Header Ads

जानें क्या है त्राटक मेडिटेशन और इसको करने का सही तरीका


जानें क्या है त्राटक मेडिटेशन और इसको करने का सही तरीका 

मेडिटेशन आपकी सोच सकारात्मक बनाता है, इससे आप अपने जीवन के नकारात्मक भाग को छोड़कर सकारात्मक चीजों के बारे में सोचने लगते हैं त्राटक ध्यान इसमें आपकी मदद कर सकता है।





हमारी आंखें और हमारा दिमाग एक-दूसरे से जुड़े हुए होते हैं, हमारे दिमाग का लगभग आधा हिस्सा उस चीज पर काम करता है जिन्हें हमारी आंखें देखती है। हमारी पांच इन्द्रियों में हमारी दृश्य इंद्रि हमारे दिमाग की कार्यप्रणाली को बढ़ाती है। किसी चीज को लगातार देखने से हमारा दिमाग लगभग ध्यान की अवस्था में पहुंच जाता है। त्राटका मेडिटेशन इसी का नाम है जिसमें आपकी आंखें आपके दिमाग को शांत करने का काम करती है। [

कैसे करें त्राटका मेडिटेशन: 
बाह्य: पहले चरण में आप लैंप की फ्लेम या किसी अन्य रोशनी को फोकस प्वाइंट की तरह से ले सकते हैं और उस पर ध्यान लगा सकते हैं। इस रोशनी पर ध्यान लगाने का प्रभाव सीधे आपके दिमाग पर पड़ता है, इससे आप एक ही धारा में अपनी सारी ऊर्जा लानें में सक्षम हो जाते हैं।

आंतरिक: दूसरे चरण में आप अपने दिमाग में बनाई हुई उस छवि का ध्यान करते हैं जिसे आपने रोशनी पर ध्यान लगाकर बनाया था। ये एक रोशनी के रुप में हो सकती, कोई ज्वाला या किसी अन्य रुप में हो सकती है। आप इसमें अपनी आंखें बंद करके किसी उस विशेष छवि को ध्यान में रखते हैं जिसे आपने दिमाग में बनाया हैं। https://healthtoday7.blogspot.in/

शून्य: यह त्राटक ध्यान की तीसरी अवस्था है जिसमें आप या तो आकाश को टकटकी लगातर देख सकते हैं या अपने दिमाग में किन्हीं दो चीजों की छवि बनाकर उनके बीच के खाली स्थान पर ध्यान लगा सकते हैं।

त्राटक ध्यान लोगों के दिमाग को शांत करने के लिए मेडिटेशन करने का ऐसा तरीका है जो बहुत आसान है। ये दिमाग पर नियंत्रण करता है और उसे शांति प्रदान करता है। साथ ही ये मानसिक रुप से व्यक्ति को स्वस्थ रखकर एंग्जाइटी, डिप्रेशन आदि से बचाने में भी मदद करता है।

संकेत जो आपको बताते हैं कि आप सही तरीके से मेडिटेशन कर रहें हैं 


मेडिटेशन करने से जीवन में शांति और सकारात्मकता आती है, लेकिन लोग मेडिटेशन करते वक्त पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं करते हैं इसकी वजह से लोगों के दिमाग में ये सवाल रहता है कि क्या वे सही तरीके से मेडिटेशन कर रहे हैं या नहीं।





नकारात्मक विचारों को दूर करने और मानसिक शांति पाने के लिए मेडिटेशन सबसे अच्छा उपाय है। ये आपके विचारों को शांत, तर्कसंगत बनाता है और साथ ही भावनाओं को नियंत्रण में रखना सिखाता है। लेकिन कई बार मेडिटेशन करते समय लोगों के दिमाग में ये सवाल पैदा होता है कि क्या वे सही तरीके से मेडिटेशन कर रहें हैं? हम सभी ऐसा जीवन जी रहे हैं जहां हमें हर चीज का परिणाम हाथों हाथ चाहिए लेकिन मेडिटेशन करते समय संयम रखना बहुत जरुरी है। अगर आप सही तरीके से मेडिटेशन कर रहें हैं तो ये संकेत दिखाई देंगे।[ये भी पढ़ें: 

1. आप शांत व्यक्ति बनने लगते हैं: मेडिटेशन का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम होता है कि आप एक शांत व्यक्ति बनने लगते हैं। अगर आप सही तरीके से मेडिटेशन करते हैं तो आप महसूस करेंगे कि आप धीरे-धीरे एक शांत शख्सियत में बदलने लगे हैं।

2. गुस्सा कम और विचारशीलता अधिक होना: जैसे-जैसे आप मेडिटेशन में लीन होते जाते हैं आप धैर्य रखने का महत्व समझने लगते हैं। जिसके परिणाम स्वरुप आप देखते हैं कि आप में गुस्से की भावना धीरे-धीरे कम होने लगता है और आप अधिक धैर्यशील होने लगते हैं। 

3. प्रसन्नता: हर कोई अपने जीवन में खुशी चाहता है और मेडिटेशन इसके लिए बहुत जरुरी है। अगर आप सही प्रकार से मेडिटेशन करते हैं तो आप पाते हैं कि आपके विचार खुद ही सकारात्मक होने लगे हैं और आप खुश रहने लगे हैं।

4. रचनात्मक और सकारात्मक विचार: मेडिटेशन आपके सोचने के तरीके पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालता है, जब आप सही तरीके से मेडिटेशन करते हैं तो आप महसूस करते हैं कि आपकी रचनात्मकता और विचारों की सकारात्मकता बढ़ती जा रही है
अगर आप अधिक चिंतित रहते हैं तो जरुर जानें मेडिटेशन से जुड़े कुछ राज

मेडिटेशन करने से व्यक्ति खुद को शांत करके अपनी एकाग्रता में सुधार कर सकते हैं। मेडिटेशन से चिंता को भी कम किया जा सकता है। लेकिन मेडिटेशन से जुड़े कुछ रहस्य भी होते हैं जिनके बारे में जानना जरुरी होता है।






जीवन में सुख-दुख, खुशी सभी भावनाएं महसूस करना जरुरी होता है। आपको अपने दोस्तो, घर वालों, रिलेशनशिप, काम सभी से यह भावनाएं महसूस होती हैं। लेकिन इन सब चीजों के बारे में ज्यादा सोचने की वजह से व्यक्ति चिंता करने लगता है। चिंतित होने की वजह से नकारात्मक विचारों को दूर नहीं कर पाता है और हर रोज लोगों से अपने व्यवहार को लेकर सवाल पूछते रहते हैं। चिंता को दूर करने के लिए मेडिटेशन बहुत फायदेमंद होता है। इसे रोजाना करने से व्यक्ति के एकाग्र होने में सुधार हो सकता है। साथ ही आपको शांत करता है। लेकिन मेडिटेशन से जुड़े हुए कुछ राज भी होते हैं। जिनके बारे में पता होना जरुरी होता है। तो आइए आपको मेडिटेशन से जुड़े राज के बारे में बताते हैं। 

समय की जरुरत होती है:
यह सुनकर थोड़ा अजीब लगता है लेकिन यह सच है कि अगर आप मेडिटेशन करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए अलग से समय की जरुरत होती है। आप थोड़ी देर मेडिटेशन करके चिंता को दूर नहीं कर सकते हैं। इसलिए समय का बहाना ना बनाते हुए रोजाना मेडिटेशन करें। मेडिटेशन करना अपने दिन के कामों से जोड़ लें, ताकि आप इसे करना ना भूलें। सुबह उठने के बाद सबसे पहले मेडिटेशन करें। इससे चिंता दूर करने में मदद मिलती है।

चिंता पूरी तरह दूर नहीं होती है:
मेडिटेशन की मदद से पूरी तरह से चिंता दूर होती है। जब आप मेडिटेशन करना शुरु करते हैं तो चिंता कम होने लगती हैं। लेकिन यह पूरी तरह से दूर नहीं हो पाती है। [

चिंता के लिए मेडिटेशन ही एक उपाय नहीं है:
चिंता को दूर करने के लिए मेडिटेशन एक बहुत अच्छा उपाय है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसके अलावा किसी चीज से चिंता को दूर नहीं किया जा सकता है। वॉक करके, प्रकृति में समय बिताकर और अपने प्रियजनों से बात करके भी चिंता को दूर किया जा सकता है। मेडिटेशन से आपको अपने अनुभवों को महसूस करने का समय मिलता है। मेडिटेशन करके चिंता को पूरी तरह दूर नहीं किया जा सकता है मगर इससे शरीर को शांत जरुर किया जा सकता है।
शांत बैठना आसान है:
मेडिटेशन की शुरुआत थोड़े समय से करनी चाहिए। ये नहीं की आप पहले दिन ही 10-20 मिनट तक मेडिटेशन करने बैठ जाएं। किसी भी नई आदत को डालने के लिए आपको समय लगता है। इसे करने के लिए आप दिन में 1 मिनट तक बैठें। ऐसा करते करते समय को बढ़ाएं। उसके बाद आपको इसे करने में आसानी होने लगेगी। 

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.