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तुलसी के फायदे और नुकसान


तुलसी के फायदे और नुकसान
Healths Is Wealth  

तुलसी के फायदे और नुकसान – Tulsi (Basil) Benefits and Side Effects in Hindi
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तुलसी के फायदे तुलसी शब्द का अर्थ है “अतुलनीय पौधा” होता है| तुलसी भारत में सबसे पवित्र जड़ी बूटी मानी जाती है और “जड़ी बूटियों की रानी” भी कहलाती है। यह एशिया के दक्षिणी भाग जैसे थाईलैंड, भारत और हिंदू प्रभावित देशों में पाई जाती है। हिन्दू पिछले पाँच हज़ार सालों से तुलसी की सुबह और शाम पूजा करते आए हैं। इसके प्रभावी फायदों के कारण, यह भारत में ही नहीं, दुनिया भर में जानी जाती है। इसकावैज्ञानिक नाम Ocimum sanctum है

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तुलसी एक अत्यधिक सुगंधित जड़ी बूटी है जो सबसे अधिक खाना पकाने में एक मसाले के रूप में प्रयोग की जाती है, लेकिन यह अपने विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के लिए भी काफी लोकप्रिय है। तुलसी के पत्तों और फूलों में कई रसायनिक यौगिक (chemical compounds) हैं जो बीमारी को रोकने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में उपयोगी हैं।

यह कम कैलोरी वाली जड़ी बूटी एंटीऑक्सीडेंट, जलन और सूजन कम करने और जीवाणुरोधी गुणों से समृद्ध है। इसके अलावा, यह विटामिन ए, सी और के, मैंगनीज, तांबा, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और ओमेगा -3 फैट्स जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से परिपूर्ण है। यह सभी पोषक तत्व आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छे हैं।

आइए विस्तार से जानें तुलसी के असंख्य स्वास्थ्य लाभों को –
तुलसी के फायदे – Basil Benefits in Hindi

तुलसी का उपयोग खाँसी को ठीक करने के लिए – Tulsi for cough in Hindi
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खांसी के सिरप में एक महत्वपूर्ण घटक होता है। लेकिन बजाय सिरप खरीदने के, आप घर में ही एक अच्छी घरेलू औषधि बना सकते हैं, जो उतनी ही असरदार होगी।

आठ तुलसी के पत्ते और पांच लौंग पानी के एक कप में डालें और दस मिनट के लिए इसे उबाल लें। आप स्वाद के अनुसार कुछ नमक भी डाल सकते हैं। इसे ठंडा होने दें और फिर खाँसी में राहत के लिए इसे पी लें।

खांसी के कारण गले में खराश के लिए, तुलसी के पत्तों के साथ उबले हुए पानी से गरारे करें। तुलसी ब्रोंकाइटिस और दमा जैसी अन्य सांस की समस्याओं के लिए भी एक प्रभावी उपचार है।

सर्दी और ज़ुकाम में मिलेगी तुलसी से राहत – 
Tulsi for common cold in Hindi
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तुलसी के पत्ते बुखार और जुकाम के इलाज में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। सर्दी और ज़ुकाम से राहत के लिए कुछ ताज़ा तुलसी के पत्ते चबा लें। बरसात के मौसम के दौरान, मलेरिया और डेंगू बुखार का खतरा होता है। ऐसे में पानी में उबालने के बाद तुलसी की कोमल पत्तियों का सेवन करें। यह आपको इस प्रकार के बुखार से सुरक्षित रखेंगी।


जब तीव्र बुखार से पीड़ित हैं, तुलसी की पत्तियों को एक कप पानी में इलायची पाउडर के साथ उबालकर काढ़ा बनाकर दिन में कई बार पिएं। तुलसी के पत्तों का रस तेज़ बुखार को कम कर सकता है।

साथ ही सर्दी ज़ुकाम में तुलसी, अदरक, काली मिर्च की दूध वाली चाय पीने से बहुत आराम मिलता है।
तुलसी के फायदे तनाव को दूर करने में – Tulsi for stress relief in Hindi

तुलसी के पत्ते तनाव को दूर करते हैं। विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि तुलसी की पत्तियाँ तनाव के खिलाफ महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ तुलसी के 10 से 12 पत्ते, दिन में दो बार, चबाने की सलाह देते हैं ताकि तनाव संबंधी बीमारियों को रोका जा सके। तुलसी के पत्तों को दैनिक चबाने से अपना रक्त भी शुद्ध कर सकते हैं।

तुलसी का लाभ प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए – Tulsi leaves for immunity in Hindi

तुलसी के फायदे ताज़ा तुलसी के पत्ते नियमित रूप से खाने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। अध्ययनों से पता चलता है कि, तुलसी में विभिन्न रसायनिक यौगिक शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली एंटीबॉडी के उत्पादन में बीस प्रतिशत तक की वृद्धि करते हैं।

सर्वोत्तम परिणाम के लिए, सूखे तुलसी के पत्तों की बजाय ताज़ा तुलसी के पत्तों का उपयोग करें।
तुलसी के रस का फायदा आँखों के लिए – Tulsi for eyes in Hindi

सौ ग्राम ताज़ा तुलसी की पत्तियाँ विटामिन ए की दैनिक उचित खुराक देती हैं। विटामिन ए में एंटीऑक्सीडेंट गुण हैं और वह स्वस्थ दृष्टि (आँखों) के लिए आवश्यक है। ताज़ा तुलसी का रस (अर्क) आँखों की सूजन और रतौंधी (night blindness) के लिए अच्छा है जो आमतौर पर विटामिन ए की कमी के कारण होता है। आँखों की सूजन के लिए, दैनिक बिस्तर पर जाने से पहले प्रभावित आंख में काली तुलसी के रस की दो बूँदें डाल लें।

तुलसी के अर्क बनाने की विधि बहुत ही सरल है।

कुछ तुलसी की पत्तियों को गरम पानी में डालकर पाँच से दस मिनट के लिए ढक दें, फिर उसे छान लें।
तुलसी का लाभ मौखिक स्वास्थ्य के लिए – Tulsi for oral health in Hindi

तुलसी मुख के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी है। यह बुरी सांस, पायरिया और विभिन्न अन्य मसूड़ों की बीमारियां से लड़ने में मदद करती है।

एक या दो दिन के लिए धूप में, कुछ तुलसी के पत्ते डाल दें।

पत्ते सूखने के बाद उनका पाउडर बना लें, और इसका इस्तेमाल अपने दांत ब्रश करने के लिए करें।

आप सरसों के तेल के साथ पाउडर मिश्रित करके एक प्राकृतिक टूथपेस्ट भी बना सकते हैं। आप इसका इस्तेमाल बुरी सांस से छुटकारा पाने के लिए अपने मसूड़ों की मालिश के लिए भी कर सकते हैं।
तुलसी के फायदे चेहरे के लिए – Tulsi for skin in Hindi

यह जड़ी बूटी मुँहासों को रोकती है और मुँहासे के घावों की चिकित्सा प्रक्रिया को तेज़ करती है। ताज़ा तुलसी के पत्तों का रस त्वचा से बैक्टीरिया

यदि आपको पहले से ही मुँहासे है, तो जीवाणुओं को नष्ट करने हेतु प्रभावित क्षेत्र पर तुलसी के रस को लगाएं। तुलसी दाद, सोरायसिस (psoriasis) और कीड़े के काटने के अन्य त्वचा की समस्याओं के इलाज के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है। ताज़ा तुलसी का रस त्वचा की सूजन और जलन को कम करता है और राहत देता है। यह आपकी त्वचा को नरम, कोमल और स्वस्थ भी बनाता है।

तुलसी की चाय है सिर दर्द का इलाज – Tulsi for headache in Hindi

तुलसी सिर दर्द के लिए एक अच्छी दवा है, क्योंकि यह मांसपेशियों को आराम देती है। तुलसी और चंदन के पेस्ट को माथे पर लगाने से तुरंत तनाव और तंग मांसपेशियों की वजह से हो रहे दर्द से राहत मिलती है।

वैकल्पिक रूप से, एक दिन में दो बार तुलसी की चाय पी सकते हैं। तुलसी की चाय बनाने के लिए, एक कप उबलते पानी में कुछ ताज़ा तुलसी के पत्ते डाल दें और कुछ मिनट के लिए रहने दें, फिर चाय छान लें।

चाय आराम से पिएं और आपके सिर का दर्द धीरे-धीरे गायब हो जाएगा। हल्के सिर दर्द के लिए, आप कुछ ताज़ा तुलसी के पत्तों को चबा लें या शुद्ध तुलसी के तेल के साथ अपने सिर की मालिश करें।
तुलसी के औषधीय गुण पेट दर्द के लिए – Tulsi for stomach ache in Hindi

तुलसी आपके पाचन तंत्र को भी स्ट्रोंग बनता है। आप इसकी पत्तियों से तुलसी का रस निकालकर पेट में दर्द या ऐंठन के इलाज के लिए प्रयोग कर सकते हैं। तुलसी के रस की एक चम्मच, अदरक के रस की समान राशि के साथ मिलाकर तुरंत पेट दर्द को कम करने के लिए इस्तेमाल करें।

आप तुलसी की चाय भी पी सकते हैं अन्य आम पेट की समस्याओं के इलाज के लिए जैसे कब्ज, अपच, बवासीर, अम्लता या मासिक धर्म/माहवारी की पीड़ा को कम करने के लिए।

तुलसी के पत्ते खाने से गुर्दे की पथरी में लाभ – Tulsi for kidney stones in Hindi

तुलसी के फायदे तुलसी गुर्दे की कार्यप्रणाली पर एक मजबूत प्रभाव डालती है। गुर्दे के समग्र कामकाज में सुधार लाने के लिए, खाली पेट पानी के साथ पांच से छह ताज़ा तुलसी के पत्तों का सेवन करें।

यदि आपके गुर्दे में पथरी है, तो तुलसी के ताज़ा रस को शहद की समान राशि के साथ मिला लें। पांच से छह महीने हर दिन इसका सेवन करें।

इससे मूत्र मार्ग से गुर्दे की पथरी के उन्मूलन में मदद मिलेगी।

तुलसी के नुकसान – Basil Side Effects in Hindi

तुलसी हमारे शरीर में रक्त को पतला करती है और इसलिए इसे खून के जमने को रोकने वाली दवाओं के साथ नहीं लिया जाना चाहिए।

यदि मधुमेह या हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित लोग, जो दवा ले रहे हैं, तुलसी का सेवन करते हैं, तो उनके रक्त शर्करा में अत्यधिक कमी हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान तुलसी की अत्यधिक मात्रा गर्भाशय के संकुचन (uterine contraction) और मासिक धर्म का कारण बन सकती है। विशेष रूप से पहली तिमाही (first trimester) में महिलाओं को इसके उपयोग से बचना चाहिए। स्तनपान कराने वाली माताओं के बारे में विशेष जानकारी नहीं है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से स्तनपान की अवधि के दौरान तुलसी के उपयोग से बचें।

अदरक तुलसी की चाय अधिक मात्रा में सेवन करने से सीने में जलन, एसिडिटी और पेट में जलन पैदा हो सकती है।

यदि आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है, तो एक खरीद लें ताकि जब आपको इन आम समस्याओं का इलाज करने की आवश्यकता हो, आपके पास ताज़ा तुलसी उपलब्ध हो।



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