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बीपी से हो सकती है बड़ी बीमारीबीपी से हो सकती है बड़ी बीमारी

एलोवेरा
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एलोवेरा को आयुर्वेद में संजीवनी कहा गया है। त्‍वचा की देखभाल से लेकर बालों की खूबसूरती तक और घावों को भरने से लेकर सेहत की सुरक्षा तक में इस चमत्‍कारिक औषधि का कोई जवाब नहीं है। एलोवेरा विटामिन ए और विटामिन सी का बड़ा स्रोत है।


* एलोवेरा का जूस नियमित पीने वाला व्‍यक्ति कभी बीमार नहीं पड़ता है।

* एलोवेरा जूस के सेवन से पेट के रोग जैसे वायु, अल्सर, अम्‍लपित्‍त आदि की शिकायतें दूर हो जाती हैं। पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में इससे बड़ा कोई औषधि नहीं है।

* जोडों के दर्द और रक्त शोधक के रूप में भी एलोवेरा बेजोड़ है।

* एलोवेरा बालों की कुदरती खूबसूरती बनाए रखता है। यह बालों को असमय टूटने और सफेद होने से बचाता है।

* रोज सोने से पहले एड़ियों पर एलोवेरा जेल की मालिश करने से एड़ियां नहीं फटती हैं।

* एलोवेरा त्वचा की नमी को बनाए रखता है।

* एलोवेरा त्वचा को जरूरी मॉश्चयर देता है।

* गर्मियों में सनबर्न की शिकायत हो जाती है। एलोवेरा वाले मोश्‍चराइजर व सनस्‍क्रीन का उपयोग त्‍वचा के सनबर्न को समाप्‍त करता है।

* एलोवेरा एक बेहतरीन स्किन टोनर है। एलोवेरा फेशवॉश से त्‍वचा की नियमित सफाई से त्‍वचा से अतिरिक्‍त तेल निकल जाता है, जो पिंपल्‍स यानी कील-मुहांसे को पनपने ही नहीं देता है।

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बीपी से हो सकती है बड़ी बीमारीबीपी से हो सकती है बड़ी बीमारी





वॉशिंगटन : हाई बीपी की समस्या अगर आपको है तो यह आगे चलकर बड़ी बीमारी बन सकती है इससे आगे चलकर डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) होने की आशंका का एक संकेत हो सकता है।


हाई बीपी के कारण वेस्‍कुलर डिमेंशिया होने का जोखिम 62 फीसद अधिक रहता है। यह अल्‍जाइमर के बाद दूसरा टाइप है। ऑक्‍सफोर्ड शोधकर्ताओं ने कहा कि हाई बीपी के कारण वेस्‍कुलर डिमेंशिया होने का जोखिम 62 फीसद अधिक रहता है


शोध में बातया गया है कि युवावस्‍था में ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या होने पर वे समय के साथ बढ़ती है और आगे की जिंदगी में भी समस्‍याएं पैदा करती है। ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी में जॉर्जिया इंस्‍टीट्यूट फॉर ग्‍लोबल हेल्‍थ की रिसर्च टीम ने 40 लाख से अध‍िक ब्रिटेन के नागरिकों के मेडिकल रिकॉर्ड चेक किए।


ऐसे जगाये सेक्स की इच्छाऐसे जगाये सेक्स की इच्छा






क्‍या आपको अपने पार्टनर के साथ सेक्‍स करने की भूख का अहसास होता है? या फिर क्‍या आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद आपकी पार्टनर में सेक्‍स के प्रति भूख जागृत नहीं होती? यदि ऐसा है, तो इस लेख में आपको इसका हल जरूर मिल जाएगा.
कई घटनाएं जैसे बच्‍चा पैदा होना, गहरा तनाव होना, लड़ाई-झगड़े, किसी प्रिय की मृत्‍यु हो जाना, आदि के कारण सेक्‍स के प्रति रुझान घट जाता है. ऐसे में सेक्‍स के प्रति भूख मर जाती है.


ऐसे में आप अपनी पार्टनर को सेक्‍स के लिए प्रेरित करने के अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं. सबसे पहला आकर्षण करीब आने से बढ़ता है. ऐसे में अपनी पार्टनर के करीब जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप पूरी तरह साफ और सुंदर दिख रहे हैं क्‍योंकि आपके चेहरे के एक्‍सप्रेशन ही उसे आपकी ओर आकर्षित करेंगे, जिससे उसके अंदर सेक्‍स की भूख जागेगी.

पुरुषों और महिलाओं दोनों के साथ अलग-अलग स्थितियां होती हैं. पुरुष अपनी स्‍त्री पार्टनर के आकर्षण से आकर्षित हो जाता है, जबकि महिलाओं के लिए सेक्‍स से पहले भावनात्‍मक रूप से करीब आना जरूरी होता है. जब तक आप भावनात्‍मक रूप से करीब नहीं जाएगे, तब तक वो आपके करीब नहीं आएगी. हालांकि दोनों के लिए प्रेम भरी बातें काफी महत्‍व रखती हैं.


तनाव की स्थिति में भी यदि आपकी पार्टनर आपके करीब आ जाती है, तो ऐसी बातें करें, जिससे उसका तनाव कम हो सके. यदि वो दु:खी है तो उसका दु:ख कम करने की कोशिश करें. यहां पर आपके मुंह से निकले शब्‍द काफी अहम होते हैं, क्‍योंकि बातों ही बातों में आपको अपने पार्टनर का रुख सेक्‍स की ओर करना है. अच्‍छा होगा यदि आप ऐसे समय में अपने पिछली रातों के अनुभवों को रखते हुए अपनी पार्टनर को बाहों में भर लें.



जानिए यौन क्रियां एन्जॉय करने का समय अंतराल क्या है?







अमेरिकी और कनाडाई यौन विशेषज्ञों द्वारा सेक्स संबंधी एक नए सर्वेक्षण के नतीजों के मुताबिक ‘श्रेष्ठतम यौन क्रिया’ कुछ ही मिनटों की होती है. सर्वेक्षण में साफतौर पर कहा गया है कि ‘लंबी’ यौन क्रिया का दावा करने वाले संभवत: झूठ कहते हैं. पेन्न स्टेट विश्वविद्यालय के शोधकर्मियों एरिक कोर्टी एवं जिने गार्डियानी ने सोसायटी फॉर सेक्स थैरेपी एंड रिसर्च के सदस्यों के समूह से बात करने के बाद अपने नतीजे घोषित किए. समूह के सदस्यों में अनेक मनोविश्लेषक, डॉक्टर, समाजसेवी, विवाह एवं परिवार सलाहकार और नर्से शामिल हैं जिन्होंने कई दशकों के अनुभव के आधार पर अपने विचार दिए।

शोधकर्ताओं के अनुसार ‘संतोषप्रद’ यौन क्रिया का काल तीन से 13 मिनट के बीच का ही होता है. समूह के 68 प्रतिशत सदस्यों ने यौन क्रिया की शुरुआत से अंत तक की भिन्न समयावधियां निर्धारित की. उन्होंने सात मिनट की अवधि को ‘पर्याप्त’, 13 मिनट को ‘संतोषप्रद’, एक से दो मिनट को ‘काफी कम’, और दस से तीस मिनट को ‘उबाऊ’ कहा. शोधकर्ताओं के अनुसार आधुनिक समाज में यौन क्रियाओं संबंधी अनेक भ्रामक धारणाओं ने सिर उठा लिया है. अनेक युवक और युवतियां लंबी यौन क्रियाओं की फंतासियां रचने लगे हैं.


उनके अनुसार इस सर्वेक्षण से सेक्स संबंधी अनेक झूठी धारणाओं को समाप्त करने में मदद मिलेगी और इससे यौन संबंधी उदासीनता और असमर्थता पर भी रोक लगेगी. सर्वेक्षण के नतीजे जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन के आगामी अंक में प्रकाशित होंगे.



दूध और गुड़ का मिश्रण करता है कमाल







यह बहुत कम लोग ही जानते हैं कि गुड़ ना सिर्फ स्वाद बल्कि साथ ही सेहत का भी खजाना है. इसको खाने से सिर्फ मुंह का स्वाद नहीं बदलता बल्कि इससे कई बीमारियों से मुक्ति भी पाई जा सकती है. दूध के साथ आपने अक्सर ही घर के बड़े लोगों को गुड़ का सेवन करते देखा तो होगा ही. वहीं कई लोगों को दूध के साथ गुड़ खाना पसंद नहीं होता है. आज जब आपको गुड़ के फायदे पता चलेंगे तो आप भी इसका सेवन करना शुरू कर देंगे.


1. जहां एक ओर गुड़ का सेवन करने से हमारा खून शुद्ध होता है वहीं दूसरी ओर दूध हमारे शरीर में ऊर्जा बनाएं रखता है.


2. दूध में गुड़ डालकर खाने से हमारी पाचन क्रिया से जुड़ी सारी समस्याएं दूर हो जाती है और साथ ही इसका सेवन करने से पेट में गैस नहीं बनती है.


3. अगर आपको जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है तो हर रोज गुड़ का छोटा सा पीस अदरक के साथ मिलाकर रोजाना खाया करें और साथ ही गरम दूध पीया करें.


4. अगर आप को अस्थमा की दिक्कत है तो घर में गुड़ और काले तिल के लड्डू बना कर खाया करें। यही नहीं इसके बाद एक ग्लास गरम दूध का सेवन भी करें.

5. आप हर रोज एक ग्लास दूध में गुड़ डाल कर पीया करें इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होगी.

लड़कियों के कंडोम को इस्तेमाल का सही तरीका





सुरक्षित सेक्स के लिए सिर्फ पुरूष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी कंडोम का इस्तेमाल कर सकती हैं. लेकिन महिलाएं अकसर कंडोम को लेकर उलझन में रहती हैं कि उन्हें कंडोम का उपयोग करना चाहिए कि नहीं,और अगर हां तो कैसे. महिला कंडोम की विशेषता है कि वह संभोग के समय आराम से प्रयोग किया जा सकता है साथ ही गर्भ निरोधक विकल्प के रूप में यह बेहतर विकल्प है.

महिला कंडोम लम्बी पोलीस्थ्रेन की थैली होती है. यह अनचाहे गर्भ से बचाने के लिए कारगर है. महिला कंडोम की विशेषता है कि यह दोनों किनारों से लचीला होता है. इतना ही नहीं महिला कंडोम में पहले से ही सिलिकोन आधारित चिकनाई लगी रहती है.


महिला कंडोम को बहुत ही सावधानी से खोलकर सही तरह से उपयोग करने के लिए उसको ठीक तरह से लगाना चाहिए. शुरूआत में महिला कंडोम का प्रयोग मुश्किल होता है, लेकिन धीरे-धीरे अभ्याकस से इसे आसानी से प्रयोग किया जा सकता है. महिला कंडोम में पहले से ही चिकनाई होती है, उनमें सिलिकोन आधारित स्परमिसिडिल रहित चिकनाई होती है। इससे कंडोम को लगाने में आसानी होती है. लेकिन कई बार ज्यादा जरूरत पड़ने पर बेबी ऑयल का भी प्रयोग किया जा सकता है.


पुरूष कंडोम की ही तरह महिला कंडोम को भी दोबारा प्रयोग नहीं किया जा सकता. साथ ही इनकी अंतिम तिथि लगभग पांच साल तक होती है. महिलाओं के कंडोम के लिए किसी विशेष सावधानी की जरूरत नहीं पड़ती जैसे पुरूष कंडोम के लिए पड़ती है.


: पहली बार किसी के साथ यौन संबंध बना रहे है तो यह पढ़े




शादी के बाद पहली रात और पार्टनर के साथ पहली बार सेक्‍स उस रात चाहे स्‍वस्‍थ्‍य संभोग किया हो, या फिर पूरी तरह फ्लॉप रहे हों, वो पल व्‍यक्ति कभी नहीं भूलता. तो आप क्‍या चाहत हैं, आपकी रात जीवन की सबसे यादगार बने या फिर एक हादसे की तरह आपको जीवन भर याद आती रहे.

जाहिर है आप अपने साथी के साथ पहली बार सेक्‍स को चाह कर भी नहीं भुला पाएंगे. चलिए हम आपको बताते हैं कि पहली बार संभोग करते वक्‍त किन-किन बातों का ध्‍यान रखें.


1. पार्टनर के साथ सेक्‍स करते वक्‍त कंडोम का प्रयोग जरूर करें.

2. साथी के इशारों को समझें. आमतौर पर पुरुष के करीब आने वक्‍त स्त्रियां सीधे सेक्‍स की शुरुआत नहीं करतीं. शुरुआत पुरुष को ही करनी होती है, लेकिन ज़रा ध्‍यान से, क्‍योंकि करीब आते ही जंगली हो जाने से आपके संबंधों में खटास आ सकती है.

3. पहली बार सेकस करते वक्‍त आप तनाव में आ सकते हैं, या फिर घबराहट भी हो सकती है. इसके लिए लंबी सांस लें और अपने शरीर को ढीला छोड़ दें. घबराएं कतई नहीं.

4. परफेक्‍शन की उम्‍मीद मत करें. ज्‍यादातर लोग अपने पार्टनर को पहली बार के सेक्‍स में पूरा यौन सुख देने की कोशिश करते हैं, लेकिन नाकाम हो जाते हैं. यही नहीं दोनों के मन में एक दूसरे से परफेक्‍शन यानी प्रवीणता की उम्‍मीद होती है. ऐसी उम्‍मीद न करें.

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सेक्स की इस किताब पर मचा बवाल





सेक्स पर अनुसंधान कर रही बेट्टीना अर्न्ड इसी टॉपिक पर काम कर रही हैं. उनकी पुस्तक 'The Sex Diaries: Why Women Go Off Sex and Other Bedroom Battles' में स्त्रियों को सुझाव दिया गया है कि यदि उनकी इच्छा न हो तो भी सेक्स के लिए बिस्तर पर जाएं. उनकी इस किताब ने पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया में के सामाजिक और मीडिया जगत में हलचल पैदा कर दी. जैसा कि स्वाभाविक था, इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने इस पर नाराजगी जताई तो कुछ ने कहा कि वे भ्रम फैला रही हैं.

नारीवादी अर्थशास्त्री और विक्टोरिया विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर प्रियु हिम ने चिंता जताई कि कोई किताब सिर्फ अपने साथी को खुश रखने के लिए यौन संबंध रखने का विचार रख रही है. हिम कहती हैं, 'अगर औरतें यही सोचती हैं कि उन्हें अपने पार्टनर को हर कीमत पर खुश रखना है तो फिर मेरे कहने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन अगर इस वजह से उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती है या ग्लानि का भाव पैदा होता है तो मैं इस किताब में कहे गए सुझाव की कहीं से भी सराहना नहीं कर सकती.'

वे कहती हैं, 'यह सच है कि पुरुष जल्दी सेक्स में इन्वाल्व हो जाते हैं. मगर आपके बिस्तर पर जाने का मतलब सिर्फ संभोग करना नहीं है. आपस में खुशी बांटने के बहुत से तरीके एक्सप्लोर किए जा सकते हैं. पति-पत्नी दोनों एक ही रास्ते पर चलकर सेक्स की मंजिल तक पहुंचते हैं. बस, फर्क इतना है कि पुरुषों की तुलना में स्त्रियों का मन सेक्स से जल्दी उचटता है.'

इसलिए लोग देखते हैं पोर्न फिल्म




आपने कभी सोचा हैं कि लोग पोर्न फिल्म क्यों देखते हैं और क्यों सेक्सी नॉवेल पढते हैं? ये सवाल हमेशा आपके जहन में बहस का मुद्दा रहा होगा. कुछ लोग मानते है कि पोर्न देखना स्वभाविक है और कुछ लोगों का मानना है कि इसे हेल्दी ट्रेंड भी मानते हैं. लेकिन हाल ही एक रिसर्च में ये बात सामने आई कि पोर्नोग्राफी से सेक्स की लाइफ पर नकारात्मक असर पडता है. लेकिन सवाल ये उठता है कि लोग क्यों देखते हैं और इरोटिक नॉवेल क्यों पढ़ते हैं? आइये जाने.
आमतौर पर पोर्नोग्राफी का सबसे बडा कारण है कि लोगों को इससे आनंद मिलता है. जब कभी कोई सेक्स क्लिप देखता है तो शरीर में सेक्सुअल हार्मोन का स्त्राव अचानक बढ जाता है. अगर कोई पूरे फोकस के साथ इरोटिक नॉवेल पढता है, तो वह कल्पनाओं में डूब जाता है और फेंटेसी करने लगता है.


जब व्यक्ति पोर्न देखता या रोमांटिक इरोटिक किताबें पढता है, तो उसे लेकर वह फेंटेसी करने लगता है. इन फेंटेसी को व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ पूरी करने की ख्वाहिशें करने लगता है. इससे व्यक्ति की फेंटेसी करने की क्षमता स्ट्रांग होने लगती है. जब वही व्यक्ति अपने पार्टनर को किस करता है या सेक्स करता है तो उसकी फेंटेसी बढ जाती है जो कि उसकी सेक्स ड्राइव को बढाती हैं.
कच्चा केला खाने के लाभ





कच्चा केला पोटेशियम का खजाना होता है जिसकी मदद से आप प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बना सकते हैं. यही नहीं, इसको खाने से आपकी बॉडी में हमेशा उर्जा रहेगी और आप खुद को सक्रिय पाएंगे. इसमें मौजूद विटामिन B6, विटामिन C आपको उर्जा देती है. कच्चे केले में स्टार्च भी मौजूद होता है और साथ ही एंटीऑक्सीडेंट भी. आपको बता दें कच्चा केला खाना आपके सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.


वजन घटाने में: जो लोग अपने मोटापे को लेकर परेशान हैं उन्हें कच्चा केला जरूर खाना चाहिए. इसमें मौजूद फाइबर आपके बॉडी के अनचाहे फैट को साथ ही जहरीली चीजों को साफ करने में मददगार होता है.


कब्ज का रामबाण इलाज: जैसे कि हमने ऊपर आपको बताया कि कच्चे केले में फाइबर और हेल्दी स्टार्च मौजूद होते हैं जो आपकी आंत को हमेशा साफ रखने में मदद करता है. यह आंत में किसी भी प्रकार की गंदगी को साफ करता है और हेल्दी बनाता है. अगर आपको कब्ज की शिकायत है तो कच्चा केला खाना शुरू कर दें. आपके लिए यह यदेमंद रहेगा.

भूख को शांत करने का उपाय: अक्सर लोगों को समय-समय पर भूख लगने की बीमारी होती है. ऐसे में कच्चा केला आपकी इस भूख को कम करने में मदद करता है. इससे फायदा यह होता है कि हम जंक फूड या कोई और बीमार पैदा करने वाले खाने से बच जाते हैं.

हरी मटर खाने से सेहत भी रहती है हरी भरी







प्रोटीन, विटामिन, फास्फोरस तथा लौह तत्त्व से भरपूर मटर भारत में सर्दियों के मौसम में उगायी जाने वाली फसल है. भारतीय किचन में इसका विशेष स्थान है. मटर से बनी मटर पनीर और सूप भारतीय को बहुत ही पसंद है. यह न केवल आपके बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है बल्कि यह कैल्शियम का भी स्रोत है. जिन लोगों को ब्लड सुगर है उन्हें नियमित रूप से मटर खाना चाहिए.


शारीरिक रूप से निर्बल स्त्री-पुरूषों को अंकुरित मटर का सेवन करना चाहिए. इसके सेवन से अधिक शक्ति का विकास होता है. एनीमिया रोगियों के लिए मटर का सूप बहुत लाभ देता है. स्वाद के लिए नींबू का रस मिलाने से अधिक लाभ होता है.


मटर को भूनकर, कूट-पीसकर फिर उसे नारंगी के छिलकों के साथ पीसकर, दूध में मिलाकर चेहरे और हाथ पांव पर मलने से सौंदर्य आकर्षण विकसित होता है. आंख की ज्योति तेज हो इसके लिए मटर की फलियों और पालक का रस का सेवन कीजिए. मटर के दाने दांतों से चबाकर खाने से दांतों और मसूढों की सुरक्षा होती है,मटर के छिलकों को दांतों पर रगडने से दांत स्वच्छ होते हैं.

मर्दों को पसंद आती है सेक्स पोजिशन





डॉगी स्टाइल: इस पोजिशन में महिला सेक्स करने के वक्त घुटनों के बल अपने साथी के विमुख बैठ जाती हैं. कभी-कभी सेक्स करने में आसानी होने के कारण वह पेट के बीच में तकिया भी रख सकती हैं. इस अवस्था में अच्छी तरह पेनिट्रेशन का लाभ उठाया जा सकता है लेकिन पुरूष को सेक्स प्रक्रिया के दौरान थोड़ा खुद पर नियंत्रण रहने की भी ज़रूरत होती है.


लस्टी लेग: इस पोजिशन में सेक्स का आनंद उठाना उन्हीं लोगों के लिए आसान होता है जिनका शरीर लचीला होता है. इस अवस्था में दोनों एक दूसरे के सामने खड़े होते हैं. महिला अपने पैर को पुरूष के कंधे पर रखती है और पुरूष महिला को अपने पास लाता है और इस तरह वे संभोग का सुख अच्छी तरह से उठा पाते हैं.


गोद में: इस पोजिशन में दोनों एक दूसरे के बहुत करीब आ पाते हैं. पुरूष बिस्तर या कुर्सी के किनारे पर आराम से बैठने के बाद महिला उसके तरफ मुँह करके गोद में बैठ जाती है. लेकिन उसका पैर पुरूष के शरीर के दूसरे तरफ होता है. इस अवस्था में पेनिट्रेशन का बहुत ज़्यादा सुख मिल पाता है. इस पोजिशन की एक अच्छी बात यह है कि महिला स्थिति को अपने मुताबिक संचालित कर पाती है.

: महिलाओं के ऑर्गेज्म को लेकर नई रिसर्च




आए दिन शोधकर्ता द्वारा सेक्स लाइफ को लेकर शोध किए जाते है. आमतौर पर महिलाएं अपनी सेक्स लाइफ को परफेक्ट बनाने के हर संभव कोशिश करती हैं लेकिन वह ऐसा चाहकर भी नहीं कर पाती. हाल ही में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि ‌जो महिलाएं ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पाती उन्हें अपनी खूबसूरती पर गौर करना चाहिए. उस सेक्स के दौरान कामुक बातें सोचनी चाहिए.


शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं को रोजाना सेक्स के दौरान बेहतरीन ऑर्गेज्म प्राप्त होता है वे ज्यादा कामुक विचारों वाली होती है बजाए उनके जिन्हें रोजाना सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म नहीं होता. ये रिसर्च 18 से 67 वर्ष की 251 फ्रेंच महिलाओं पर की गई थी. रिसर्च के दौरान पहले ग्रुप में 176 महिलाएं शामिल थी जिन्हें सेक्स के दौरान रोजाना ऑर्गेज्म प्राप्त होता था जबकि दूसरे ग्रुप में 75 ऐसी महिलाएं थी जिन्‍हें सेक्स के दौरान चरम पर पहुंचने में परेशानी आती थी.

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इन महिलाओं से ‌रिसर्च में सेक्स के दौरान इनके इमोशंस, विचार और व्यवहार के बारे में सवाल किए गए. रिसर्च के नतीजों में पाया गया कि जिन महिलाओं को सेक्स के दौरान कम कामुक विचार आते थे उन्हें ऑर्गेज्म प्राप्त करने में ज्यादा दिक्कतें हो रही थी. रिसर्च में ये बात भी सामने आई कि जिन महिलाओं को ऑर्गेज्म होने में ज्यादा दिक्कतें आ रही थी उनका ध्यान सेक्स के दौरान कामुक चीजों के अलावा बाकी चीजों पर था.


सेक्स के अलावा बाकी विचार उनके दिमाग में थे. बेल्जियम यूनिवर्सिटी ऑफ लाउवेन के प्रोफेसर पास्कल डे सूटर के मुताबिक, हमने इस बात की उम्मीद नहीं की थी कि महिलाओं के ऑर्गेज्म उनके विचारों से इतना जुड़ा होगा.

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