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योनी कि झिल्ली और वर्जिनिटी की जानकारी –


योनी कि झिल्ली और वर्जिनिटी की जानकारी – 


योनी कि झिल्ली और वर्जिनिटी की जानकारी के बारे में लोग ज्‍यादा से ज्‍यादा उत्‍सुकता से जानना चाहते है। महिला की योनि की सुरक्षा के लिए प्रकृति ने अद्भुत अंग की रचना की है जिसपर महिला का ध्यान तब तक नहीं जाता जब तक इसकी जरुरत नहीं पड़ती। इसे hymen या योनि की झिल्ली कहते है जो की योनि के द्वार के अन्दर की झिल्ली होती है। यह कुंवारी स्त्री की प्रतीक मानी जाती है आज कल कई महिलाएं hymen reconstruction के लिए जा रही हैं ताकि वह कुंवारी hymen पा सकें।

हम में से अधिकतर लोग जो कुछ भी बातें वर्जिनिटी और हाइमन के बारे में जानते हैं वो आधे से ज्‍यादा गलत होती हैं। ये अधिकांश: बातें मिथक होती हैं और इन्‍हें बिना किसी विज्ञान के ही कहा जाता है।

अगर आप योनी कि झिल्ली और वर्जिनिटी की सच्‍चाई जान लें तो आपको आश्‍चर्य होगा कि आप अब तक कितना गलत सुनते आ रहे थे। आज हम आपको कौमार्य और योनी कि झिल्ली के बारे में कुछ ख़ास जानकारी देने जा रहे है जो आपको इस बारे में सही जानकरी देने के लिए पर्याप्‍त होगी। 
वर्जिनिटी का मतलब है क्या- What is the virginity in hindi


वर्जिनिटी को किसी एक तरह से नहीं समझाया जा सकता है। वर्जिन किसको समझा जाता है, इसके ऊपर भी लोगों कि अपनी-अपनी सोच है अधिकतर जब वर्जिन होने कि बात करी जाती है तो वो अक्सर महिलाओं के सन्दर्भ में ही करी जाती है। पुरुष कि वर्जिनिटी को कई समाजों में उतनी अहमियत नहीं दी जाती। अधिकतर लोग ऐसा मानते हैं कि जिस लड़की ने सेक्स नहीं किया हो, वो वर्जिन होती हैं। कुछ और लोगों के लिए, किसी भी तरह का लिंग मिलन जैसे कि ओरल सेक्स या गुदा मैथुन होने से भी माना जाता है कि वो वर्जिन नहीं हैं। (
योनी कि झिल्ली हाइमन (योनिच्छद)- Hymen, (vaginitis) virginity in hindi

मूत्र द्वार के नीचे एक बड़ा द्वार योनि के खोल तक जाता है। योनि द्वार एक पतली झिल्ली से ढंका रहता है जिसे श्लेष्मा झिल्ली कहते हैं। लड़कियों में इस झिल्ली में एक या ज्यादा छेद होते हैं जिनसे उरिन बाहर आता है। योनी कि झिल्ली खेलने (जैसे भागने या कूदने) आदि से भी फट सकता है। उंगलियों से हस्तमैथुन जो कि एकदम सामान्य और आम क्रिया है, से भी यह फट सकता है। नहीं तो योनी कि झिल्ली पहली बार संभोग के समय फटता है। हायमन के फटने से थोड़ा सा खून निकलता है। यौन शिक्षा में यह सब ज़रूर बताया जाना चाहिए। (
हाइमन को फाड़ने के लिए ज़ोर लगाने कि ज़रूरत नहीं होती। हाँ, लेकिन पहली बार सेक्स के दौरान आराम से सेक्स करने से यह फट सकती है और आपका सेक्स अनुभव सुखद और मज़ेदार हो सकता है। ये भी एक प्रचलित मिथ्या है कि जब भी हाइमन टूटता है तो खून निकलता है। ऐसा हमेशा हो ज़रूरी नहीं। इसलिए अगर किसी महिला को पहली बार सेक्स के दौरान खून ना निकले तो इसका मतलब यह नहीं कि वो वर्जिन नहीं है।


आखिर में, बहुत ज़यादा अनुभव वाले डॉक्टर भी कभी यह बात पूरी तरह से नहीं बता सकते कि महिला वर्जिन है या नहीं, इसलिए वर्जिनिटी टेस्टिंग भरोसेमंद नहीं है। वर्जिनिटी का पता लगाने का सिर्फ एक ही तरीका है और वो है खुद उस लड़की से पूछना और वो जो जवाब दे उसे मानना।
केसा होता है योनी मार्ग (वेजाईना) – How is vaginal route in hindi


यह त्वचा की कई परतों से बनी होती है, जो भीतरी अंगों को सुरक्षा प्रदान करती है। यह कई उपांगों को समाविष्ट किय हुए हैं जैसे भगशिशिनका, मूत्रमार्ग का छिद्र, योनि की झिल्ली (हाइमेन), लघु ग्रंथियां, वृहत भगोष्ठ, लघुभगोष्ठ इत्यादि। आंतरिक जनन अंग की शुरूवात योनि मार्ग से होती है, असल में यह एक नली जैसा रास्ता है जिसका एक सिरा अंदर से एक नाजुक गुलाबी झिल्ली से ढंका रहता है। श्रोणी के निचले भाग में पेशियों की एक चादर में योनि स्थित होती है। योनि का यह रास्ता इसके द्वार से लेकर दंसरी तरफ गर्भाशय के मुख यानि गर्भाशयग्रीवा तक जाता है। यह रास्ता ढीला ढाला और फूला हुआ होता है।
यह गर्भाशय से योनि प्रघाण तक फैली हुई लगभग 8 से 10 सेमीमीटर लम्बी नली होती है जो मूत्राशय एवं मूत्रमार्ग के पीछे तथा मलाशय एवं गुदामार्ग के सामने स्थित होती है। एक वयस्क स्त्री में योनि की पिछली भित्ति उसकी अगली भित्ति से ज्यादा लम्बी होती है और योनि गर्भाशय के साथ समकोण बनाती है। और बच्चे के जन्म के समय ज़रूरत के अनुसार इसके लम्बाई और चौडाई में यानी आकार व आकृति में बदलाव संभव है। योनि दीवार में स्थित अनेकों ग्रंथियों, कोशिकाओं में से निकला चिपचिपा पदार्थ इसे नमी युक्त बनाये रखता है जो कि, संभोग और बच्चे के जन्म के समय लाभकारी होता है।

प्रजनन की उम्र तक इस का वातावरण अम्लीय होता है जो इसे संक्रमण से बचाता है| इससे योनि में किसी भी तरह का संक्रमण होने की संभावना समाप्त हो जाती है। योनि के रास्ते के पीछे गुदा होती है (यानि कि बड़ी आंत का आखरी भाग)। सामने की ओर पेशाब की थैली और मूत्रमार्ग होता है।
फर्स्ट टाइम सेक्स और योनी कि झिल्ली का सम्बन्ध – First time sex and virginity connection in hindi


सेक्स के दौरान होने वाले दर्द, डिस्चार्ज, वेजिनल टाइटनेस या लूज़नेस, देखने में योनि छिद्र कैसा है और लड़की के बिवेहियर से शायद कुछ अंदाज़ तो लगा सकते हैं लेकिन उसे भी पक्के रूप से वर्जिनिटी का प्रमाण नहीं मान सकते। पहले पहले सेक्स के दौरान ज्यादातर लड़कियों को बहुत अधिक दर्द होता है और पेनेट्रेशन भी कठिन होता है। दर्द के कारण योनि से नार्मल डिस्चार्ज भी नहीं होता जिससे वेजाइनल ड्राईनेस हो जाती है और कोई न कोई ल्यूब इस्तेमाल करना ज़रूरी हो जता है। केवल कुछ महीने के बाद ही सेक्स एन्जॉयेबल हो पाता है।

कई बार लड़की को पता भी नहीं चलता कि उसकी हाइमन टूट गई है, क्योंकि यह हमेशा दर्द या ध्यान देने योग्य रक्तस्राव नहीं होता है।
सबकी हाइमन अलग-अलग दिखती है – Everyones hymn looks different in hindi

हर महिला के शरीर की बनावट होती है उसी प्रकार हायमेन की बनावट भी भिन्‍न होती है। इसका रंग, रूप और आकार अलग-अलग होता है। कई महिलाओं में ये हॉफ मून और कई में ये गुलाब की पत्तियों की तरह नज़र आती है। प्रत्येक लड़की की योनि की आकृति, आकार तथा उसका मुख भिन्न होता है अतः प्रत्येक लड़की के हायमन के फटने से होने वाला कष्ट और ब्लीडिंग भी भिन्न प्रकार की होती है। परंतु बहुत से मामलों में लड़की के वास्तव में कुँवारे होने पर भी यह झिल्ली खण्डित हो सकती है। बहुत सी लड़कियों को पहली बार सहवास करने पर ब्लीडिंग भी नहीं होती, क्योंकि उनकी हायमन झिल्ली लचकदार हो सकती है जिसके सहवास के समय फैल जाने से योनि मुख खुल सकता है। कुछ लड़कियों की यह झिल्ली आपरेशन, चोट या हस्तमैथुन या किसी प्रकार के दवाब से भी फट सकती है।
क्या है ह्यमनोररहाफी– Vaginal Tightening Surgery hindi


इस बड़े से शब्द का अर्थ है योनिच्छद योनी कि झिल्ली को उन् महिलाऎं में फिर से बहाल करना जिनके पास सलामत योनिच्छद नहीं है। वैजाइना को टाइट करने का ये सबसे असरदार तरीका है। वैजाइना को टाइट करने के लिए बहुत तरह के टाइटनिंग सर्जरियां होती हैं। इस सर्जरी में योनिच्छद के दोनों सिरों को एक साथ खींच जाता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि इस महिला ने योनि मैथून नहीं किया है और किसी और कारण से भी योनिच्छद को कोई नुक्सान अब तक नहीं पहुंचा है। ()

ये सारी प्रक्रिया केवल आधे घंटे कि है और सुन्न कर देने वाले इंजेक्शन के प्रयोग के कारन किसी भी प्रकार के दर्द से मुक्त है और पूरी तरह सुरक्षित भी है। हालाँकि ये कोई सस्ता सौदा नहीं है, इसकी कीमत अलग अलग जगह के आधार पर हो सकती है।
योनी कि झिल्ली और हाइमन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – Frequently asked questions about virginity and hymen in hindi


Q.योनिच्छेद/हाइमन (hymen) क्या है, और यह क्या कार्य करता है?
A.योनिच्छेद का क्या कार्य है इसपर अभी तक कोई विशेष जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई हैं। यह भ्रूण विकास के अवशेष हो सकते हैं। और गर्भधारण में सहायक हो सकती है

Q.क्या योनिच्छेद/हाईमन (hymen) से पहले संभोग के दौरान हमेशा खून बहता है?
A.योनि में कुछ भी डाला जाने पर अधिकांश लोगों के रक्त नहीं बहता। यहां से रक्त बहने का कारण पहली बार कुछ प्रवेश करना नहीं होता। संभव है कि श्लेष्मा की परत के हल्का सा फटने से थोड़ा रक्त बहा हो।

Q.योनिच्छेद/हाईमन (hymen) से रक्त बहने का क्या कारण हो सकता है?
A.रक्त बहने का कारण शायद महिला का उत्तेजित नहीं होना अपितु तनाव, बेचैनी, और शुष्क होना है। फिर भी प्रत्येक महिला का योनि कोरोना/हाईमन अलग तरह का होना भी इसका कारण हो सकता है।

Q.क्या साइकिल चलाने या घुड़सवारी से योनिच्छेद भंग हो सकता है?
A.साइकिल चलाने या अन्य शारीरिक गतिविधियों के चलते योनिच्छेद भंग नहीं हो सकता। योनि कोरोना के श्लेष्मा ऊतकों की परत पर पहली बार खिंचाव किसी भी वस्तु के प्रवेश जैसे रूई का फाहा, हस्तमैथुन या संभोग से होता है।

Q.क्या पहली बार हमेशा दर्द होता है?
A.योनि कोरोना एक भंगुर झिल्ली नहीं है। यह सिर्फ एक श्लेष्मा ऊतक की परत है और इसके पहली बार खिंचने (रूई के फाहे, हस्तमैथुन या वेधनीय संभोग के चलते) से उत्पन्नउत्तेजना पूर्णतः व्यक्तिगत अनुभव है। कुछ महिलाओं को दर्द का बिल्कुल भी आभास नहीं होता वहीं जिन महिलाओं के योनि कोरोना/हाईमन मोटे हैं उन्हें लिए यह दर्दनाक हो सकता है। इससे श्लेष्मा परत थोड़ा सा फट सकता है जिससे थोड़ा दर्द होना और कभी थोड़ा सा रक्त बहना भी संभव है।

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