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बुरे वक्त में खुद को संभालने के लिए चेतना कैसे मददगार है


बुरे वक्त में खुद को संभालने के लिए चेतना कैसे मददगार है
बहुत बार हम हमारी परेशानियों को खुद से ही इतना बढ़ा लेते हैं कि बुरा समय हमारे लिए और भी अधिक कठिन हो जाता है। इसलिए आप चेतना के माध्यम से अपने दिमाग को जागरुक करके खुद को खुश रख सकते है।




जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती है कि आपके सब सही करने के बावजूद भी चीजें आपके लिए नकारात्मक होती जाती है। शारीरिक परेशानियां आपके मानसिक परेशानियों का कारण भी बन जाती है, लेकिन जब भी आप इस तरह की नकारात्मक परिस्थितियों से गुजरते हैं तो कुछ चीजों की मदद से आप इस परिस्थिति से बाहर आ सकते हैं। मानसिक स्थिति को ठीक करने के लिए चेतना यानि अपने आसपास की चीजों के बारे में जागरुक रहना और उसी में ही खुशियां ढूंढना। छोटी-छोटी चीजों में खुशियां ढूंढकर आप खुद को खुश रख सकते हैं। तो आइए जानते हैं की आप कैसे अपने दिमाग की बुरे समय में खुशियां ढूंढने में मदद कर सकते हैं। 

अपने खास लोगों का सहारा लें: आपके आसपास परिवार या दफ्तर में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनसे आपकी अच्छी दोस्ती होती है। आप इन लोगों से अपनी सारी बातें शेयर करना पसंद करते हैं। ये लोग आपके बुरे समय में आपकी काफी मदद कर सकते हैं, इसलिए जब भी आप अपने आप को असहाय और तनाव से घिरा हुआ महसूस करें। इन लोगों कि मदद जरुर लें ऐसा करने से आप राहत महसूस करते हैं।

लोगों का आभार जताएं: दूसरों को उनके अच्छे काम के लिए धन्यवाद करने से भी आपका तनाव कम हो सकता है। ये सुनने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन इससे दूसरों के साथ-साथ आपको भी खुशी मिलती है। इसलिए अपने दोस्तों और कुछ परिजनों के साथ आप सोशल मीडिया पर ग्रैटिट्यूड ग्रुप बना सकते हैं। सकारात्मकता की ये छोटी सी किरण आपके जीवन की नकारात्मकता को कम करने में मदद कर सकती हैं और आपको खुद महसूस होगा कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं। [

अपनी आलोचना ना करें: कभी-कभी जब व्यक्ति परेशानियों के दौर से गुजरता हैं तो वे खुद की आलोचना करने लगता हैं, ऐसा करके आप अपने लिए परेशानियां और नकारात्मकता खुद ही पैदा कर लेते हैं। खुद की तुलना करना और खुद को कम आंकना आपके लिए बुरा साबित हो सकता है और ये आपकी मानसिक स्थिति को भी खराब कर सकता है इसलिए आप खुद की आलोचना खुद करके अपने आपको नीचा ना दिखाएं।

मेडिटेशन:मेडिटेशन हमारे दिमाग के साथ सकारात्मक रिश्ता बनाने में मदद करता है और दिमाग का साथ मिलने से आपकी चेतना बढ़ती है और आप जल्द ही अपनी परेशानियों से उभर सकते हैं। 

अपने आपको प्रेरित करें: जब भी आप बुरे दौर से गुजर रहें हो तो खुद को प्रेरित करें क्योंकि सेल्फ मोटिवेशन से अच्छा कोई और तरीका नहीं हो सकता है। आप खुद को प्रेरित करने के लिए अच्छी किताबें और आशावादी वाक्य पढ़ सकते हैं।




कुण्डलिनी को जागृत कर आत्म चेतना प्राप्त करने का एक उपयुक्त तरीका है सहज योग। इससे कुंडलिनी जागृत कर खुद के साथ एकता का एहसास किया जा सकता है।





सजह योगा खुद के साथ स्वाभाविक रुप से जुड़ने का एक तरीका है। यह एक ऐसी तकनीक है जो लोगों में खुद के साथ जागरुकता और एकता पैदा करता है। सहज योगा दिमाग में शांति और शख्सियत में सहजता पैदा करता है आइए जानते हैं कि क्या और कैसे होता है सहज योग मेडिटेशन। [
क्या होता है सहज योग: सहज योग का मतलब होता है अपने खुद के साथ एकता, आत्मएकता से जीवन में परिवर्तन लाना सहज योग का मुख्य मकसद होता है। इसे 1970 में माता निर्मला देवी ने विकसित किया था, इसका मुख्य मकसद कुंडलिनी को जागृत कर खुद को बदलना होता है। इससे व्यक्ति अत्यधिक शांति और खुशी प्राप्त करता है।
कैसे करें सहज योगा मेडिटेशन: आत्म-साक्षात्कार सहज योग का एक मूलभूत आधार है, ये कुण्डलिनी जागृत करने के अनुभव पर निर्भर करता है। इसे करने के बाद आपको खुद के साथ एक जुड़ाव महसूस होता है, इससे आपको अपने शरीर में एक ठंडी हवा के संचार होने का एहसास होता है।
खुद को आत्म-साक्षात्कार के लिए तैयार करें: एक शांत स्थान चुनें और अपने एक हाथ को अपने बाएं पैर पर रखें आपकी हथेली ऊपर की ओर होनी चाहिए।[]

1. आपके दाहिनी हथेली का इस्तेमाल आपके शरीर के कुछ हिस्सों को बायीं ओर स्पर्श करने के लिए करेंगे।

2. आप इस दौरान गति करते हैं इसलिए पूरी क्रिया के दौरान अपनी आंखें बंद रखें, इससे आपको बहुत अपना पूरा ध्यान खुद में लगा सकें और उस गति को महसूस कर सकते हैं।

3. अपना सीधा हाथ अपने दिल पर रखे और अपने अंदर कुण्डलिनी को से पूछें कि मां, क्या मैं एक आत्मा हूं? ये बात आपको लगातार तीन बार पूछनी है।

4. आपके शरीर के बायीं तरफ पसलियों के नीचे अपने दाहिने हाथ को रखें और कुंडलिनी से तीन बार पूछें: “माँ, क्या मैं खुद का मालिक हूँ?”

5. इसके बाद, अपने दाहिने हाथ को कमर के नीचे अपनी बाईं ओर रखें, धीरे से दबाएं और कुंडलिनी से छह बार अपने शरीर से पूछें: “माँ, कृपया मुझे शुद्ध ज्ञान दें।”

6. फिर, अपने दाएं हाथ को अपनी बाईं पसलियों के नीचे रखें और दस बार कहें: “माँ, मैं खुद का मालिक हूं।”

7. अपने दिल पर अपना दाहिना हाथ रखें और कुंडलिनी से 12 बार कहें: “माँ, मैं शुद्ध आत्मा हूं।”

8. इसके बाद, अपने दाहिने हाथ को अपनी ओर और बाएं कंधे के बीच रखें, अपना सिर सही दिशा में रखें। कुंडलिनी को सोलह बार दोहराएं: “माँ, मैं बिल्कुल दोषी नहीं हूं।”
9. अपने दाहिने हाथ को अपने सिर पर रखकर, अपने सिर को झुकाएं और कुछ बार कहें: “माँ, मैं अपने आप को और बाकी सबको माफ़ करता हूं।”

10. फिर, अपने दाहिने हाथ को अपने सिर के पीछे रखें, अपना सिर वापस नीचे लाएं और कहें, “ओ, दिव्य शक्ति, अगर मैंने कोई गलती की है, तो कृपया मुझे क्षमा करें।”

11. अपने हाथ को पूरा खोलें और अपने सिर के फोन्टेनल बोन को दबाएं, इसे घड़ी की दिशा में 7 बार घुमाएं। हर बार कहें कि मां कृ्प्या मुझे आत्म-जागरुकता प्रदान करें।
सहज योग मेडिटेशन के फायदे: इससे आपको आत्मिक शांति, आपके अपने साथ और आपके अपनो के साथ अधिक आत्मिकता महसूस होती है। ये आपमें आत्म-चेतना का संचार करती है। साथ ही आपको मानसिक बीमारियों जैसे- एंग्जाइटी, ब्लड-प्रेशर, अस्थमा आदि के खतरे को भी कम करता है। 

मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में कैसे शामिल करें
शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ रहने के लिए मेडिटेशन करना फायदेमंद होता है। इसे अगर अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए तो इसके फायदे काफी प्रभावी होते हैं। अगर मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं तो कुछ तरीकों की मदद ली जा सकती है।




दिमाग और मन दोनों को शांत रखने में मेडिटेशन मददगार होता है। मेडिटेशन करने से आपको पूरे दिन ऊर्जावान रहने में मदद मिलती है। साथ ही यह भावनाओं पर नियंत्रण रखने में मददगार होता है। मेडिटेशन से कई फायदे होते हैं जिसमें से एक आपको शांत इंसान बनाने में मदद करना है। मेडिटेशन आपको गुस्से पर कंट्रोल करने में भी मदद करता है। शांत रहने के लिए आपको रोजाना मेडिटेशन करना जरुरी होता है। इसके फायदे बेहतर रुप से तभी दिखते हैं जब आप इसे रोज करने लगते हैं। अगर आप इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल नहीं कर पा रहे हैं तो आपको इसके फायदे सही तरीके से प्राप्त नहीं हो पाते हैं। कुछ तरीकों की मदद से मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। तो आइए आपको कुछ तरीके बनाते हैं जो मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करने में मदद कर सकते हैं। [

शुरुआत में थोड़े समय करें: यह मिथक है कि लंबे समय तक मेडिटेशन करने से इसके ज्यादा फायदे मिलते हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है आप रोज 5 मिनट प्रभावी तरीके स मेडिटेशन करके इसके फायदे प्राप्त कर सकते है।किसी नई आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करने में मसमय लगता है। आप उसे लंबे समय तक नहीं कर पाते हैं। इसलिए शुरुआत में थोड़े समय तक ही मेडिटेशन करें।

मेडिटेशन करने के लिए समय निर्धारित करें: किसी भी चीज को रोजाना करने के लिए आपको उसके लिए समय निर्धारित करना जरुरी होता है। जब आप मेडिटेशन करने का समय निर्धारित कर लेंगे तो यह जीवन में लंबे समय तक आपकी आदत बनी रहेगी और आप मेडिटेशन करना भूलेंगे भी नहीं। 

ऐप की मदद लें: आप रोजाना मेडिटेशन करके बोर भी हो सकते हैं या एक ही तरह से मेडिटेशन करने में आपका मन भी नहीं लगेगा। इसके लिए आप ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आप कई तरीकों की मदद से मेडिटेशन कर सकते हैं। जो शरीर को शांत करने में आपकी मदद करेगी।

मेडिटेशन के तरीके में बदलाव करें: जब आप कोई काम रोजाना करते हैं तो उसमें बदलाव करना जरुरी होता है। अगर आप यह बदलाव नहीं करते हैं तो मेडिटेशन का कोई असर नहीं होता है और आप कुछ समय बाद मेडिटेशन करना बंद कर देते हैं। जिसकी वजह से यह आपकी दिनचर्या में शामिल नहीं हो पाता है। इसलिए रोजाना मेडिटेशन में बदलाव करके इसे दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

ध्यान रखें कि आप मेडिटेशन को क्यों कर रहे हैं: रोजाना मेडिटेशन करने के लिए मोटिवेशन की जरुरत होती है। इसलिए हमेशा इस बात को ध्यान रखएं कि आप मेडिटेशन क्यों कर रहे हैं। ऐसा करने आप इसे करना बंद करने से सोचते हैं। जब आपको मेडिटेशन करने के कारण पता होते हैं और फायदों के बारे में पता चलता है तो इसे दिनचर्या से हटाते नहीं हैं। 



वॉकिंग मेडिटेशन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ 


वॉकिंग मेडिटेशन आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते हैं क्योंकि इसका अभ्यास आपके मन को शांत और रिलैक्स रखने में मदद करता है और साथ ही आपकी मांसपेशियों को भी राहत प्रदान करता है।






वॉकिंग मेडिकेशन पार्क में चलने से कई ज्यादा होता है। इस प्रकार का ध्यान आमतौर पर नियमित रूप से चलने की तुलना में बहुत धीमी गति से किया जाता है। इसके अलावा इस मेडिटेशन को करने में सांस एक अहम भूमिका निभाता है और यह विशिष्ट अभ्यास पर निर्भर करता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि वॉकिंग मेडिटेशन सीडेट मेडिटेशन की तुलना में काफी आसान होता है क्योंकि वॉकिंग मेडिटेशन के दौरान आपकी आंखें खुली होती हैं और लोगों से थोड़ा संपर्क करना आसान होता है। इसके अलावा, अगर आप वॉकिंग मेडिटेशन के प्रत्येक चरण के बारे में अच्छे से जानते हैं तो यह आपकी एकाग्रता में भी सुधार लाता है। वॉकिंग मेडिटेशन आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते हैं और यह मेडिटेशन आपके शरीर को सक्रिय भी कर देता है। [

शरीर को शांत और आराम पहुंचाना:
वॉकिंग मेडिटेशन आपको शांति और आराम प्रदान करता है। यह आपके ऑक्सीजन को बढ़ाता है और आपके शरीर को फिर से ऊर्जा उत्पन्न करने में मदद करता है। इसके अलावा, आप वॉकिंग मेडिटेशन के दौरान भी ओम का जप कर सकते हैं। जब आप वॉकिंग मेडिटेशन का अभ्यास करते हैं तो आपको खुशी और ताजगी महसूस होती है।

एकाग्रता में सुधार लाता है:
एकाग्रता में सुधार करने के लिए वॉकिंग मेडिटेशन बहुत फायदेमंद होता है। वॉकिंग मेडिटेशन के दौरान आपको अपने कदम और सांस पर ध्यान देना जरूरी होता है जो आपकी एकाग्रता को बहुत सुविधाजनक बनाने में मदद करता है। [

पाचन तंत्र में सुधार:
वॉकिंग मेडिटेशन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है क्योंकि यह बॉवेल को साफ रखता है। वॉकिंग मेडिटेशन ना केवल आपके मन को रिलैक्स करता है बल्कि खाने के बाद आलस को भी कम करता है।

आपको अपने शरीर को जानने में मदद करता है:
मन और शरीर के बीच संबंध स्थापित करने के लिए वॉकिंग मेडिटेशन बहुत फायदेमंद होता है। यह आपको इस बात को जानने में मदद करता है कि चलने के दौरान आपके शरीर में क्या बदलाव आते हैं और किस तरह यह आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

यह पर्यावरण के साथ आपको अधिक गहराई से जोड़ता है:
वॉकिंग मेडिटेशन आपको पर्यावरण के साथ जुड़ने में मदद करता है क्योंकि इससे आपके फेफड़ों में साफ हवा जाती है जो आपके लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा पर्यावरण से जुड़ाव होने के कारण आपकी जागरूकता भी बढ़ती है।

ऊर्जा मिलती है:
जब आप थका हुआ या सुस्त महसूस करते हैं तो वॉकिंग मेडिटेशन आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है क्योंकि यह आपकी मांसपेशियों को ताकत प्रदान करता है जिससे आपकी थकान दूर हो जाती है और आपको अधिक ऊर्जा मिलती है। यह आपके दिमाग को तरोताजा रखने में मदद करता है।

तनाव को कम करता है:
वॉकिंग मेडिटेशन आपकी भावनाओं और तनाव को नियंत्रित रखने में मदद करता है क्योंकि इसका अभ्यास करने से आपकी तंत्रिकाओं को राहत मिलती है और साथ ही आपके स्ट्रेस हॉर्मोन्स भी रीलिज होते हैं। 



अच्छी नींद के लिए मेडिटेशन करना होता है फायदेमंद

अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए काफी जरुरी होती है। रात को सोने से पहले मेडिटेशन करने पर आपको अच्छी और गहरी नींद आती है। इसलिए सोने से पहले मेडिटेशन जरुर करें।






8 घंटे की नींद अच्छी सेहत के लिए बहुत जरुरी होती है। सोने के दौरान शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे दिमाग की नई कोशिकाएं विकसित होती है। यहीं कारण है कि पर्याप्त नींद मानव शरीर के लिए आवश्यक होती है। लेकिन तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन, दर्द और इंसोमनिया जैसी बीमारियों के कारण आप रिलैक्स होकर नहीं सो पाते हैं और नींद की कमी के कारण आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। रात को सोने से पहले मेडिटेशन करने से आपको अच्छी नींद तो आती ही है साथ ही और भी कई फायदे होते हैं। आइए जानते हैं कि सोने से पहले मेडिटेशन आप कौन-कौन से मेडिटेशन कर सकते हैं और उनके फायदों के बारे में।

1.पेट से सांस लेते हुए मेडिटेशन करना: पेट से गहरी सांस लेने पर आपके शरीर की सभी मसल्स अच्छे से रिलैक्स हो जाती है। जिससे मसल्स में किसी भी प्रकार का खिंचाव और दर्द कम होता है और आरामदायक नींद आती है। सोने से पहले कम रोशनी में एकांत में बैठकर मेडिटेशन करें और पेट से गहरी सांसे लें। इससे रात को अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।

2.माइंडफुल मेडिटेशन: इस मेडिटेशन के दौरान आपको किसी वस्तु पर नहीं बल्कि अपने दिमाग में आ रहे किसी एक विचार पर ध्यान लगाना होता है। रात को सोने से पहले मांइडफुल मेडिटेशन आपको वर्कप्लेस पर भी अच्छा रिजल्ट देता है। इस मेडिटेशन के कारण रात को नींद तो अच्छी आती ही है साथ ही आप जिस भी विषय पर ध्यान लगाते हैं आपको उसके बारे में अच्छे और नए विचार भी आते हैं जो कि आपके कार्य कुशलता को बढ़ाने में मददगार होते हैं। [

3.सांसों को गिनें: इस मेडिटेशन को आप बिस्तर पर भी कर सकते हैं। इसे करते समय आपको सांसों पर ध्यान लगाना है और अपनी सांसे गिननी होती है। इसके दौरान पेट से गहरी सांस लें उसे गिनें। 15-20 बार यह क्रिया करना अच्छी नींद के लिए लाभकारी होता है।

4. सोने से पहले मेडिटेशन के लाभ: सोने से पहले मेडिटेशन करने से तनाव और एंग्जायटी कम हो जाती है जिससे मसल्स और दिमाग की कोशिकाओं को रिलैक्स मिलता है और आपको आसानी से नींद लेने में मदद मिलती है। [

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