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खून के थक्कों से जुड़े यह संकेत साबित हो सकते हैं खतरनाक


खून के थक्कों से जुड़े यह संकेत साबित हो सकते हैं खतरनाक
भूलकर भी इन्हें मत करना नज़रअंदाज।


हमारे शरीर के साथ ऐसी कई स्थितियां बनती हैं जो कुछ हद तक हमारे लिए फायदेमंद होती हैं। मगर इनकी अति हो जाने पर समस्या खड़ी हो जाती है। इन्फेक्शन आदि को दूर करने के लिए छींक बहुत जरूरी होती है। लेकिन जरूरत से ज्यादा छींके स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती है। ऐसा ही कुछ 'ब्लड क्लॉट्स' का मामला भी है। 

जब हमें कोई चोट या कट लगता है तो खून का थक्का सा जम जाता है। जो हमारे लिए फायदेमंद होता है। यह घाव भरने में मदद करता है। मगर ये थक्का बेवजह बन जाए और लंबे समय तक बना रहे तो यह अच्छा संकेत नहीं है। 

हम सभी जानते हैं कि हमारे शरीर में खून और ऑक्सीजन 24 घंटे नस के जरिए ट्रांसफर होता रहता है। यदि कभी क्लॉट इन धमनी या शिरा के रास्ते में बन जाए तो जान पर भी बन सकती है। 

शरीर के विभिन्न अंगों में ब्लड क्लॉट बनने के अलग वार्निंग साइन होते हैं। आज करते हैं इन्हीं पर बात।



पैरों और हाथों में क्लॉट 


जब पैर और हाथों की अंदरूनी नसों में ब्लड क्लॉट बनता है तो इस स्थिति को 'डीप वैन थ्रोम्बोसिस' कहते हैं। ऐसा किसी सर्जरी के बाद या प्लेन आदि में घंटों बैठने की वजह से होता है। डीआईटी की स्थिति में प्रभावित एरिया के पास सूजन आ जाती है। 




बदलता है रंग 



इस स्थिति में स्किन का कलर लाल और नीला हो सकता है। साथ ही इसमें खुजली भी हो सकती है। जब क्लॉट और गंभीर होता जाता है तो तेज दर्द होने लगता है। 


सांस लेने में दिक्कत 


डीआईटी के बारे में डरने वाली बात यही होती है कि ब्लड क्लॉट पैर या हाथ से लंग्स में जा सकता है। जब ऐसा होता है तो व्यक्ति को सांस लेने में समस्या होने लगती है। इसके अलावा कफ और सीने में दर्द भी हो सकता है। 


दिल में ब्लड क्लॉट 


ब्लड क्लॉट हृदय के आसपास भी होता है। यदि ब्लड क्लॉट हार्ट के पास हुआ है तो इसकी वजह से हार्ट अटैक की स्थिति तक बन सकती है। 


इन लक्षणों पर करें गौर 


हार्ट में ब्लड क्लॉट बनने पर सीने में तेज दर्द होता है। इसके साथ ही सांस लेने में समस्या होना और पसीना आने जैसे साइन भी नजर आते हैं। 


लंग्स में क्लॉट 



फेफड़ों में बने क्लॉट्स,पैर या हाथों से मूव होकर ही आते हैं। यह स्थिति खतरनाक होती है और इसे 'Pulmonary Embolism' कहा जाता है। फेफड़ों में ब्लड क्लॉट बनने पर हार्ट क्लॉट के सिम्पटम्स के अलावा चक्कर आने की समस्या भी होती है। 

दिमाग में क्लॉट 


दिमाग में ब्लड क्लॉट्स, ब्रेन में ब्लड लाने वाली नसों में फैट जमने की वजह से या किसी चोट की वजह से बनता है। इसके अलावा छाती या गर्दन का ब्लड क्लॉट भी दिमाग तक आ जाता है और स्ट्रोक की वजह बनता है। 


इन पर रखें नजर 


दिमाग में ब्लड क्लॉट बनने पर बोलने या देखने में दिक्कत होना, कमजोरी महसूस होना और मिर्गी के दौरे आदि पड़ने लगते हैं। 


पेट में ब्लड 


आंत तक ब्लड पहुंचाने वाली नसों में भी ब्लड क्लॉट जमता है। ये ब्लड क्लॉट्स 'Diverticulitis', लिवर डिसीज या बर्थ कंट्रोल पिल्स की वजह से होता है। 

ऐसे करें पहचान 



पेट में ब्लड क्लॉट बनने पर जी मिचलाना, उल्टी आना, डायरिया, स्टूल्स में खून आना और पेट फूलना जैसे वार्निंग साइन देखने को मिलते हैं, इसलिए उन पर नज़र बनाए रखें।


किडनी में ब्लड क्लॉट्स 



किडनी में ब्लड क्लॉट होने से शरीर की गंदगी निकलने में खलल पड़ सकता है। किडनी क्लॉट की वजह से हाई ब्लड प्रेशर के साथ ही किडनी तक फैल हो सकती है।

आपको हो सकता है ये सब 


किडनी में क्लॉट्स होने पर साइड बेली, पैर और जाँघों में दर्द, यूरिन में ब्लड आना, बुखार होना, जी मिचलाना, हाई ब्लड प्रेशर, सांस लेने में दिक्कत और पैरों में सूजन आना आदि हो सकता है। 

यदि कभी ब्लड क्लॉट्स के ऐसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो इन्हें नजरअंदाज बिल्कुल ना करें। साथ ही अपने दोस्तों के साथ भी यह जानकारी शेयर करें।

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