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यौन शक्ति बढ़ाना है तो करे योगा

यौन शक्ति बढ़ाना है तो करे योगा



योगा काफ़ी पुरुषों के लिए लाभदायक हो सकता है. इस साल की सेक्स स्वास्थ कांग्रेस में प्रस्तुत की गयी इस रिसर्च के अनुसार शारीरिक और मानसिक व्यायाम की इस पौराणिक शैली को अपनाने से लिंग उत्तेजना जैसी समस्या का निवारण कर सेक्स को अवश्य बेहतर बनाया जा सकता है.

नियमित रूप से रोज़ योगा करने से सेक्स इच्छा और लिंग उत्तेजन में वृद्धि के साथ सेक्स अधिक देर तक कर पाने में भी मदद मिल सकती है. यह तथ्य 70 माध्यम आयु के भारतीय पुरुषों पर किए अध्ययन के नतीजों पर आधारित है. इतना ही नहीं, योगा आपके मूड को बेहतर बनाने का काम भी करता है और मानसिक तनाव को घटाता है. इस बात में कोई शक़ नहीं कि योगा शरीर के साथ साथ मानसिक स्वास्थ में भी फ़ायदेमंद है.

तो यदि उन्नत लिंग की समस्या आपको परेशान किए हुए है तो ज़रा योगा के आसन अपना कर देखें. यदि और कुछ नहीं तो कम से कम आपके मनोबल और आत्मविश्वास को इससे अवश्य फ़ायदा मिलेगा और आपका ये आत्म विश्वास आपके सेक्स जीवन को बेहतर बनाने में उपयोगी सिद्ध होगा.

 चर्बी घटाना है तो अपनाए यह तेल




एक वक्त था जब नारियल के तेल को लेकर कई रिसर्च हुईं. ज्यादातर में कहा गया कि इसमें सेचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए इसलिए इसका इस्तेमाल कम से कम किया जाए. मगर हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो सभी रिसर्च हाइड्रोजिनेटेड रिफाइंड तेल को लेकर हुई हैं. 

आज एक्सट्रा वर्जिन नारियल तेल न्यूट्रीशन की दुनिया में एक बड़ा हीरो बनकर उभरा है. वर्जिन कोकोनट ऑयल आम नारियल तेल से न केवल अलग है बल्कि काबिलेतारीफ भी है. पुरानी रिसर्च में इसके इस्तेमाल के प्रति क्यूं चेताया गया था इसकी वजह आप जान लें. हमारी बॉडी फैट को उस तरह से इस्तेमाल नहीं करती जिस तरह से प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट को करती है. हमारी बॉडी फैट को पहले फैटी एसिड में बदलती है. इनसे लीपोप्रोटीन्स का निर्माण होता है और तब उनसे एनर्जी मिलती है. इस प्रोसेस में फैट का कुछ हिस्सा बॉडी में जमा भी हो जाता है.

मगर वर्जिन कोकोनट ऑयल में मिडियम चेन फैटी एसिड होता है. ज्यादा विज्ञान में जाए बगैर आप इतना समझ सकते हैं इसका इस्तेमाल बॉडी फैट की तरह नहीं बल्कि प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट की तरह करती है. ये सीधी लीवर में जाता है और तुरंत एनर्जी में बदल जाता है. इसका शरीर में इधर उधर घूमने और जम जाने का चांस नहीं है. इसलिए जो लोग फैट लॉस या लीन मसल्स की राह में हैं वो एक्स्ट्रा वर्जिन या वर्जिन कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल बेधड़क कर सकते हैं. क्योंकि ये वो फैट है जो फैट बर्न करता है.
गर्मी में इन चीजों को ना रखे फ्रिज में




गर्मी का मौसम है और इस मौसम में फ्रिज आमतौर पर पूरा भरा रहता है. हम खाने पीने की हर चीज फ्रेश रखने के लिए फ्रिज में डाल देते हैं, मगर हर चीज को फ्रिज में रखना जरूरी नहीं होता. कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्‍हें फ्रिज में रखने से वो अपना स्‍वाद बदलने लगती हैं. 

टमाटर – टमाटर को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इससे टमाटर के पकने की प्रोसेस रुक जाती है और उसका स्‍वाद बदलने लगता है. 

आलू – आलू जल्‍दी खराब होने वाली सब्‍जियों में से नहीं है. आलू को फ्रिज में रखने से उसमें मौजूद स्‍टार्च शुगर में बदलना शुरू हो जाती है. 

लहसुन – लहसुन को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इसकी तासीर वैसे भी गर्म है. लहसुन को फ्रिज में रखने से वह अपना स्‍वाद खोने लगता है. 

ब्रेड – ब्रेड तो पहले ही बासी चीज होती है उसे फ्रिज में रखने से आप उसे और बासी कर देते हैं. ब्रेड को फ्रिज में रखने से उसमें का पानी और कम हो जाता है और वह सूखने लगती है. 

अचार, जैम वगैरा – अचार, जैम, टोमेटो सॉस या सोया सॉस को फ्रिज में रखने की कोई जरूरत नहीं है. यह सब कमरे के तापमान पर लंबे समय तक चल सकते हैं. फ्रिज में रखने से इनकी उम्र पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा बल्‍कि इनके स्‍वाद में बदलाव आ जाएगा.
शराब पीना क्यों है घातक




शराब पीना कई तरह से स्वास्‍थ्य के लिए हानिकारक होता है. यह पेट और स्तन कैंसर को भी बढ़ावा देता है. यूके की नेशनल हेल्‍थ सर्विस एक सर्वे कहता है कि ‌पुरूषों में दिन में 3 से 4 और महिलाओं में 2 से 3 पैग से ज्यादा नहीं लेना चाह‌िए. 

शोधकर्ता डेमी सेले डेविस कहती हैं ज्यादा मात्रा में एल्कोहल का सेवन मुंह, आंत, ब्रेस्ट और जिगर कैंसर को बढ़ाता है. ड्रिंक के विकल्प के रूप में चाय, कॉफी, फलों का रस ले सकते हैं. इससे कैंसर का खतरा कम होगा. 

गाजर का जूस विटामिन ए,बी,सी जैसे कई विटामिनों और पोटैशियम, कैल्शियम, जिंक, फॉस्फोरस, खनिज से भरपूर होता है. गाजर हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, इसमें कैंसर विरोधी गुण भी पाए जाते हैं.

यह गोली खा कर आप बन सकते है जूनियर आइंस्टाइन


एक कंपनी ने ऐसी दवा बनाने का दावा किया है जो किसी भी इंसान का आई क्यू लेवल दोगुना कर देती है. कई जगह इस तरह की खबरें भी चल रही हैं कई बड़े सीईओ और आईटी प्रोफेशनल्स अपनी बुद्धी को तेज करने के लिए इस गोली का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वो पैसा ओर प्रमोशन पा सकें.

इस गोली का नाम सिनाजेन आईक्यू (SynagenIQ) है. वैसे इस तरह की कई दवाएं पहले भी बाजार में आ चुकी हैं और आज भी मिलती हैं जो दिमाग को तेज करने का दवा करती हैं. यह दवा भी उन्हीं में से एक है. कंपनी का कहना है कि उम्र बढ़ने से व्यक्ति की दिमागी चुस्ती, फोकस करने और याद रखने की कैपेसिटी कम होती जाती है. मगर यह गोली बौद्धिक क्षमता में जबरदस्त इजाफा कर सकती है और इसके परीक्षण के नतीजे बहुत पॉजिटिव रहे हैं.

कंपनी ने जो विज्ञापन दिया है उसके मुताबिक, इस एक गोली को हर रोज सुबह लेने से आपके दिमाग की ताकत बढ़ जाएगी. इस कैप्सूल में ऐसे तत्व हैं जो आपके दिमाग को वो खुराक देते हैं जिससे फोकस, याददाश्त और एनर्जी का लेवल बढ़ जाता है. इससे बूते आप बेहतरीन परफॉर्मेंस दे सकते हैं.
ऐसे बढाए अपनी भूख




बॉडी बिल्‍डिंग में तो खासतौर पर भूख भागी भागी सी रहती है क्‍योंकि इसमें औरों के मुकाबले ज्‍यादा खाना होता है. यही नहीं खाना भी बहुत स्‍वाद वाला नहीं होता. ऐसे में डाइट पूरी करना कई बार काफी मुश्‍किल भरा काम हो जाता है. भूख को बढ़ाने के आपके पास दो रास्‍ते हैं दवाई खाएं या आयुर्वेदिक नुस्‍खा आजमाएं. दवा का ऑप्‍श्‍न तो हमेशा ही खुला है क्‍यों न एक बार आयुर्वेद को भी आजमाएं.

भूख बढ़ाने के लिए: 1 अदरक को भून कर उसके छोटे छोटे टुकड़े कर लें और उसमें नींबू और नमक मिलाकर रोज दोनों टाइम खाने के साथ खाएं.

हाजमा बढ़ाने के लिए: 1 अजवायन को तवे पर भून लें और उसे पीसकर चूर्ण बना लें. इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक जिसे व्रत का नमक भी कहते हैं, मिला कर एक कांच की शीशी में रख लें. खाना खाने के बाद दो तीन चुटकी चूर्ण फांक लिया करें.

पेट साफ करने के लिए: 1 सोंठ, काली मिर्च और पीपल एक एक तोले (12 Gram) की मात्रा में लेकर उसमें एक तोला सेंधा नमक मिला लें. इन चारों को पीसकर चूर्ण बना लें और खाना खाने के बाद दोनों टाइम दो से तीन चुटकी चूर्ण पानी के साथ फांक लें.

ऐसा नहीं है ये नुस्‍खे एक ही दिन में जबरदस्‍त तरीके से काम करना शुरू कर देंगे. थोड़ा वक्‍त लगेगा. कम से कम आप दवा की गोलियां फांकने या सिरप पीने से तो बच ही जाएंगे.
स्नैक्स खा कर आप दे रहे है बीमारियों को न्यौता




ऑफिस में या टाइम पास के तौर पर हम वो खाते हैं जो मिल जाता है या जो दोस्त खिला देते हैं. हमारी यही आदत दिल की दुश्मन तो है ही, कैंसर जैसे गंभीर रोग को भी न्यौता देती है. क्योंकि स्नैक्स में जो स्वाद आपको भाता है, वही तो बीमारियां लेकर आता है.

दिल संबंधी बीमारी, लिवर में गड़बड़ी, किडनी में परेशानी और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की मोटे तौर पर दो वजहें सामने आ रही हैं. नंबर एक हमारे काम करने के तौर तरीके और दूसरी बात हमारी खाने पीने की आदतें. ऑफिस मे बैठे-बैठे या सफर के दौरान या टीवी देखते हुए नमकीन, आलू चिप्स,चाय कॉफी, पकौड़े पैक्ड स्नैक्स खाना आम बात है. 

यह स्नैक्स हमारी भूख तो शांत करते हैं, लेकिन गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं. ऐसे स्नैक्स टाइप-2 डायबीटीज, बेड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाना, बॉडी को सही मात्रा में इंसुलिन न मिलना, काम के समय नींद आना, आलस, हाई बीपी जैसी प्रॉब्लम को पैदा करते हैं.
फल सब्जी खाओ, बीमारियों को भगाओ




जब भी हम बीमार होते है तो सीधे अस्पताल का रास्ता नापते है. फिर वहां जाकर डॉक्टर्स की फीस, अस्पताल के बिल और महँगी दवाई पर पैसे खर्च करते है. लेकिन यदि आप यही पैसे कुछ दिनों पहले ताजे फलों और हरी भरी सब्जियों को खाने में खर्च करते तो बीमार होने की नौबत नहीं आती. 

पपीता, संतरा और विटामिन सी से भरपूर खट्टे फल, लीवर में पाए जाने वाले कार्सिनोजन को खत्म करने और कैंसर की कोशिकाओं को रोकने में मदद करते हैं. गाजर, आम, कद्दू, बीटा नामक कैरोटीन्स कैंसर को खत्म करने वाले कारक के रूप में जाने जाते हैं. यह मूत्राशय, पेट और स्तन कैंसर की रोकथाम में भी असरदार हैं.

टमाटर और तरबूज में लाइकोपीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है. जो कैंसर की रोकथाम में मदद करता है. फलियों में स्टार्च पाया जाता है, जो बड़ी आंत की कोशिकाओं को स्वस्‍थ बनाता है और पेट के कैंसर को दूर करता है. ब्रोकली में सेलेनियम होता है. ये तत्व मेलेनोमा और प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए अच्छा माना जाता है.
डाइट में जोड़िए फाइबर का महत्व




कई शोध कहते हैं कि फाइबरयुक्त डाइट भी कैंसर को रोकने में मददगार होती है. फाइबर युक्त भोजन पेट, मुंह, पाचन तंत्र और कोलेरेकटल जैसे कैंसर को रोकने में मदद करता है. इसके साथ-साथ, दिल संबंधी बीमारी, डायबीटीज से भी बचा जा सकता है. 

अपनी डाइट में आप सूखे मेवे, मटर, ब्राउन राइस, मक्का, दालें, रेशेदार सब्जियां, ओटस मील, हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल कर सकते हैं. धर्मशिला कैंसर अस्‍पताल के हेड ऑफ रेडियोथैरेपी डॉक्‍टर मनीष भूषण पांडे कहते हैं कि अनियमित खानपान कैंसर का एक बड़ा कारण होता है. 

मीट का ज्यादा प्रयोग, कैंसर के लिए जिम्मेदार है. वजन का बढ़ना भी स्तन और गर्भाश्य कैंसर के लिए जिम्मेदार है. भोजन में फाइबर की कमी, मुंह और आंत के कैंसर की संभावना को बढ़ाता है. इसलिए आज से ही अपने आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाना शुरू कर दे.
जानिए बड़े होने पर आपके बच्चे की हाइट कितनी होगी?




एक छोटे से गणित के फार्मूले से आप यह पता लगा सकता है कि किसी बच्चे की हाइट कितनी होगी. इस फार्मूले का इस्तेमाल सन 1970 से किया जा रहा है और हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स में छपा है. हर मामले में तो नहीं मगर हां ज्यादातर में इससे कैलकुलेट की गई हाइट करीब करीब सही निकलती है. इसमें माता-पिता की औसत हाइट के हिसाब से बच्चे की हाइट कैलकुलेट की जाती है.

ऐसे जोड़े बालक की हाइट: माता- पिता की हाइट (इंच में) जोड़ें. उसमें 5 इंच और जोड़ें और फिर 2 से भाग कर दें. अगर सेंटीमीटर में जोड़ रहे हैं तो माता-पिता की हाइट सेंटीमीटर में जोड़ें. उसमें 13 सेंटीमीटर और जोड़ें और 2 से भाग कर दें.

ऐसे जोड़े बालिका की हाइट: माता- पिता की हाइट (इंच में) जोड़ें. उसमें 5 इंच घटाएं और फिर 2 से भाग कर दें. अगर सेंटीमीटर में जोड़ रहे हैं तो माता-पिता की हाइट सेंटीमीटर में जोड़ें. उसमें 13 सेंटीमीटर घटाएं और 2 से भाग कर दें. जिन माता-पिता की हाइट में बहुत अंतर है उनके बच्चों की हाइट का अंदाजा लगाने के लिए और भी एक फॉर्मूला है.
जीम जाने से पहले पिए यह तरल पदार्थ




यदि आपने अभी अभी जीम ज्वाइन किया है या पहले से वहां हाथ पैर मार रहे है तो आपको एक काम की बार बता दे. जीम में वर्कआउट पे जाने से पहले कई प्रकार के प्रोटीन शक पीने की सलाह दी जाती है. लेकिन आप चाहे तो एक और चीज ट्रॉय कर सकते है. 

अगर आप प्री वर्कआउट शेक में नारियल तेल इस्तेमाल करेंगे तो यह परफॉर्मेंस सुधारने में मदद करेगा. नारियल तेल से मिलने वाली सारी कैलोरी उसके फैट से आती है. मगर यकीन मानें बॉडी बिल्डिंग के लिए फैट भी बहुत जरूरी है. क्योंकि फैट विटामिन्स को सोखता है, आपके अंदरूनी अंगों को बचाता है और कई तरह के हार्मोंस पैदा करने के अलावा आपकी बॉडी के तापमान को नॉर्मल बनाए रखता है. 

एक चम्मच में करीब 13 ग्राम तेल आता है. एक ग्राम में करीब 9 कैलोरी होती है. इस हिसाब से महज एक चम्मच नारियल तेल से आपको करीब 120 कैलोरी मिल जाएगी. जो लोग गेनिंग कर रहे हैं वो आराम से दो तीन चार चम्मच तक डाल सकते हैं. आपकी डाइट आपके बॉडी वेट पर भी डिपेंड करती है.
कंडोम पहनने को लेकर रोचक सर्वे




यौन संबंध के दौरान कंडोम का प्रयोग अवश्‍य करें. यौन क्रिया के दौरान संक्रमण से बचने के लिये कंडोम का इस्‍तेमाल जरूरी. जी हां ये चंद बातें हैं जो अकसर सलाह के तौर सामने आती रहती हैं मगर ब्रिटेन में एक सर्वे में सामने आया है कि 15 साल से कम उम्र की लड़कियां सेक्‍स के समय कंडोम का इस्‍तेमाल नहीं करती. ये किशोरियां अपने आपको गर्भधारण से बचाने के लिये गर्भनिरोधक गोलियों का इस्‍तेमाल करती हैं. हालही के दिनों में यूके में किशोरियों में गर्भनिरोधक गोलियां ज्यादा पोपुलर हो गई हैं. 

एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक लंदन में एनएचएस गर्भनिरोधक क्लीनिक पर आने वाली 15 साल से कम उम्र की किशोरियों में 39 फीसदी कंडोम की जगह गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं. वहीं 40 फीसदी किशोरियों ने कहा है कि गर्भधारण से बचाव के लिए कंडोम का इस्तेमाल सबसे अच्छा तरीका है. 

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यौन संचरित संक्रमण से बचाव के लिए सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. गर्भनिरोधक गोलियां ऎसी बिमारियों से नहीं बचाती. यूके के हेल्थ एंड सोशल केयर इंफोरमेशन सेंटर द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक कम उम्र वाले युवाओं द्वारा ये गोलियां काफी संख्या में इस्तेमाल की जा रही हैं. 
ऐसे बिठाए कसरत और डाइट का ताल मेल




कसरत से ज्‍यादा असर पड़ता है डाइट का. यह बहुत बहुत जरूरी है कि आपको अपनी डाइट के बारे में सब पता हो. क्‍या खा रहे हैं? कितना खा रहे हैं? इसका अंदाजा लगाना बंद करें. चीजों की सही सही पैमाइश करें. एक कटोरी का मतलब आखिर क्‍या होता है, एक चम्‍मच तेल का मतलब आखिर क्‍या होता है. इन्‍हें जानना जरूरी है. 

एक बार यह पैमाइश कर लेंगे तो वो हमेशा के लिए आपके काम आएगी. किसी चीज में कितना प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट होता है और उससे कितनी कैलोरी मिलती है आपको पता होना चाहिए. जो वर्कआउट करने का तरीका हमने आपको बताया है उसके लिए ताकत चाहिए. 

ताकत के लिए आपको खाना होगा. इंटेंस कसरत आप खाली पेट नहीं कर सकते इसलिए कसरत से आधा घंटा पहले एक दो उबले आलू खा लें. आपके मन में ये सवाल उठेगा कि फैट कम करने में आलू से परहेज करते हैं मगर आलू और आपकी पूरी एनर्जी वर्कआउट में खत्‍म हो जाएगी चिंता न करें. इस वाले शेड्यूल को फॉलो करने में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का रेशो 1:2 रहेगा.

कैंसर के मरीज के लिए ऐसे पकाए खाना




हेल्दी डाइट के साथ-साथ खाना बनाने का तरीका भी सही होना बेहद जरूरी है. खाने को सही प्रकार से पकाना, सही तरीके से तलना, भाप देना जरूरी है, जिससे भोजन में मौजूद कैंसर विरोधी तत्व खत्म न हो और विटामिन और खनिज भी बने रहें. 

इसलिए भोजन सही तरीके से पकाएं और पानी का उचित मात्रा में प्रयोग करें. इस खाने में मसाले भी जरूरी है. रोजमर्रा की डाइट में प्रयोग होने वाले लहसुन और प्याज में सल्फर कंपाउंड तत्व पाए जाते हैं, जो बड़ी आंत, स्तन और फेफड़े के कैंसर की रोकथाम में मदद करते हैं. 

हल्दी और गर्म मसाला प्राकृतिक औषधि हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को मारकर ट्यूमर बढ़ने से रोकती है. अदरक भी कैंसर की रोकथाम में मदद करती है. इनके प्रयोग से फेफड़े, मुंह, मलाशय, यकृत किडनी, स्किन, ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम हो जाता है.
नया शोध: कैंसर मरीज पानी ज्यादा पिएं, मीट कम खाए




यूनिवर्सिटी ऑफ कैर्लिफोनिया में हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार मीट खाने वाले लोगों के मुकाबले शाकाहारी लोगों में कैंसर का खतरा 50 प्रतिशत कम होता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि रेड मीट कैंसर रोग की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है, इसलिए कम से कम मीट खाना चाहिए. 

शोधकर्ता डा. अजित वर्की का कहना है ज्यादा मात्रा में रेड मीट लेना, आंत और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाता है. इसके अतिरिक्त ज्यादा पानी पीने की सलाह भी दी जाती है. अक्सर हम पानी पीने से परहेज करते हैं, लेकिन यह हमारे लिए कई तरह से मददगार होता है. 

पानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर निकालता है और शरीर के हर हिस्से में पोषक तत्व पहुचाने में भी मदद करता है. इसलिए याद रहे आपको कैंसर हो या नहीं भी हो लेकिन आज से ही पानी का सेवन अधिक कीजिए और मीट खाना काम कर शाकाहार अपनाइए.
गर्मी में ऐसे ले सेक्स का मजा




एक रिश्ते में एक समय के बाद सेक्स एक अहम रोल निभाने लगता है. अपनी लव लाइफ में प्यार को बरकरार रखने के लिए सेक्स का तड़का लगाना थोड़ा जरूरी सा लगने लग जाता है. जब बात सेक्स की आती है तो अप उसे पूरा एंजॉय करना चाहते हैं, लेकिन गरमी के मौसम में सेक्स के बारे में सोचते ही आप मूड चेंज हो जाता है. आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बताएँगे जिन्हें अपनाकर आप भी गर्मियों में सेक्स का भरपूर आनंद ले सकेंगे.

आप अपनी पत्नी के साथ घर में मसाज का आनंद ले सकते हैं. इस के लिए किसी टे्रनिंग, संसाधन या किसी खास द्रव की आवश्यकता नहीं होती. गर्मियों में थकान अधिक लगती है, इसिलए कुछ देर आराम करें और फिर एक-दूसरे की हल्की मसाज करें. इस से थकान दूर होगी और ये अंतरंग पल राहत देने का कार्य करेंगे.

कुछ लोगों को एकदूसरे का पसीना भी आकर्षित करता है. विशेषरूप से महिलाएं जेनेटिक तौर पर पुरूषों के पसीने के प्रति आकर्षित होती हैं. गरमियों के दिन हों और यदि मूड बनाया जाए तो पसीने से क्या घबराना. इसके अलावा आइस क्यूब का हो साथ तो बन जाए बात है. आइस क्यूब को सिर्फ बर्फ का एक टुकडा न समझें. कभी-कभी बर्फ का यह छोटा सा टुकडा भी बडा काम कर जाता है. फ्रीजर से एक आइस क्यूब निकालें और इसे फोरप्ले के लिए बेहतर हथियार ही समझें. तो आइये जानते हैं कैस- इसके लिए अपनी इमैजिनेशन का उपयोग करें. इआइस क्यूब को अपने मुंह से पकडें और पिुर अपने साथी को किस करें. इसके अलावा आप इस आइस क्यूब को अपने साथी की बॉडी पर उन जगहों पर हल्के से स्पर्श के साथ घुमाएं, जहां उसे अच्छा लगता हो.
जानिए सेक्स के बारे में आर्युवेद क्या कहता है?




आयुर्वेद कई वर्षों से हमारे जीवन को बेहतर बनाता आ रहा है. आजकल का युवा वर्ग भागदौड़ से भरी जिंदगी में किसी भी प्रकार से संभोग या सेक्स करने के लिए आतुर रहते है, जिसपर आयुर्वेद में काफी कड़ायी से कुछ नियम बनाये है जिसका जिक्र हम यहां कर रहें है. 

1- आयुर्वेद के अनुसार स्त्री के मासिक धर्म के दौरान अथवा किसी रोग, संक्रमण होने पर सेक्स नहीं करना चाहिए.

2- बदसूरत, दुष्चरित्र, अशिष्ट व्यवहार करने वाली तथा अकुलीन, पर स्त्री या पुरूष के साथ सेक्स नहीं करना चाहिए.

3- मित्र व्यवहार न होने पर, काम की इच्छा न होने पर भी संभोग नहीं करना चाहिए.

4- आयुर्वेद ने ऐसे स्थानों का जिक्र का भी वर्णन किया है, जहां सेक्स करना वर्जित है. पवित्र माने जाने वाले वृक्षों के नीचे, सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, उद्यान, श्मशान घाट, वध स्थल, चिकित्सालय, औषधालय, मंदिर, ब्राम्हण, गुरू और अध्यापक के निवास स्थान में सेक्स करने की मनाही है.

5- प्रात: एवं सायं की संधि बेला में, पूर्णमासी, अमावश्या और अष्टमी के दिन सेक्स करना चाहिए.
अपनी सेक्स गन महिला पर चलाने से पहले यह जरूर पढ़े




अक्सर मर्द महिला को बिस्तर पर देखते ही टूट पढ़ते है और डायरेक्ट सम्भोग करने लगते है. लेकिन ऐसा करना उचित नहीं है. यौन संबंध स्थापित करने के सबसे पहला नियम है प्यार. इस नियम को कभी न भूलें क्योंकि जबरदस्ती प्यार नहीं अत्याचार होता है. 

आप दोनों को एक-दूसरे के इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए तभी एक अच्छा सेक्स जीवन शुरू हो सकता है. यह तभी हो सकता है जब आप एक दूसरे से खुलकर अपने मन की बात कहेंगे. शारीरिक संपर्क स्थापित करने के पहले प्यार भरा संपर्क स्थापित करना ज़रूरी होता है. 

ज़्यादातर महिलाओं को प्रेम संबंध स्थापित करने के पहले मानसिक रूप से तैयार होने के लिए चुंबन, उनका परवाह करना, कामुक स्पर्श करना अच्छा लगता है. इसके द्वारा वे धीरे-धीरे इस संबंध के लिए मानसिक रूप से तैयार होने लगती हैं. 
इस नुस्खे से यौन शक्ति को करे डबल




जिन लोगो की यौन शक्ति कमजोर है फिर चाहे वो युवा हो या फिर प्रौढ़, उन्हें अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. हम जो नुस्खा आपको बता रहे है वह कुछ ज्यादा नहीं पर थोड़ा महंगा है इसलिए इसे केवल वही व्यक्ति बना सकता है जिसमें इच्छा शक्ति हो. 
इस नुस्खे की जो बड़ी विशेषता है इसमें किसी भी तरह के मादक द्रव्य की मिलावट नही होने के कारणः यह शीघ्र पतन रोग नष्ट करके ज्यादा से ज्यादा यौन क्षमता को उभारता है. 

सामग्री: कस्तूरी और सोने के वर्क एक एक ग्राम, चांदी के वर्क, इलायची, जुन्दे बेदस्तर 10 - 10 ग्राम, नरकचूर, दुरुनाज अकबरी, बहमन सफेद जटामांसी, लौंग, तेजपात 6 - 6 ग्राम, पीपल और सोंठ 3-3 ग्राम.

निर्माण विधि: तीनो वर्क और शेष द्रव्यों का कुटा- पीसा महीन चूर्ण मिला ले तथा शहद मिलते हुए तीन घंटे तक खरल में अच्छी तरह घोटे लगाये, फिर इन सबको मिलाकर आधा - आधा ग्राम की गोलियाँ बनाकर छाया में सुखा ले, सुबह- शाम 2 - 2 गोलियाँ शहद के साथ ले और ऊपर से दूध पी लें.
इस वजह से होता है ब्रेस्ट कैंसर




जैसा की हम सभी जानते है. हमारी जिंदगी में बहुत सी बीमारियाँ उत्पन्न होती है और डॉक्टर द्वारा उनका इलाज भी बहुत आराम से हो जाता है. लेकिन कुछ बीमारियाँ पूरी तरह ठीक नही होती है उनका इलाज कुछ समय तक जारी रखना पड़ता है. कुछ व्यक्ति ये समझते है ब्रैस्ट कैंसर बस महिलाओं को ही होता है. लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल भी ठीक नही है. 

ब्रैस्ट कैंसर पुरूषों को होने वाले चेस्ट कैंसर की तरह होता है. ब्रैस्ट कैंसर होने के वैसे तो बहुत से कारण होते है. लेकिन यह समय से भोजन न करने या पूर्ण मात्रा में भोजन ने करने से उत्पन्न होने लगता है. महिलाओं में बच्चों को दूध न पिलाना भी इसका एक कारण माना गया है हमारे स्वाथ्य के लिए भोजन बहुत महत्वपूर्ण है. शरीर को पूरी मात्रा में भोजन मिलने से बहुत सी बीमारियाँ ठीक हो जाती है. जैसे Breast कैंसर. 

ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी आजकल अधिक पाई जाती है जिसका कारण लोगों की जीवन शैली में बदलाव माना गया है. अब लोगों को ब्रैस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए जागरुर्क किया जा रहा है. इसलिए ब्रैस्ट कैंसर डे और ब्रैस्ट अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है. ब्रैस्ट कैंसर के लिए कुछ फलो का सेवन करना बहुत लाभदायक होता है. शरीर की जरुरत पूरी करने के लिए हम अलग अलग भोजन और फल से करते है.

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