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पुरूषों की फर्टिलिटी बढ़ाने वाले आहार

Healths Is Wealth
पुरूषों की फर्टिलिटी बढ़ाने वाले आहार

Healths Is Wealth  

पुरूषों में बांझपन का मतलब एक सक्षम महिला को गर्भवती नहीं कर पाने की अक्षमता से है। ताजे फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज एवं फलीदार सब्जियाँ पूरूषों की जनन क्षमता बढ़ा सकती है। 
पुरूष फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए ये जरूर खाए 
पुरूषों में फर्टिलिटी को बढ़ाने के जाने माने आहार में अदरक भी एक नाम है। यह विटामिन C, मैग्निशियम, पौटेशियम, कॉपर एवं मैग्निज का प्रमुख स्त्रोत है। अदरक शरीर में एक आवश्यक पौषक तत्व है, जो शरीर में अवशोषण (अब्ज़ॉर्प्शन) एवं समावेश को बढ़ाता है। 
यह सिद्ध हो चूका है कि अदरक वाली चाय के सेवन से पुरूषों में शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है। मैग्निज कैंसर, स्ट्रोक, हृदय की बिमारियों एवं बाझपन के खतरे को कम करता है। 
बांझपन के इलाज में शामिल आहार में कद्दू के बीज का अल्पाहार भी शामिल है। कद्दू के बीज फॉस्फोरस, मैग्निशियम, मैग्निज, कॉपर, जिंक, आयरन एवं प्रोटीन का बेहतरीन स्त्रोत है। कोश्किा के विभाजन एवं स्वस्थ शुक्राणु के उत्पादन में जिंक महत्त्वपुर्ण है। यह पुरूषों की रिप्रोडक्टिवफंगक्शन का प्रमुख सुक्ष्म मिनरल है। 
यह टेस्टोरोन के मेटाबोलिज्म, टेस्टिकल की वृद्धि, शुक्राणुओं के उत्पादन, उनको गतिमान बनाने, संख्या बढ़ाने, पुरूषों के रिप्रोडक्टिव टिशूस में एस्ट्रोजन की अधिकता को कम करने आदि में आवश्यक है। 
जिंक के अन्य स्त्रोत में मछली, समुद्री खाद्य, चिकन, अण्डे, कद्दू एवं सनफ्लावर के बीज एवं दलिया आदि आते है। 

आखिर क्यों पुरुष नहीं कर पाते बेड पर परफॉर्म










जिंदगी में पैसा कमाने के तरीके ने सब कुछ पलट कर रख दिया है। लोगो का लाइफ स्टाइल बदल गया है। उनकी लाइफ स्टाइल पहले से कही ज़्यादा फास्ट हो गयी है। उनकी फुड हैबिट्स भी साथ-साथ बदलती गयी और इस चक्कर में उनका स्वास्थ बिगड़ गया। Read Causes of Bad Performance By Men in Bed in Hindi (Kyu Purush Bed Par Perform Nahi Kar Pate).




यह मज़ाक की बात नही है, बदलते लाइफ स्टाइल के कारण पुरुष, इन दिनों बिस्तर पर अपने पार्ट्नर के साथ बेहतर परफॉर्म नही कर पाते है। जिसके कारण महिलाओ को गर्भधारण करने में परेशानी होती है। तो आइये जानते है क्या कारण है पुरषो के बेड पर ना परफॉर्म कर पाने के।
बेड पर पुरुषो के सही परफॉर्म ना कर पाने के कारण
1. बहुत ज़्यादा पाने की लालसा (More Desperate)

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शिक्षा और career में अभूत ज़्यादा पाने की इच्छा पुरुषो को बेदम कर देती है। वा इसी में लगे रहते है की उन्हे सबसे आगे निकलना है। लेकिन सबमे वो सब कुछ खो देते है।
2. फूडिंग हब्बिट्स (Fooding Habits)


पुरुषो के खाने पीने का ढंग दिनों दिन गिरता जा रहा है। वो अपने ख़ान-पान पर ध्यान नही देते है जिससे उनका शरीर कमजोर हो जाता है।
3. स्मोकिंग, शराब या ड्रग्स का सेवन (Smoking, Drinking and Drugs)


इन तीनो ही गंदी लतो से हज़ारो, लाखो लोगो की जिंदगी चली गयी है या सैकड़ो लोगो का घर बर्बाद हो गया है। इसकी लत से स्पर्म काउंट भी कम हो जाते है।
4. तनाव (Stress)


तनाव, व्यक्तियो को खोकला बना देता है। इन दिनों हर किसी को तनाव सबसे ज़्यादा होता है। ऐसे में उनका जीवन बेकार होता जा रहा है और सेक्स लाइफ पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।
5. काम करने के घंटो में इज़ाफा (Workload)


ज़्यादा जल्दी सफलता या पैसा पाने के चक्कर में आदमी, इन दिनों बदहाल होता जा रहा है। 8 घंटे के अलावा और 2 घंटे काम करता है ताकि अपना टारगेट पूरा करके ज़्यादा पैसा कमा पाए। लेकिन इसके कारण उनका परिवार बनाने में काफ़ी दिक्कत आती है।
6. Gadgets की वजह से (Due to Gadgets)


Gadgets में लाइफ जितनी आसान बना दी है उतनी ही बिगाड़ भी दी है। लोग, सारा समय उसी मै लगे रहते है। उन्हे पार्ट्नर की फिक्र नही होती है। वो ग़लत ढंग से एक-दूसरे के साथ सोते है और पेश आते है। कई बार तो मोबाइल पर chat या बात करते हुए सो जाते है जिससे शरीर में दर्द भी होने लगता है।
7. बेकार जीवनशैली (Poor Lifestyle)


जिन पुरुषो की जीवनशैली बेकार होती है वो कभी भी स्वस्थ जीवन की आशा ना ही रखे तो बेहतर होगा। अन्यथा उन्हे बहुत प्रयास करने की आवश्यकता है।
8. X Rated Stuff को बहुत ज़्यादा देखना (Watching Too Much X Rated Stuff)


अगर कोई पुरुष बहुत ज़्यादा पॉर्न फिल्म देखता है या उसे हर पल सिर्फ़ सेक्स या रोमॅन्स ही अच्छा लगता है तो उसकी रियल लाइफ पर भयानक असर पड़ सकता है। उसे सच में अपने पार्ट्नर के साथ कभी अच्छा नही लगेगा।


आपने जाने की किस वजह से पुरुष संभोग के समय बेड पर परफॉर्म नही कर पाते है। तो आज से ही इन उपाय को दूर करे और खुश करे।

पुरुषो को प्राइवेट पार्ट की ग्रूमिंग क्यों करनी चाहिए










पुरुष अपने सर के बाल की ग्रूमिंग पर हमेशा ध्यान देते है, लेकिन वो हमेशा अपने प्राइवेट पार्ट के बालो को नज़रअंदाज़ करते है। हालांकि इन्हे नज़रअंदाज़ करना ना सिर्फ़ आत्म विश्वास को कमजोर करता है बल्कि निजी स्वछता को भी प्रभावित करता है। Read Male Private Part Grooming in Hindi (Males ke Private Part ki Grooming Ki Jarurat).


हालांकि महिलाए इस मामले में ज़्यादा सजग रहती आती है। तो चलिए जानते है ऐसे कुछ कारण की पुरुषो के लिए भी प्राइवेट पार्ट्स की ग्रूमिंग क्यों ज़रूरी है।
पुरुषो के लिए प्राइवेट पार्ट की ग्रूमिंग करने के कारण
1. सॉफ सफाई (Male Private Part Grooming for Cleanness)


यदि प्राइवेट पार्ट्स की समय पर ग्रूमिंग ना की जाए तो बढ़े हुए बालो के कारण गर्मी, पसीने और बॅक्टीरिया उनके आस-पास जमा हो जाते है। इस भाग की trimming या शेव करने से किसी भी अवांछित संक्रमण से बचाव होता है और स्वछता बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
2. स्वस्थ नज़र आता है (Male Private Part Grooming for Health)


प्राइवेट एरिया को ग्रूम करने से वो सॉफ और स्वस्थ नज़र आता है। इस एरिया की सफाई यह सुनिश्चित करती है की आपको किसी प्रकार का संक्रमण या बीमारी नही है और इससे आपका प्राइवेट एरिया भी स्वस्थ रहता है। इसके विपरीत प्राइवेट एरिया को ग्रूम करने से आप देख पाते है की इस जगह कोई rashes या infection तो नही हो रहा है।
3. अधिक आकर्षक (Male Private Part Grooming for Attraction)


जननांग के एरिया की सफाई करने से यह अधिक आकर्षक नज़र आता है। इससे आपके पार्ट्नर को भी समस्या नही होती है और आपका पार्ट्नर आपके साथ प्यार के पलो में असहज नही होता है।
4. संवेदनशीलता बढ़ती है (Male Private Part Grooming Increases Sensitivity)


जननांग की शेविंग करने से संवेदनशीलता में वृद्धि होती है। जननांग के आस-पास की त्वचा छूने में बेहद संवेदनशील होती है और जब इस स्थान पर सफाई रहती है तो स्पर्श का बेहतर अनुभव होता है।


आपने जाना की आप केसे आपके प्राइवेट पार्ट को ग्रूम कर सकते है और सुंदर दिखा सकते है। यह आपके लिए बहुत ही असरदार साबित होता है।

एंटी एजिंग के प्राकृतिक उपाय जो पुरुषो को रखे स्वस्थ और सुंदर
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अब खूबसूरत दिखाई देने की चाहत सिर्फ़ महिलाओ को ही नही, बल्कि पुरुषो को भी है। पुरुष भी अपने लुक को लेकर काफ़ी सजग हो गये है। चेहरे पर आते उम्र के निशान उन्हे भी उतना ही परेशान करते है जितना की किसी महिला को। पुरुष भी अब जवान बने रहने और जवान दिखाई देने के लिए हर संभव कोशिश करने को तैयार है। Read Anti Aging Remedies for Males in Hindi (Pursho ke Anti Aging ka Upchar)


पुरुषो की इस चाहत और ज़रूरत को देखते हुए कई ऐसे तरीके आ गये है, जो पुरुषो को लंबे वक़्त तक जवान बने रहने में मदद करते है। यह ख़ास तौर पर पुरुषो को ध्यान में रखकर ही तैयार किए गये है। लेकिन कुछ पुरुष सर्जरी करवाकर इन्हे हटाना नही चाहते है। ऐसे लोगो के लिए ही कुछ प्राकृतिक उपाय है जो बेहद असरदार है। तो चलिए जानते है ऐसे ही 5 शानदार उपाय।
पुरुषो के लिए एंटी -एजिंग के प्राकृतिक उपाय
1. व्यायाम कीजिए जवान रहिए (Exercise for Staying Younger)


नियमित व्यायाम करना आपके शरीर की शक्ति और कार्यक्षमता बढाती है। इससे आपकी त्वचा भी अधिक कसी हुई रहती है। व्यायाम से शरीर में रक्त संचार सुचारू रूप से होता है और शरीर के हर अंग को पर्याप्त मात्रा में रक्त मिलता है। व्यायाम के दौरान आपके शरीर से पर्याप्त मात्रा में पसीना निकलता है। इस पसीने के ज़रिए आपके शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते है।
2. स्मोकिंग ना करे (Avoid Smoking for Staying Younger)


स्मोकिंग से आपके शरीर पर उम्र का असर जल्द दिखाई देने लगता है। इससे आपके शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। सिगरेट में मौजूद निकोटिन रक्त कोशिकाओ को सिकोड देता है। इससे शरीर में ऑक्सिजन और ज़रूरी पोषण सही मात्रा में नही पहुच पाती। अगर आप एक स्वस्थ और जवान त्वचा चाहते है तो सबसे पहले आपको स्मोकिंग छोड़नी चाहिए।
3. भरपूर नींद लीजिए (Have Proper Sleep for Staying Younger)


अगर आप भरपूर नींद लेते है तो आपको उम्र के असर को दूर रखने में काफ़ी मदद मिल सकती है। अगर आप अच्छी नींद सोते है तो आपकी सेहत भी अच्छी रहती है। कोशिश करे की आपके सोने और उठने का समय एक जेसा हो।
4. ध्यान और योगा (Yoga and Meditation for Staying Younger)


योगा और ध्यान के ज़रिए भी आप उम्र के असर को दूर रख सकते है। योगा और ध्यान आपको केवल मानसिक रूप से ही शांत नही रखते बल्कि आपको शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाते है। इनसे आपको तनावमुक्त रहने में मदद मिलती है। इससे आपके शरीर में रक्त संचार सुचारू रूप से होता है। इसके साथ ही दिल की बीमारिया, मोटापा और त्वचा की जलन से भी राहत मिलती है। इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और आप बीमारियो से दूर रहते है।

विटामिन की मदद से बढ़ाए शुक्राणु का लेवल










आधुनिक जीवन शैली का ख़ामियाजा पुरुषो को अपने शुक्राणुओ की संख्या (स्पर्म काउंट) खो कर चुकाना पड़ता है। इससे उनकी प्रजंन क्षमता प्रभावित और स्पर्म की गुणनावता भी घटती है। गर्भधारण में परेशानी की आम वजह पुरुष शुक्राणु के लेवल का कम होना माना जाता है। Read Vitamins to Improve Sperm Count in Hindi (Sperm Count Badhane ke Liye Vitamins).




बढ़ता तनाव, मोटापा, खराब लाइफस्टाइल और प्रदूषण संसार के पुरुषो के लिए खतरा है। यह बात पुरुषो के लिए किसी सदमे से कम नही है, लेकिन अगर स्थिति अब भी संभाली जा सकती है। बहुत से ऐसे विटामिन है जिनको अपने आहार में शामिल कर आप इस समस्या से निजात पा सकते है। तो आइये जानते है इन विटामिन्स के बारे में।
इन विटमिन्स की मदद से आप बढ़ा सकते है शुक्राणु की संख्या
1. विटामिन C से भरपूर शतावरी (


शतावरी में विटामिन O, विटामिन C, विटामिन B कॉम्प्लेक्स, पोटैशियम और ज़िंक होते है। इसमे फैट और कोलेस्ट्रॉल नही होते है। विटामिन C होने के कारण यह शुक्राणुओ के ऑक्सीकरण को रोकता है और यह अंडकोष की कोशिकाओ की रक्षा करता है। विटामिन C मुक्त कणो को कम करता है, जिससे की पुरुष का शरीर बीमारी से लड़ने की स्थान पर शुक्राणुओ के उत्पादन पर ध्यान कर सकता है।
2. विटामिन A से भरपूर आवाकाडो (Avocado to Improve Sperm Count)


आवाकाडो विटामिन A और B6 से भरपूर नाश्पति के आकर का स्वादिष्ट फल है। विटामिन A, विटामिन B6 और फॉलिक एसिड से भरपूर होने के कारण यह शुक्राणु गतिशीलता को बढ़ावा देने में महत्वपुर्णा भूमिका निभाता है।
3. विटामिन B1 और विटामिन O से भरपूर केला (Banana to Improve Sperm Count)


केले में कुछ ऐसी चीज़े है जो शुक्राणु की संख्या बढ़ाने में मदद करते है। केले में ब्रोमेलैन नमक दुर्लभ एन्ज़ाइम होता है जो सेक्स हॉर्मोने को नियंत्रित करता है। केले में विटामिन B1, विटामिन O और विटामिन C भी भरपूर मात्रा में होते है जो पुरुषो के स्टैमिना को बढाती है और शुक्राणु के लेवल को बढ़ाने के लिए शरीर को क्षमता प्रदान करती है।
4. विटामिन B6 से भरपूर लहसुन (Garlic to Improve Sperm Count)


लहसुन में आंटिबयाटिक पाया जाता है जो शरीर में ब्लड फ्लो करता है जिससे गुप्तँग को शक्ति और शुक्राणु के लेवल को बढ़ा देता है। लहसुन में सेलीनीयम और विटामिन B6 भी होता है, जो शुक्राणु को होने वाले नुकसान को रोकता है और हॉर्मोन को नियंत्रित रखता है।
5. विटामिन B युक्त डार्क चॉक्लेट (Dark Chocolate to Improve Sperm Count)


अधिक कोको की मात्रा वाली चॉक्लेट में काफ़ी protein और विटामिन B होता है। साथ ही डार्क चॉक्लेट में अमीनो आसिड होता है जो पुरुषो के शुक्राणु की संख्या की मात्रा को डबल कर देता है। सेक्स करने से पहले एक छोटी सी डार्क चॉक्लेट खाने से पुरुषो में अधिक एनर्जी आती है।
6. Antioxidant से भरपूर अनार (Pomegranate to Improve Sperm Count)


यह सभी खाद्या पदार्थो में सबसे सूपर फुड है। अनार में antioxidant का तिवरा cocktail होने के कारण यह सही मायने में आम सर्दी से लेकर शुक्राणु की गिनती बढ़ाने तक हर बीमारी का इलाज कर सकता है। अनार के जूस में बहुत ताक़त होती है, एक कप जूस पीने से ही पुरुष में बहुत शक्ति आ सकती है।
7. Omega 3 Fatty Acid (Omega 3 Fatty Acid to Improve Sperm Count)


अखरोट में organine होता है जो अंडकोष को शुक्राणु के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है। इसमे ओमेगा 3 फैटी एसिड मौजूद होता है जो लिंग के लिए ब्लड फ्लो में मदद करता है।
8. विटामिन D से भरपूर हरी सब्जिया (Green Vegetables to Improve Sperm Count)


पुरुषो में शुक्राणु के लेवल को बढ़ाने में विटामिन D की अहम भूमिका होती है। विटामिन D हरी पत्तेदार सब्जियो, दूध, दूध से बने पदार्थ और धूप से मिलता है। एक शोध के दौरान जब live शुक्राणु कोशिकाओ में विटामिन D मिलाया गया तो इससे स्पर्म में गतिशीलता आ गयी।
9. विटामिन C से भरपूर आँवला (Gooseberry to Improve Sperm Count)


विटामिन C सर्दियो के लिहाज से तो बहुत फयदेमंद होता है, लेकिन साथ ही यह शुक्राणुओ के लेवल को भी बेहतर करता है। विटामिन C की मात्रा अपने आहार में शामिल कर पुरुष अपने शुक्राणु के उत्पादन में व्राद्धि कर सकते है। यह आपको सभी प्रकार के सिट्रस फल जैसे अमला, संतरा, स्ट्रॉबेरी और कीवी फ्रूट आदि से मिलता है।


उपर आपने जाने केसे आप विटामिन की मदद से अपने शुक्राणु को बढ़ा सकते है। तो आज ही से इन तरीक़ो को अपनाए और अपनी इस परेशानी को आसानी से सॉल्व करे।

शीघ्रपतन के इलाज के लिए घरेलू उपाय



मानसिक तनाव, चिंता का पुरुषो और महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। तनाव के कारण पुरुषों मे योन सम्बन्धों के प्रति अरुचि, नपुंसक्ता और असामान्य शुक्राणुओं में वृद्धि हो जाती है। इसी कारण से गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। बच्चे का वजन कम हो सकता है या उसका जन्म समय से पहले हो सकता है। तनाव दूर करने के लिए रचनात्मक सोच रखना, नियमित व्यायाम करना और नियमित दिनचर्या आवश्यक है। Read Premature Ejaculation Treatment in Hindi (Premature Ejaculation ka Gharelu Upchar).


शीघ्रपतन का घरेलू नुस्खों द्वारा इलाज




जिनका वीर्य पतला है या जरां-सी उत्तेजना से ही निकल जाता है तो 5 gm जामुन की गुठली का चूर्ण रोज शाम को गरम दूध से लें। इससे वीर्यं बढता है।
1. मुनक्का (Corn for Premature Ejaculation)


रक्त और वीर्य वृद्धि के लिए 60 gm मुनक्का धोकर भिगो बारह घंटे के लिए रख दें, फिर इनको खाएं। भीगी हुई मुनक्का रक्त और वीर्यं बढाती है। यह पेट के रोगों को भी दूर करती है।
2. नाशपाती (Pear for Premature Ejaculation)


नाशपाती शुक्रवर्धक है।
3. चना (Gram for Premature Ejaculation) 
सिके हुए या भीगे हुए चने खाकर ऊपर से दूध पीने से वीर्यं गाढा होता है। 
चीनी को भीगी हुईं चने की दाल में मिलाकर रात को सोते समय खायें। इससे धातु पुष्ट होती है। 
4. छुहारा (Raisins for Premature Ejaculation)


शीघ्रपतन और पतले वीर्य वालों को 5 छुहारे नित्य खाना चाहिए।
5. बादाम (Almond for Premature Ejaculation)


जिनका वीर्यं संभोग के आरम्भ होते ही निकल जाए वह 6 बादाम की गिरी, 6 काली मिर्च, 2 gm सोंठ, मिश्री इच्छानुसार को मिलाकर खाये, ऊपर से गरम दूध पी ले।
6. दालचीनी (Cinnamon for Premature Ejaculation)


दालचीनी को बारीक पीस ले। 4-4 gm सुबह और रात को सोते समय गरम दूध के साथ ले ले। इससे दूध पच जाता है और वीर्य वृद्धि होती है।
7. बेर (Berry for Premature Ejaculation)


बेर वीर्यवर्धक है।
8. तुलसी (Baisil for Premature Ejaculation) 
पान में तुलसी की जड़ या बीज रखकर खाने से शीघ्रपतन दूर होता है। वीर्य पुष्ट होता है। देर तक रुकावट होती है। 
60 gm तुलसी के बीज, 75 gm मिश्री को पीस लें। रोज 3 gm दूध के साथ इसे ले। इससे धातु दोरबल्य में लाभ होता है। 
पुराने गुड में 3 gm तुलसी के बीज या जड़ का चूर्ण समान मात्रा में मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से पुरुषत्व की वृद्धि होती है। पतला वीर्य गाढा हो जायेगा तथा उसमे वृद्धि होती है। 
9. इसबगोल (Isabgul for Premature Ejaculation)


खस खस का शरबत, इसबगोल, मिश्री-प्रत्येक 5 gm पानी में मिलाकर पिए, इससे शीघ्र वीर्य-पतन बन्द हो जाता है।

क्या है पुरूषों में इनफर्टिलिटी के कारण










पुरूषों में बांझपन वह अवस्था है जिसमें एक फर्टाइल पुरूष, महिला को गर्भधारण करवाने में असफल रहता है। पुरूषों में बांझपन का सबसे आम कारण शुक्राणुओं का कम उत्पादन एवं सीमन की कम गुणवत्ता है। Read Male Infertility Causes in Hindi (Pursho Mein Banjhpan ke Karan)


1. शुक्राणुओं का कम उत्पादन (Low Sperm Count)


शुक्राणुओं का कम उत्पादन पुरूषों में बांझपन के सबसे आम कारणों में से एक है जिसमें टेस्टिस सामान्य से कम संख्या में शुक्राणुओं का उत्पादन करते है और ये शुक्राणु भी कम गुणवत्ता और कमजोर होते है जो प्रभावी रूप् से कार्य नहीं कर पाते है। शुक्राणुओं की कम संख्या के सबसे आम कारण इन्फेक्शन, तनाव और हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्लैन्ड, जो पुरूष सेक्स हॉर्मोन का उत्पादन करती है का सही कार्य नहीं करना है। पुरूष बांझपन के दो-तिहाई मामले शुक्राणुओं के कम उत्पादन और शुक्राणुओं की कम गुणवत्ता के कारण होते है।
2. इन्फेक्शन (Infection)


टेस्टिस इन्फेक्शन, मुख्य रूप से सेक्शूअली ट्रैन्स्मिटिड इन्फेक्शन जैसे क्लैमाइडिया और गोनोरिया भी शुक्राणुओं के उत्पादन और गुणवत्ता को प्रभावित करते है। ये इन्फेक्शन शुक्राणुओं के प्रवाह मार्ग में सहायक नलिका को अवरूद्ध कर देते है। यह प्रोस्टेट की सूजन और टेस्टिस की सूजन को बढ़ाता है जिससे टेस्टिस की भारी क्षति होती है। लेकिन ज्यादातर मामलों में शुक्राणुओं को बचा लिया जाता है और सहायक प्रजनन तकनीक में उपयोग किया जाता है।
3. शुक्राणु परिवहन में समस्या (Low Sperm Motility)


शुक्राणु परिवहन में समस्या पुरूषों में बांझपन का दूसरा सबसे आम कारण है। वे नलिकाएँ जो शुक्राणुओं को टेस्टिस से पेनिस में ले जाती है चोट या बीमारी के कारण क्षतिग्रस्त हो सकती है या अवरूद्ध हो सकती है जिससे शुक्राणुओं का प्रवाह रूक जाता है। जो सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि़त है, उनको भी शुक्राणु परिवहन संबंधी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। पाँच में से एक पुरूष बांझपन के मामले इसी समस्या की वजह से होते है।
4. हॉर्मोन संबंधी समस्याएँ (Hormonal Problem)


पुरूष में बांझपन का आम कारण हॉर्मोन संबंधी समस्या है। कभी-कभी, पिट्यूटरी ग्लैन्ड वृषण टेस्टिस तक सही संकेत नहीं पहुंचा पाते है, जिससे टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन कम होता है(मेल हाइपोगोनेडिज्म) और टेस्टिस द्वारा शुक्राणु का उत्पादन कम होता है। अन्य हॉर्मोनल प्रणाली जैसे पिट्यूटरी, हाइपोथैलेमस और एड्रीनल ग्लैन्ड में गड़बड़ी भी पुरूषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करती है।
5. वैरिकोसिल (Varicocele)


वैरिकोसिल जो की बांझपन का एक आम कारण है, उसका उपचार किया जा सकता है। यह टेस्टिकल संबंधी गड़बड़ी की वह अवस्था है जिसमें टेस्टिस के खराब पदार्थों को ले जाने वाली नस फैल व सूज जाती है जिससे टेस्टिस की प्राकृतिक रूप से ठण्डा होने की प्रक्रिया रूक जाती है।


स्क्रोटम का बढ़ा हुआ तापमान शुक्राणुओं की कमी और उनकी गतिहीनता से सीधे तौर पर संबंधित है। शुक्राणुओं की सामान्य गति और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए इस अवस्था का उपचार किया जा सकता है।
6. सर्जरी या चोट (Surgery or Injury)


कुछ बिमारियों के लिए लम्बा उपचार और दवाईयों का सेवन, हर्नियां के लिए या टेस्टिस में दोष जैसे ऊंचे टेस्टिस या मुड़े हुए टेस्टिस आदि को दूर करने के लिए रेडियोथैरेपी या सर्जरी पुरूषों में बांझपन का कारण हो सकती है। खेल के दौरान टेस्टिस को गंभीर चोट लगना या लड़ाई के दौरान झटका लगना आदि रक्त की आपूर्ति को बंद कर टेस्टिस को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है। इस प्रकार शुक्राणुओं के उत्पादन की प्रक्रिया रूक जाती है।

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बांझपन के कारणों के बारे में जागरूक रहें लेकिन उनके बारे में चिंता नहीं करें क्योंकि बांझपन के लिए अनेक उच्च स्तर के परीक्षण मौजूद है जिनसे समस्या का कुछ ही समय में पता चल जाता है और उसका प्रभावी रूप से उपचार किया जा सकता है।

पुरूषों एवं महिलाओं में बांझपन के कारण










यदि आप और आपके साथी काफी समय से गर्भधारण की कोशिश कर रहे है लेकिन सफल नहीं हो पा रहे है, तो आप अकेले नहीं है। हर 6 में से एक जोड़ा उनके पूरे प्रजननकाल में किसी न किसी प्रकार के बांझपन का शिकार होता है और बांझपन की समस्या किसी भी साथी को हो सकती है। पुरूषों में लगभग 20-30% एवं महिलाओं में 20-35% बांझपन के मामलें मनोवैज्ञानिक कारणों से होते है। ज्यादातर मामलों में हमारी आधुनिक जीवनशैली ही बांझपन का मुख्य कारण है। तनाव, महिलाओं एवं पुरूषों दोनों के लिए समान रूप से बांझपन का मुख्य कारण है। Read Causes of Infertility in Hindi (Banjhpan ke Karan).


पुरूषों एवं महिलाओं दोनों में बांझपन की संभावना को बढ़ाने वाले कुछ कारक निम्नलिखित है और उन जोड़ो को जो गर्भधारण की कोशिश कर रहे है, इन कारकों के बारे में जानना आवश्यक है।


1. धूम्रपान (Smoking Causes Infertility)


धूम्रपान पुरूषों एवं महिलाओं दोनों में बांझपन की संभावना को बढ़ाता है। यह पुरूषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या दोनों को कम करता है और महिलाओं में अण्डों को प्रभावित कर गर्भपात के जोखिम को बढ़ाता है।
2. एल्काहॉल का सेवन (Alcohol Causes Infertility)


एल्काहॉल सेवन शरीर पर अनेक दुष्प्रभाव डालता है। यह पुरूषों में शुक्राणाओं की संख्या एवं गुणवत्ता को कम करता है एवं महिलाओं में स्वस्थ गर्भवस्था की संभावना को कम करता है।
3. अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना (Obesity Causes Infertility)



आधुनिक गतिहीन जीवनशैली का सबसे बुरा परिणाम मोटापे और वजन अधिक होने के मामलों का बढ़ना है। महिलाओं में ज्यादा शरीरिक वजन गर्भधारण करने की संभावना को कम करता है और पुरूषों में असामान्य शुक्राणुओं के बनने के खतरे को बढ़ाता है।
4. तनाव (Stress Causes Infertility)


तनाव और चिंता के कई कारण हो सकते है; यह काम से संबंधित हो सकती है या व्यक्तिगत समस्या हो सकती है। लेकिन बहुत लम्बे समय तक गंभीर मानसिक तनाव महिलाओं में अण्डों एवं पुरूषों में शुक्राणुओं के उत्पादन को प्रभावित कर गर्भधारण की संभावना को कम करता है।
5. सेक्शूअल इनफ़ेक्शन (Sexual Infection Causes Infertility)



क्लैमाइडिया और गोनोरिया जैसे सेक्शूअल इनफ़ेक्शन पुरूषों एवं महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी को प्रभावित करते है। ये इनफ़ेक्शन महिलाओं में फेलोपियन ट्यूब को क्षतिग्रस्त करते है एवं पुरूषों में अंडकोश की सूजन का कारण बनते है।

पुरूषों की फर्टिलिटी बढ़ाने वाले आहार




पुरूषों में बांझपन का मतलब एक सक्षम महिला को गर्भवती नहीं कर पाने की अक्षमता से है। ताजे फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज एवं फलीदार सब्जियाँ पूरूषों की जनन क्षमता बढ़ा सकती है। Read Tips to Improve Sperm Count in Hindi (Sperm Count Badhane Wale Ahar).


1. अदरक (Ginger to Improve Sperm Count)


पुरूषों में फर्टिलिटी को बढ़ाने के जाने माने आहार में अदरक भी एक नाम है। यह विटामिन C, मैग्निशियम, पौटेशियम, कॉपर एवं मैग्निज का प्रमुख स्त्रोत है। अदरक शरीर में एक आवश्यक पौषक तत्व है, जो शरीर में अवशोषण (अब्ज़ॉर्प्शन) एवं समावेश को बढ़ाता है। यह सिद्ध हो चूका है कि अदरक वाली चाय के सेवन से पुरूषों में शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है। मैग्निज कैंसर, स्ट्रोक, हृदय की बिमारियों एवं बाझपन के खतरे को कम करता है। मैग्निज के अन्य स्त्रोत में साबूत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, फूलगोभी, नट, पाइनेप्पल एवं अण्डे आदि शामिल है।




2. कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds to Increase Sperm Count)




बांझपन के इलाज में शामिल आहार में कद्दू के बीज का अल्पाहार भी शामिल है। कद्दू के बीज फॉस्फोरस, मैग्निशियम, मैग्निज, कॉपर, जिंक, आयरन एवं प्रोटीन का बेहतरीन स्त्रोत है। कोश्किा के विभाजन एवं स्वस्थ शुक्राणु के उत्पादन में जिंक महत्त्वपुर्ण है। यह पुरूषों की रिप्रोडक्टिव फंक्शन का प्रमुख सुक्ष्म मिनरल है। यह टेस्टोरोन के मेटाबोलिज्म, टेस्टिकल की वृद्धि, शुक्राणुओं के उत्पादन, उनको गतिमान बनाने, संख्या बढ़ाने, पुरूषों के रिप्रोडक्टिव टिशूस में एस्ट्रोजन की अधिकता को कम करने आदि में आवश्यक है। जिंक के अन्य स्त्रोत में मछली, समुद्री खाद्य, चिकन, अण्डे, कद्दू एवं सनफ्लावर के बीज एवं दलिया आदि आते है।
3. शहद (Honey to Increase Sperm Count)




शहद सेक्स क्षमता को बढाता है। शहद में उच्च गुणवत्ता वाले अमीनो-एसिड और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जो दंपत्ति को लंबी यौनक्रिया के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करते हैं और आपकी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने में महत्तवपूर्ण भूमिका प्रदान करते हैं।




4.गाजर (Carrot to Increase Sperm Count)




गाजर पुरूषों की सेक्स ड्राइव क्षमता बढती है। गाजर पुरूषों में यौन शक्ति बढाने वाला माना जाता है। लंबे समय से गाजर का इस्तेमाल पु्रूषों की यौन क्षमता को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। गाजर में मौजूद विटामिन्स पुरूषों के अंदर स्नायु तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे यौन सक्रियता बढती है।

क्या है महिलाओं एवं पूरूषों में बांझपन के कारण










बांझपन को इस तरीके से परिभाषित किया जाता है कि लगातार 12 महिनों तक असुरक्षित संभोग के बावजूद भी गर्भधारण नहीं करने की समस्या को बांझपन माना जाता है। बांझपन की परिस्थिति में पुरूषों की समस्या 20% तक कारण हो सकती है जबकि 40%-50% तक बांझपन का कारण महिलाओं की समस्या होती है। जबकि 3%-40% तक बांझपन का कारण महिलाओं एवं पूरूषों दोनों की समस्या हो सकती है। अधिकतर परिस्थिति में हमारी आज की जीवनशैली बांझपन का मुख्य कारण होती है। महिलाओं में बांझपन के कारणों में से तनाव एक मुख्य कारण है। Read Causes of Infertility in Men and Women in Hindi (Mahilao aur Pursho Mein Banjhpan ke Karan).


(Mahilao aur Pursho Mein Banjhpan ke Karan)


1. विभिन्न बिमारियों में दवाइयों का सेवन बांझपन का कारण हो सकता है।


2. एल्काहॉल का अत्यधिक सेवन शुक्राणु एवं अण्डाणु दोनों के उत्पादन को प्रभावित करता है जिससे बांझपन की समस्या का खतरा बढ़ जाता है।


3. धूम्रपान जोड़े के गर्भधारण के अवसर को कम करता है, जो पुरूष सिगरेट का सेवन करते है उनमें आमतौर पर कम शुक्राणु बनते है तथा उनकी गति धीमी होती है। वो महिलाएं जो धूम्रपान करती है उनमें कम मात्रा में अण्डे सुरक्षित रह पाने की समस्या हो सकती है तथा क्रोमोसोम की असामान्यता हो सकती है।


4. पुरूषों में तनाव शुक्राणुओं की संख्या कम कर सकता है तथा औरतों में यह मासिक धर्म के अनियमित होने के कारण हो सकता है।


5. शरीर का ज्यादा वजन औरतों में गर्भधारण के अवसर कम करता है। वही पुरूषों में शुक्राणुओं के असामान्य विकास के खतरे को बढ़ा देता है।


6. शारीरिक संबंधों के दौरान फैली बिमारियाँ पूरूषों एवं महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी को कम कर सकती है। ये महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम को भारी नुकसान पहुँचा सकती है तथा पूरूषों में अण्डकोश में गड़बड़ी पैदा कर सकती है।
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7. कई बार पुरूषों में जन्मजात कुछ समस्या होती है जो कि उनके शुक्राणुओं को प्रभावित करती है। अन्य सन्दर्भों में किसी बीमारी या चोट के परिणाम स्वरूप समस्या शुरू हो जाती है।


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