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परीक्षा में तनाव को इस तरह करे दूर, मिलेगी सफलता


परीक्षा में तनाव को इस तरह करे दूर, मिलेगी सफलता
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मार्च और अप्रैल के महीना बच्चों के साथ पैरेंट्स के लिए भी बहुत खास होता है। ये वह महीना होता है जब बच्चे अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए तैयार होते है। यानी की ये दो महीना बच्चों की परीक्षाओं का समय होता है। इन दो महीने में बच्चों पर काफी दबाब होता है। ये दबाब चाहे पैरेट्स की उम्मीद पर खड़ा उतरने का हो या फिर एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाने का। एग्जाम के दौरान बच्चों के चेहर पर तनाव को साफ तौर पर देखा जा सकता है (Stress During Exam in hindi)। मनोवैज्ञानिक कहते है कि बच्चो को बहुत ज्यादा नंबर लाने के लिए दबाब नहीं डालना चाहिए। बस एक प्रॉपर तरीके से तैयारी करने देना चाहिए। साथ ही बच्चो को यह भी बताएं कि उन्होंने जितना भी तैयारी किया है उसमें ही वे अपना बेस्ट दें। आइये जानते है परीक्षा में तनाव को दूर करने के उपाय क्या है (stress management in the exam in hindi)
परीक्षा में तनाव से बचने के उपाय – Reduce Stress During Exam in hindi


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परीक्षा में तनाव दो तरह के होते है – stress are two types in hindi


एग्जाम के दौरान बच्चों में अकसर तनाव की शिकायत होती है। आपको बता दूं कि तनाव दो तरह के होते है। पहला को डिस्ट्रेस यानी बुरा तनाव और दूसरे को यूस्ट्रेस्स यानि अच्छा तनाव कहा जाता है। यूस्ट्रेस्स स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को बढ़ाता है, उसे पहले से बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है और जीवन की अनेक चुनौतियों का सामना करने के लिए मनोबल बढ़ाता है। वही बुरा तनाव बच्चे के लिए घातक साबित हो सकता है। इससे बच्चे के पढ़ाई के साथ सेहत पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है।
परीक्षा में के समय अभिभावक बच्चों पर ध्यान दें – Focus on children at the time of exam in hindi

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एग्जाम आने के साथ ही बच्चे परीक्षा और करियर को लेकर परेशन हो जाते है । यही परेशानी तनाव का कारण भी बन जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि वह इन दिनों युवाओं में आ रहे बदलाव में ध्यान दें। चिड़चिड़ाहट, याद न कर पाना, भूख न लगना, अधिक सोना, बेचैनी पर ध्यान नहीं दिया जाए तो परेशानी बढ़ सकती है। इस समय तनाव का सबसे बड़ा कारण पढ़ाई और एग्जाम को लेकर होता है। प्रश्नपत्र कैसा आएगा, तैयारी में मन नहीं लग रहा, विषय याद नहीं हो रहा जैसी शिकायतें आम है। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि घर में सकारात्मक वातावरण (Positive environment) बना कर रखें और उन पर अनावश्यक दबाव न बनाए। दूसरी जरूरी बात कि पढ़ाई के साथ ही युवाओं की शारीरिक गतिविधियाँ भी लगातार जारी रहनी चाहिए। साथ ही खाने-पीने पर विशेष ध्यान दें।
स्टूडेंट्स में तनाव के ये है संकेत – sign of stress in the students in hindi

ध्यान और एकाग्रता का अभाव,
आत्मविश्वास की कमी
भूख कम लगना या बहुत अधिक खाना
बातचीत में कमी
नींद नहीं आना यानी अनिद्रा या उनींदापन
हर पल मूड बदलना
सामाजिक संपर्क कम हो जाना
परीक्षा में तनाव के यह है अहम कारण – Reason for stress in the exam in hindi

अधिक मार्क्स लाने का दबाब
माता-पिता की अपेक्षाएं
कॉम्पीटिशन की भावना
दूसरे बच्चों के साथ कम्पेयर करना या तुलना करना (भाई बहन, चचेरे भाई, सहपाठियों आदि)
अकेले छूट जाने और अस्वीकृति का डर
माता-पिता, भाई-बहन, दोस्तों, शिक्षकों द्वारा उपहासित होने का डर
परीक्षा में तनाव से बचने के लिए ऐसे करें तैयारी , नहीं होगा तनाव – Reduce Stress During Exam in hindi

अपने अध्ययन की योजना बनाएं
परीक्षा की तारीख को ध्यान में रखें
एक समय-सारणी तैयार करें और उसका पालन करें
पाठ्यक्रम को विभाजित करें
कम समय के लक्ष्य निर्धारित करें
मनोरंजक गतिविधियों और अवकाश को भी शामिल करें।
अध्ययन योजना का पालन करें
योजना को नियमित रूप से समय समय पर जाँचते रहें
अपनी प्रगती का हिसाब रखें
परीक्षा में तनाव से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान – keep these things in mind to avoid stress in the exam in hindi 

पढ़ने के लिए एक स्थान का चयन करें।
हर 30 से 35 मिनट पर कुछ देर का ब्रेक ले
अध्ययन करते समय मोबाइल फोन, टीवी, इंटरनेट, वीडियो गेम, पीएसपी, टैबलेट, आदि का इस्तेमाल नहीं करें
अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों आदि के किसी भी कॉल को कुछ समय के लिए स्थगित कर दें
फॉर्मुलास, थिओरम्स, पीरियोडिक टेबल आदि को याद करने के लिए विजुअल मैप्स और स्मृती-विज्ञान का उपयोग करें।
संगीत सुनें, सैर पर जाएं
अपने आप से सकारात्मक बातें करें (
टोकने वाले लोगों से दूर रहें
नींद और समयबद्ध आराम सही मात्रा में लें।

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