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गर्मी में पिए पानी और खाए मौसमी फल

गर्मी में पिए पानी और खाए मौसमी फल

गर्मी में पिए पानी और खाए मौसमी फल के लिए इमेज परिणाम


शरीर को ठंडा रखने के लिए पानी सबसे जरूरी चीज है. पसीने की वजह से डिहाइड्रेशन हो सकता है, इसलिए रोजाना कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी पीएं. इसके लिए प्यास लगने का इंतजार ना करें. शरीर में पर्याप्त नमी रहेगी तो आप फ्रेश फील करेंगे. खून में ऑक्सिजन का स्तर सामान्य रहेगा, और आप थकान महसूस नहीं करेंगे. एक्सरसाइज करते या घूमते वक्त अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें. 

समर में पानी वाले फ्रूट्स हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं. ऐसे में इन्हें अपनी डायट में इन्हें शामिल करें. तरबूज, अनानास, टमाटर, नींबू, संतरा, अंगूर, खीरा, नारियल पानी आदि. 

इनका तकरीबन 90 पर्सेंट हिस्सा पानी होता है. साथ ही तमाम तरह के मिनरल्स और विटमिन भी होते हैं, जो आपको चुस्त-दुरुस्त रखेंगे. तो इस गर्मी लापरवाही बिलकुल भी ना करे. पानी और फलों का सेवन खूब करे. 

: सेक्स करने से इंसान करता है जवान महसूस



रिसर्च में पाया गया है कि हर रोज़ सेक्स करने से आपके शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है. अगर आपके पास जिम जाने का समय नहीं है, तो अपने पार्टनर के साथ हर रोज़ सेक्स भी आपको तंदुरुस्त रखेगा. क्योंकि इंटरर्कोर्स के वक्त, आपके हाथ-पैर, शोल्डर यानी की शरीर के सारे अंगों और मांसपेशियों की कसरत हो जाती है.

सेक्स करने से इंसान जवां महसूस करता है और उसकी उम्र लम्बी होती है. इसकी वजह खुशी भी हो सकती है. इससे चेहरे पर चमक भी आती है. सोने से पहले अगर आप सेक्स करते हैं तो आपको रात को बहुत अच्छी नींद आती है. इसलिए लव-मेकिंग हर रोज़ करने की कोशिश कीजिए.

देखा जाए तो सेक्स का मतलब सिर्फ 2 जिस्मों का मिलना नहीं है, यह एक प्रकार से दिमाग को रिलैक्स करने का तरीका भी है. इसे दिन में 1 बार करने से कई तरह की टेंशन से निजात मिलता है. 

यह दर्दनिवारक कर देता है सारे दर्द दूर




एल्यूमिनियम फॉयल खाना पैक करने के काम आता है, लेकिन एल्यूमिनियम फॉयल के इस्तेमाल से शरीर के किसी भी अंग में होने वाले दर्द को दूर किया जा सकता है. गर्दन – पीठ – कंधे – घुटने या पैरों में दर्द हो रहा हो तो दर्द वाले हिस्से पर एल्यूमिनियम फॉयल लगाएं दर्द गायब हो जाएगा.


इस फॉयल में चिकित्सकीय गुण होते हैं. एल्यूमिनियम फॉयल का एक टुकड़ा दर्द वाली जगह लगा उस पर बैंडेज बांध दें. इससे दर्द मे काफी राहत मिलेगी. यह गठिया और निशान के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. कमर दर्द सताने लगे, दवाई न खाएं, रसोई में रखे एल्यूमिनियम फॉयल को कमर पर लपेट कर उसके ऊपर गर्म पट्टी बांध कर सो जाएं. दर्द में आराम मिल जाएगा.

शरीर के विभिन्न अंगों में दर्द होने पर एल्यूमिनियम फॉयल लपेट कर गर्म पट्टी बांध कर 10 से 12 घंटों के अंतर्गत दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है. एल्यूमिनियम फॉयल एंटी – इंफ्लेमेंटरी गुण से भरपूर है. शरीर के दर्दनाक हिस्से पर एल्यूमिनियम फॉयल लगा रात भर के लिए छोड़ दें. 

बड़ा ही गुणकारी है कद्दूबड़ा ही गुणकारी है कद्दू



अक्सर डाइट में कुछ सब्जियों के बारे में हमारी धारणा होती है कि इन्हें कितना भी लें पर इनका फायदा कुछ नहीं है. आइए जानें ऐसी सब्जियों के बारे में, जिन्हें आप अब तक बेकार समझते आ रहे थे लेकिन इनके फायदे जानकर आपके कई भ्रम दूर होंगे. कहने-सुनने में भले ही ‘कद्दू’ शब्द का प्रयोग व्यंग्यात्मक रूप में किया जाता हो, लेकिन ‘व्यंजनात्मक’ रूप में इसका प्रयोग बहुत लाभकारी होता है. 

स्वाद के लिए भी और सेहत के लिए भी. प्रकृति ने अपनी इस ‘बड़ी’ देन में कई तरह के औषधीय गुण समेटे हैं. इसका सेवन स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है. इस सब्जी में ‘पेट’ से लेकर ‘दिल’ तक की कई बीमारियों के इलाज की क्षमता है. जहां यह हृदयरोगियों के लिए बहुत लाभदायक होती है, वहीं कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक होती है.

कद्दू हमारे घर में बनाई जाने वाली आम सब्जी है लेकिन हम फिर भी इसे अपनी फेवरेट सब्जी के रूप में उल्लेख नहीं करते. यह बहुत ही स्वास्थ्य वर्धक सब्जी है जिसे हम नजरअंदाज कर देते हैं. भारत में कद्दू की कई प्रजातियां पाई जाती हैं जिन्हें उनके आकार-प्रकार और गूदे के आधार पर मुख्य रूप से सीताफल, चपन कद्दू और विलायती कद्दू के वर्गों में बांटा जाता है.

हमारे यहां विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर कद्दू की सब्जी और हलवा आदि बनाना-खाना शुभ माना जाता है. उपवास के दिनों में फलाहार के रूप में भी इससे बने विशेष पकवानों का सेवन किया जाता है. लोगों में यह भी गलत धारणा है कि कद्दू मीठा होता है इसलिये इसे मधुमेह रोगी नहीं खा सकते। यह बात बिल्कुल गलत है. शरीर के इन्सुलिन लेवल को बढाना कद्दू का काम होता है. 

नींद नहीं आती तो खाए यह जड़ीबूटिनींद नहीं आती तो खाए यह जड़ीबूटि



सर्पगन्धा, ये नाम आपने शायद ही सुना हो लेकिन आयुर्वेद में ये बहुत ही उपयोगी जड़ी के रूप में वर्णित है. जैसे कि नाम से ही स्पष्ट हो जाता है, यह सर्प या सांप के काटने पर दवा के नाम पर प्रयोग में आता है. सांप काटने के अलावा इसे बिच्छू काटने के स्थान पर भी लगाने से राहत मिलती है. दो-तीन साल पुराने पौधे की जड़ को उखाड़ कर सूखे स्थान पर रखते है,इससे जो दवा निर्मित होती हैं,उसका उपयोग उच्च रक्तचाप, गर्भाशय की दीवार में संकुचन के उपचार में करते हैं. 


इसकी पत्ती के रस को निचोड़ कर आंख में दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है. अनिद्रा, हिस्टीरिया और मानसिक तनाव को दूर करने में सर्पगन्धा की जड़ का रस काफी उपयोगी है. इसकी जड़ का चूर्ण पेट के लिए काफी लाभदायक है. इससे पेट के अन्दर की कृमि खत्म हो जाती है.


इसकी जड़ भी बहुत उपयोगी मानी जाती है. जिन लोगों को अनिद्रा की समस्याहोती है, उनके लिए तो ये जड़ी वरदान है. यदि इसकी जड़ के चूर्ण का सेवनकरना चाहें तो इसकी जड़ को खूब बारीक पीसकर कपड़े से छानकर महीन पावडर बनालें. अनिद्रा दूर कर नींद लाने के लिए इसे 2 ग्राम मात्रा में सोने से घण्टे भर पहले मटके के पानी के साथ ले लेना चाहिए. 

: खाना खाने की इच्छा नहीं होती है तो यह आजमाएखाना खाने की इच्छा नहीं होती है तो यह आजमाए






भूख नही लगने पर आधा माशा फ़ूला हुआ सुहागा एक कप गुनगुने पानी में दो तीन बार लेने से भूख खुल जाती है. काला नमक चाटने से गैस खारिज होती है, और भूख बढती है, यह नमक पेट को भी साफ़ करता है. हरड का चूर्ण सौंठ और गुड के साथ अथवा सेंधे नमक के साथ सेवन करने से मंदाग्नि ठीक होती है.

सेंधा नमक, हींग अजवायन और त्रिफ़ला का समभाग लेकर कूट पीस कर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण के बराबर पुराना गुड लेकर सारे चूर्ण के अन्दर मिला दें और छोटी छोटी गोलियां बना लें. रोजाना ताजे पानी से एक या दो गोली लेना चालू कर दे,यह गोलियां खाना खाने के बाद ली जाती है,इससे खाना पचेगा भी और भूख भी बढेगी. 


अजवायन चालीस ग्राम सेंधा नमक दस ग्राम दोनो को कूट पीस कर एक साफ़ बोतल में रखलें. इसमे दो ग्राम चूर्ण रोजाना सवेरे फ़ांक कर ऊपर से पानी पी लें. इससे भूख भी बढेगी और वात वाली बीमारियां भी समाप्त होंगी. हरड को नीब की निबोलियों के साथ लेने से भूख बढती है और शरीर के चर्म रोगों का भी नाश होता है. 
सेक्स से जुड़े दिलचस्प पहलूसेक्स से जुड़े दिलचस्प पहलू



सेक्स मानव जीवन का एक ऐसा पहलू है जिसका हरेक व्यक्ति के जीवन से गहरा जुड़ाव और संबंध होता है. अगर कहा जाए कि इसके बिना हम सम्पूर्ण जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी. इस कारण से इससे जुड़ी बहुत सारी ऐसी बातें होती हैं जिनके बारे में हमें पता नहीं होता. इसका एक कारण यह भी है कि समय-समय पर सेक्स और उससे जुड़े पहलुओं पर शोध होते रहे हैं.

हम आपको ऐसे ही शोधों और अध्ययनों के दिलचस्प निष्कर्ष बता रहे हैं जिनसे आपकी सेक्स संबंधी जानकारी में बढ़ोतरी होगी और साथ ही आपको सेक्स के बारे में कुछ दिलचस्प बातें भी जानने को मिलेगी.

-ऐसे पुरुष जिनके अनेक औरतों से सेक्स संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्‍वपूर्ण तो मानते हैं लेकिन ऐसे पुरुष अपने संबंधों से कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाते हैं.

-एक अध्ययन के अनुसार नीली आंखों वाले पुरुष नीली आंखों वाली स्त्री को ही पसंद करते हैं. पर अगर उनके बच्चे की आंखों का रंग नीला नहीं होता तो वे सोचते हैं कि उनकी पार्टनर ने उनके साथ धोखा कर किसी ओर के साथ सेक्स संबंध बनाए हैं.

महिलाएं मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान या उसके ठीक पहले सुखद चरम का अनुभव करती हैं. इसका कारण है कि उस समय उनके पेल्विक एरिया में रक्त संचार बढ़ जाता है. 

रोजाना सेक्स करने के बहानेरोजाना सेक्स करने के बहाने



सेक्स सिर्फ शारीरिक सुख के लिए ही नहीं किया जाता, बल्कि कई रिसर्च इस बात को साबित करते हैं इसको करने से इंसान का शरीर स्वस्थ और कई बीमारियों से दूर रहता है. सेक्स, इंसान की खोजी हुई वो पहली दवा है जिसे हर दिन लेने से शरीर को फायदा होता है. 

एक्ससाईज़ का अच्छा तरीका: सेक्स एक शारीरिक क्रिया है. इंटरकोर्स के दौरान आपके शरीर में ठीक वैसे ही क्रियात्मक बदलाव होते हैं जैसा कि वर्कआउट या व्यायाम करते वक्त. लिहाजा आप थकते हैं और आपके शरीर की कैलोरी बर्न होती है. 
दर्द से छुटकारा: एक स्टडी के मुताबिक सेक्स खासकर ऑर्गेज़म के दौरान लोगों को दर्द महसूस नहीं होता. महिलाओं में तो सेक्स करने से फर्टिलिटी पावर भी बढ़ता है.


प्रॉस्टेट की सुरक्षा: सेक्स के दौरान जो भी द्रव शरीर से बाहर आता है वो ज्यादातर प्रॉस्टेट ग्रंथि से सिक्रीट होता है. ऐसे में अगर इजैक्यूलेशन की प्रक्रिया रुक जाती है, तो ये द्रव पदार्थ ग्रंथि में ही रह जाता है जिससे सूजन हो सकती है और कई तरह की समस्याएं भी. समय-समय पर इजैक्यूलेशन की प्रक्रिया होने से प्रॉस्टेट ग्रंथि की सुरक्षा होती है.

स्ट्रेस रिलीफ़: ये एक वैज्ञानिक तथ्य है कि सेक्स करने से स्ट्रेस यानी तनाव से मुक्ति मिलती है. इस प्रक्रिया के दौरान आपके शरीर में डोपामाइन नाम का एक पदार्थ बनता है जो स्ट्रेस हॉरमोन से लड़ता है. इसके अलावा इंडॉरफिन हॉरमोन और ऑक्सिटॉक्सिन भी शरीर में बनता है जो तनाव से शरीर को छुटकारा दिलाता है. 


: यदि बीवी आपके सेक्स परफॉरमेंस से खुश नहीं है तो यह पढ़े






अपनी पत्नी की सेक्स की इच्छा पूरी नहीं कर पाने से परेशान एक व्यक्ति द्वारा तलाक लेने की हाल ही में आई खबर तो आपने जरूर पढ़ी होगी. घबराइए मत, इस घटना का जिक्र कर हम आपकी यौन शक्ति पर सवाल नहीं उठा रहे हैं. हमारा मकसद तो उन लोगों की मदद करना है जो अपने पार्टनर को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाने के कारण परेशान रहते हैं. यहां हम यौन शक्ति में कमी लाने वाले कारकों और उन्हें दूर करने के लिए खान-पान की कुछ ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनके जरिए इस कमी को दूर किया जा सकता है.

सफेद मुसली: यूनानी चिकित्सा के मुताबिक सफेद मुसली का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है.

अदरक: यौन शक्त बढ़ाने में इसकी भूमिका भी अहम हो सकती है, इसलिए इसे खान-पान में जरूर शामिल करें.

खजूर: बादाम, पिस्ता और खजूर को रोजाना खाने से आपको जरूर फर्क महसूस होगा.

लहसुन: कच्चे लहसुन की 2-3 कलियों का रोजाना सेवन अपना प्रभाव दिखाएगा. 

मसूर की दाल से चमकाए चेहरामसूर की दाल से चमकाए चेहरा


अपने चेहरे को चमकाना हर किसी का सपना होता है. इसके लिए लोग डॉक्टर्स की सलाह लेते है. उनकी मोटी मोटी फीस भरते है. फिर महंगे महंगे प्रोडक्ट भी खरीद लेते है. लेकिन हम आज आपको चेहरे को साफ़ और चमकदार बनाने का सस्ता और कारगर तरीका बताएँगे. 


जब चेहरे पर दाग धब्बे और मुहांसे हो जाये तो चेहरे की रंगत और रूप दोनों ही बेकार हो जाते है. इसका छोटा सा उपाय है कि रात को एक मुट्ठी मसूर की दाल थोड़े से पानी में भिगो दे सुबह जब वो दाल पानी सारा सोख लेती है. उसे पीस कर पेस्ट बना ले और उसमे थोड़ा सा दूध मिलाकर उस पेस्ट को दोनों समय अपने चेहरे पे लगाये. 

अब दस या पंद्रह मिनट बाद मुंह को सादे पानी से धो ले. इससे चेहरे के सभी दाग धब्बे मुहांसे आदि थोड़े से दिनों में ही खत्म हो जायेंगे और चेहरा दमक उठता है. 

: पेशाब में जलन होने पर यह करेपेशाब में जलन होने पर यह करे




धूप में व तेज गर्मी में काम करने से व घूमने से उष्ण प्रकृति के पदार्थों के अति सेवन से मूत्राशय पर गर्मी का प्रभाव हो जाता है, जिससे पेशाब में जलन होती है. कभी-कभी जोर लगाने पर पेशाब होती है, पेशाब में भारी जलन होती है, ज्यादा जोर लगाने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब होती है.

एक भाग दूध व एक भाग ठंडा पानी मिलाकर फेंट लें, इसकी मात्रा 300 एमएल होनी चाहिए. एक चम्मच चूर्ण फांककर यह फेंटा हुआ दूध पी लें. यह पहली खुराक हुई। दूसरी खुराक दोपहर में व तीसरी खुराक शाम को लें. दो दिन तक यह प्रयोग करने से पेशाब की जलन दूर होती है व मुँह के छाले व पित्त सुधरता है. शीतकाल में दूध में कुनकुना पानी मिलाएँ. 


पेशाब में जलन होना आम समस्या है लेकिन बहुत से लोग इसे नजरअंदाज कर जाते हैं. कभी-कभी यह कुछ समय के लिये ही होती है और कभी यह महीनो तक चलती है. यह बीमारी महिलाओं और पुरुष दोनों को ही होती है. इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं जैसे, मूत्र पथ संक्रमण, किडनी में पथरी या डीहाइड्रेशन आदि. 



पेट दर्द में उपयोगी अदरकपेट दर्द में उपयोगी अदरक






वैसे तो पेट दुखने के अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर पेट दर्द का एक मुख्य कारण अपच, मल सूखना, गैस बनना यानी वात प्रकोप होना और लगातार कब्ज बना रहना भी है. पेट दर्द को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय है, जो दर्द तो दूर करते है, साथ ही साथ पेट की क्रियाओं को भी ठीक करते है. अगर आपका पेट खराब हो गया है और आप दवाई खाने से बचना चाहते हैं तो अदरक का उपयोग कर राहत पा सकते हैं. 


उदर मे असुविधा में अदरक का इस्तेमाल काफी कारगर होता है. इसमें एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो पेट दर्द में राहत देता है. एक चम्मच अदरक पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से आराम मिलता है.


अदरक का रस एक चम्मच, नींबू का रस 2 चम्मच लेकर उसमें थोडी सी शक्कर मिलाकर प्रयोग करें. पेट दर्द में लाभ होगा. दिन में 2-3 बार ले सकते हैं. अदरक का रस और अरंडी का तेल प्रत्येक एक-एक चम्म च मिलाकर दिन में 3 बार लेने से पेट दर्द दूर होता है. 



: आम आदमी का खाना दाल चावल के लाभआम आदमी का खाना दाल चावल के लाभ






आमतौर पर लोगों के घर में हर रोज दाल-चावल बनता है. कुछ लोगों के घर में ये दोपहर का मुख्य आहार होता है तो कुछ के घर में रात का. पर दाल-चावल एक ऐसी चीज है जिसे हम रोज खा सकते हैं. आइये अब जाने इसे खाने के फायदे. 


1. दाल में कई ऐसे अमीनो एसिड्स होते हैं जो चावल में नहीं होते. ऐसे में जब आप दाल और चावल साथ खाते हैं तो आपको ये सारे पोषक तत्व मिल जाते हैं.


2. दाल और चावल दोनों में ही फाइबर की भरपूर मात्रा होती है. ये एक सुपाच्य व्यंजन है. फाइबर की मौजूगी से पाचन क्रिया बेहतर बनती है.


3. मांसाहार करने वालों में प्रोटीन की कमी नहीं होने पाती लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए दाल ही प्रोटीन का प्रमुख माध्यम है. इसमें मौजूद फोलेट दिल को सुरक्षित रखने में भी मददगार होता है.


4. ऐसा माना जाता है कि चावल खाने से वजन बढ़ जाएगा. पर ऐसा नहीं है. दाल-चावन खाने से काफी देर तक पेट भरे होने का अहसास होता है. जिससे दिनभर कुछ-कुछ खाने की जरूरत नहीं पड़ती और एक्स्ट्रा कैलोरी जमा नहीं होने पाती है. 



: मसल्स पेन दूर करेगी हींगमसल्स पेन दूर करेगी हींग






यदि आपकी पसलियों में दर्द बन रहता है तो आपको किसी दवाई पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. आपको बस अपने किचन में जाना होगा और वहां से कुछ सामान ढूंढ उसे मिलान होगा. तो आइये जाने कैसे आप घर पर ही अपनी पसलियों के दर्द से छुटकारा पा सकते है. 


नारियल तेल गर्म कर लें. हींग के कुछ छोटे टुकड़े इस तेल में डालें और गलने तक तेल गर्म करें. जब ये तेल हल्का गर्म हो तो कानों में ईयरड्रॉप्स के रूप में डालें. पसलियों में दर्द होने पर हींग रामबाण की तरह से काम करता है. 


ऎसे में हींग को गरम पानी में घोलकर लेप लगाएं, सूखने पर प्रक्रिया दोहराएं. आराम मिलेगा. यह प्रकियां एक हफ्ते तक रोजाना करे. जल्द आपको फर्क महसूस होगा. 



गर्भावस्था में खाए केलागर्भावस्था में खाए केला





केला पोषक तत्वों का खजाना है, केले में थाईमिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन, फोलिक एसिड, विटामिन A, B, B6, आयरन, कैल्शियम, मैगनिशियम, पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा विटामिन व मिनरल्स की आवश्यकता होती है. इसलिए गर्भवती को यह सलाह दी जाती है कि वह अपने आहार में केला अवश्य शामिल करें. इसका कारण यह है कि बच्चों के विकास के लिए केला बहुत फायदेमंद होता है. 


केले में मिनरल और विटामिन पाया जाता है जिसका सेवन करने से बच्चों का विकास अच्छे से होता है. इसलिए बच्चों की डाइट में केले को जरूर शमिल करना चाहिए. मैग्निशियम की वजह से केला जल्दी पच जाता है और मेटोबोलिस्म (उपापचय) को दुरुस्त रखता है, कोलेस्ट्रोल कम करता है. 


केला ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है. केले में आसानी से रक्त में मिलने वाला आयरन तत्व होता है, केला खाने से खून में हीमोग्लोबिन बढ़ता है इसलिए एनीमिया (रक्ताल्पता) के रोगियों को भी केला अवश्य खाना चाहिए. 



: अनार दाना आज ही खानाअनार दाना आज ही खाना






अनार एक ऎसा फल है जिससे सौ तरह की समस्याओं का समाधान हो सकता है. अनार के दाने या जूस दोनो ही फायदा करते हैं अपने टेस्ट के अनुसार कुछ भी ले सकते हैं. अनार के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ है. ये विटामिन्स का बहुत अच्छा स्त्रोत है, इसमें विटामीन ए, सी और ई के साथ-साथ फोलिक एसिड भी होता है. इसमें एंटी आक्सीडेंट, एंटी वाइरल की विशेषता पाई जाती है. 


- चिकित्सा अध्ययनों ने ये साबित हुआ है कि अनार फेफड़ो के कैंसर को बढने से रोकता है.


- अनार का जूस कम ब्लड प्रेशर वाले लोगो के लियें बहुत फायदा करता है.


- दिल की बीमारियों के लिए भी अनार को बहुत पौष्टिक माना जाता है.


- अनार के छिलके को पीसकर, उससे चेहरे पर मसाज करने से डेड स्किन साफ हो जाती है. साथ ही ब्लैकहेड्स की समस्या भी दूर हो जाती है. आप चाहें तो इसे ब्राउन शुगर और हनी के साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं. कैंसर से बचाव करने में भी अनार कारगर होता है. 


- जो लोग प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर से परेशान हैं अगर वो अनार का जूस रोज़ पियें तो उनका कैंसर बढने से रुक सकता है. 


- अनार खाने से शरीर में खून का प्रवाह ठीक तरह से होता है. इसके साथ-साथ ये हर्ट अटेक और हर्ट स्ट्रोक को भी ठीक कर देता है. 

ज्यादा मीठा पीना महिलाओं के लिए है नुकसानदायक



गर्मियां शुरू होते ही शीतल पेय की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है. आजकल के युवा वर्ग का यह एक पसंदीदा पेय बन गया है. लेकिन शक्करयुक्त शीतल पेय के सेवन से मोटापा बढ़ता है और ज्यादा सेवन से डायबिटीज का खतरा भी. एक अध्ययन में ये बात सामने आई है कि शक्करयुक्त शीतल पेय लड़कियों के लिए ज्यादा घातक हो सकता है. 


हार्वर्ड मेडिकल स्कूल बोस्टॉन (यूएसए) के एक अध्ययन के अनुसार जो लड़कियां शुगर शीतल पेय का ज्यादा सेवन करती हैं, वे जल्दी मासिक रजोधर्म का शिकार हो जाती हैं. ऐसी लड़कियों के लिए ब्रेस्ट कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है. 


हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर कॉरिन मिकेल्स के अनुसार सामान्य से एक साल पहले मासिक रजोधर्म ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 5 प्रतिशत बढ़ा देता है. 



पैरों से आने वाली बदबू का इलाज






हम अक्सर अपने चेहरे की साफ़ साफाई पर बड़ा ध्यान दे देते है. उसे चमकाने के लिए महंगे महंगे उत्पाद भी खरीद लेते है. लेकिन जब बारी हमारे पाँव की साफ़ सफाई और देख भाल की आती है तो इसे अनदेखा कर देते है. 


इस लापरवाही का नतीजा यह होता है कि पैरो से खतरनाक बदबू आने लगती है. इस बदबू की वजह से ना सिर्फ आप परेशान होते है बल्कि आप जहाँ जाते है वहां का पूरा माहौल बदबू से भर जाता है. इस समस्यां से निपटने के लिए यह करे. 


पैरों की दुर्गंध करें दूर: ग्रीन टी की महक स्ट्रॉन्ग और पावरफुल होती है. यूज़ की हुई चाय पत्ती को पानी में डाल दें और उसमें पैरों को 20 मिनट के लिए डालकर रखें. इससे चाय आपके पैरों के पसीने को सोख लेती है और पैरों की स्मेल को खत्म करती है. 



हैंडी हेल्थ टिप्स






आज हम आपको कुछ ऐसी आसान हेल्थ टिप्स बता रहे है जो आपके और आपके परिवार के लोगो के काम आएगी. इसलिए इसे कही सेव कर के रख ले. 


- पसीने में पानी पीना, छाया में बैठकर अधिक हवा खाना, छाती व सिर में दर्द पैदा करते हैं.


- भोजन के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी पीना, भोजन के बाद ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए.


- दिनभर बैठक का काम करने वाले व्यक्ति को प्रातः घूमना चाहिए.


- जूठा पानी पीने से टीबी, खांसी व दमा आदि बीमारियां पैदा होती हैं. 


- पेट में पानी हो तो दो गोले नारियल का पानी नित्य सेवन करें.


- महिलाओं को विशेषकर अंगूर सेवन ज्यादा करना चाहिए. 


- दही में बेसन मिलाकर उबटन की तरह मलें, शरीर की बदबू रफूचक्कर हो जाएगी. 



: गर्मी में बच्चों की देख रेखगर्मी में बच्चों की देख रेख






गर्मी के मौसम में बच्चों का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए. यदि थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाए तो उन्हें लू, दस्त, उलटी और पानी की कमी जैसे परेशानियां जकड़ सकती है. इसलिए यह आपका फर्ज बनता है कि आप गर्मी में बच्चों की सेहत का ख्याल रखते हुए नीचे दी गई टिप्स आजमाए. 


1. गर्मी में बच्चों को पानी की कमी बिलकुल ना होने दे. वो पानी पीना भूल जाए तो आप उन्हें पानी पीने की याद दिलाये. 


2. गर्मी में बच्चों को बहार का खान ना खाने दे. घर का बना खाना ही दे. 


3. जब बच्चे घर से बाहर जाए तो उन्हें ढक कर ले जाए. 


4. यदि पॉसिबल हो तो बाइक से जाने की बजाये कार या बस से सफर करे. 


5. ठंडक के तौर पर ज्यूस, केरी का झोल जैसी चीजे पिलाते रहे. 



इस जानवरों के सम्भोग के दौरान होता है खून खराबा






इंसान हो या जानवर, हर किसी को अपनी पीढ़ी या प्रजाति आगे बढ़ाने के लिए साथी के साथ रिश्ता बनाने की जरूरत पड़ती ही है. लेकिन कुछ जानवरों की संभोग की प्रक्रिया ऐसी होती है कि सुन कर आप सिहर जाएंगे। दोनों में किसी एक की जान तक चली जाती है. 


1. सील: सील वैसे तो बहुत प्यारे दिखते हैं लेकिन इनके संभोग का तरीका उतना ही कंपा देने वाला है. नर सील संभोग करते वक्त मादा की खोपड़ी तक को अपने दांतों और जबड़ों में फंसा कर चूर चूर कर देते हैं. उनके लिए अच्छा रहता है कि जितना जल्दी बड़ी हो जाएं उतना मौत का खतरा कम हो जाता है.


2. मधुमक्खी: मधुमक्खियों में रानी मधुमक्खी संभोग करने से पहले अपनी सारी साथी मादा मधुमक्खियों को मार डालती है ताकि उसकी जगह कोई न ले सके. इसके बाद वह कई हजार नर मधुमक्खियों में से अपनी पसंद के मधुमक्खी चुनती है और उन सबके साथ संभोग करती है. इस दौरान उनका लिंग रानी मधुमक्खी के अंदर ही फट जाता है और उसके पास पूरी जिंदगी भर के लिए काफी स्पर्म जमा हो जाता है. 


3. ततैया मकड़ि: ततैया मकड़ियों के संभोग में नर के जननांग टूट कर मादा के शरीर के अंदर ही रह जाते हैं. ऐसा इसलिए ताकि नर के जीन बच्चों में आ जाएं. उसके अंग टूटते ही मादा उस पर हमला कर के उसे खा जाती है.


4. खटमल: नर खटमल मादा के शरीर में उन अंगों को ढूंढ कर संभोग करने की बजाए सीधा उसके पेट में छेद कर के अपना स्पर्म छोड़ कर चला जाता है. स्पर्म खुद मादा के शरीर में खून के जरिए ओवरी तक पहुंच जाता है.


5. बीटल: बीटल यानि मोगरी की संभोग प्रक्रिया में भी मादा को बहुत चोट आती है क्योंकि उनका लिंग बहुत नुकीला होता है जो मादा को चुभता है. लेकिन मादाएं फिर भी तैयार हो जाती हैं क्योंकि वे इतने गर्म मौसम में रहते हैं कि उन्हें इस तरह चीज की जरूरत होती है और संभोग के वक्त नर के शरीर से निकलने वाला तर पदार्थ उन्हें राहत पहुंचाता है. 

सेक्स में साफ़ सफाई का महत्व




यदि आप खुद को संक्रमण या जीवाणुओं से बचाना चाहते हैं, तो संभोग के पहले और बाद में कुछ स्वच्छता नियमों का पालन जरुर करें. नीचे दिये गए बेहद जरुरी हाइजीन नियम पुरुषों और महिलाओं दोनों पर लागू होते हैं. इससे पहले की आपके मन में प्यार की उमंग जागे, बेहतर होगा कि आप अपने प्राइवेट पार्ट्स को अच्छी प्रकार से साफ-सुथरा कर लें.


1. अगर आपको पता है कि के जनांगो पर घाव या दाने निकले हुए हैं, तो बेहतर होगा कि उस दिन आप संभोग करने से बचें नहीं तो आपको यौन रोग या दाद आदि जैसी बीमारियां होने की गुंजाइश हो सकती है. 


2. अपने दांतों को अच्छी तरह से ब्रश करना चाहिये, जिससे आपका पार्टनर आपकी सांसों की बदबू से हताश ना हो.


3. संभोग करते वक्त कभी भी पेशाब को रोक कर न रखें. अगर आपने ऐसा किया तो बैक्टीरिया का निर्माण होगा जिससे संक्रमण फैलने की गुंजाइश हो सकती है. 


4. पुरुष और महिला दोनों को ही ये हिदायत दी जाती है कि वे अपने जनांगो के क्षेत्रों की शेविंग कर लें , जिससे पसीना पैदा होने पर संक्रमण या अन्य बीमारियां पैदा न हों.

. आप दोनों को अच्छी प्रकार से शॉवर लेना चाहिये. यह एक अच्छी हाइजीन की आदत है.

7. पुरुषों को एक बार अपने प्राइवेट पार्ट्स को भली प्रकार से जांच लेना चाहिये कि कहीं उनमें घाव या छाले तो नहीं हो गए हैं. इस‍ी तरह से महिलाओं को भी देखना चाहिये.

8. संभोग करने के बाद महिलाओं को एक बार टॉयलेट जरुर जाना चाहिये नहीं तो उन्हें मूत्र संक्रमण हो सकता है.

9. बेसिक हाइजीन रूल कहता है कि इंटरकोर्स करने से पहले अपने प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा धो लें. ऐसा करने आप किसी भी बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया या फंगस को बढ़ने से रोक देते हैं.

10. संभोग करने के बाद हर किसी को दुबारा नहाना चाहिये,

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