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जानें क्‍यों पाइल्‍स के लिए सबसे बेहतर इलाज है मूली


जानें क्‍यों पाइल्‍स के लिए सबसे बेहतर इलाज है मूली

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मूली सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है।
रोग में गुदे में छोटे-छोटे मस्से बन जाते हैं।
मूली ठंडक देने का काम करती है।
-घर में सलाद के रूप में खाई जाने वाली मूली सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है यह बात तो लगभग हम सभी जानते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि मूली पाइल्‍स के इलाज और रोकथाम में भी बहुत लाभदायक होती है। जीं हां पाइल्‍स या बवासीर से बचने और इसे अधिक बिगड़ने से बचाने के लिए मूली से बेहतर कोई दूसरा विकल्‍प नहीं हैं।



बवासीर के लिए मूली

मूली के नियमित और सही इस्तेमाल से पाइल्स की समस्या को कुछ महीनों में दूर किया जा सकता है। साथ ही मूली के नियमित सेवन से पाइल्स की समस्या बढ़ती भी नहीं है। आजकल लाखों लोग पाइल्‍स की समस्‍या से परेशान है और कोई ऐसा उपाय चाहते हैं जिससे वे अपनी इस समस्‍या से निजात पा सकें। तो मूली इस मामले में काफी कारगर हो सकती है। परंतु इसका यह मतलब नहीं है कि आप मूली को आहार में शामिल करके डॉक्‍टर की बताई हुई दवाइयां खाना बंद कर दें। दवाइयों के साथ इस घरेलू उपाय की मदद से आप कुछ ही दिनों में इस समस्या से राहत पा सकते हैं।
क्‍या है पाइल्‍स या बवासीर

बवासीर या पाइल्स ने एक आम बीमारी का रूप ले लिया है। इस रोग में गुदे में छोटे-छोटे मस्से जैसे बन जाते हैं। जो समय के साथ आकार में बड़े हो जाते है और इसमें हर समय दर्द और जलन बनी रहती है। पाइल्स के मरीजों के साथ सबसे बड़ी समस्या ये है कि वह इसका जिक्र अपनों यहां तक कि डॉक्टरों से भी करने में कतराते हैं। लेकिन डॉक्टर से सलाह लेकर उसका सही इलाज कराना बहुत जरूरी है।
आखिर मूली ही क्‍यों

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बवासीर के रोगियों को अक्‍सर मूली खाने की सलाह दी जाती है क्‍योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में घुलनशील फाइबर पाये जाते हैं जो मल को मुलायम करने और पाचन क्रिया को दुरस्‍त रखने में मदद करती है। इसमें वाष्पशील तेल भी होता है, जो पाइल्‍स के दौरान पैदा होने वाले दर्द और सूजन को कम करता है। इसके अलावा मूली ठंडक देने का काम करती है, जिससे जलन में भी राहत मिलती है।
कैसे करें मूली का उपयोग


पाइल्स के मरीजों को कच्ची मूली का सेवन ही करना चाहिए। आप चाहें तो इसे घिसकर खा सकते हैं। यानी 100 ग्राम मूली को घिस कर उसमें 1 चम्‍मच शहद मिलाकर, दिन में इसे दो बार खाएं। या फिर इसका रस निकालकर पी सकते हैं। आप मूली का 1 गिलास रस निकाल कर उसमें चुटकी भर नमक मिलाएं और दिन में दो बार पियें। या फिर आप चाहें तो सफेद मूली का पेस्‍ट बना कर उसमें थोड़ा दूध मिलाएं। इस पेस्‍ट को संक्रमित जगह पर लगाएं जहां पर दर्द और सूजन है।

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मूली का पाउडर

आप चाहें तो इसके पाउडर को भी प्रयोग में ला सकते हैं। इसके लिए मूली की पत्त‍ियों को छाया में सुखाकर घर पर ही उसका चूर्ण बना सकते हैं। रोजाना इस पाउडर का एक चम्‍मच नियमित रूप से लेना चाहिए। एक महीने के नियमित सेवन से आपको फर्क नजर आने लगेगा।

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