Header Ads

मुंह की दुर्गंध से हमेशा के लिए निजात पाने के आसान उपाय


मुंह की दुर्गंध से हमेशा के लिए निजात पाने के आसान उपाय 
मुंह की साफ़-सफ़ाई ज़रूरी है, लेकिन रोज़ाना दो बार ब्रश करना या चूइंगगम चबाना ही पर्याप्त नहीं होता. यह सब करने के बावजूद भी आपके मुंह से गंदी बदबू आ सकती है. मुंह से दुर्गन्ध आने के कई कारण हो सकते हैं. हम आपको मुंह को साफ़ रखने के आसान तरी़के बता रहे हैं, इसके लिए बस आपको अपनी दिनचर्या में कुछ मामूली बदलाव लाने होंगे.


ख़ूब पानी पीएं
पानी अच्छी सेहत के लिए कितना ज़रूरी है, यह तो आप जानते ही होंगे, पर क्या आपको पता है कि शरीर में पानी की कमी से भी मुंह से गंदी बदबू आती है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मुंह में लार का प्रवाह बना रहता है, जिससे मुंह सूखता या डीहाइड्रेट नहीं होता. आपको बता दें कि लार की कमी व मुंह सूखने के कारण मुंह से बदबू आती है.
सलाहः ऑफिस या घर पर जब भी कोई आपको पुकारे तो एक घोंट पानी पीने की आदत डाल लें.

ज़्यादा कॉफी पीने से बचें
हमें पता है कि ज़्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत कॉफी के प्याले के बिना नहीं होती, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन न करें. कैफीन स्लाइवा यानी लार के प्रोडक्शन को धीमा कर देता है, जिसके कारण मुंह सूख जाता है. नतीज़तन मुंह से गंदी बदबू आती है. कॉफी से बेहतर है कि आप चाय पीएं.
सलाहः जब भी कॉफी की तलब महसूस हो, ग्रीन टी पीएं.


खाने के बाद कुल्ला करें
कुछ भी खाने के बाद कुल्ला करना नहीं भूलें. अगर कोई भी खाद्य पदार्थ बहुत देर तक दांतों के बीच में फंसा रह जाता है, तो वैसी ही हालत होती है, जैसे कूड़ेदान में बहुत देर तक कूड़ा रह जाने पर. खाने में मौजूद बैक्टीरिया मसूढ़ों के अंदर तक चले जाते हैं, जिससे न सिर्फ़ गंदी बदबू आती है, बल्कि इंफेक्शन होने का डर भी रहता है. इसलिए ध्यान रखें कि कुल्ला करना ब्रश करने जितना ही ज़रूरी होता है.
हर तीन महीने बाद ब्रश बदल दें

हमें पता भी नहीं चलता कि हमारा टूथब्रश कब पुराना हो जाता है. पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल करना असुरक्षित हो सकता है, क्योंकि इससे मुंह में बैक्टीरिया पनप सकते हैं. इसलिए नियमित अंतराल पर ब्रश बदलते रहें.
सलाहः बीमारी से उबरने के बाद टूथब्रश बदल दें, ताकि शरीर में ग़लती से पुराने कीटाणु प्रवेश न कर पाएं.

जीभ को नज़रअंदाज़ न करें
ब्रश करने के बाद जीभ को साफ़ करना न भूलें. ऐसा करने से मुंह से गंदी बदबू आने की समस्या में 70 फ़ीसदी कमी आती है.
सलाहः एक तीर से दो निशाने मारने के लिए ऐसा ब्रश लें, जिसके पीछे टंग क्लीनर हो.

अल्कोहल फ्री माउथवॉश का प्रयोग
ज़्यादातर माउथवॉश में 27 फीसदी अल्कोहल होता है, जिससे मुंह सूख जाता है. हमने आपको पहले बता चुके हैं कि मुंह सूखने से गंदी बदबू आती है. इसलिए अगली बार माउथवॉश खरीदते समय यह चेक कर लें कि कहीं उसमें अल्कोहल तो नहीं है.
सलाहः क्लोर्हेसिडाइन युक्त माउथवॉश का भी बहुत ज़्यादा प्रयोग करने से दांतों पर दाग़ पड़ सकता है.


शुगरयुक्त माउथफ्रेशनर्स से परहेज़
खाने के बाद इस्तेमाल किए जानेवाले ज़्यादातर माउथफ्रेशनर्स में शुगर होता है, जिसका सेवन करने से मुंह में बैक्टीरिया बढ़ते हैं और माउथफ्रेशनर ख़त्म हो जाने के बाद मुंह से गंदी बदबू आने लगती है. इसलिए बेहतर होगा कि आप मिंट या शुगरफ्री फ्रेशनर का प्रयोग करें.

दवाओं पर भी ध्यान दें
आप जिन दवाओं का सेवन कर रहे हैं, उनसे भी मुंह से गंदी बदबू आ सकती है. एंटीडिप्रेसेंट्स, पेनकिलर्स और एंटीहिस्टामाइन्स जैसी तक़रीबन 400 ऐसी दवाइयां हैं, जो स्लाइवा के फ्लो को कम कर देती हैं, जिसके कारण मुंह में गंदी बदबू आती है.
सलाहः डॉक्टर से दवा लेते समय उसके साइड इफेक्ट्स के बारे में पूछना न भूलें.

टॉन्सिल स्टोन्स चेक करें

टॉन्सिल स्टोन्स सफ़ेद या पीले रंग के पदार्थ होते हैं, जो टॉन्सिल में स्थित होते हैं. ये सफ़ेद दाग़ की तरह दिखते हैं और इनसे गंदी बदबू आती है. ऐसा होने से बचने के लिए मुंह की अच्छे से सफ़ाई करें और नियमित अंतराल पर डॉक्टर से मिलते रहें.


वज़न पर ध्यान दें
जी हां, वज़न बढ़ने से भी मुंह से गंदी बदबू आती है. तल अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्त्ताओं के अनुसार, मुंह से गंदी बदबू और ओवरवेट का सीधा संबंध है. आप जितने ज़्यादा मोटे होंगे, आपके मुंह से गंदी बदबू आने की संभावना उतनी अधिक होगी. अतः वज़न पर नियंत्रण रखें.

लो कार्ब डायट से बचें
जो लोग लो कार्ब डायट फॉलो करते हैं, उन्हें केटोसिस शब्द के बारे में पता होगा. यह एक प्रक्रिया है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट नहीं मिलने पर शरीर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए पहले से संचित फैट और प्रोटीन का इस्तेमाल करता है, जिसके कारण शरीर केटोन्स नामक केमिकल रिलीज़ करता है, जिससे गंदी बदबू आती है. अतः अपने खाने से
कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह न हटाएं.

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.