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प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में ये कमियां हो सकती हैं


प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में ये कमियां हो सकती हैं खतरनाक...हो जाएं सावधान

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एनेमिया लाल रक्त कोशिकाओं की कम संख्या या निम्न स्तर के हिमोग्लोबिन ( आयरन युक्त प्रोटीन जो लाल रक्त कोशिकाओं के रंग के लिए जिम्मेदार होता है) की कमी से होता है। यह स्थिति अन्य दिनों की अपेक्षा गर्भावस्था के दौरान आम होती है क्योंकि शरीर में आयरन मांग बढ़ जाती है खासतौर पर द्वितीय और तृतीय तिमाही में। आपके शरीर को भ्रूण के विकास व वृद्धि के लिए अधिक रक्त का उत्पादन करने की जरूरत होगी।

लाल रक्त कोशिकाओं बोनमैरो में बनती है और चार महीने के लिए जीवित रहती है। इसकी कमी कम उत्पादन या रक्त के नुक्सान के कारण होती है। शरीर को उच्च संख्या में कोशिकाओं का उत्पादन करने के लिए लौह तत्व, विटामिन बी12 और फोलिक एसिड की स्वस्थ मात्रा की आवश्यकता होती हैं। इनमें से किसी भी तत्व में कमी के कारण एनेमिया हो सकता है।





गर्भावस्था में हल्का एनेमिया सामान्य बात है लेकिन अगर यह स्तर बहुत कम हुआ तो इससे कई समस्याएं हो सकती है जैसे समय पूर्व प्रसव,लो बर्थ वेट, पोस्टपार्टम डिप्रेशन और शिशु को एनेमिया। इससे शिशु का विकास क्रम भी धीमा हो सकता है।

विभिन्न प्रकार के एनेमिया है और आप उनमें से किसी से भी प्रभावित हो सकतें हैं।
गर्भावस्था के दौरान एनेमिया के प्रकार –

क्या आप जानते हैं की लगभग चार सौ प्रकार के एनेमिया है लेकिन उनमें से कुछ ही गर्भावस्था के दौरान होते हैं। यह तीन इस प्रकार है -

लौह तत्व की कमी से होने वाला एनेमिया

फोलेट की कमी से होने वाला एनेमिया

विटामिन बी की कमी से होने वाला एनेमिया।

आयरन/लौह तत्व की कमी से होने वाला एनेमिया:

एनेमिया का सबसे आम प्रकार तब विकसित होता है जब आपके शरीर को हिमोग्लोबिन बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में आयरन नहीं मिलता है। यह प्रोटिन आक्सीजन को फेफड़ों से आपके पूरे शरीर में पहुंचाता है। अगर आपको एनेमिया है तो रक्त पर्याप्त मात्रा में आक्सिजन नहीं ले जा पाएगा।




आयरन की कमी से होने वाले जोखिम/कारक :-

गर्भवती होने में समय लगना।

मोर्निग सिकनेस के कारण उल्टी होना।

आयरन से भरपूर आहार और उसे अवशोषित करने के लिए विटामिन सी में कमी।

एक से अधिक भ्रूण होना।

गर्भावस्था से पूर्व अत्याधिक मासिक धर्म।

गर्भावस्था से पहले एनेमिया का इतिहास।

आयरन के अवशोषण को प्रभावित करने वाले भोज्य पदार्थो का अधिक सेवन करना।

बीस साल की उम्र से पहले गर्भवती होना।

पेट व आंतों से संबंधित डिसोडर होना जो शरीर के पोषण अवशोषित करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।

सर्जरी से गुजरना जैसे गेस्ट्रिक बायपास सर्जरी का होना।

विशेष दवाईयां जो अवशोषिण तंत्र को प्रभावित करती हों

बीते प्रसव के दौरान ख़ून का अत्यधिक नुकसान।
गर्भावस्था के दौरान एनेमिया के लक्षण-

चक्कर आना

सांस लेने में दिक्कत

सर दर्द

पीला रंग

ध्यान केंद्रित करने में तकलीफ

छाती में दर्द

पैर कांपना

ठंडे हाथ व पांव

मुलायम होंठ,ओरल कैवेटी और इनर आईलेड

मुंह के कोनों में दरार

स्पून शैपड नेल

ना खाई जाने वाली चीजों के लिए ललचाना जैसे बर्फ।

गर्भावस्था में इससे बचाव कैसे करें-

आयरन युक्त भोजन लें जैसे शीरिम्प,टर्की,बीफ,बीन्स,लेंटिलस और ब्रेकफास्ट सिरियल्स।

भोजन जो आयरन के अवशोषण को बेहतर करें जैसे स्ट्रोबैरी, संतरे का जूस, ग्रेपफ्रूट,शीमलामिर्च और ब्रोकली।

आयरन सप्लीमेंट के साथ हल्का स्नैक्स भी ले ‌

आयरन सप्लीमेंट से आपकी स्थिति में सुधार होगा।
फोलेट की कमी से होने वाला एनेमिया-

गर्भावस्था के दौरान ख़ून में फोलेट की कमी से यह एनेमिया होता है और यह फोलेट एसिड की कमी के कारण होता है। गर्भावस्था के दौरान लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए आपको अतिरिक्त फोलेट की जरूरत होती है। फोलेट की कमी से होने वाले एनेमिया में लाल रक्त कोशिकाएं अपेक्षाकृत बड़ी होती है और इन्हें मैगालोकाइटस कहा जाता है। फोलेट एसिड की कमी से शिशु में मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड का विकास प्रभावित होता हैं।
फोलिक एसिड की कमी से होने वाले एनेमिया के जोख़िम/कारक:

ज्यादा पका हुआ भोजन खाना।

आहार में विटामिन की कम मात्रा लेना।

मेडिकल कंडीशन जैसे सिकेल सेल एनेमिया।

ज्यादा अल्कोहल पीना।

किडनी में समस्या।
लक्षण:

कमजोरी और बेहोशी।

कुंठित महसूस करना

भूलना

भूख ना लगना

ध्यान केंद्रित करने में समस्या

मांसपेशियों में कमजोरी

जीभ में तकलीफ

डिप्रेशन
बचाव :

फोलिक एसिड सप्लिमेंट ओरल या IV

आहार में अधिक हरी सब्जियां और स्ट्रीक फ्रूट की मात्रा।

फलियां, सिरियल और मेलनस का सेवन करना।

डॉक्टर के निर्देशों के अनुसार नियमित रूप से 0.4mg की फोलिक एसिड की दवाई ले।
विटामिन बी 12 की कमी:

लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में विटामिन बी 12 अन्य आवश्यक विटामिन है। फोलेट और विटामिन बी 12 अधिकतर एक साथ ही आते हैं।

विटामिन बी 12 के जोख़िम/कारक

Celiac, crohn की बीमारी जहां आपकी आंतें विटामिन को अवशोषित करने की क्षमता खो देती है।

अगर आप बेरियाट्रिक सर्जरी से होकर गुजरे हों।

लक्षण :

कमजोरी

थकावट

दिल तेजी से धड़कना

सांस लेने में दिक्कत

पीली त्वचा

मसूड़ों से खून आना

कब्ज़ या दस्त लगना

पेट में तकलीफ़
बचाव :

आहार जो विटामिन बी 12 के अवशोषण को बेहतर करें जैसे लीवर,बीफ, मछली, अंडे और दूग्ध उत्पाद।
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आपके डॉक्टर शायद बी12 सप्लिमेंट का सुझाव दें। 

एनेमिया को समय पर ठीक किया जा सकता है अगर आप उचित आहार और सप्लिमेंट का सेवन करें। अगर आप समय पर इसका उपचार नहीं करते हैं तो यह आपके और शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है इसलिए समय पर जांच कराएं और रख-रखाव करें

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