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पिस्ता खाने के आयुवेर्दिक फायदे


पिस्ता खाने के आयुवेर्दिक फायदे



सूखे मेवों में काजू और आखरोट से सबसे अधिक पौष्टिक और ताकतवर होता है पिस्ता। पिस्ता आपकी सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। खाने में स्वादिष्टि होने के साथ-साथ इसमें वसाए प्रोटीन और फाइबर की अधिक मात्रा होती है। पिस्ता आपको कई बीमारियों बचाता भी है और कई रोगों को ठीक भी कर देता है। इसलिए वैदिक वाटिका आपको बता रही है पिस्ता खाने से मिलने वाले फायदों के बारे में।

आंखों की सेहत के लिए
उम्र बढ़ने के साथ आंखों की कमजोरी और बीमारी बढ़ने लगती है। एैसे में आप नियमित पिस्ता खाते हैं तो आपकी आंखों पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा। आपकी आंखे बुढ़ापे तक स्वस्थ और निरोगी रहेंगी।

सूजन होने पर
यदि आपके शरीर में सूजन रहती हो तो पिस्ता का सेवन करें। इसमें मौजूद विटामिन ए और विटामिन ई सूजन को घटाते हैं।

संक्रमण का प्रभाव
शरीर में संक्रमण के खतरे को रोकता है पिस्ता। और शरीर को हर तरह से संक्रमण से लड़ने में सक्षम बनाता है।

दिल की बीमारी
दिल की मुख्य बीमारी जैसे हार्ट अटैक के रोगियों को आपने खाने में पिस्ता जरूर खाना चाहिए। पिस्ता कोलेस्ट्राॅल को कम करता है। पिस्ता में मौजूद गुण हर्ट अटैक होने की संभावना को घटा देते हैं।

कैंसर से बचाव
जो लोग बचपन से पिस्ता खा रहे होते हैं उन्हें भविष्य में कैंसर की बीमारी नहीं लगती है। पिस्ता में बीटा कैरोटीन होता हे जो कैंसर से लड़ता है। कैसर से परेशान लोगों को पिस्ता खाना चाहिए।

शरीर के अंदर जलन
शरीर के अंदर किसी भी तरह की जलन हो रही हो चाहे वह पेट की जलन या छाती की जलन। आप पिस्ता का सेवन करें।

बनाए सुंदर चेहरा
सुंदर चेहरे के लिए पिस्ता किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं है। उम्र के बढ़ते प्रभाव को रोकना और झुर्रियों को चेहरे से साफ करना पिस्ता में मौजूद गुण आसानी से करते हैं। पिस्ता खाने से चेहरे की त्वचा टाइट होती है।

तेज दिमाग
काजू, बादाम से भी अधिक पौष्टिक होता है पिस्ता। पिस्ता खाने से दिमाग तेज होता है और इंसान की स्मरण शक्ति तेज होती है। इसलिए बच्चों को पिस्त जरूर खिलाएं।

डायबिटीज
पिस्ता डायबिटीज यानि कि मधुमेह को बढ़ने से रोक देता है। पिस्ता में फास्फोरस उचित मात्रा में होता है जिससे शुगर निंयत्रण में रहता है।

ब्लड प्रेशर यानि रक्तचाप की समस्या
यदि आपका रक्तचाप अचानक से बढ़ता व घटता रहता हो तो आपके लिए पिस्ता का सेवन जरूरी है। पिस्ता रक्तचाप को नियंत्रण में रखता है।
भोजन के समय पानी पीने के नुकसान


*खाना खाते समय पानी पीना हो सकता है हानिकारक।
*भोजन के समय पानी पीने से पेट की सतह इसे सोख लेती है।
*प्यास लगने पर एक या दो घूंट से ज्यादा पानी न पीएं। 
*खाने के साथ पानी पीने से पाचन शक्ति पर होता है बुरा असर।

जीवन के लिए अमृत है जल

यूं तो पानी पीना एक अच्छी आदत है। किसी भी रोग को दूर भगाने के लिए पानी एक रामबाण इलाज है। लेकिन क्या आपको पता है खाना खाते समय पानी पीना कितना हानिकारक है आपके स्वास्थ के लिए? इसका सीधा असर आपकी पाचन शक्ति पर होता है। कभी भी खाना खाने के आधे घंटे या 1 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए। आईए जाने क्यों नुकसानदेह है खाने के बीच में पानी पीना।

क्यों न पीएं भोजन के दौरान पानी

भोजन के समय पानी पीने से यह पेट की सतह द्वारा सोख लिया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक कि पेट में पाचन के लिए जरूरी द्रव्य इतने अधिक गाढ़े न हो जाएं कि वे भोजन को पचा सकें। लेकिन खूब सारे पानी पीने के कारण यह द्रव्य पेट में मौजूद भोजन से भी अधिक गाढ़ा हो चुका होता है, ऐसे में भोजन पचाने के लिए पेट में गैस्ट्रिक जूस बनना शुरु हो जाता है। परिणामस्वरूप भोजन नहीं पचता और सीने में जलन होती है।

महत्वपूर्ण बातें-

यदि भोजन सादा हो तो भोजन के समय पानी न पीना लाभकारी होता है। लेकिन जब भोजन अधिक तीखा, मिर्च-मसालेदार, नमकीन, खट्टा हो तो पानी पीना आवश्यक है, ऐसे में पानी पीने से आपके शरीर को कोई नुकसान नहीं होगा।
इसके विपरीत यदि भोजन प्राकृतिक हो और भोजन को अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाते हैं तो भोजन के बीच पानी पीने की कोई आवश्यकता नहीं होती।
तीखा या चटपटा भोजन करते समय ध्यान रखें कि प्यास लगने पर एक या दो घूंट पानी ही पीएं। ज्यादा पानी से पाचन सही से नहीं हो पाता है।
भोजन करते समय अगर आपको खांसी आती हो और भोजन के बीचमें पानी पीने की जगह दूध, मट्ठा व दही का सेवन करें। इससे आपका भोजन सही से पच सकेगा।
सर्दियों के मौसम में ठंडा पानी पीने से बचें क्योंकि इस मौसम में आपकी पाचन शक्ति काफी कमजोर होती है।
भोजन के बीच में पानी पीने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है।
भोजन के बाद एक कप गर्म पानी पीने से आपकी पाचन शक्ति ठीक रहती है और खाने को पचने में मदद मिलती है।
अगर आप खाने के साथ अन्य कोई पेय पदार्थ जैस कोल्ड ड्रिंक य दूध लेते हैं तो यह आपके पाचन शक्ति के लिए ठीक नहीं हैं। क्योंकि खाना खाने के साथ यह पेय पदार्थ भी कुछ हद तक वैसा ही काम करते हैं जैसा कि पानी।

कुल मिलाकर पानी पीना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है, लेकिन दिन में पानी तो आप खूब पियें लेकिन भोजन के साथ ज्यादा पानी न पियें। आप सुबह उठकर खूप पानी पी सकते हैं, या दिन में थोड़ा-थोड़ा कर 3 से 4 लीटर पानी पी सकते हैं।
सब्‍जियों के छिलके और डंठल में छुपे हैं ये सारे गुण


भोजन पूरी तरह स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक होता है; लेकिन फिर भी हम कई बार गलती करते हुए इसे फेंक देते हैं। हम ऐसा मान लेते हैं कि ये भोजन बहुत ज्‍यादा स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक नहीं होते हैं और इसे फेंकने का नियम बना देते हैं। लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि आप जिस भोजन को खराब मानते हैं उसमें वाकई में कितने गुण होते हैं।
उबाल कर खाने पर इन 10 सब्‍जियों की ताकत हो जाती है दोगुनी

अपने द्वारा खरीदे जाने वाले भोजन या खाद्य सामग्री का मूल्‍य व महत्‍व समझें और उसे फेंकने से बचें। भारत में कई घर ऐसे भी हैं जहां हर रात लोग खाली पेट सो जाते हैं। वहीं अगर आप विदेशों में देखें, तो पाएंगे कि वहां कोई भी व्‍यक्ति भोजन को बर्बाद नहीं करता है, वो सभी हर संभव तरीके से इसे खाने का प्रयास करते हैं।

इन छिलकों में हैं लाभकारी गुण
ये सारी खाद्य सामग्री, आपकी दमकती त्‍वचा, स्‍वस्‍थ शरीर और शारीरिक मजबूती का कारण बन सकते हैं। अब से आप प्रण लें कि आप हर खाद्य सामग्री का हरसंभव उपयोग करेंगे, ताकि उनमें शामिल विटामिन, एंटीऑक्‍सीडेंट, फाइबर, मिनरल्‍स आदि का लाभ आपके शरीर को मिल सकें। 

इन खाद्य सामग्रियों के अवशेषों से आप सूप, सलाद, जूस या स्‍मूदी बना सकते हैं जो स्‍वाद में बेहतर और लाभप्रद होते हैं। 

1. आलू के छिलके: 
आपको मालूम होना चाहिए कि आलू के छिलकों में आलू से ज्‍यादा गुण होते हैं। छीले गए आलूओं में गुणों की मात्रा आधी ही रह जाती है। इसके छिलकों में कैल्शियम, विटामिन बी कॉम्‍पलेक्‍स, विटामिन सी, आयरन आदि होते हैं। बेहतर विकल्‍प होगा कि आलूओं को छिलकों सहित बनाएं, बस आपको उन्‍हें अच्‍छी तरह धुलना होगा। चाहें तो गरम पानी में भिगो दें ताकि सारी गन्‍दगी निकल जाएं।

2. ब्रोकली के पत्‍ते और डंठल: 
ब्रोकली बनाते समय हम उनके डंठल और पत्‍ते को फेंक देते हैं। अब से ऐसा न करें क्‍योंकि इनमें विटामिन ए ही मात्रा बहुतायत में होती है। ब्रोकली के साथ इसके पत्‍तों और डंठल को महीन-महीन काटकर पकाएं। आप चाहें तो इसका स्‍टॉक भी निकाल सकते हैं या सूप भी बना सकते हैं। स्‍टर फ्राई करके भी चाट मसाले के साथ खाएं।

3. प्‍याज के छिलके और लहसुन की परत: 
इनमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है, जो शरीर को सूजन और एलर्जी से बचाता है। आप भोजन बनाते समय इन्‍हें धुलकर उसमें डाल दें, बाद में निकाल लें। इससे आपका भोजन अधिक स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक होगा।

4. गाजर और शलजम के पत्‍ते: 
गाजर और शलजम के पत्‍ते हम हमेशा फेंक देते हैं। ऐसा न करें, इनमें कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, नियासिन, लोहा, जस्‍ता, विटामिन बी व के और एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं। जो कि कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं और आपकी हड्डियों को मजबूत बनाता है।

5. तरबूज का छिलका: 
तरबूज का छिलका, सफेद या हरा रंग का होता है जो कि सिट्रोनेल्‍ला नामक पर्दाथ से मिलकर बनता है। इसमें अमीनो एसिड की मात्रा काफी होता है जिससे शरीर में रक्‍त का संचार अच्‍छी तरह होता है और रक्‍त वाहिकाओं की क्रिया सुचारू रूप से चलती है। आप इसकी स्‍मूदी बना सकते हैं।

6. कीवी का छिलका: 
डार्क ब्राउन रंग के बालों वाले कीवी के छिलके, फाइबर और पोषण से भरपूर होते हैं। इनमें विटामिन सी की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है। आप कीवी का जूस छिलके सहित ही बनाएं।

7. आजवाइन की पत्तियां: 
आजवानइन की पत्तियों में इसके तने या बीज से पांच गुना ज्‍यादा कैल्शियम और मैग्‍नीशियम होता है। इसमें विटामिन सी की मात्रा भी बहुत होती है। यह आपके दिल को स्‍वस्‍थ रखता है और बढ़ती उम्र के लक्षणों को बाहर आने से बचाता है। इससे आपका रक्‍तचाप नियंत्रित रहता है और कैंसर विरोधी गुण भी इसमें होते हैं।

8. तरबूज के बीज: 
तरबूज के बीजों में आयरन, जिंक और कॉपर बहुतायत होता है। शायद इसी वजह से मध्‍य पूर्व के लोग तरबूज को बीज सहित खाते हैं। इससे प्रजनन क्षमता मजबूत होगी और दिल स्‍वस्‍थ रहेगा।
जवानी में खाएं फ्रूट्स और वेज, बुढ़ापे में दिल रहेगा हेल्दी



मिनेसोटा (अमेरिका)। हमारे यहां माना जाता है कि जवानी में खाया-पिया बुढ़ापे में काम आता है। अब यह बात एक रिसेंट अमेरिकी रिसर्च में भी प्रूव हो गई है। अमेरिका में पब्लिश हुई इस स्टडी के मुताबिक जो युवा यंग एज में ज्यादा फ्रूट्स और वेजिटेबल्स खाते हैं, उन्हें ओल्ड एज में दिल की बिमारी होने का खतरा कम हो जाता है।
इस कन्क्लूजन पर पहुंचने के लिए अमेरिका में 30 साल तक 2500 से भी अधिक यंगस्टर्स की स्टडी की गई। यह स्टडी मिनेसोटा स्थित मिनेपोलिस हार्ट इंस्टीट्यूट के डॉ. माइकल डी. मिडेमा और उनकी टीम ने की है। अभी तक ज्यादातर स्टडीज ओल्ड एज लोगों की डाइट और हार्ट डिजीज को लेकर ही की गई है। यंग एज की डाइट का सालों बाद दिल पर क्या असर पड़ता है, इसको लेकर इससे पहले कोई डायरेक्ट स्टडी नहीं हुई थी।

कैसे हुई रिसर्च :
30 साल पहले 1985 में रिसर्चर्स ने 18 से 30 साल की उम्र वाले युवाओं की डाइट हिस्ट्री और दूसरे हेल्थ रिलेटेड डाटा जमा किए। इस लांग टर्म स्टडी के लिए रिसर्चर्स ने 2506 पार्टिसिपेंट्स को फल और सब्जियां खाने के आधार पर तीन ग्रुप्स में डिवाइड किया था। टॉप ग्रुप में उन यंगस्टर्स को शामिल किया गया था, जो रोजाना एवरेजन सात से नौ बार सब्जियां और फल खाते थे। बाटम ग्रुप में उन यंगस्टर्स को शामिल किया गया जो दिन में दो से तीन बार ही फल-सब्जियां खाते थे। 
वर्ष 2005 में इन पार्टिसिपेंट्स की हार्ट की आर्टरीज़ का सीटी स्कैन करके डाटा तैयार कर लिया गया। इसके 10 साल बाद फिर से जांच की गई तो पता चला कि जो युवा सब्जियां और फल ज्यादा खाते थे, उनमें कम खाने वालों की तुलना में आर्टरी में ब्लॉकेज 26 फीसदी कम पाया गया। इस रिसर्च के ज़रिए पब्लिश हुए डाटा के मुताबिक फ्रूट एंड वेजिटेबल्स की भरपूर मात्रा वाली डाइट आपको कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से प्रोटेक्ट करती है।

ये 5 फूड्स रखेंगे आपके दिल का ध्यान
आज के समय में हार्ट डिजीज मौतों के सबसे बड़े कारणों में से एक है। अनहेल्दी ईटिंग भी हार्ट डिजीज होने की एक बड़ी वजह है। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए खान-पान पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है। हम आपको बता रहे हैं ऐसे पांच फूड्स जो आपके हार्ट को हेल्दी रखने में काफी हेल्पफुल हैं। 
1. ओटमील : अपने दिन की शुरुआत एक कटोरा ओटमील से करना आपके दिल के लिए काफी सेहतमंद हो सकता है। ओटमील में काफी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स,फोलेट और पोटेशियम होता है। एक्सपर्ट के अनुसार दिल के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड्स बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें फाइबर भी खूब होता जो एलडीएल यानि बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम रखकर हार्ट की आर्टरिज को क्लियर रखने में मददगार होता है।

2. ऑलिव ऑइल: मोनोसैचुरेटेड फैट्स से भरपूर ऑलिव ऑइल आपका बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाता है और हार्ट डिज़ीज़ होने का रिस्क कम करता है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑइल सेहत के लिए और भी बेहतर है।

3. नट्स: अखरोट, बादाम जैसे नट्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स भरपूर होता है। ये नट्स आपकी डाइट में फाइबर की कमी भी पूरी करते हैं। ऑलिव ऑइल की तरह नट्स भी हेल्दी फैट के अच्छे सोर्स हैं।

4. बीन्स : राजमा, चौला जैसी बीन्स के साथ ही साबूत मूंग जैसी चीज़ें अपनी डाइट में शामिल करें। ये फाइबर का अच्छा सोर्स होने के साथ ही इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, कैल्शियम और सॉल्युबल फाइबर भी भरपूर होते हैं।

5. अलसी : हार्ट को हेल्दी रखने के लिए अलसी को अपनी डाइट में शामिल करें। इसमें फाइबर और ओमेगा-3 व ओमेगा-6 फैटी एसिड्स खूब होता है। अपने ओटमील के ब्रेकफास्ट में थोड़ी भुनी हुई अलसी या अलसी का पाउडर डालने से वह आपके हार्ट के लिए और भी हेल्दी ब्रेकफास्ट का काम करेगा।

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