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रोज ठीक से एक्सरसाइज करे अस्थमा के मरीज


रोज ठीक से एक्सरसाइज करे अस्थमा के मरीज

लाइफस्टाइल में करें बदलाव
श्वसन एक्सरसाइज के लिए इमेज परिणाम

नई दिल्ली (ईएमएस)। एक शोध से पता चला है कि यदि रोज ठीक से एक्सरसाइज की जाए और रोज के खाने में प्रोटीन, फलों और सब्जियों का सेवन किया जाए तो अस्थमा के रोगियों की हालत में सुधार लाया जा सकता है। अस्थमा की बीमारी एक सामान्य और लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है। वेस्ट इंडिया के लोगों में ये बीमारी हर 10 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करती है। इसमें से ज्यादातर रोगियों को रूटीन चेकअप पर ही भरोसा रहता है। इससे बचने के लिए कई लोग रोजाना व्यायाम भी करते हैं।

डेनमार्क के बिस्पेलजर्ज यूनिवर्सिटी अस्पताल के लुईस लिंडहार्ड तेननेसन का इस बारे में कहना है कि अक्सर देखा गया है कि अस्थमा मोटे लोगों को ज्यादा होता है। इससे बचने के लिए बेहतर आहार और व्यायाम की सहायता ली जा सकती है। इस रिसर्च के लिए यूरोपीय श्वसन सोसाइटी ने इटली में 149 मरीजों के ग्रुप पर काम किया। उन्होंने इन लोगों को 4 भागों में विभाजित कर दिया। इनमें से एक ग्रुप को हाई प्रोटीन जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स (कम जीआई) की मात्रा कम हो। ये डाइट लेने को कहा गया।

इसके विपरीत दूसरे ग्रुप को 3 सप्ताह तक एक्सरसाइज करने को कहा गया। तीसरे ग्रुप को एक्सरसाइज के साथ-साथ सही डाइट भी लेने को कहा गया और चौथे ग्रुप को कुछ नहीं करने को कहा गया। रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों ने प्रोपर डाइट और व्यायाम किया था उन लोगों की फिटनेस और अस्थमा के लक्षणों में सुधार पाया गया। इसके अलावा जिन्होंने व्यायाम में भाग लिया और आहार का पालन किया था उन लोगों में अस्थमा के लक्षणों में 50% तक सुधार पाया गया।

अविवाहित महिलाएं और सेक्स वर्कर उपयोग करती हैं सबसे ज्यादा कंडोम
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नई दिल्ली (ईएमएस)। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वे में पता चला है कि कंडोम का उपयोग सबसे ज्यादा अविवाहित महिलाएं और सेक्स वर्कर करती हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 के अनुसार पिछले 10 साल में कंडोम का उपयोग 2 फ़ीसदी से बढ़कर 12 फ़ीसदी पर पहुंच गया है।


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सर्वे के अनुसार 15 से 49 वर्ष उम्र की महिलाओं को सर्वे में शामिल किया गया था। 20 से 24 साल की उम्र में अविवाहित लड़कियों के बीच कंडोम का सबसे ज्यादा उपयोग पाया गया है। ज्यादातर पुरुषों ने सर्वे में यह कहा कि गर्भनिरोध की जिम्मेदारी महिलाओं की सबसे ज्यादा होती है। इस सर्वे से यह बात स्पष्ट रूप से जाहिर हुई कि अविवाहित महिलाएं अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखती हैं। 99 फीसदी महिलाओं को पता होता है कि गर्भनिरोधक के कौन-कौन से साधन इस्तेमाल किए जा सकते हैं। 15 साल से 49 साल की शादीशुदा महिलाओं के बीच गर्भ निरोधक 54 फ़ीसदी अपनाने की बात सामने आई है। इसमें 10 फ़ीसदी महिलाओं को आधुनिक तरीके से गर्भनिरोधक के बारे में जानकारी है। गर्भनिरोधक के लिए कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां और नसबंदी की जानकारी उन्हें है। सर्वे में शामिल लोगों ने स्वीकार किया कि कंडोम को सबसे ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। जरूरत के अनुसार इसका कभी भी और कहीं पर भी उपयोग हो जाता है। सर्वे के दौरान यह भी जानकारी प्राप्त हुई की मणिपुर, बिहार और मेघालय में सबसे कम गर्भनिरोध का इस्तेमाल होता है। जबकि पंजाब में 76 फीसदी लोग गर्भनिरोध का उपयोग करते हैं।


संयमित खान पान से ठीक होती हैं त्वचा की बीमारी
भोजन में मौजूद पौष्टिक तत्व को खून अलग-अलग अंगों तक पहुंचाता है और शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाल कर शरीर की सफाई करता है। साथ ही खून, शरीर के अंगों तक ऑक्सिजन भी पहुंचाता है। गलत और अनहेल्दी आहार खाने से हमारे रक्त में कुछ ऐसे तत्व भी पहुंच जाते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसी को खून खराब होना कहते हैं। खून में गंदगी से फोड़े-फुंसी, पिंपल और स्किन डिजीज हो सकता है। ऐसे में ब्लड में मौजूद विषैले तत्वों को बेहतर जीवनशैली और संयमित खान पान के जरिए शरीर से बाहर निकाल सकते हैं।
रोजाना 3 से 4 लीटर पानी पीने से ब्लड में गंदगी की समस्या कभी नहीं होगी। पानी से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ और हानिकारक बैक्टीरिया यूरिन और मल के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
सौंफ खून की सफाई के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। रोजाना सौंफ के इस्तेमाल से शरीर का ब्लड डीटॉक्सिफाई होता रहता है और गंदगी शरीर से बाहर निकलती रहती है।
नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर से पसीना निकलता है, जिससे शरीर की तमाम गंदगी बाहर निकल जाती है।
ग्रीन टी पियें
ग्रीन टी पीने से ब्लड प्यूरिफाई होता है। यह मेटाबॉलिज्म को ठीक करती है और रक्त में मौजूद अशुद्धियां बाहर निकालती है।
फाइबर युक्त आहार
खून को शुद्ध करने के लिए फाइबर और विटमिन सी से भरपूर आहार करना चाहिए। फाइबर के लिए हरी सब्जियां, गाजर, मूली, चुकंदर, शलजम, फल, ड्राई फ्रूट्स और मोटा अनाज ले सकते हैं। विटमिन सी के लिए नींबू, संतरा, आंवला और पपीता खा सकते हैं। चुकंदर खाने से ब्लड में हीमॉग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

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