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प्रैग्नेंसी में बदहजमी की समस्या से है परेशान तो करें ये काम


प्रैग्नेंसी में बदहजमी की समस्या से है परेशान तो करें ये काम





प्रैग्नेंसी में महिलाओं को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उनमें से एक समस्या होती है अपच व बदहजमी. प्रैग्नेंसी की शुरूआत में में महिला के शरीर में इस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टीरोन हॉर्मोन बहुत अधिक मात्रा में बनने लगते हैं. जिससे पाचन तंत्र समेत शरीर की अन्य मांसपेशियां प्रभावित होती है. इसके कारण पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है. भोजन सही तरह से न पचने के कारण फुलाव, छाती में जलन, मिचली या उल्टी आदि समस्याएं होने लगती है. यह समस्या तीसरे महीने में बहुत ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि इस समय तक शिशु पेट में बहुत जगह बना लेता है. इस वजह से भी पाचन तंत्र का ठीक ढंग से काम करना मुश्किल हो जाता है.

क्या बदहजमी से शिशु को होता है नुकसान
कुछ महिलाएं सोचने लगती हैं शायद बदहजमी के कारण उनके शिशु को किसी तरह का नुकसान न हो जाएं लेकिन उनका ऐसा सोचना गलत है. बदहजमी के कारण आपको जरूर मुश्किल आती है लेकिन इससे बच्चे को किसी तरह का नुकसान नहीं होता. पाचन तंत्र के धीरे-धीरे काम करने की वजह से शिशु को फायदा हो सकता है क्योंकि इससे आपके शरीर के प्लेसेंटा के जरिए शिशु तक पोषक तत्व पहुंचाने को अधिक समय मिल जाता है.

बदहजमी से बचने के लिए करें ये काम
1. ताजे फलों और सब्जियों का सेवन करें. संतुलित आहार लें.

2. पेट भर के भोजन करने की बजाय पूरे दिन में थोड़ा-थोड़ा करके आराम से अच्छी तरह चबाकर भोजन करें. अगर आप जॉब करती है तो अपने साथ हेल्दी स्नैक्स फल, मेवे और साबुत अनाज के बिस्किट रखें.

3. अदिक से अधिक पानी पीएं. नारियल पानी और छाछ आदि लिक्विड चीजों का सेवन करें लेकिन इनका सेवन भोजन के साथ न करें.

4. चाय और कॉफी का सेवन कम करें क्योंकि ये चीजें छाती में जलन (हार्टबर्न) के लक्षणों को बढ़ा सकती है और शरीर को भोजन से आयरन अवशोषित करने में रोकती है.

5. शराब, सोडायुक्त पेय पदार्थ, प्रसंस्कृत मांस और मसालेदार तला हुई चीजों से परहेज करें. इसके अलावा पेट में गैस बनाने वाली सब्जियों जैसे फूलगोभी, पत्तागोभी, हरी गोभी और शतावरी आदि को भी न खाएं.

6. कमर और पेट से टाइट कपड़े न पहनें. ऐसे कपड़े पहनें जो ढीले और आरामदेह हो.

7. रोजाना व्यायाम करें. इससे अपच व एसिडिटी के लक्षण कम होंगे. डॉक्टर की सलाह से आप योग भी कर सकती है.

8. तनावमुक्त रहें क्योंकि अत्यधिक तनाव के कारण भी अपच व बदहजमी हो सकती है.

बदहजमी की समस्या से राहत पाने के लिए घरेलू उपचार
1. सौंफ, मेथी दाना और अजवायन को भून कर पीस लें. इस पाउडर का 1 छोटा चम्मच पानी में मिक्स करके पीएं.

2. सौंफ का पानी बना कर पीएं.

3. भोजन करने बाद कम लेटने से पहले कम से कम तीन घंटे इंतजार करें.

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