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सफ़ेद पानी का इलाज


सफ़ेद पानी का इलाज – श्वेत प्रदर के लक्षण और उसका घरेलू उपचार
सफ़ेद पानी का इलाज:- श्वेत प्रदर या सफ़ेद पानी आना महिलाओं का एक रोग होता है, इसको मेडिकल बोलचाल की भाषा में लिकोरिया भी कहते हैं. इस रोग में महिलाओं की योनि से चिपचिपा सफ़ेद रंगत लिए हुए बदबूदार गाढ़ा सा पानी का स्राव होने लगता है. इस पोस्ट में स्त्रियों में सफ़ेद पानी के कारण और उनके उपचार के लिए कुछ घरेलू जानकारियां दी जा रहीं है नीचे पूरी पोस्ट पढ़ें.सफ़ेद पानी का इलाज क्या है

सफ़ेद पानी का इलाज

हेल्थ टिप्स इन हिंदी ब्लॉग पुरुषों व महिलाओं के स्वास्थ सम्बन्धी जानकारियां उपलब्ध करता है. आप हम इस पोस्ट के द्वारा सफ़ेद पानी का इलाज घरेलू उपचार द्वारा कैसे ठीक करें ये बताएँगे. अगर रोग ज़्यादा पुराण हो गया हो तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लें इस बात को न भूलें. ज़्यादातर महिलाओं को तो ये पता ही नहीं होता के यह एक प्रकार का रोग है, और ये किस वजह से होता है.सफेद पानी का आना

ये सफ़ेद पानी आने के कारण महिलाओं के अंदर शरीर में संक्रमण बढ़ने का खतरा बहुत बढ़ जाता है. कुछ लड़कियां या शादीशुदा महिलाएं अज्ञानतावश या शर्म के मारे इसको नही बतातीं और जाने अनजाने में खुद ही इस रोग को निमंत्रण दे देती है। आइये जान लेते हैं की सफ़ेद पानी आने के क्या लक्षण होते हैं और श्वेत प्रदर का घरेलू उपचार कैसे किया जा सकता है.
सफ़ेद पानी – श्वेत प्रदर के लक्षण

इस तरह सफ़ेद पानी का आना अथवा श्वेत प्रदर महिलाओ में होने वाली एक आम समस्या है जिन स्त्रीओं व नयी उम्र की युवतियों में यह रोग हो जाता है इसके कारण उनका पूरा शरीर दुबला पतला, हाथ पैरों में दर्द होते रहना, चिढ़चिढ़ापन, काम में मन नहीं लगता, योनि के आसपास खुजली होना, योनी से बदबू आना, चक्कर आना और कमर का दर्द होते रहना इस तरह के लक्षण हो सकते हैं जब किसी को श्वेत प्रदर रोग हो जाता है. इसे अंग्रेज़ी भाषा में वेजाइनल डिस्चार्ज कहा जाता है. अनियमित मासिक धर्म / माहवारी कैसे चालू करें यहाँ जानें
श्वेत प्रदर – सफेद पानी – लिकोरिया होने का कारण

दरअसल स्त्री और युवतियों में ग्रीवा से उत्पन्न श्लेष्मा के बहाव को ही योनि स्राव कहा जाता है। और यह एक सामान्य सी प्रक्रिया होती है, जो मासिक चक्र के अनुसार समय समय पर परिवर्तित होती रहती है।

महिलाओं में मासिक धर्म से पहले और बाद में स्त्राव होना सामान्य सी प्रक्रिया होती है। इसके अलावा अण्डोत्सर्ग के समय पर भी योनि में स्वाभाविक स्त्राव होता है वो इसीलिए कि अंडे को तैरकर जाने में सहायता मिल सके।श्वेत प्रदर का इलाज

महावारी के चक्र क्रम समय के दौरान थोड़ा बहुत सफेद रंग का स्त्राव सामान्य होता है, लेकिन जब यह रिसाव गाढ़ा नीला हो या फिर हरा अथवा पीले रंग का हो तो यह असामान्य होता है और हम इसी को सफ़ेद पानी आने की समस्या या श्वेत प्रदर नामक रोग बोलते हैं।


श्वेत प्रदर, सफेद पानी आना, लिकोरिया होने का के कुछ और भी कारण हो सकते हैं जैसे, महिलाओं का बार बार गर्भपात हो जाना, यीस्ट संक्रमण से, किसी रोगग्रस्त पुरुष के साथ सहवास करने से भी यह हो सकता है. योनि को स्वच्छ न रखने पर भी ऐसा रोग होने का खतरा रहता है.
इसलिए आप जब भी बाथरूम जाएँ अपनी योनि को पेशाब करने के बाद पानी से धो लेना चाहिए. और नयी उम्र की लड़कियां अश्लील वार्तालाप के कारण, अथवा कामुक चिंतन करने से या ज़्यादा पोर्न साहित्य देखने से भी सफ़ेद पानी की समस्या हो सकती है.
सफ़ेद पानी का इलाज घरेलू उपचार द्वारा
लिकोरिया होने पर आप कुछ घरेलू उपचार के तौर पर भुने हुए चने रोज़ाना खाएं, यह एक सटीक इलाज है इससे कुछ ही दिनों में आपको सफ़ेद पानी जाने की समस्या से छुटकारा मिल जायेगा।लिकोरिया का आयुर्वेदिक इलाज
भिंडी में कई तरह के खनिज पदार्थ होते हैं और लुकोरिया रोग में यह बहुत फायदेमंद होती है, इसके लिए आप लगभग 100 ग्राम भिंडी को 1 लीटर पानी में 15 मिनट तक उबालें, और जब यह ठंढा हो जाये तो इसमें से अपनी क्षमता अनुसार पानी शहद मिलाकर पी लें, कुछ दिनों में आपका यह रोग जाता रहेगा.
सफ़ेद पानी का आयुर्वेदिक इलाज 
अमरुद के पत्ते जिसको कुछ लोग जाम या जामफल भी कहते हैं उनको लेकर पानी में अच्छी तरह से उबालें और जब पानी ठंडा हो जाये तब उस पानी से अपनी योनि को अच्छे से धो लें. अगर संभव हो तो दिन में रुक रूककर 3 या 4 बार इसको लगभग 5 से 7 दिनों तक इस प्रयोग को करें. पेशाब में जलन या यूरिन इन्फेक्शन के बारे में यहाँ जानें
सफ़ेद पानी का इलाज और इसके लक्षण – Safed Pani Ka Ilaj In Hindi
एक चम्मच प्याज़ के रस में एक चम्मच शहद का रस पानी के साथ मिलाकर सुबह शाम पीने से बहुत जल्दी श्वेत प्रदर का रोग ठीक हो जाता है. प्याज के फायदे यहाँ पढ़ें
पका हुआ केला इस रोग में बहुत ही ज़्यादा फायदेमंद साबित होता है इसके लिए आप एक पक हुआ केला लें और इसको मक्खन के साथ या शुध्ध घी के साथ खाएं और दिन में 2 बार लें तो अच्छा रहेगा.
आंवला पावडर शहद के साथ मिलाकर खाने से लुकोरिया के रोग में बहुत फायदा करता है. दिन में एक बार एक चम्मच आंवला चूर्ण शहद के साथ उतनी ही मात्र में ले सकते हैं.
क्रैनबेरी दूर करने सफ़ेद पानी की समस्या 
क्रैनबेरी एक छोटा मगर स्वादिष्ट फल है जिसका इस्तेमाल कई तरह की ओषधियों को तैयार करने में किया जाता है. क्योंकि क्रैनबेरी में जीवाणुरोधी और एन्टी ओक्सिडेंट का गुण भी पाया जाता है जो शरीर को कई तरह के संक्रमण से बचाता है. और ये महिलायों के बहुत ही खास है. क्योंकि ये लिकोरिया मलतब सफ़ेद पानी का इलाज के लिए क्रैनबेरी एक बहुत कारगर दवा है.



इस क्रैनबेरी के आप कच्चा भी खा सकते है. या फिर क्रैनबेरी का जूस आपके लिए बहुत कम समय में आप सफ़ेद पानी की समस्या को दूर कर सकते है. और इसलिए आप भी यदि सफ़ेद पानी का इलाज चाहती है. तो रोजाना कम से कम 2 बार क्रैनबेरी के जूस को पीयें. आपको बेहत आराम मिलेगा.
महिलाओं को ज्यादातर माहवारी की समस्या से परेशान होना पड़ता है और ये समस्या बहुत ही दर्दनीय होती है. और सफ़ेद पानी आने से शरीर के अंग से बदबू भी आना, उल्टिया होना, सिर दर्द होना, चिडचिडापन रहना भी सफ़ेद पानी या लिकोरिया के लक्षण है. आप यदि सफ़ेद पानी का इलाज चाहती है. तो नियमित रूप से आपको अंजीर का सेवन करना चाहिए क्योंकि अंजीर में कई सारे आयुर्वेदिक गुण है.
जो आपके शरीर को detox करता है. और आपको शरीर के आन्तरिक अंगों में होने वाली खुजली और अन्य बिषेले तत्वों को शरीर से मिटाता है. और आपको स्वस्थ बनाता है. इसलिए आप रात को सोने से पहले सूखी हुई अंजीर को पानी में 6 – 7 घंटे के लिए छोड़ दें फिर इस भीगे हुई अंजीर का सेवन करें. आपको लाभ होगा.
मेथी दाना है आयुर्वेदिक दवा 

मेथी बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है. और मेथी दाना कई तरह की द्वार्यों को तैयार करने में काम आता है. ये बहुत सस्ता और सरल इलाज है. इससे आप लिकोरिया सफेद पानी का इलाज कर सकती है. ये महिलाओं और लड़किओं की योनी में ph के लेवल को मेंटेन करने में मदद करता है.


जिससे की माहवारी सही समय पर आयें और ज्यादा तकलीफ भी न हो. आपको एक चम्मच मेथी के बीजों को पानी में भिगोना है फिर सुबह खाली पेट ही इन दानो को शहद के खांए. एक दो दिन में ही आपको इसका असर देखने को मिलेगा. और मेथी दाना आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.


आपने शायद नोटिस किया होगा कि बीमार लोगों के लिए फल लेकर जाते है. एसा क्यों ज़रूरी है एसा सोचा. क्योंकि फल शरीर को बलबान बनाने में मदद करता है. क्योंकि आनर में कई सारे गुण होते है और ये आपको घाव को बहुत से ठीक होने में मदद करता है. और आनर खाने में बहुत ही ज्यादा टेस्टी फल है जिसे आम तरह.लिकोरिया का आयुर्वेदिक इलाज
सफ़ेद पानी का इलाज

यह भी है थोड़ा ध्यान दें इन बातों पर योनि को बाथरूम के बाद धोना न भूलें, और अपने अंतर्वस्त्र, स्वच्छ रखें व साफ़ पेंटी ही पहनें. लम्बे समय तक गन्दे बने रहना भी इस रोग का कारण होता है, अधिक भूखा न रहें या ज़्यादा उपवास भी न रखें. अश्लील सामग्री न देखें, उत्तेजक कल्पनाएं मन में न लाएं इत्यादी.

लिकोरिया होने पर मिठाई बिलकुल न खाएं इस बात का विशेष ध्यान रखें, और इसके अलावा आप पेस्ट्री, कस्टर्ड और आइसक्रीम और अन्य शक्करयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी न करें. ये कुछ उपाय है जिन्हें आप यदि नियमित रूप से फॉलो करती है तो आपको सफ़ेद पानी का इलाज नही कराना पड़ेगा.
सावधानियां रखें सुरक्षित रहें

यदि आपको भी सफ़ेद पानी की समस्या है तो आपको कुछ उपाय करने होगे. जिन्हें करके आप कुछ आसानी से सफ़ेद पानी का इलाज कर स्किते है. लेकिन जब आपको सफ़ेद पानी या फिर लिकोरिया की समस्या हो कुछ बातों का बहुत ख़ास ध्यान रखना होगा. जैसे जब भी आपको सफ़ेद पानी आयें तो अपने शरीर के अंतर्वस्त्रों को बार बदले ताकि सन्क्रमण न फैलें. और आपनी योगी को कम से दिन में तीन से चार डोलें. कपड़े में सिरका डालकर डालकर रखें इस्स्ल्ये भी आपको लाभ होगा.

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