Header Ads

पीरियडपीरियड: 'शर्म करो, इस शब्द को जोर से मत कहो'


पीरियड: 'शर्म करो, इस शब्द को जोर से मत कहो' 
Healths Is Wealth  


पीरियड्स यानी मासिक धर्म को लेकर हमारा समाज जितना ‘टची’ है, उसके बारे में जितना कहा जाए कम है. हौले से नाम लो, पैड को कागज़ में बांधकर लो, वगैरह, वगैरह. पीरियड से जुड़ी ऐसी कि कुरीतियों को स्टेफनी गोंगोरा नाम की एक फिटनेस एक्सपर्ट ने मुंहतोड़ जवाब दिया है. एक इन्स्टाग्राम पोस्ट से.


इस वीडियो में स्टेफनी एक सफ़ेद कपड़ों में योग कर रही हैं. और वीडियो में उनके पैंट में पड़ा लाल खून का धब्बा साफ़ दिख रहा है. वीडियो के जरिए स्टेफनी हमें बता रही हैं कि पीरियड के बारे में हम बातें करें. उसे छिपाएं नहीं.
गंदा है, दर्दनाक है, बुरा है मगर खूबसूरत है.


और फिर भी तुम्हें ये दिखेगा नहीं. क्योंकि मैं इसे छिपा ले जाती हूं.


मैं चीजों को कचरे के नीचे छिपा देती हूं. जब दर्द होता है तो एक लंबी सांस लेती हूं और मुस्कुरा के उसे छिपा ले जाती हूं.


और फिर भी तुम्हें ये दिखेगा नहीं. क्योंकि मैं इसे छिपा ले जाती हूं.


मैं चीजों को कचरे के नीचे छिपा देती हूं. जब दर्द होता है तो एक लंबी सांस लेती हूं और मुस्कुरा के उसे छिपा ले जाती हूं.


टैंपॉन? वो क्या होते हैं? इस शब्द को जोर से मत कहो. छिपा लो. अपने पर्स की पिछली जेब में, बाथरूम के किसी कोने में. और शॉपिंग बास्केट में हर सामान के नीचे. और कैशियर कोई औरत ही हो तो अच्छा.


मेरे इवेंट और बैठकें मिस हो जाती हैं. खुद को कह देती हूं कि पीरियड है. मगर असल में मैं जानती हूं कि ये महज पीरियड नहीं. ये एक डर भी है, पकड़े जाने का. किस बात के पकड़े जाने का, मालूम नहीं.
और मैं खुशकिस्मत हूं.


दुनिया में करोड़ों युवा औरतें रोज ऑफिस या स्कूल से छुट्टी लेती हैं. सिर्फ इसलिए, कि वहां पीरियड से जुड़ी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलतीं. और इसलिए कि क्या होगा अगर किसी को पता चल गया. एक नेचुरल शारीरिक प्रोसेस के बारे में पता चल गया!
क्यों?


क्योंकि बरसों से हमारी सभ्यता और संस्कृति ने हमें खून बहाने के लिए शर्मिंदा होना सिखाया है. हमें सिखाया है कि इस दौरान हम खुद को अपवित्र समझें.


ढोंग करना बंद करो. पीरियड को बेवकूफाना नामों से बुलाना बंद करो. मान लो कि तुम्हें ‘पीरियड’ या ‘वेजाइना’ कहने में डर लगता है. शर्म आती है. पीरियड यानी जो चीज आने वाली पीढ़ियों को जीवन देती है, उसके छिपाने के लिए इतनी मेहनत करना बंद करो.


पीरियड के बारे में बात करिए. अपनी बेटियों को पढ़ाइए. उन्हें समझाइए कि ये तोहफा भी हो सकता है और सरदर्द भी. लेकिन कभी ऐसी चीज नहीं हो सकता जिसके बारे में शर्मिंदा हों. अपने बेटों को समझाइए ताकि वो पीरियड से जुड़ी चीजों के बारे में सुनकर घृणित न महसूस करें. ताकि अगली बार जब आपकी बेटी एक दिन ब्लीड करने लगे और उसके शॉर्ट्स में दाग लग जाए, उसे शर्मिंदा न महसूस हो.


याद है, साल भर पहले सोशल मीडिया पर पॉपुलर पोएट रूपी कौर ने जब अपने पीरियड के दाग की तस्वीर लगाई थी, सोशल मीडिया ने उसे ये कहकर डिलीट कर दिया था कि ये उनके ‘गाइडलाइन के खिलाफ’ है. मगर रूपी कौर ने इसका जवाब दिया था और तस्वीर फिर से सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगी थी.


रूपी कौर की तस्वीर जो साल भर पहले खूब वायरल हुई थी.
Healths Is Wealth  

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.