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श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) के कारण लक्षण और घरेलु उपचार

श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) के कारण लक्षण और घरेलु उपचार




श्वेत प्रदर(ल्यूकोरिया) -ये महिलाओ के गुप्त अंगो में होने वाला रोग है ये रोग फंगल इन्फेक्शन के कारण उत्पन होता है श्वेत प्रदर रोग में महीलाओ के योनी मार्ग से अधिक मात्रा में श्वेत रंग का गाडा बदबुदार पानी आने लगता है |श्वेत पानी अधिक दिनों से महीनों तक लगातार आता रहता है इस पानी के आने से महिलाओ की शारिरिक शक्ति क्षीण होने लगती है और शारिरिकऔर मानसिक रूप से कमजोर हो जाती है इसके साथ गुप्त अंगो में जलन होना ,खुजली का आना , थकान होना .चक्कर आना ,कमजोरी महसुस होना हाथो -पैरो में दर्द होने लगता है |श्वेत प्रदर की समस्या महिलाओ में शादी के बाद अथवा 15 -50 की उम्र के बाद अधिक रूप से दिखाई देती है |श्वेत प्रदर एक रोग नहीं बल्कि अन्य रोगों के उत्पन होने का कारण बनता है |
श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) का कारण –
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तेज मसालो, अधिक तेल युक्त खाद्य प्रदार्थ के सेवन करने से |
गुप्त अंगो की साफ -सफाई के नहीं होने से |
सम्भोग के दोहरान उल्टे आसान का उपयोग करने से |
गर्भ निरोधक दवाइयों के सेवन से |
सम्भोग के समय अत्यधिक घर्षण से |
अशलील किताबे ,और अशलील विडियो देखने से |
शरीर में रक्त की कमी के कारण
योनी में किसी प्रकार के फंगल इन्फेक्शन के कारण
अनियमित मानसिक धर्म के कारण |
रोग ग्रस्त पुरुष के साथ सम्भोग करना |
बार -बार गर्भ पात करवाना
अधिक मास ,मछली अथवा अधिक चाय के सेवन से |
श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) के लक्षण –
हाथो और पैरो में दर्द होना |
शारिरिकऔर मानसिक रूप से कमजोरी का महसुस होना |
गुप्त अंगो में जलन होना ,खुजली का आना,
थकान होना .चक्कर आना,सिर दर्द होना |
श्वेत पानी का लगातार कुछ महीनो तक आना|
आँखों के नीचे डार्क सर्कल का बनना |
योनी मार्ग से बदबु का आना |

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श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) का घरेलु और आयुर्वेदिक इलाज –
आवला -100 ग्राम की मात्रा में आवले को लेकर अच्छे से पीसकर चूर्ण बनाए इस चूर्ण को एक बोतल में डालकर रखे सुबह शाम 5 ग्राम की मात्रा में एक गिलास जल के साथ इसका सेवन करने से मात्र 30 दिनों में श्वेत प्रदर की समस्या दूर होगी |इस रोग में आवले के रस अथवा मुरब्बे का सेवन करने से भी श्वेत प्रदर की समस्या जल्दी दूर होगी |2-श्वेत प्रदर में आवले का रस 10 -15 मि.ली थोडा सा शहद मिलाकर30 दिनों तक सेवन करने से भी श्वेत प्रदर रोग दूर होता है |
मूली -श्वेत प्रदर रोग में मूली के पतों का रस निकालकर 20 ग्राम की मात्रा में सेवन करे इसके साथ सुबह खाली पेट मूली का सेवन करने से मात्र 30 दिनों में श्वेत प्रदर की समस्या दूर होगी |2 सफ़ेद मूसली का चूर्ण और ईसबगोल का सेवन नित्य 15 दिनों तक करने से श्वेत प्रदर रोग दूर होता है |
चावल की मानड -चावल के उबले हुवे पानी का सेवन सुबह शाम भोजन से पहले करने से भी श्वेत प्रदर रोगदूर होता है 2- 100 ग्राम चावल को पानी में भिगोकर 60 मिनट तक रखे उसके बाद चावल को मसलकर पानी को निकाल ले इसमें 3 ग्राम की मात्रा में जीरे का पाउडर और 3 ग्राम मिश्री मिलाकर इसका सेवन भोजन के 2 घंटे पहले करे सेवन के बाद कुछ भी नहीं खाए और पीए श्वेत प्रदर रोग जड़ से दूर होगा |
अशोक की जड़ -अशोक की जड़ श्वेत प्रदर रोग के लिए रामबाण उपाय है इस रोग में 200 ग्राम अशोक की जड़ को सुखाकर अच्छे से पीसकर पाउडर बनाए दो चम्मच की मात्रा में गाय के दूध के साथ 20 दिनों तक सेवन करने से श्वेत प्रदर रोग दूर होता है |
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झर बेरी -के 50 ग्राम बेरो को छाया में सुखाकर पाउडर बनाए रखे लगभग 4 -5 ग्राम की मात्रा में चीनी और शहद मिलाकर सुबह शाम सेवन करने से मात्र 30 दिनों में श्वेत प्रदर रोग दूर होगा इसके साथ बबुल की छाल और अशोक की छाल को पानी में उबालकर इसको छानकर इसमें थोड़ी सी फिटकरी मिलाकर योनी को धोने से श्वेत प्रदर रोग दूर होगा |
शतावरी -श्वेत प्रदर रोग के लिए सबसे असर कारक उपचार है एक चम्मच शतावरी का पाउडर और शहद मिलाकर नित्य सेवन करने से श्वेत प्रदर रोग दूर होगा |इसके साथ योनी को डिटोल के पानी से धोने से इंफेक्शन दूर होगा और रोग जल्दी खत्म होगा |
भिंडी -श्वेत प्रदर रोग में 150 ग्राम कच्ची भिंडी को एक लीटर पानी में काटकर डाले और इस पानी को उबाले इस पानी के ठंडे होने पर इस को छानकर इसमें शहद मिलाकर सेवन करने से श्वेत प्रदर रोग दूर होता है अनार की छिलके को पीसकर पानी में उबाले जब पानी ठंडा हो जाये तब इसमें सूती कपडा डालकर भिगोकर योनी के अंदर रखने से श्वेत प्रदर रोग दूर होता है |
खुनी प्रदर -हो तो निम की छाल को सुखाकर पाउडर बनाए इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह शाम सेवन करने से खुनी प्रदर दुर होता है |दालचीनी ,सफ़ेद जीरा ,अशोक की छाल और इलायची के बीजों को पानी में डालकर अच्छे से उबाल ले ठंडा होने के बाद इस पानी को छानकर 4 -5 दिनों तक सुबह शाम पीने से खुनी प्रदर बंद होगा |
चने -सके हुवे चने में थोड़ी सी खांड मिलाकर सेवन करे सेवन के बाद ऊपर से एक गिलास दूध में देशी घी मिलाकर पीने से श्वेत प्रदर रोग दूर होता है |
केला -पके हुवे दो कले को चीनी के साथ मिलाकर नित्य खाने से श्वेत प्रदर रोग दूर होता है |2 ककड़ी के बीज, कमलककड़ी ,जीरा और चीनी इन सब को समान मात्रा में लेकर अच्छे से पीसकर 3 ग्राम की मात्रा में नित्य सेवन करने से श्वेत प्रदर रोग दूर होता है |
गुलर -के फुलो और मिश्री और शहद मिलाकर 4 -5 ग्राम की मात्रा नित्य सेवन करने से श्वेत प्रदर रोग दुर होता है |2 मुलहटी को पीसकर चुर्ण बनाए एक गिलास पानी के साथ 2 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम पीने से श्वेत प्रदर रोग दुर होता है

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