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यह पढ़ने के बाद आप रोजाना घूमने जाएंगे


यह पढ़ने के बाद आप रोजाना घूमने जाएंगे

Healths Is Wealth ·





डॉक्टर्स अक्सर कहते है कि हमे रोज सुबह शाम घूमने जाना चाहिए. लेकिन कई लोग आलस कर जाते है और घूमने नहीं जाते. लेकिन आज हम आपको ऐसे फायदों के बारे में बताएँगे जिन्हे पढ़ आप रोजाना घूमने जाया करेंगे.

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सुबह की सैर हमारी सेहत के लिए बहुत ही जरूरी है. सैर करने से हमारा ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. सैर करने से हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है. इसके अलावा दिल संबंधी बिमारियां खुद ही खत्म हो जाती है.


अगर किसी को साँस लेने में दिक्कत होती है तो उनको सुबह की सैर जरूर करनी चाहिए. सैर करने से हमारे शरीर की हड्डियां और जोड़ मजबूत होते हैं. सैर करने से जोड़ों को नई उर्जा मिलती है. सैर वजन को घटाने में मदद करती है.


सुबह-सुबह दौडने से या तेज चलने से हम अपने वजन को कम के सकते है. सुबह दोड़ने से हमारी कैलीरी की मात्रा में कंट्रोल रहता है. आप जितनी तेज सैर करोगे आप की वसा की मात्रा कम होगी और आप का वजन कंट्रोल में होगा.



कब्ज दूर करने के लिए बनाये यह जादुई घोल







अधिक खाने या गलत तरह के खान-पान से पेट में गैस और कब्ज बन जाती है. लेकिन गैस और कब्ज तब भी बन जाती है जब हमारी पाचन शक्ति कमजोर होती है और खाना खाने के बाद पच नहीं पाता है और उससे यह समस्या हो जाती है.


सामग्री: चुटकी भर नमक, एक नींबू, आधा चम्मच मीठा सोडा.


विधि: नींबू का रस एक गिलास में निकाल लें. अब उसमें चुटकी भर नमक डालें. और उपर से उसमें मीठा सोडा मिलाकर पी जाएं.

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इस प्राकृतिक घरेलु उपाय में बाजार से मिलने वाली मंहगी दवा से ज्यादा असरदायक और अच्छे स्वाद वाला होता है. स्वास्थवर्धक प्राकृतिक इनों को बनाकर आप गैस और कब्ज के साथ खट्टी डकार से राहत पा सकते हैं.



नुस्खे ऐसे जो सदा आएंगे काम







आज हम आपको कुछ घरेलु नुस्खों के बारे में बताने जा रहे है. इन प्राकृतिक नुस्खों की जानकारी आपको हमेशा रहनी चाहिए ताकि आप छोटी-मोटी बीमारियों से अपने को सुरक्षित रख सकें क्योंकि छोटी बीमारियां ही आगे चलकर गंभीर समस्या बनती है. इसलिए इन बातों का ख्याल आप हमेशा रखें.


1. खाना खाने से 1 घंटा पहले पानी न पीएं एैसा करने से आपकी भूख खत्म हो जाती है. और जितना जरूरी मात्रा में भोजन आपके शरीर को मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाता.


2. शरीर में खून साफ नहीं हैं तो आप 1चम्मच शहद को आधे गिलास पालक के रस में मिलाकर 1 महीने तक सेवन करें. यह आपके रक्त विकार को दूर करेगा और खून को साफ रखेगा.


3. सुबह उठकर 10-15 मिनट हरी घास में चलें. एैसा करने से आप बीमार नहीं होगे.


4. शहद को आप यदि पानी के साथ मिलाकर सोने से पहले सेवन करें तो कब्ज़ से छुटकारा मिलता है.

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इसलिए महिलायें एन्जॉय नहीं कर पाती है सम्भोग







आमतौर पर महिलाएं अपनी सेक्स लाइफ को परफेक्ट बनाने के हर संभव कोशिश करती हैं लेकिन वह ऐसा चाहकर भी नहीं कर पाती. जो महिलाएं ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पाती उन्हें अपनी खूबसूरती पर गौर करना चाहिए उस सेक्स के दौरान कामुक बातें सोचनी चाहिए.


जिन महिलाओं को रोजाना सेक्स के दौरान बेहतरीन ऑर्गेज्म प्राप्त होता है वे ज्यादा कामुक विचारों वाली होती है बजाए उनके जिन्हें रोजाना सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म नहीं होता.


वहीँ जिन महिलाओं को सेक्स के दौरान कम कामुक विचार आते है उन्हें ऑर्गेज्म प्राप्त करने में ज्यादा दिक्कतें होती है. इसका कारण यह है कि जिन महिलाओं को ऑर्गेज्म होने में ज्यादा दिक्कतें आ रही थी उनका ध्यान सेक्स के दौरान कामुक चीजों के अलावा बाकी चीजों पर होता है. इसलिए अपनी यह आदत बदल डाले.



सुखद यौन जीवन के लिए अपनाए यह ट्रिक







एक सुखद सेक्‍स लाइफ के लिए मर्द और औरत दोनों का एक समान भावना का होना बहुत ही आवश्‍यक होता है. लेकिन कभी-कभी सेक्‍स की पूरी जानकारी न होने के कारण दोनों से कुछ न कुछ चूक हो जाती है और दोनो ही एक बेहतर सेक्‍स लाइफ से वंचित रह जाते है. किसी भी मर्द के लिए एक औरत को उत्‍तेजना के चरमोत्‍कर्ष पर पहुंचाना बहुत ही आसान होता है बशर्ते मर्द को इसके सभी तरीकों के बारें में पूरी जानकारी है. इसके लिए बस आपको थोड़े से नये तरीकों को अपनाना होगा.


सुगंध का एक सेक्‍स लाईफ में बहुत ही महत्‍व होता है, और किसी फूल से बेहतर सुगंध का कोई दूसरा बेहतर विकल्‍प नहीं हो सकता है. इस दौरान आप अपने पार्टनर के शरीर को उसके पसंद के किसी फूल से आहिस्‍ते-आहिस्‍ते स्‍पर्श करें.


उसके बाद उनके गले और बालों के महक को महसूस करें, अपने पार्टनर को अपनी तेज सांसो से ऐसा अहसास करायें कि आप उनके बहुत ही करीब हो और किसी भी वक्‍त उन्‍हें स्‍पर्श कर सकतें है लेकिन स्‍पर्श न करें. ऐसा करने के बाद धीमें-धीमें उनसे दूर जायें लेकिन एक अमिट अहसास छोड़ जायें कि आप अभी भी उनके करीब है. इस तरह वह आपकी दीवानी हो जायेगी.



बारिश में गर्भवती महिलाएं रखे सेहत का ख्याल







मानसून अपने साथ ढेरों बीमारियां भी साथ लाता है. इस मौसम में प्रेग्नेंट महिलाओं को खास ध्यान रखना चाहिए. यह मौसम मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए उतना अच्छा नहीं हैं. ऐसे मौसम में वातावरण में नमी के कारण जर्म्स एक्टिव हो जाते हैं. जिसकी वजह से डेंगू, मलेरिया, जुकाम, फ्लू, बुखार, स्किन इंफेक्शन, फूड इंफेक्शन, और पानी से होने वाले इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे मौसम में प्रेग्नेंट महिलाएं इस तरह रखें अपना ध्यान.


- साफ व कीटाणु मुक्त पानी पीएं और स्वच्छ भोजन खाएं.


- गर्भधारण के बाद हानिकारक जंक फूड और पैकेजिंग वाले खाने से दूर रहना चाहिए.


- तरल पदार्थों के साथ-साथ आवश्यक सप्लीमेंट भी लेते रहना चाहिए.


- गर्भवती महिलाओं को उबला हुआ या फिल्टर पानी ही पीना चाहिए.


- गर्भावस्था में विटामिन-सी का सेवन अधिक करना चाहिए.



तागाजर अदरक से बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्षमता







यदि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होगी तो आप किसी भी बिमारी से आसानी से लड़ सकते है. लेकिन यदि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक नहीं है तो टेंशन ना लीजिए आज हम आपको इसे बढ़ाने के घरेलु नुस्खे के बारे में बताएँगे.


इसके लिए आपको रोजाना गाजर और अदरक का जूस पीना होगा. गाजर में मौजूद विटामिन ए और सी प्रतिरक्षा कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करते हैं. इसी के साथ अदरक में भी एंटीऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जो शरीर में ऑक्‍सीजन की मात्रा बढ़ा कर गंदगी को बाहर निकालता है.


जूस बनाने के लिए आपको चाहिए. गाजर- 4 से 5 , अदरक, नींबू, दालचीनी पावडर, सेंधा नमक.


सब से पहले गाजर और अदरक को छील कर धो लें. फिर गाजर का जूस निकालें. उसके बाद अदरक का भी जूस निकालें और उसे गाजर के जूस के साथ मिक्‍स कर के एक गिलास में निकालें. जूस में स्‍वाद बढ़ाने के लिये आधा नींबू निचोड़ें और चुटकीभर सेंधा नमक या दालचीनी पावडर मिक्‍स करें. इसे रोजाना एक बार जरुर पियें, खासतौर पर नाश्‍ता करते वक्‍त.



घर में बच्चे प्लास्टिक से बनाये उपयोगी वस्तुएं







अक्सर लोग घर में बच्चे फ़ालतू प्लास्टिक के डब्बों, बोतलों और कपों को कचरे में फेक देते है. लेकिन क्या आप जानते है कि प्लास्टिक कोई आसान सामग्री नहीं है जो कचरे में पड़ने के बाद आसानी से गल जाये, इसे गलने और पूरी तरह समाप्‍त होने में 200 से 500 साल का समय लग जाता है. इसलिए इसे फेंकने की बजाये आप इसे रीसायकल कर सकते है और कुछ काम की चीज बना सकते है.


टूथब्रश होल्‍डर : जिन कपों में दही आता है उन्‍हें यूं ही न फेंक दें. आप उन्‍हें अच्‍छी तरह धुलकर बाथरूम में टांग सकती हैं और उनमें ब्रश रख सकती हैं. जब ये पुराने हो जाएं तो नए कपों को लगा दें. अपनी मर्जी के हिसाब से इन पर कई तरीके की डिजाइन भी बनाई जा सकती हैं.


एस्‍सेसरीज रखने में : कई बार आपको आपके ईयरिंग्‍स नहीं मिलते हैं या चैन भी कहीं गुम हो जाती है. ऐसे में अपनी अलमारी में इन कपों को रख लें और हर कप में एक अलग एस्‍सेसरीज रखें, ताकि आपको जरूरत पड़ने पर ये फटाक से मिल जाएं.


बीज बोएं : अगर आपको होम गार्डनिंग का शौक है तो इन छोटे-छोटे कपों या बाल्टियों में मिट्टी भरकर उनमें धनिया, पुदिना आदि के बीज बो दें. इससे उनमें आपके इस्‍तेमाल भर की चीजें उग आएगी. बस आपको इनका ख्‍याल रखना होगा.



घर में आती छिपकलियों से है परेशान तो यह करे







घर में छिपकली का आना आम बात है. लेकिन कभी कभी यह छिपकली आपको इतना ज्यादा परेशान कर देती है कि आप इन से छुटकारा पान चाहते है. ख़ास तौर पर जब घर की एक बड़ी छिपकली ने बहुत से बच्चे दे दिए हो. वह बच्चे इतने छोटे होते है कि कही भी घुस जाते है और आपके खाने में भी गिर सकते है जो बहुत नुकसान दायक हो सकता है.


- छिपकलियाँ अंडे के छिलकों की गंध से दूर भागती हैं. दरवाजों तथा खिड़कियों और घर में एनी स्थानों पर अंडे के छिलके रख देने से छिपकली घर के अंदर नहीं घुसती.


- छिपकली लहसुन की गंध से भी दूर भागती हैं. छिपकलियों को घर से दूर रखने के लिए घर में लहसुन की कलियाँ टांगें या घर में लहसुन के रस का छिडकाव करें.


- कॉफ़ी तथा तंबाकू के पाउडर की छोटी छोटी छोटी गोलियाँ बनायें तथा इन्हें माचिस की तीली या टूथपिक पर चिपका दें. इन्हें अलमारियों में या ऐसे स्थान पर रख दें जहाँ छिपकली अक्सर दिखाई देती है. यह मिश्रण उनके लिए जानलेवा होता है इसलिए आपको बाद में उनके मृत शरीर को फेंकना पड़ेगा.



रअब घरेलू उपाय अपनाकर करे एड़ियों के फटने की समस्या दूर







आजकल हर कोई फटी एड़ियों से परेशान रहता है। ज्यादा समय तक पैर पानी में रहने और नंगे पैर काम करने से हमारी एडियों में दरारें अा जाती है। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे जिन्हें अपना कर अाप आपकी शुष्क त्वचा को नरम बना सकते हैं। तो आइए जानें ये कौन से उपाय है।




- एलोवेरा (Aloe vera)

अगर आपकी एडियों में दरारें पड़ गई है तो इन्हें भरने के लिए अाप एलोवेरा का जैल लगा सकती है। यह जेल पतली होने के कारण आपकी त्वचा में समा जाती है अौर त्वचा की हर परद को ठीक कर देती है।




- शहद (Honey)

अगर आपकी एड़ियां ज्यादा फट गई है तो रात को सोने से पहले इन पर शहद की मालिश करें। मालिश के बाद एड़ियों को ठंडे दूध में डुबो कर रूई से साफ करें। पैरों को साफ करने के बाद में मोजे डाल लें।




- ग्लिसरीन (Glycerin)

फटी एड़ियों को मुलायम बनाने के लिए अाप घर पर एक चम्मच ग्लिसरीन और आधा चम्मच शहद मिला कर थोड़ा गरम करके मिश्रण तैयार कर लें। अब इस मिश्रण से एड़ियों की मालिश करें। मालिश करने के बाद दस मिनट के लिए पैरों को गुनगने पानी में डुबो कर रखें अौर फिर साफ कर लें। इसे हफते में दों बार करें।




- पेट्रोलियम जैली (Petroleum jelly)

एड़ियों पर 15 मिनट के लिए पेट्रोलियम जैली से मालिश करें अौर 5 मिनट तक एेसे ही रहने दें। बाद में पैरों को गुनगुने पानी से धों कर मोजे पहन लें।




- शावर जैल (Shower Gel)

अाप जब भी नहाने जाए तो नहाते समय अपने पैरों पर 5 मिनट के लिए शावर जैल लगाएं अौर फिर पानी ले साफ कर दें। अगर अापके पैरों में दरारें ज्यादा है तो एेसा न करें।



?कहीं आपका बच्चा पूर्व प्रेमी पर तो नहीं गया?







आपके पूर्व सेक्स पार्टनर की झलक आपके बच्चे के रंग-रूप पर पड़ सकती है. सुनने में ये भले ही थोड़ा अटपटा लगे लेकिन एक रिपोर्ट की मानें तो ऐसा हो सकता है. किसी भी महिला के पूर्व सेक्स पार्टनर की झलक अलग पुरुष के साथ पैदा किए गए बच्चे पर दिख सकती है.


जब एक महिला किसी पुरुष के साथ पहली बार सेक्स संबंध बनाती है तो उस वक्त महिला के अपरिपक्व अंडे शुक्राणु के कुछ अणुओं को अवशोषित कर लेते हैं, जिसका प्रभाव बाद मे दिखता है. फिर वही महिला जब किसी दूसरे मर्द के साथ बच्चे पैदा करती है तो महिला के अंडों में मौजूद पूर्व सेक्स पार्टनर के शुक्राणु के अंश होने वाले बच्चे के रंग-रूप को प्रभावित कर सकते हैं.


ऐसा भी हो सकता है कि होने वाले बच्चे की कद-काठी महिला के पूर्व सेक्स पार्टनर से मिलती हो. ऐसा देखा गया है की कई महिलाओं के पहले बच्चे की शक्ल-सूरत या फिर कद-काठी, उस बच्चे के असली पिता से नहीं मिल रहे बल्कि उस पुरुष से मिल रहे थे जिसके साथ उसकी मां ने शादी के पहले सेक्स संबंध बनाया था.



लड़के अँधेरे में यौनक्रिया करना करते है पसंद







आपने कभी यह समझने की कोशिश की है कि मर्द लाइट ऑफ करके सेक्स करने को प्राथमिकता क्यों देते हैं? दरअसल उजाले में मर्द अपने शरीर को लेकर शर्मिंदगी का अनुभव करते हैं.


खासकर पेट या तोंद के बारे में, लिहाजा उनकी सोच ये रहती है कि सेक्स के दौरान उनका पार्टनर उनके शरीर को ना देख सके. होम डाइट डिलिवरी सर्विस 'डाइट शेफ' की ओर से किए गए शोध में ये दावा किया गया है. 20 से 30 साल की उम्र के 1,077 ब्रिटिश पुरुषों के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक उजाले में मर्दों के शरीर का कॉन्फिडेंस सबसे कम रहता है.


शोध में कहा गया है कि एक चौथाई मर्द लाइट ऑफ करके अंधेरे में सेक्स करने को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि वे अपने शरीर को लेकर असहज और शर्मिंदगी का अनुभव करते हैं.



दूध की मलाई में छिपा है केल्शियम का खजाना







केल्शियम की कमी का होना आजकल आम हो गया है. ख़ास तौर पर बढ़ती उम्र में यह समस्यां अक्सर देखने को मिलती है. ऐसे में कई लोग इस कमी को दूर करने के लिए केल्शियम की गोलियां खाते है. लेकिन क्या आप जानते है केल्शियम की इस कमी को पूरा करने के लिए एक घरेलु नुस्खा भी है. यह है दूध की मलाई.


दूध और दूध की मलाई तो सभी को पसंद होती है। कुछ लोगों को दूध पीना पसंद नहीं होता लेकिन उसकी मोटी सी मीठी मलाई को खाने और लगाने दोनों का शौक जरूर होता है. मलाई कैल्शियम का अच्छा स्रोत है. कैल्शियम हमारे शरीर की हड्डि‍यों के स्वास्थ्य को बनाये रखने की जरूरत को पूरा करता है.


प्रत्येक आधा कप मलाई का सेवन कैल्शियम की कमी को पूरा करता है. दूध की मलाई आमतौर पर ज्यादा कैलोरी और वसा का साधन होती है और मलाई में कुछ प्रतिशत कैल्शियम भी होता है. हड्डि‍यों के स्वास्थ्य लाभों के अलावा कैल्शियम तंत्रिकाओं, मांसपेशियों और दिल के लिए महत्वपूर्ण है.



धनुरासन करने का सही तरीका







सबसे पहले मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं, श्वास को छोड़ते हुए दोनों घुटनों को एक साथ मोड़ें, एड़ियों को पीठ की ओर बढ़ाएं और अपनी बांहों को पीछे की ओर ताने फिर बाएं हाथ से बाएं टखने को एवं दायें हाथ से दायें टखने को पकड़ लें.


अब श्वास भरकर उसे रोके रखें, अब सांसों को पूरी तरह निकाल दें और जमीन से घुटनों को उठाते हुए दोनों पैर ऊपर की ओर खींचें और उसी समय जमीन पर से सीने को उठाएं. बांह और हाथ झुके हुए धनुष के समान शरीर को तानने में प्रत्यंचा के समान कार्य करते हैं.


अब अपने सिर को ऊपर की ओर उठाएं और पीछे की ओर ले जाएं. अब घुटनों और टखनों को सटा लें. इस दौरान श्वास की गति तेज होगी, लेकिन इसकी चिंता न करते हुए 15 सेकंड से 1 मिनट तक रुकें और आगे- पीछे, दाएं -बाएं शरीर को हिला डुला सकते हैं. अब श्वास छोड़ते हुए धीरे-धीरे टखनों को भी छोड़ दें और दोनों पैरों को सीधी कर लें.


यह ध्यान रहे कि पहले घुटनों को जमीन पर रखें फिर तुड्डी को जमीन स्पर्श कराएं और इसके बाद पैरों को छोड़ते हुए उन्हें जमीन तक धीरे धीरे आने दें. अपने कपोल को जमीन पर रखकर विश्राम करें. यह अभ्यास 5 सेकेंड से शुरु करें और प्रतिदिन समय को तब तक बढ़ाते रहें जब तक बिना किसी दबाव के 15 से 30 सेकेंड तक न हो जाये.



देंरसीले तरबूज के फायदें







एक ऐसा फल है जिस पर पानी की बूंद पड़ते ही वह तरोताजा हो जाता है और आप उसके रसीले स्वाद का मजा ले सकते हैं. जी हां हम बात कर रहे है ऊपर से हरे और अंदर से लाल के दिखने वाले रसीले तरबूज की.


आपको लू जैसी ढ़ेरों बीमारियों से बचाने में एक ही फल कारगर है और वो है तरबूज. सबसे पहली और अहम बात यह है कि इसमे नामात्र कैलोरी होती है और इससे मोटापा तो बिल्कुल भी नहीं आता. आप सोच भी नहीं सकते की सिर्फ एक बड़ा सा तरबूज आपको ढेरों बिमारियों से बचा सकता है.


तरबूज एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है. तरबूज के सेवन से कैंसर को बढ़ावा देने वाले टिश्यूज को भी खत्म किया जा सकता है. गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाने यानी की पानी की कमी को दूर करने के लिए तरबूज का सेवन किया जाता है.



..सिर्फ गेहूं की नहीं बाजरे की रोटी भी खाये क्योंकि...







कई अध्ययनों में कहा गया है कि बाजरा कैंसर से बचाव में सहायक है. पर ये न केवल कैंसर से बचाव में सहायक है बल्कि इसके नियमित सेवन से डायबिटीज का खतरा भी कम हो जाता है. डायबिटीज के मरीजों को इसके नियमित सेवन की सलाह दी जाती है.


बाजरे में भरपूर मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायक हैं. बाजरा खाने से कब्ज की समस्या नहीं होती है. बाजरा कोलस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है. जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है. इसके अलावा ये मैग्नीशियम और पोटैशियम का भी अच्छा स्त्रोत है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार है.


बाजरा खाने से एनर्जी मिलती है. ये ऊर्जा एक बहुत अच्छा स्त्रोत है. इसके अलावा अगर आप वजन घटाना चाह रहे हैं तो भी बाजरा खाना आपके लिए फायदेमंद होगा. दरअसल, बाजरा खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है. जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है.



आज से ही शुरू कर दे पालक का रस पीना







आमतौर पर लोग पालक को सब्जी बनाकर या फिर पराठे के रूप में खाना पसंद करते हैं लेकिन अगर आपको पालक का पूरा फायदा चाहिए तो पालक का जूस पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहेगा.


लाभ:


1. पालक में विटामिन के की अच्छी मात्रा होती है. ऐसे में पालक का जूस पीने से हड्ड‍ियां मजबूत होती हैं.


2. पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए भी पालक का जूस पीने की सलाह दी जाती है. ये शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार है. इसके अलावा अगर आपको कब्ज की समस्या है तो भी पालक का जूस आपके लिए फायदेमंद रहेगा.


3. अगर आपको त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है तो पालक का जूस पीना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. पालक का जूस पीने से त्वचा निखरी और जवान बनी रहती है.ये बालों के लिए भी अच्छा है.


4. गर्भवती महिलाओं को भी पालक का जूस पीने की सलाह दी जाती है. पालक का जूस पीने से गर्भवती महिला के शरीर में आयरन की कमी नहीं होती है.


5. कई अध्ययनों में कहा गया कि पालक में मौजूद कैरोटीन और क्लोरोफिल कैंसर से बचाव में सहायक हैं. इसके अलावा ये आंखों की रोशनी के लिए भी अच्छा है.



कैसे मूली कर देती है बवासीर का सफाया







बवासीर के रोगियों को अक्‍सर मूली खाने की सलाह दी जाती है क्‍योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में घुलनशील फाइबर पाये जाते हैं जो मल को मुलायम करने और पाचन क्रिया को दुरस्‍त रखने में मदद करती है. इसमें वाष्पशील तेल भी होता है, जो पाइल्‍स के दौरान पैदा होने वाले दर्द और सूजन को कम करता है. इसके अलावा मूली ठंडक देने का काम करती है, जिससे जलन में भी राहत मिलती है.


पाइल्स के मरीजों को कच्ची मूली का सेवन ही करना चाहिए. आप चाहें तो इसे घिसकर खा सकते हैं. यानी 100 ग्राम मूली को घिस कर उसमें 1 चम्‍मच शहद मिलाकर, दिन में इसे दो बार खाएं. या फिर इसका रस निकालकर पी सकते हैं.


आप मूली का 1 गिलास रस निकाल कर उसमें चुटकी भर नमक मिलाएं और दिन में दो बार पियें. या फिर आप चाहें तो सफेद मूली का पेस्‍ट बना कर उसमें थोड़ा दूध मिलाएं. इस पेस्‍ट को संक्रमित जगह पर लगाएं जहां पर दर्द और सूजन है.



टॉन्सिल्‍स से है परेशान, तो चलाये प्याज का बाण







टॉन्सिल्स होने पर व्यक्ति कुछ भी खाने में असमर्थ होता है क्योंकि व्यक्ति के गले में बहुत दर्द होता है और कुछ भी निगलना मुश्किल हो जाता है. ज्यादातर मामलों में, तकलीफ या दर्द लगभग 3-4 दिनों तक रहता है, लेकिन अगर संक्रमण गंभीर हो तो इसे ठीक होने में काफी लंबा समय लग सकता है.


टॉन्सिल्स के इलाज के लिए प्याज का रस अद्भुत तरीके से काम करता है. प्याज में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण टॉन्सिल संक्रमण का कारण बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है. तो आइये अब जानते है इसका उपयोग कैसे किया जाए.


सामग्री: प्याज - 1, गुनगुना पानी - 1 कप


विधि: एक प्याज से थोड़ा सा ताजा रस निकालें. फिर, इसमें एक कप गुनगुना पानी मिलायें. गरारे करने के लिए इस मिश्रण का प्रयोग करें. एक दिन में 2-3 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं.



सेक्स के दौरान लड़कियों को पसंद आती है यह चीज







क्या आप ने कभी यह सोचा है कि सेक्स करने के दौरान महिलाओं को सब से ज्यादा क्या पसंद आता है? एक नए शोध की माने तो महिलाओं को सेक्स के दौरान किस करना बहुत पसंद आता है. किस (चुंबन) प्रेम की अभिव्यक्ति का माध्यम है. इसके द्वारा आप अपने साथी पर अपना समस्त प्रेम न्यौछावर कर देते हैं.


पुरुषों के लिए चुंबन अपने साथी के मीठे स्पर्श का अहसास कराता है, जबकि महिलाओं को लंबे चुंबन पसंद होते हैं. पुरुष और महिलाओं के बीच चुंबन दो आत्माओं का मिलन भी होता है. महिलाएं अक्सर चुंबन को अपने पार्टनर के साथ एक बॉन्ड की तरह उपयोग करती हैं और उन्हें यह एहसास दिलाती है कि उन्होंने उन्हें अपने संभावित पार्टनर के तौर पर चुना है.


दूसरी तरफ पुरुष के लिए चुंबन का मतलब किसी बात को खत्म करना समझते हैं. पुरुष अपनी महिला पार्टनर में सेक्स उत्तेजना जगाने के लिए ही चुंबन का सहारा लेते हैं. पुरुष और महिलाएं अपने रिश्ते को मजबूती प्रदान करने के लिए एक-दूसरे को किस का सहारा लेते हैं.

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