर्मल स्किन, सेंसिटिव स्किन और कॉम्बिनेशन स्किन सबके लिए एक तरह के फेसपैक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। अगर आपकी स्किन नॉर्मल, सेंसिटिव या ड्राई है तो आपको तीन हफ्तों में या एक महीने में एक बार फेसपैक लगाना चाहिए। वहीं ऑयली स्किन होने पर हर 15 दिन में फेसपैक लगाया जा सकता है। कॉम्बिनेशन स्किन वाले लोग हफ्ते में एक बार फेसपैक लगाएंगे तो अच्छे परिणाम दिखेंगे
सारी स्किन-टाइप में से कॉम्बिनेशन स्किन टाइप ऐसा है जिसकी देखभाल करना थोड़ा मेहनत वाला काम है। इस टाइप की स्किन में माथे और नाक के आसपास स्किन ऑयली होती है, जबकि बारी ड्राई। इस तरह की स्किन के लिए आपको दो तरह के फेसपैक इस्तेमाल करने पड़ते हैं। एक ऑयली स्किन के लिए और दूसरा ड्राई स्किन के लिए। आप कोई भी फेसपैक इस्तेमाल करें, जरूरी है जब स्किन थोड़ी गीली हो उस पर मॉश्चराइज़र लगाएं जिससे वो हाइड्रेटेड रहे।
ग्लोइंग स्किन के लिए नींबू, नीम का इस्तेमाल
नींबू को सीधा स्किन पर लगाने से उसे नुकसान हो सकता है। इससे स्किन रैशिज़ हो सकते हैं और स्किन लाल हो सकती है। अगर आप टैनिंग और पिगमेंटेशन दूर करना चाहती हैं तो विटामिन सी वाली चीज़ें आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। डॉक्टर स्मृति कहती हैं कि नीम के इस्तेमाल से स्किन ड्राई हो सकती है। इससे बेहतर है आप ऐलोवेरा का इस्तेमाल करें इससे स्किन पर नमी बनी रहती है और स्किन साफ भी रहती है
फैट को कम करना है तो रात को सोने से पहले करें इसका सेवन



फैट को कम करना है तो रात को सोने से पहले करें इसका सेवन

अक्सर महिलाएं अपने मोटापे और खासतौर पर तोंद को लेकर काफी परेशान रहती हैं। जैसे मर्दों में सिक्स और 8 पैक एब्स बनाने को होड़ लगी रहती है वैसे ही भारी-भरकम महिलाओं के लिए भी फ्लैट टमी पाना किसी सपने के सच होने जैसा होता है। इसके लिए हम न जाने क्या-क्या उपाय करते है। जिससे कि हमारा फैट कम हो जाए
इसके लिए हम टाइटिंग शुरु कर देते है। आधा पेट खाना खाते है कि हम पतले हो जाए। लेकिन उनते उपाय करने के बावजूद हमारा फैट कम नही हो पाता है। तो आप अजमाइए कुछ स्मार्ट तरीके। बस आपको रात को सोने से कुछ काम करने होग जिससे आपका बेली फैट गायब हो जाएगा। जानिए ऐसे कौन से काम करना हैं।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जिस बेली फैट को आप जिम में पसीना बहाकर भी नहीं घटा सके उसे सिर्फ नेचुरल जूस की मदद से कम किया जा सकता है। पेट कम करने के साथ ही इन नेचुरल जूस की मदद से शरीर के विषाक्त पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं
बेली फैट कई कारणों से हो सकता है। कई बार ब्लड प्रैशर की वजह से बेली फैट हो जाता है, तो किसी को मधुमेह, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल और हॉर्मोन्स की अनियमितता के कारण हो जाता है। इस जूस की मदद से आप बैली फैट पा सकते है।
सबसे पहले एक नींबू, धनिया, खीरा और पार्सले का एक गुच्छा ले। इसके बाद इन सब चीजों को जूसर में डालकर अच्छी कर से ग्राइंड कर लें। अगर आपको लग रहा है कि यह बहुत गाढ़ा है तो इसमें आप पानी मिला लें। इसे रात को सोने से पहले पी लें। ऐसे रोजना पीने से आपका 10 दिन में ही बेली फैट गायब हो जाएगा।
नाशपाती में नींबू का रस, खीरा और पालक की पत्ती को ग्राइडर में डालकर अच्छी तरह से ग्राइड करके एक गिलास में छान लें। इसे रोज सोने से पहले पिएं। रोजाना इसका सेवन करने से आपको जल्द ही इसका परिणाम नजर आने लगेगा

बिना पढ़े मत छोड़ना _शुगर _रामबाण औषधि _बिना कोई साइड इफेक्ट के शुगर शुगर शुगर








बिना पढ़े मत छोड़ना _शुगर _रामबाण औषधि _बिना कोई साइड इफेक्ट के शुगर शुगर शुगर

दोस्तों आज शुगर रोग मानवता के लिए एक नासूर बन गया है एलोपैथी में हजारों रुपए की दवाएं लोग खाते खाते थके जा रहें हैं पुरुष हो या स्त्री दोनों जातियों में यह रोग घुन लगा रहा है और बहुतयात से पाया जाता है जब इनबॉक्स में रोगियों एक बड़ी संख्या शुगर शुगर शुगर पुकार ने लगी और प्रति दिन वाटसअप पर सैकड़ों की संख्या में मैसेज आने लगे तो मुझे अबतक के सबसे तीव्र और अनूठे इस शुगर नाशक महा योग से पर्दा उठाना ही पड़ा इसलिए कि मानवता से बढ़कर कोई चीज नहीं
आप सामग्री ध्यान में रखें
इन्द्रजो कडवा 250
बादाम 250
भुने चने 250
यह योग बिल्कुल अजूबा योग है अनेकों रोगियों पर आजमाया गया है मेरे द्वारा 100%रिजल्ट आ या है आप इस नुस्खे के रिजल्ट का अंदाजा यूं लगा सकते हैं कि अगर इसको उसकी मात्रा से ज्यादा लिया जाए तो शुगर इसके सेवन से लो होने लगती है बादाम को इस वजह से शामिल किया गया यह शुगर रोगी की दुर्बलता कमजोरी सब दूर कर देता है चने को इन्द्रजो की कड़वाहट थोड़ी कम करने के लिए मिलाया गया
बनाने कि विधी तीनों औषधियों का अलग अलग पावडर बनाए और तीनो को मिक्स कर लीजिये और कांच के जार में रख लें और खाने के बाद एक चाय वाला चम्मच एक दिन में केवल एक बार खाएं सादे जल से
अगर आप दोस्तों में से कोई शुगर रोग से ग्रस्त हो तो स्वयं इस योग का सेवन कर नया जीवन पाईये और अगर कोई आपका अपना शुगर रोगी है तो उसे यह योग शेयर करके नया जीवन गिफ्ट में दीजिए सभी दोस्तों से अनुरोध है कि यह पोस्ट रुकनी नहीं चाहिए सम्पूर्ण भारत वासियों को यह योग मालूम हो जा ना चाहिये मानवता का दुख अपना दुख यह मेरा मानना है और आज पता चल जाएगा की मानवता के दुख को कोन अपना दुख मानता है और कोन कोन मित्र शेयर करके निर्धन गरीब लोगों को नयी उम्मीद और नयी रोशनी दिखाता है, इसी में मेरा और आपका कल्याण है
कलौंजी का तेल है अमृत के समान


कलौंजी का तेल है अमृत के समान

कलौंजी का तेल हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज, अस्थमा, खांसी, नजला, जोड़ों के दर्द, बदन दर्द, कैंसर, किडनी, गुर्दे की पत्थरी, मूत्राशय के रोग, मर्दाना कमजोरी, बालों के रोगों, मोटापे, याद दाश्त बढाने, मुंहासे, सुंदर चेहरा, अजीर्ण, उल्टी, तेज़ाब, बवासीर, लयुकोरिया आदि गंभीर बीमारियों से एक साथ निजात दिलाने में सक्षम है
यह अनमोल चमत्कारिक दवा ब्लैैक सीड ऑइल, जिसे कलौंजी का तेल भी कहा जाता है यह आसानी से उपलब्ध होने वाली बेहद प्रभावी और उपयोगी साबित हो सकती है। कलौंजी के तेल में मौजूद दो बेहद प्रभावकारी तत्व थाइमोक्विनोन और थाइमोहाइड्रोक्विनोन में विशेष हीलींग प्रभाव होते हैं। ये दोनों तत्व मिलकर इन सभी बीमारियों से लड़ने और शरीर को हील करने में मदद करते हैं
इतना ही नहीं, कार्डियोवेस्कुलर डि‍सीज एवं अस्थमा, ब्लड कैंसर, फेफड़ों की समस्या, लिवर, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट कैंसर, सर्विक्स और त्वचा रोगों में भी कारगर है। यह कोई नई दवा नहीं है, बल्कि इन गंभीर बीमारियों के लिए इसकी खोज हजारों वर्षों पूर्व हो चुकी थी। जिसके बाद इस दवा पर विज्ञान के अब तक कई शोध हो चुके हैं, जो विभिन्न बीमारियों के लिए ब्लैैक सीड ऑइल को बेहतरीन घरेलू दवा साबित करते हैं।
2012 में इजिप्ट में हुए एक शोध के अनुसार शहद और कलौंजी ब्लैैक सीड ऑइल ट्यूमर रोधी तत्व मौजूद हैं, जो कैंसर कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्ध‍ि को रोकने में सक्षम है। वहीं 2013 में मलेशिया में हुए रिसर्च के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर के लिए थाइमोक्विनोन का प्रयोग एक दीर्घकालिक इलाज के रूप में किया गया
इसमें मौजूद थाइमोक्विनोन एक बायोएक्टिव कंपाउंड है जो एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी कैंसर कारक है। इसमें वे चुनिंदा साइटोटॉक्स‍िक प्रॉपर्टी मौजूद है जो कैंसर को‍शिकाओं के लिए घातक है, जबकि सामान्य कोशिकाओं को कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालती।
तो अब आपको इन बीमारियों के लिए महंगी दवाओं पर खर्च करने की जरुरत नहीं होगी, इस एक घरेलुु द्वारा आप कई बीमारियों को हल कर सकते हैं।
कलौंजी का तेल कहाँ मिलेगा.

कलौंजी का तेल किसी भी मेडिकल स्टोर या पंसारी के पास से आसानी से उपलब्ध हो जायेगा. इसका 100 मि.ली. का मूल्य 100 से 200 रुपैये तक ही होता है. एक व्यक्ति के लिए एक शीशी 6 महीने तक चल जाएगी.
कलौंजी का तेल सेवन की विधि.

किसी भी बीमारी में आप कलौंजी के तेल को आप सुबह गर्म पानी में 2 बूँद डालकर रोजाना पी सकते हैं. इस से आपको उपरोक्त बिमारियों के होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी. अगर गंभीर बिमारियों ने जकड रखा है तो जब भी पानी पियें तो उसमे 2 बूँद कलौंजी का तेल डालकर पीजिये. इसमें शहद भी मिलाया जा सकता है.
कलौंजी का तेल रात्रि को सोने से पहले दूध में भी 2 बूँद डाल कर रोजाना पिया जा सकता है.
जितने गुण कलौंजी में निहित है उतने ही गुण कलौंजी के तेल में भी हैं. कलौंजी के लिए एक कहावत भी मशहूर है के मौत को छोड़कर हर मर्ज की दवा है कलौंजी.

ध्यान रखें कि इस दवा का प्रयोग गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भ नष्ट हो सकता है


यह सब्जी कैंसर, वजन घटाने और मधुमेह जैसे रोगों में रामबाण औषिधि का काम करती है.


यह सब्जी कैंसर, वजन घटाने और मधुमेह जैसे रोगों में रामबाण औषिधि का काम करती है.

कंटोला या ककोरा एक स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य गुणों से भरपूर सब्जी है। भारत के अधिकांश हिस्सों में उपलब्ध इस सब्जी को केकरोल, काकरोल और अन्य कई नामों से जाना जाता है। इसमें कम कैलोरी होती है, जिस वजह से ये वजन घटाने वालों के लिए बेहतर है। फाइबर से भरपूर कंटोला पाचन को सही रखती है। इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ क्या-क्या हैं, आइए जानते हैं 
कैंसर की रोकथाम में सहायक : इसमें मौजूद ल्यूटेन जैसे केरोटोनोइड्स विभिन्न नेत्र रोग, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर की रोकथाम में सहायक है। 
सर्दी-खांसी से राहत दिलाए : इसके एंटी-एलर्जन और एनाल्जेसिक गुण सर्दी-खांसी से राहत प्रदान करने और इसे रोकने में भी सहायक हैं। 
स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक : कंटोला में मौजूद फाइटोकेमिकल्स स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर इस सब्जी से शरीर को साफ़ रखने में मदद मिलती है। 
वजन घटाने वालों के लिए अच्छी : प्रोटीन और आयरन से भरपूर कंटोला में क म मात्रा में कैलोरी होती है। 100 ग्राम कंटोला में केवल 17 कैलोरी होती है, जिस वजह से ये वजन घटाने वाले लोगों के लिए बेहतर विकल्प है। 
डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छी : कंटोला ब्लड शुगर कम करने और डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक है। 
पाचन सही रखने में मददगार : इस सब्जी में भरपूर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिस वजह से ये आसानी से हजम हो जाती है । ये मानसून में कब्ज़ और इन्फेक्शन को नियंत्रित कर आपके पेट को सही रखती है 

थोड़ा सा नमक और जैतून का तेल मिलायें और पांच सालों तक दर्द से छुटकारा पायें



थोड़ा सा नमक और जैतून का तेल मिलायें और पांच सालों तक दर्द से छुटकारा पायें

जब हमें सेहत से सम्बंधित कोई समस्या होती है तो हम तुरंत ही दवा का सहारा लेते हैं. जब के बहुत सारी इसी कुदरतीऔशदियाँ मोजूद हैं जो दवा से भी ज़यादा असरदार होती हैं. जैसे के अगर आप गर्दन के दर्द (osteochondrosis) से पीडित हैं , जो के बहुत ही दर्दनाक और हताश करने वाली स्थिति है उसे आप दवा के जगह कुछ प्राक्रितिक औषधियो से ठीक कर सकते हैं
औषधि तैयार करने की सामग्री :

10 चमच उच्च गुणवता का नमक 
20 चमच जैतून अथवा सूरजमुखी का कच्चा तेल (unrefined oil) 
विधि:

इसको बनाने की विधि बहुत ही आसान है, एक कांच के बर्तन में दोनों चीज़े मिला लें. बर्तन को अच्छी तरह से 2 दिन के लिए बंद (air tight) कर के रखें और दो दिन बाद एक हलके रंग की औषधि तैयार हो जाएगी
इस्तेमाल का तरीका:

सुबह इस औषधि को प्रभावित जगह पर लगायें और हलके हाथों से मालिश करें. शुरुआत में 2-3 मिनट के लिए करें और धीरे धीरे अवधी बढाए. विशेषज्ञों के अनुसार ज़यादा से ज़यादा 20 मिनट की मालिश काफ़ी है. मालिश करने के बाद गीले तोलिये से साफ करें .
अगर आपको तव्चा पर हलकी जलन महसूस हो तो बच्चों के इस्तेमाल का पाउडर लगायें इस से आपको जलन से राहत मिलेगी
10 दिन में ये औषधि आपके खून के बहाव को बढाएगी और आपकी मासस्पेशिओं को पुनर्जीवित कर के आपके तंत्रिका तंत्र्र और हडियो को मज़बूत करेगी.
इस इलाज के बाद आपका सर दर्द हमेशा के लिए चला जायेगा कियोंकि ये औषधि खून के बहाव को बढाने में मदद करती है और अच्छी दृष्टि भी प्रदान करती है. इस के इलावा ये आपके शारीर को ज़ेहरीले तत्वों से मुक्त करेगी और आपके पाचन तंत्र को मज़बूत करेगी. याद रखें इसके इस्तेमाल से आप थोड़ा असहज महसूस कर सकते हैं मगर इस होना सौभाविक है. इस के इस्तेमाल से आपको अश्चर्यजनक नतीजे मिलेगे , और सब से अच्छी बात ये है के पारंपरिक दवाओ के उलट इसका कोई दुष्प्रभाव भी नही है
हल्‍दी वाला दूध बनाने का सही तरीका और सावधानियाँ-

हल्‍दी वाला दूध बनाने का सही तरीका और सावधानियाँ-

हल्‍दी के दूध के फायदों के बारे में लगभग हम सभी जानते हैं, यह गोल्‍डन मिल्‍क दैनिक आहार में सम्मिलित कर आप कई बीमारियों और संक्रमणों को रोक सकते हैं। आयुर्वेद में तो हल्‍दी के दूध को अमृत माना जाता है। ‘हल्दी दूध’ पर एक सरल वेब खोज ने तो इसे वजन घटाने से लेकर, सर्दी जुकाम और अर्थराइटिस तक कई बीमारियों की रामबाण दवा माना है। लेकिन इसको बनाने की सही विधि से ज्‍यादातर लोग अनजान हैं। आइए इस आयुर्वेदिक औषधि को बनाने की सही विधि के बारे में जानते हैं
हल्‍दी दूध बनाने के सही तरीका
हल्‍दी के टुकड़ें लें


हल्दी की एक इंच लंबे टुकड़े को लें। हल्दी पाउडर, हल्‍दी की स्टिक की तरह प्रभावी नहीं होता है, क्‍योंकि पाउडर में संदूषण की संभावना अधिक होती है, इसके अलावा पीसने की प्रक्रिया के दौरान हल्‍दी की गर्मी पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए एक हल्दी के टुकड़े लेकर उसे क्रश करके इस्‍तेमाल करें।
पेपर्कॉर्न यानी मिर्च के दाने


फिर थोड़ी से पेपर्कॉर्न यानी मिर्च के दाने क्रश करें। काली मिर्च की जगह सफेद किस्म बेहतर रहती है। और सफेदी मिर्च यानी दखनी मिर्च आंखों की रोशनी बढ़ाने का काम करती है। अब आधा गिलास दूध और एक कप पानी लेकर उसमें आधी चम्‍मच क्रश हल्‍दी और मिर्च को मिलाकर अच्‍छे से उबाल लें।
20 मिनट तक उबाले


इस मिश्रण को 20 मिनट उबाले, इस समय तक दूध एक कप हो जाएगा। इसलिए इसमें पानी मिलाने की सलाह दी जाती है, क्‍योंकि पानी न मिलाने से दूध 20 मिनट उबालने पर खीर की तरह हो सकता है। और ऐसा पीने में आरामदायक नहीं लगता।
शहद या चीनी डालें


20 मिनट उबलने के बाद इस मिश्रण को गैस से उतारकर, इस मिश्रण को छानकर उसमें शहद या चीनी मिला लें, और फिर लें गर्मागर्म हल्‍दी वाले दूध का मजा
खांसी के लिए देसी घी मिलाये

अगर आप गले में खराश से राहत पाने के लिए इसे ले रहे हैं, तो गर्म हल्‍दी वाला दूध पीने से पहले आधा चम्‍मच देसी घी मिला लें। घी पिघल कर आपके गले पर कोट बनाकर, खांसी से अच्‍छी तरह से राहत देगा
कुछ मिनट आराम से बैठकर इस पेय का सुखदायक स्‍वाद और रस्टिक अरोमा आपमें फील गुड फैक्‍टर की वृद्धि करने में मदद करता है।
सावधानिया-

हल्दी के फायदे हम आपको पहले ही बता चुके हैं. ज्यादातर लोगों को पता होगा कि हल्दी कई तरह की बीमारियों और कमजोरी में फायदेमंद होता है. लंबे समय से ये दवा के तौर पर इस्तेमाल होता आया है. एक अच्छा एंटी-सेप्टिक होने के साथ ही से शोथ-रोधी भी होता है.एक ओर जहां हल्दी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है वहीं इसके कुछ साइड-इफेक्ट भी हैं. हालांकि हल्दी तभी नुकसान करती है जब वो बहुत अधिक मात्रा में ली जाए. हल्दी के फायदे जानने के साथ ही आपको इसके नुकसान भी पता होना बहुत जरूरी है
1. गॉल ब्लेडर/पित्ताशय में समस्या
अगर आपको पित्ताशय से जुड़ी कोई समस्या है तो हल्दी वाला दूध आपकी इस समस्या को और बढ़ा देगा. अगर आपकी पित्त की थैली में स्टोन है तो आपको हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए.
2. ब्लीडिंग प्रॉब्लम
अगर आपको ब्लीडिंग प्रॉब्लम है तो हल्दी वाला दूध आपको नुकसान पहुंचा सकता है. ये ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को कम कर देता है जिससे ब्लीडिंग की समया और अधिक बढ़ सकती है.
3. मधुमेह की स्थिति में
हल्दी में एक रासायनिक पदार्थ करक्यूमिन पाया जाता है. जो ब्लड शुगर को प्रभवित करता है. ऐसे में अगर आपको मधुमेह है तो हल्दी वाला दूध पीने से परहेज करना ही बेहतर होगा.

4. नपुंसकता का कारण

हल्दी, टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को कम कर देती हैं. इससे स्पर्म की सक्रियता में कमी आ जाती है. अगर आप अपनी फैमिली प्लान कर रहे हैं तो कोशिश कीजिए कि हल्दी का सेवन संयमित रूप से करें.
5. आयरन का अवशोषण
हल्दी का बहुत अधिक सेवन करने से आयरन का अवशोषण बढ़ जाता है. जिन लोगों में पहले से ही आयरन की कमी है उन्हें बहुत सोच-समझकर हल्दी का सेवन करना चाहिए.
6. सर्जरी के दौरान
जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि हल्दी खून का थक्का जमने नहीं देता है. जिसकी वजह से खून का स्त्राव बढ़ जाता है. अगर आपकी सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है तो हल्दी के सेवन से बचें

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