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पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द


पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से चाहिए मुक्ति तो कीजिए ऐसी एक्सरसाइज
ये टिप्स आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। 


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इस स्टोरी का टाइटल पढ़ते ही लड़कियों के दिमाग में झट से ये सवाल आया होगा कि "पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज! क्या सच में?" जी हां! आमतौर पर पीरियड्स के समय महिलाओं और लड़कियों को आराम करने के लिए कहा जाता है क्योंकि तब उनके शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं और खून की कमी के चलते उन्हें शारीरिक कमजोरी का भी अहसास होता है। 

लेकिन इस बात में भी पूरी सच्चाई है कि मासिक धर्म के दौरान वर्कआउट करने से तेज दर्द और अन्य समस्याओं में कमी आती है। बस जरूरत है तो थोड़ी सी समझदारी दिखाने की। पीरियड्स के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के आधार पर आप वर्कआउट प्लान करके अपनी फिटनेस का ध्यान रख सकती हैं। 

इससे हर महीने होने वाली तेज दर्द की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। तो आइये जानते हैं कि किस तरह की एक्सरसाइज पीरियड्स के दौरान आपके लिए साबित हो सकती हैं फायदेमंद।



दर्द के अनुसार करे एक्सरसाइज 



पीरियड के लिए एक्सरसाइज करने के तरीकों को हम चार सप्ताहों के अनुसार अलग-अलग बांट लेंगे। सबसे पहले हफ्ते में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन हार्मोन्स का स्त्राव काफी कम होता है।





मांसपेशियों को ठीक करती है 


इस समय होने वाली हार्मोन्स की कमी पीरियड के दौरान होने वाले दर्द को सहन करने के लिए आपकी सहनशीलता को बढ़ाती है और मांसपेशियों को जल्द ठीक करने में मदद करती है। 

पुश अप्स और लंजेस 



पीरियड्स के बाद के पहले हफ्ते में बूटकैम्प वर्कआउट जिसमें पुशअप्स और लंजेस जैसी बॉडी वेट एक्सरसाइज करना चाहिए। ये आसान होगी, साथ ही आपको पीरियड का दर्द भूलने में मदद करेगी।

दूसरा सप्ताह 


पीरियड्स के दूसरे हफ्ते में टेस्टोस्टेरॉन का लेवल काफी मात्रा में बढ़ जाता है। इस दौरान आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या थोड़ी कठिन वेट गेनिंग एक्सरसाइज करना शुरू कर सकती हैं।
आगे जानिए तीसरे और चौथे हफ्ते के बारे में। 


क्रॉस फिट एक्सरसाइज


दूसरे हफ्ते के आखिरी दिनों में क्रॉस फिट या केटल बॉल स्क्वैट्स जैसी एक्सरसाइज करना आपकी सेहत के लिए बेहतर होगा।


तीसरा हफ्ता 


चूंकि तीसरे हफ्ते में आपके मासिक धर्म के 14वें दिन आपके गर्भाशय में ओव्यूलेशन शुरू हो जाता है तो आप शरीर में एक्स्ट्रा कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल करने के लिए एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। 


रनिंग है बेहतर 


जब इस दौरान आपके शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ जाता है तो इस अतिरिक्त ऊर्जा का इस्तेमाल आप रनिंग या अन्य कार्डियो वर्कआउट करके कर सकती हैं।



चौथा सप्ताह 


चौथे सप्ताह में जब आपके शरीर में प्रोजेस्ट्रोन की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है तो आपका शरीर पीरियड्स के लिए बिल्कुल तैयार होता है।

पाइलेट्स या ब्रिस्क वॉक 


इस दौरान आपके पेट और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पीरियड्स के दौरान पाइलेट्स क्लास या ब्रिस्क वॉक जैसी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज कर सकती हैं। 


राहत दिलाती है ये एक्सरसाइज


नियमित रूप से की जाने वाली ये एक्सरसाइज पीरियड्स में होने वाली परेशानियों से आपको राहत दिलाने में आपकी मदद करेगी। 


ऐंठन करती है दूर


ऐंठन यानी पीरियड क्रैम्प्स महिलाओं के लिए एक बड़ी परेशानी होते हैं। इन्हें दूर करने के लिए आप साइड लंज एक्सरसाइज कर सकती हैं। इससे कूल्हे, बट और जांघ की ऐंठन में लाभ मिलता है।


बालासन योग 



चाइल्ड पोज या बालासन योग बहुत ही स्वास्थ्यप्रद और शांत आसन है। यह मुद्रा शरीर में होने वाले खिंचाव से बचाती है, जिस वजह से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द में राहत मिलती है। 

तो देखा आपने इन एक्सरसाइज को करके आपको इतनी समस्याओं से राहत मिल सकती है।

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