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सेहत का आईना होती हैं आँखें, ये खोलती हैं आपके 11 राज़



Healths Is Wealth  


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आँखें हैं तो रंग हैं। रंग हैं तो खूबसूरती है। खूबसूरती है तो पर्सनालिटी है। हर शायरी में खूबसूरती का जिक्र आँखों के जरिए ही किया जाता है। ये किसी खिड़की की तरह होती हैं जिनकी मदद से हम दुनिया के नजारे देख पाते हैं। आँखें, हमारे जीते जी तो हमें दुनिया दिखाती ही हैं मगर हमारे मरने के बाद भी ये किसी और का जीवन रोशन करने में कारगर साबित होती हैं।

जनाब, शरीर की ये दो खिड़कियां हमें नजारे दिखाने के साथ-साथ हमारी सेहत से जुड़े कई राज भी बयां करती हैं। यही कारण है कि जब हम बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाते हैं तो वह हमारी जीभ के साथ-साथ टॉर्च से आँखें भी चेक करता है। 

दरअसल, वो आँखों का रंग देखकर पता लगाते हैं कि आपका स्वस्थ्य कैसा है? आँखों का बदलता रंग कई बीमारियों का संकेत हो सकता है। जी हां। यह सच है। आज हम आपके सामने ऐसे ही 11 संकेतों की बात करने वाले हैं। इसके बूते आप भी पता कर सकेंगे कि आपको कोई बीमारी तो नहीं।


11. थायरॉइड में


थायरॉइड ग्रंथि के ठीक तरह से काम न करने पर थायरॉइड बीमारी होती है। थकान, वजन कम होना या बढ़ना, बार-बार भूख लगना आदि इस बीमारी के लक्षण हैं। साथ ही साथ इस बीमारी में आँखें भी उभरी हुई दिखाई देने लगती हैं।




10. डायबिटीज में



आजकल हमारी अस्त-व्यस्त दिनचर्या के चलते डायबिटीज की समस्या युवाओं के बीच भी कोई नई बात नहीं है। डायबिटीज का असर रोगी की आँखों पर भी दिखाई देता है। इसकी वजह से आंखों की पुतलियों का रंग बदलने लगता है। साथ ही साथ आँखों की रक्‍त वाहिकाओं पर भी इसका असर पड़ता है।


9. आई फ्लोटर्स दिखने से 




नीले आसमान की तरफ देखते वक्त हम सभी ने कभी न कभी कुछ गोलाकार तो कुछ छोटी-छोटी स्ट्रिंग के जैसी चीजें नोटिस की हैं। इनकी तरफ जब हम फोकस करते थे तो ये गायब हो जाती थीं। उन चीजों को आई-फ्लोटर कहा जाता है। ये फ्लोटर दरअसल आँख के नेत्रगोलक के अंदर मौजूद होती हैं। अगर आपको ये असामान्य रूप से दिखाई देने लग जाए तो यह रेटिनल टीयर या डिटेचमेंट का संकेत हो सकता है।


8. तनाव में


यदि किसी व्यक्ति को तनाव है तो उसकी आँखें उसे बयां कर देती हैं। तनाव की वजह से नींद न आने की समस्या होती है जिसकी वजह से आँखों का रंग राल हो जाता है। हालाँकि कभी-कभी यह लक्षण थॉयराइड का कारण भी हो जाता है।


7. ब्रेन ट्यूमर होने पर


ब्रेन ट्यूमर से आज हम भली-भाँती परिचित हैं। सिरदर्द, थकान, आलस जैसे लक्षण इस बीमारी की ओर संकेत करते हैं। ब्रेन ट्यूमर होने पर आंखों के रंग में परिवर्तन होने के साथ-साथ देखने में परेशानी होती है। साथ ही चीजें भी धुंधली दिखाई देने लगती हैं। ऐसे ही कुछ लक्षण देखने को मिलते हैं।


6. पीलिया होने पर


पीलिया होने पर नाखून के साथ-साथ आंखों में भी पीलापन आ जाता है। अगर आपकी आँखों में पीलापन है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।



5. दिमागी बीमारियों में 



कुछ दिमागी बीमारियां जैसे सीजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर होने पर आँखों का रंग काफी बदल जाता है। सीजोफ्रेनिया का एक लक्षण यह भी है कि इसमें व्‍यक्ति अपनी आंखों को ए‍क ही बिंदु पर स्थि‍र नहीं रख पाता। ताजा रिसर्च के अनुसार ग्लूकोमा होने पर भी व्यक्ति की आँखों में यही लक्षण पाया जाता है।


4. मोतियाबिंद होने पर


मोतियाबिंद, आँखों की बहुत घातक बीमारी होती है। इसकी वजह से हमेशा के लिए व्यक्ति की आँखों की रोशनी भी जा सकती है। यह बीमारी आँखों के परदे पर धुंधला धब्बा बनने की वजह से होती है।

3. लकवे में


लकवा होने पर भी उसका असर आँखों पर दिखाई देता है। आमतौर पर यह समस्या बुढ़ापे में होती है। लेकिन स्टडी के अनुसार कई मामलों लटकी हुई पलकें गंभीर स्ट्रोक की ओर भी संकेत करती हैं। इसमें पलकें लटकने के साथ-साथ आवाज भी लड़खड़ाने लगती है।


2. एलर्जी होने पर


आँखें लाल होना और उनमे खुजली होना भी एलर्जी का संकेत होता है। कई बार एलर्जी में आँखें लाल होने के साथ-साथ छींक भी आने लगती है।



ब्लड प्रेशर की समस्या भी आजकल बहुत आम है। ब्लड प्रेशर बढ़ने पर भी आँखों का रंग लाल हो जाता है। साथ ही साथ रक्‍त वाहिकाओं के फैलने के कारण आंखों में सूजन भी हो सकती है। यदि आपकी आँखों में भी इस तरह का कोई लक्षण मौजूद है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अपनी आँखों का ख्याल रखें।

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