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टमाटर के फायदे: आपके स्वस्थ शरीर के लिए एक अद्भुत फल



टमाटर के फायदे: आपके स्वस्थ शरीर के लिए एक अद्भुत फल


टमाटर एक फल है जिसे हम सब्जी के तौर पे जानते हैं। टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस व विटामिन ए और सी पाए जाते हैं। टमाटर एक बहुत बढ़िया ओक्सिडेंट है। भारत में टमाटर का ज्यादातर व्यंजनों में उपयोग किया जाता है। भारत में इसकी अधिक मात्रा मे खेती होती है इसलिए इसके उपलब्धता में कोई कठिनाई नहीं होती और हर जगह आसानी से मिल जाता है।
टमाटर के फायदेटमाटर का रोजाना अपने आहार में सेवन करने से आपको बहुत सारे लाभ होते हैं, जैसे।
टमाटर खाने से हृदय संबंदी समस्यायों में काफी फ़ायदा मिलता है।
टमाटर का सेवन रक्तवाहिनियों में थक्का जमने से रोकता है इससे हार्टअटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।
टमाटर के फायदे के लिए इमेज परिणाम
शरीर में खून की कमी है तो रोजाना इसका रस पीने से भी लाभ होता है।
पेट मे कीड़े हों तो टमाटर के टुकड़ो पर कालीमिर्च और सेंधा नमक का चूर्ण डालकर खाएं इससे पेट के कीड़े मर जाते हैं।
टमाटर आँखों की रौशनी को भी बढ़ाता है।
टमाटर कब्ज़ की शिकायत को दूर करता है और पाचन क्रिया को ठीक रखता है।
टमाटर स्वस्थ त्वचा और बालों के लिए बहुत लाभदायक होता है।
ये कैंसर के सेल्स को भी बढ़ने से रोकता है।
धूम्रपान से हुए नुकसान को भी ठीक करने मे सहायता करता है।
हड्डियों को मजबूत बनाता है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।
हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
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चर्बी को कम करता है और शरीर के वजन को नियंत्रित रखता है।
भूख बढ़ाने मे सहायता करता है।
टमाटर को कैसे खाये
सलाद: टमाटर को खाने के बहुत से तरीके हैं जिसमे से सलाद सबसे आसान तरीका है। ध्यान रहे जब भी आप सलाद या फिर ऐसे ही कच्चा टमाटर खाते हैं तो इसका छिलका ना निकाले, क्योकि इसकी त्वचा मै ही इसके सबसे ज्यादा गुण पाए जाते हैं।
टमाटर का जूस: आप अपने दिन की शुरुवात काला नमक सहित ताजा कच्चे टमाटर के जूस को पीकर कर सकते हैं इससे आपके शरीर मे फुर्ती बानी रहेगी, लेकिन याद रहे कि टमाटर का जूस आप खाली पेट न लें।
टमाटर का सूप: आप टमाटर को हल्का सा उबाल कर उसे पीस लें और उसमे काली मिर्च डाल के उसका सूप बनाकर पियें यह बहुत ही स्वादिस्ट लगता है।
सब्जी में टमाटर: इसके अलावा आप सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमे में कच्चा टमाटर या टमाटर प्यूरी का उपयोग भी कर सकते हैं। और इसका उपयोग आप घर पर ही टमाटर की चटनी व सॉस बनाकर कर सकते है। पैकेट में मिलने वाले टमाटर के सूप और सॉस का उपयोग नही करें अच्छा है।


टमाटर के ये 10 फायदे चौंका देंगे आपको...





भारतीय पाक-पकवानों में टमाटर का विशेष महत्व है. इसे सब्जी बनाने से लेकर, सलाद में, सूप के तौर पर, चटनी के रूप में और यहां तक की ब्यूटी प्रोडक्ट के रूप में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है.

टमाटर में विटामिन सी, लाइकोपीन, विटामिन, पोटैशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. साथ ही इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले तत्व भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं. जिन लोगों को वजन कम करना है उनके लिए भी ये काफी फायदेमंद है लेकिन टमाटर की सबसे बड़ी खासियत ये होती है कि टमाटर को पकान देने के बाद भी उसके पोषक तत्व बने रहते हैं. 


टमाटर से ऐसे बनाएं घर में ही सूप

टमाटर का इस्तेमाल कई बीमारियों की रोकथाम के लिए किया जाता है:

1. सुबह-सुबह बिना पानी पिए पका टमाटर खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है.

2. अगर बच्चे को सूखा रोग हो जाए तो उसे प्रतिदिन एक गिलास टमाटर का जूस पिलाने से बीमारी में आराम मिलता है.

3. बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए टमाटर बहुत फायदेमंद होता है. 


4. मोटापा घटाने के लिए भी टमाटर का इस्तेमाल किया जा सकता है. प्रतिदिन एक से दो गिलास टमाटर का जूस पीने से वजन घटता है.

5. गठिया के रोग में भी टमाटर बहुत फायदेमंद है. प्रतिदिन टमाटर के जूस में अजवायन मिलाकर खाने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है.

6. गर्भावस्था में टमाटर का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है; इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है, जो गभर्वती के लिए काफी अच्छा होता है. 



7. अगर पेट में कीड़े हो जाएं तो सुबह खाली पेट टमाटर में काली मिर्च मिलाकर खाने से फायदा होता है.

8. कच्चे टमाटर में काला नमक मिलाकर खाने से चेहरे पर लाली आती है.

9. टमाटर के गूदे को चेहरे पर रगड़ने से त्वचा पर निखार आता है.

10. टमाटर के नियमित सेवन से डायबि‍टीज में फायदा होता है. इससे आंखों की रौशनी बढ़ती है. साथ ही कई तरह की स्‍क‍िन से जुड़ी समस्याओं में भी ये असरदार है.




गैस समस्या: जाने सब कुछ, कारणों से लेकर इसके इलाज तक

गैस क्या है?अत्यधिक गैस, गैस की समस्या पैदा कर देती है और इसे कई तरह से वर्णित किया जाता है जैसे डकार आना, उबकाई आना, पादना या पेट फूलना। उदाहरण के लिए, आपके मुँह से निकलने वाले गैस को डकार और उबकाई कहते हैं, जबकि पेट फूलने पे, या पादने में गैस मलाशय से निकलती है। जब आपके पेट में अतिरिक्त गैस जमा हो जाए और उसके कारण पेट में सनसनी महसूस हो तो उसे पेट फूलना कहते हैं। कुछ गैस खाने के बाद बनते हैं और उनका उबकाई और पाद के माध्यम से निकलना आम बात हैं। हालांकि, यदि आप दर्दनाक गैस का सामना करते हैं और बदबूदार पाद की शरमिन्दगी से बचना चाहते हैं, तो आप उसे ख़तम करने के लिए उसका कारण ढूँढना शुरू कर दें।
गैस कैसे बनती है?पेट में अतिरिक्त गैस कई कारणों से हो सकती है, जैसे अत्यधिक पीने, हवा को निगलने, अच्छी तरह से अपने भोजन को न चबाने, मसालेदार और गैस बनाने वाले भोजन, बहुत अधिक तनाव, किसी प्रकार के जीवाणु संक्रमण, या पाचन विकार ( आईबीएस या क़ब्ज ) के कारण। जब जीवाणु काबोर्हाइड्रेट का खमीर उठता है और उसे आपकी छोटी आंत पचा नहीं पाती तो भी आपके पेट में गैस बन सकता है।
गैस की समस्या से बचने के लिए घरेलू उपचारआहार और जीवन शैली में सरल बदलाव, गैस को कम करने या उसे राहत देने में मदद कर सकती है

जब आप जल्दी-जल्दी खाते या पीते हैं, तो आप साथ साथ बहुत सारे हवा को भी निगल जाते हैं, जो गैस का कारण बन सकती है। इसलिए गैस की समस्या से बचने के लिए धीरे-धीरे खाएं।
पेट को हवा से न भरें। आदतें जैसे धूम्रपान, चबाने वाली गम और पाइप के माध्यम से पीने से आपका पेट वायु से भर जाता है, जिससे गैस की समस्या हो जाती है।
थोड़ा-थोड़ा खाएं। कई खाद्य पदार्थ जो एक स्वस्थ आहार का हिस्सा होते हैं गैस का कारण भी बन सकते हैंI तो, आमाशयिक खाद्य पदार्थों को थोड़े-थोड़े हिस्से में लें और देखें की क्या आपका शरीर बिना अतिरिक्त गैस बनाये छोटे हिस्से को नियत्रिंत कर सकता है या नहीं। पाचन तंत्र फ़ाइबर को तोड़ नहीं सकता, और अत्यधिक गैस अक्सर इसका एक परिणाम होता है। लेकिन अपने आहार में उच्च फ़ाइबर वाले खाद्य पदार्थों में धीरे-धीरे वृद्धि से पाचन तंत्र में मौजूद बैक्टीरिया अतिरिक्त फ़ाइबर के प्रति समंजन हो जाता है और गैस समस्या को रोकने में मदद करता है।
यदि आप खाने के ठीक बाद लेटते हैं, तो ऐसी स्थिति में शरीर का खाना पचाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जब पाचन अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है या अधिक समय लेता है, तो इससे आंत्रीय सूजन और गैस उत्पादन में वृद्धि हो सकती है। इसके बजाय, बैठ जाएं या खाने के बाद कम से कम एक घंटे खड़े रहें फिर लेटें।
भोजन के बाद कोई भी शारीरिक सक्रियता शरीर को भोजन को बेहतर तरीके से पचाने में मदद करती है। खाने के बाद थोड़ा पैदल चलने से, आंत्र पारगमन को गति देने में, पाचन की दर में वृद्धि, और गैस उत्पादन में कटौती करने में मदद कर सकता है।
खाने के साथ के बजाये खाने से पहले पानी पीएं। खाने के साथ पानी पीने से आप पाचन के रस को पतला कर देते हैं जो पाचन क्रिया को ख़राब कर सकता है। इसलिए खाते समय कभी भी पानी न पिये, यह बेहतर है अगर आप अपने भोजन से पहले पानी पी लें। हर दिन बहुत सारे तरल पदार्थ पीने की कोशिश करें
यदि आप लैक्टोज असहिष्णु हैं, तो दूध की जगह दही लेना शुरू कर दें। या लैक्टोज को तोड़ने में मदद करने के लिए किण्वक उत्पाद का उपयोग करें। दूध उत्पादों की छोटी मात्रा लेना या उन्हें अन्य खाद्य पदार्थों के साथ लेने से भी मदद मिल सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में, आपको डेयरी खाद्य पदार्थ पूरी तरह छोड़ना पर सकता है। यदि हां, तो अन्य स्रोतों से प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी प्राप्त करें।
खाद्य पदार्थ जिनसे गैस उत्पादन होती है
सब्जियां: गोभी, मूली, प्याज, ब्रोकोली, आलू, फूल गोभी, खीरे
फल: सूखा आलूबुखारा, खुबानी, सेब, किशमिश, केले
अनाज, ब्रेड: सभी खाद्य पदार्थ जिनमें गेहूँ और गेहूँ के उत्पाद के साथ अनाज, ब्रेड और पेस्ट्री शामिल हैं।
फैटी खाद्य पदार्थ: कड़ाही में तले हुए या गहरे तले हुए खाद्य पदार्थ, फैटी मांस, रिच क्रीम, सौस और शोरबा, पेस्ट्री (जबकि फैटी खाद्य पदार्थ काबोर्हाइड्रेट नहीं होता, फिर भी वो आंत्र गैस का कारण बन सकते हैं।)
तरल पदार्थ: कार्बनेटिड पेय पदार्थ
गैस समस्या का उपचारआप पेट फूलना कम कर सकते हैं:
निवारक कदम
प्रोबायोटिक्स अनुपूरक या ऐसा खाना जिसमें प्रोबायोटिक्स हो का सेवन गैस की समस्या से छुटकारा पाने का अच्छा तरीका है। इसे लेने से पहले अपने चिकित्सक से चर्चा करें।
गैर-प्रेषण वाली दवाएं जिसमें सिम्मिथिकोन (गेलुसील) और कोयला हो।
ओवर-द-काउंटर गोलियां या तरल पदार्थों जिसमें ऐनजाइम लैक्टोज हो, को दूध वाले उत्पादों को खाने या पीने से पहले लें।
आज कल लैक्टोज-रहित डेयरी उत्पाद आते हैं जो आपको किराने की दुकान पे मिलसकता है।
ध्यान रहेअपने डॉक्टर को दिखाए यदि आपको खूब पाद आती हो, पेट में परेशानी के साथ, पेट-फूलना या अचानक आपके भूख में परिवर्तन हो, क़ब्ज या दस्त हो।


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