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  •  सर्दी से छुटकारा पाना है तो यह अपनाए....
  • बारिश के मौसम में नाक बंद होना आम बात है क्युकी बारिश का मौसम एस है जिसमे सर्दी, बुखार होना लाजमी है.लेकि‍न असली समस्या तो तब होती है, जब आपकी नाक आसानी से नहीं खुलती और आपको बंद नाक की वजह से घुटन होने लगती है। इस समय नाक बंद होना सबसे गंभीर समस्या लगने लगती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि हम बता रहे हैं आपको सर्दी में बंद नाक को खोलने के कुछ आसान उपाय -
    1. भाप लेना- पनि को गर्म करे और उसमे कुछ खुशबूदार तेल की बुँदे दाल कर उसकी खुशबु को भाप ले, इसके अलावा आप आयोडीन की भी कुछ बुँदे उसमे डाल सकते है या विक्स कैप्सूल भी. यह सर्दी में नाक खोलने का सबसे कारगर तरीका होता है.
    2. व्यायाम - जी हां, इसके लिए आपको अपनी नाक बंद करके सिर को पीछे की तरफ झुकाना है और कुछ समय के लिए सांस को रोककर रखना है। इसके बाद नाक खोलकर सांस लेने में आसानी होगी। इस तरीके को आप दोहरा सकते हैं।
    3. गरम पानी - ठंड या सर्दी की वजह से ही नाक बंद होने की समस्या होती है। इसे ठीक करने के लिए हल्का गर्म या गुनगुना पानी भी आपकी बहुत मदद कर सकता है। अगर आप सहज हैं तो इसके लिए अपना सिर पीछे की ओर झुकाएं और किसी ड्रॉपर की मदद से हल्के गर्म या गुनगुने पानी की कुछ बूंदे नाक के छिद्रों में डालें। कुछ ही देर में वापस सिर आगे कर लें और इस पानी को निकाल दें।
    4. नारियल तेल - नारियल तेल बंद नाक को खोलने का एक बेहतरीन उपाय है। जब भी कभी आपकी नाक बंद हो जाए, तो आप नारियल तेल अंगुली से नाक के अंदर तक लगाएं। या फिर नरियल तेल की कुछ बूंदे नाक में डालें और फिर गहरी सांस लें। कुछ ही देर में आपकी नाक खुल जाएगी। ध्यान रहे की नारियल तेल पिघला हुआ हो।
    5. कपूर- कपूर की महक भी बंद नाक को खोलने का अच्छा तरीका है। आप चाहें तो इसे नारियल तेल के साथ मिलाकर सूंघ सकते हैं, या फिर सादा कपूर सूंघना भी आपको फायदा देगा। इसके अलावा नाक को गर्माहट देकर भी बंद नाक को आसानी से खोला जा सकता है।
    यदि बीमार होने के डर से नहीं ले पाते है बारिश के मजे तो यह पढ़े

  • : सिर्फ पुरुष ही नहीं महिलाए भी होती है बेकाबू.....सिर्फ पुरुष ही नहीं महिलाए भी होती है बेकाबू.....
  • सुना है कि सैटरडे नाइट सिर्फ पुरुषों के लिए ही खास होती है लेकिन यही नहीं बल्कि दुनिया भर की महिलाओं के लिए भी यह खास दिन होता है। यूके के हेल्थ एंड ब्यूटी रीटेलर, सुपरड्रग की स्टडी के अनुसार, ज्यादातर महिलाएं सप्ताह में एक बार अपने आप पर काबू नहीं रख पाती हैं और वह मौका आमतौर पर शनिवार की रात है।
    सर्वे में यह बात सामने आई है कि महिलाएं खुद को सिडक्टिव फील कराने के लिए कई तरह के टिप्स अपनाती हैं। महिलाएं गर्म पानी का स्नान बेहद पसंद करती हैं। उन्हें अपने खूबसूरत पैरों को दिखाना और पुश-अप ब्रा पहनना बहुत पसंद होता है। खुद को सेक्सी फील कराने में एक पसंदीदा परफ्यूम का हल्का स्प्रे लिस्ट में सबसे ऊपर आता है। एक खूबसूरत हेयर स्टाइल और सेक्सी स्माइल भी काफी अच्छा काम कर जाती है।
    डेली एक्सप्रेस में प्रकाशित सुपरड्रग के सारा वोलवरसन के अनुसार, इस पोल ने यह साफ किया है कि महिलाओं को यह पता होता है कि उन्हें सेक्सी महसूस करने के लिए क्या करना चाहिए, लेकिन वे आमतौर पर नहीं करती हैं। किसी विशेष दिन ही वे ये नुस्खे अपनाती हैं। 2000 महिलाओं के साथ हुए सर्वे में आधी से ज्यादा महिलाओं ने परफ्यूम के सिंपल स्‍प्रे के लिए पोल किया। उन्हें परफ्यूम का हल्का स्‍प्रे स्पेशल महसूस कराने के लिए बेहद पसंद है।
    एक तिहाई महिलाओं से ज्यादा महिलाओं ने कहा है कि उन्हें एक नया हेयर कलर सेक्सी फील करने में मददगार होता है। सेक्सी लुक पाने में वैक्सिंग, पूरी बॉडी पर फेक टैन अप्लाई करना और स्ट्रेटनिंग या फिर हेयर कर्लिंल, नियमित रूप से व्यायाम करना, टाइट-फिटिंग टॉप पहनना, शॉर्ट स्कर्ट और जूलरी पहनना भी मदद करते हैं। पोल में यह भी सामने आया है कि महिलाएं खुद को रिलैक्स और सेक्सी फील करने के लिए कई घंटे स्पा में बिताती हैं।
    बारिश के मौसम में करना हो सेक्स तो आजमाएं इन नुस्खों को....

  •  खाने के साथ पानी पिने से घट जाएगा वजन...खाने के साथ पानी पिने से घट जाएगा वजन...
  • कई लोगों का ऐसा मानना है कि अच्छे मैटाबॉलिज्म न होने की वज़ह से वे जो भी खना खाते हैं, उनके वज़न बढ़ने का कारण बन वही जाता है। यहां तक की खाने के साथ पीए जाने वाला पानी तक वे पचा नहीं पाते हैं। लेकिन आपको बता दें कि यह सभी बाते अपने दिमाग में रखना गलत है। यह बातें आपको सुनने में भले ही अजीब लगें,
    लेकिन एक नए शोध से पता चला है कि खाने के दौरान पानी पीने से आपका वजन कम हो सकता है। खाना खाते समय जब आप पानी का पीते हैं, तो आपका पेट भर जाने के बाद दिमाग को एक संकेत भेजता है, जिसमें वह खाना खाने के दौरान भेजे गए संकेतों को ग्रहण करता है। ज़्यादा पानी पीने से पेट जल्दी भर जाता है और परिणामस्वरूप मस्तिष्क को यह संकेत जाता है कि यह भर चुका है।
    मैक्स हॉस्पिटल की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. नितिका सोइन का कहना है कि “अगर व्यक्ति खाना खाने से थोड़े समय पहले या थोड़े समय बाद पानी पीए, तो वह कम मात्रा में खाना खा पाएगा, जिसके चलते वह अपना वज़न कम करने में कामयाब हो सकता है। कई बार खाने के साथ पानी पीने से आपके पेट में सूजन आ जाती है, इसलिए खाने के साथ पानी के सेवन का वह खंडन करती हैं”। वहीं शोध के मुताबिक खाने के साथ पानी पीने से पेट में तनाव उत्पन्न होता है, जिससे आप अपना भरा पेट महसूस करने लगते हैं। इसका मतलब यह है कि खाने के साथ ज्यादा मात्रा में पानी पीना ही वह एक वज़ह है, जो व्यक्ति के वज़न को कम कर सकता है।
    नीदरलैंड के वागेनिजेन यूनिवर्सिटी के मुख्य लेखक गुइडो कैंप्स ने बताया कि “इस शोध का निष्कर्ष प्रतिभागियों पर किए गए एमआरआई से निकाला गया है”। इस निष्कर्ष को पुर्तगाल में सोसायटी फॉर द स्टडी ऑफ इन्वेस्टिगेटिव बिहेवियर की सालाना बैठक के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा।
    वजन घटाने में नाश्ता निभाता है महत्वपूर्ण भूमिका

  • : यदि अपनी सेक्स लाइफ से खुश नहीं है तो यह करेयदि अपनी सेक्स लाइफ से खुश नहीं है तो यह करे
  • यदि आप अपनी सेक्स लाइफ से खुश नहीं है और आपको लगता है कि आप कि सेक्स लाइफ को एक नए रास्ते की जरूरत है तो घबराइए नहीं. आप बिलकुल सही जगह आये है. आज हम जो टिप्स आपको बताएँगे उस से ना सिर्फ आपकी सेक्स लाइफ सुधर जाएगी बल्कि आपका परफॉरमेंस भी बेहतर होगा.  
    1. टेंशन को दिमाग में टिकने ना दे: क्या होगा..कैसे होगा..इस तरह की किसी भी यौन अपेक्षा से अपने दिमाग को पूरी तरह से मुक्त रखें. खुद पर किसी भी तरह का दबाव ना डालें.
    2. खुद को लिमिट में ना बांधे: हफ्ते में एक बार, महीने में एक बार, इस तरह की लिमिट में अपने रिश्ते को ना बांधे. इसकी जगह बार बार सेक्स करें. इससे लंबे समय तक आपका स्टैमिना बना रहेगा.
    3. एक्टिव रहें: यौन क्रिया में काफी ऊर्जा और मेहनत लगती है. ऊर्जा आपको एक्ससाइज़ करने से ही मिल सकती है. व्यायाम करने से ना सिर्फ आपका स्टैमिना बढ़ता है बल्कि रक्त संचालन भी बेहतर होता है.
    4. संतुलित आहार खाएं: अपनी यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए जरुरी है कि आप अपने खान-पान पर पूरा ध्यान दें. अपने खाने में लो फैट वाली चीजों को शामिल करें. फल और सब्जियां ज्यादा खाएं. इससे आपका शरीर स्वस्थ रहेगा और आपकी शारीरिक और मानसिक दोनों शक्ति बढ़ेगी.
    5. ऐल्कॉहॉल से दूर रहें: अगर आप सेक्स का भरपूर आनंद उठाना चाहते हैं तो शराब और ऐल्कॉहॉल मिक्स्ड ड्रिंक्स से दूर रहें. इनका इस्तेमाल शरीर को कमजोर करता है.

  •  सेक्स के दौरान अपने प्रेमी से यह सब चाहती है लड़कियांसेक्स के दौरान अपने प्रेमी से यह सब चाहती है लड़कियां
  • क्या आप ने कभी यह जानने की कोशिश की है कि सेक्स के दौरान लड़किया लड़कों से क्या क्या चाहती है? आप ऐसा क्या करे जिस से लड़कियां सेक्स के दौरान खुश रहे? आइये जानते है. 
    महिलाएं कई तरीके से प्‍यार महसूस करती हैं. इनमें सबसे ज्‍यादा पसंदीदा है आपके मुंह से की गईं शरारतें, आंखों में आंखें डालकर प्‍यार जताना, होठों को संवेदनशील अंगों पर फिराना, देह को छूना. जीभ के अगले भाग से नाजुक अंगों का स्‍पर्श भी महिलाओं को बेचैन कर देता है.
    महिलाएं चाहती हैं कि उनके कोमल अंगों को शुरुआत में ज्‍यादा तकलीफ न दी जाए. महिलाएं चाहती हैं कि उनके सेंसिटिव अंगों के साथ संवेदनशीलता से ही पेश आया जाए. मतलब सेक्स टाइम में वे जीभ और उंगलियों का इस्‍तेमाल कर उत्तेजना पैदा करें, पर कष्‍ट ना दें.
    सेक्स का असली मजा सिर्फ चरम तक पहुंचने का ही नहीं है, बल्कि इसमें हर पल का भरपूर आनंद लेना चाहिए. फोरप्‍ले इसका अहम पार्ट है, जिसका अपना मजा है. सर्वे में महिलाओं ने माना कि फोरप्‍ले के दौरान होने वाली उत्तेजना एकदम अलग होती है. पुरुषों को सेक्‍स टाइम में क्रिएटिव होना चाहिए. कुछ नया और अलग महिलाओं को खूब भाता है. 

  • : दिमाग और दिल की लड़ाई में आप किसका साथ देते है?दिमाग और दिल की लड़ाई में आप किसका साथ देते है?
  • अगर बात दिमाग और दिल की सुनने की हो तो हम अक्‍सर असमंजस में फंस जाते हैं, कि क्‍या सही है और क्‍या गलत. दिल की सुनें या दिमाग की? जिंदगी में रोजाना ही कुछ मामले ऐसे आते हैं, जब हमें पता नहीं चलता कि उन पर क्या फैसला लिया जाए. हमारा कौन सा निर्णय सही होगा? दिल और दिमाग  में अगर आंकलन किया जाए तो दिमाग जिसे सही मानता है दिल उसे खारिज कर देता है और इन सबमें हम कोई ऐसा फैसला कर लेते हैं जिसके बाद में हमें पछताना पड़ता है. 
    सोचते हैं कि काश उस समय दिमाग की मान ली होती या काश दिल की सुन लेते. वैज्ञानिकों की मानें तो इन सब जद्दोजहद के लिए असल में हम नहीं बल्कि हमारे पास मौजूद ढेर सारे विकल्प पूरी तरह से जिम्मेद्दार हैं, जो दिमाग के अंदर परस्पर विरोधाभास पैदा करते हैं.
    जब हमारे पास सिर्फ दो विकल्प हों तो हम ज्यादा अच्छा निर्णय लेते हैं बजाए ढेरों विकल्प के. इसलिए आगे से कभी भी यह मत सोचिए की आपको कई चीजों में से किसी एक को चुनने का मौका मिले. क्योंकि ऐसे में आप अक्सर गलत ही फैसला करेंगे. व्यवहार पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि हम दिल में जानते हैं कि हम तर्कहीन फैसला ले रहे हैं, फिर भी हम उसे चुनते हैं. 

  •  नेलपॉलिश लगाने की शौक़ीन लड़कियां एक बार इसके नुकसान के बारे में जरूर पढ़ेनेलपॉलिश लगाने की शौक़ीन लड़कियां एक बार इसके नुकसान के बारे में जरूर पढ़े
  • नेलपॉलिश लगाने का शौक लगभग हर लड़की को होता है. लेकिन क्या आप जानते है आपका यह शौक आपके लिए घातक भी साबित हो सकता है. जी हाँ नेलपॉलिश है खतरनाक, अगर इस बात से आप अभी तक अनजान हैं तो जरूरी होगा कि जान लें कि आपके नाखूनों को सुंदर बनाने वाली इस नेलपॉलिश में खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. 
    नेलपॉलिश से सिर्फ नाखूनों को सजाया ही नहीं जाता है बल्कि ये दिमाग पर भी नकारात्मक असर डालती है. नेलपॉलिश में मौजूद केमिकल्स शरीर में प्रवेश कर ह्यूमन सिस्टम में गंभीर बदलाव लाते हैं. जो हमारे दिमाग और नर्वस सिस्टम पर सीधे असर डालते हैं.
    यह पेट के पाचन और हॉर्मोन सिस्टम में भी गड़बड़ी पैदा करते हैं. यही नहीं नेलपॉलिश का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में जाँच के दौरान ट्रिफेन्यल फॉस्फेट जैसा जहरीला पदार्थ पाया गया. खास बात यह है कि नेलपॉलिश के लेबल पर इसका कहीं जिक्र नहीं होता. नेलपॉलिश लगाने के 10 घंटे के बाद गले में खराश और सूजन जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. इसकी वजह से स्किन पर खुजली और जलन जैसे अन्य लक्षण भी हो सकते हैं. 
    इसका सबसे ज्यादा असर शिशु पर होता है नेलपॉलिश में टोल्यून नाम का तत्व होता है. यह मां के दूध में सीधे पहुंच जाता है. स्तनपान कराने वाली महिलाओं से यह बच्चे में जाता है. इससे बच्चे के विकास पर सीधा असर पड़ता है.

  • : शादी के पहले सेक्स करने से आती है यह मुसीबतेंशादी के पहले सेक्स करने से आती है यह मुसीबतें
  • कई लोगो को लगता है कि शादी के पहले यौन सम्बन्ध बनाना काफी स्कूल है. काफी मजा आता होगा. लेकिन इस मजे के साथ कई परेशानियां भी साथ में आती है. आइये इसके बारे में विस्तार से जाने. 
    अनचाहे गर्भ का डर:
    सैक्स के दौरान गर्भनिरोधी उपाय अपनाएं, अन्यथा आप को यह डर जीने नहीं देगा कि कहीं डेट न मिस हो जाए, इस बार गर्भ न ठहरे, अगली बार मैं अवश्य इस दौरान सावधानी बरतूंगी. इस के अलावा आईपिल का प्रैशर डालेंगी. अगर बौयफ्रैंड ने ला कर नहीं दी तो आप तो फंस गई समझो. खुद खरीदने जाएंगी नहीं. डेट मिस होने पर आप ऐबौर्शन किट का प्रयोग करेंगी पर उस को खरीदने में भी आप को कई तरह का गणित लगाना पड़ेगा.
    संक्रमण का खतरा: 
    असुरक्षित सैक्स से संक्रमण का खतरा बना रहता है. जल्दबाजी के चक्कर में तमाम युवा असुरक्षित सैक्स करने के आदी हो जाते हैं. उन का बजट इतना नहीं होता कि वे अच्छे होटल में जाएं. सस्ते होटल में जाने से वहां का गंदा टौयलेट, गंदा बिस्तर और तमाम तरह की अन्य चीजों से आप को इन्फैक्शन का खतरा हमेशा बना रहता है. अगर बौयफ्रैंड के घर जा रही हैं और वह अकेला रहता है तो भी आप को गंदगी का सामना करना पड़ेगा और आप चाह कर भी इस गंदगी से अपनेआप को बचा नहीं पाएंगी. असुरक्षित सैक्स से आप को एसटीडी (सैक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज) होने का खतरा भी रहता है.
    डिप्रैशन का शिकार:
    असुरक्षित सैक्स के साथ छिप कर बौयफ्रैंड के साथ कहीं जाने का प्लान हो या फिर परिचितों के मिलने से भेद खुलने का डर, इन सभी बातों से आप का मन कभी शांत नहीं रह पाएगा. इस के साथ ही आप को बारबार लगेगा कि कहीं आप प्रैगनैंट तो नहीं. यह खयाल आप को डिप्रैशन का शिकार भी बना सकता है.
    असुरक्षा का डर सताता है:
    बौयफ्रैंड के साथ रिलेशनशिप जरूरी नहीं कि अच्छी ही हो, हो सकता है वह आप को किसी और के लिए चीट या झूठ बोल रहा हो. यह डर आप के मन में चौबीसों घंटे कौंधता होगा, इसलिए जल्द से जल्द ऐसी रिलेशनशिप से बाहर निकलें या फिर अपने मन का वहम खत्म करें.

  •  भारी स्कूल बेग कर सकता है आपके बच्चे का स्वस्थ खराबभारी स्कूल बेग कर सकता है आपके बच्चे का स्वस्थ खराब
  • बच्चों के ऊपर पहले से ही पढ़ाई का इतना बोझ रहता है. टाइम पर स्कूल जाओ, ट्यूशन जाओ, एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाओ इत्यादि. लेकिन यह बोझ काम नहीं था कि उन पर एक और बोझ थोप दिया जाता है. भारी वजन वाल स्कूल बेग. क्या आप जानते है कि रोजाना स्कूली बेग का बोझ सहते रहना बच्चे की सेहत के लिए समस्याएं खड़ी कर सकता है. 
    दरअसल, स्कूली बस्ते का स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हो सकता है कि आप का बच्चा अपनी पीठ पर असामान्य बोझ ढो रहा हो जिस से उसे कमरदर्द, रीढ़ की विकृति या गरदन के पास खिंचाव जैसी तकलीफें हो सकती हैं. स्कूली बच्चे और्थोपैडिक समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं और डाक्टर पीठ या कमरदर्द से पीडि़तों के आयुवर्ग में जबरदस्त बदलाव के गवाह बन रहे हैं. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कई ऐसे खतरे हैं जिन से आप के बच्चे का भी वास्ता पड़ सकता है.
    उपाय: बस्ते में कंधे के दोनों तरफ की पट्टियां होनी चाहिए और आप अपने बच्चे को हमेशा वजन का संतुलन बना कर चलने का निर्देश देते रहें. इस से बच्चे की गरदन, कंधे और पीठ पर वजन का बराबर मात्रा में संतुलन बना रहेगा. अगर बच्चे नियमित रूप से अपने वजन का 10 प्रतिशत से ज्यादा बोझ कंधे पर उठाएंगे तो उस के लिए नुकसानदेह है. बैग में वही चीजें ले जाएं जो जरूरी हों. ऐसे डिजाइन वाला बैग खरीदें जिस के शोल्डर स्ट्रैप्स पैड वाले हों. बच्चों को बचपन से ही व्यायाम करने की आदत डालें.
  •  यह व्यायाम करेंगे तो कभी नहीं होगी पेट संबंधी समस्यांयह व्यायाम करेंगे तो कभी नहीं होगी पेट संबंधी समस्यां
  • पेट में होने वाली बिमारी सब से ज्यादा खतरनाक होती है. इसलिए यदि आप अपने पेट को स्वस्थ और मजबूत बनाना चाहते है तो रोजाना यह व्यायाम जरूर करे. 
    - पीठ के बल ऐसे लेटिए कि आप के दोनों पैर जमीन से थोड़ा ऊपर उठे रहें. एक पैर सीधा रहे और दूसरे पैर को घुटने से मोड़ कर रखें.    
    - अपने दोनों हाथों को सिर के दोनों तरफ धीरे से इस तरह रखें कि आप की कुहनियां अंदर की ओर दिखें.    
    - अपनी पीठ के सब से निचले हिस्से को फर्श की तरफ दबाते हुए पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए बाईं कुहनी और कंधे को धीरेधीरे फर्श से ऊपर  उठा कर दाएं पैर के घुटने से उस कुहनी को छूने की कोशिश करें. ऐसा करते समय आप सांस बाहर की ओर छोड़ें.    
    - जब शरीर पूरी तरह तन जाए, तब पेट को सिकोड़ लें और 1-2 सैकंड ऐसे ही रहें. ध्यान रखिए कि ऐसा करते समय कुहनी तक ही खिंचाव सीमित न रहे, बल्कि पेट की मांसपेशियों तक खिंचाव पड़ना चाहिए.
    - सांस अंदर भरते हुए धीरेधीरे पहले वाली हालत में आ जाएं और यही क्रिया दाईं कुहनी और कंधे के साथ कीजिए. पैरों की पोजीशन भी बदल जाएगी.
    - एक सैट में इस कसरत को 10-15 बार करें.  शुरूशुरू में इस कसरत के कम से कम 3-3 सैट लगाएं.

  •  ओह तो इसलिए होता है अस्थमाओह तो इसलिए होता है अस्थमा
  • अस्थमा से पीडि़त लोगों या उन्हें मैनेज करने वालों के लिए यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि रोगी को किन कारणों से अस्थमा की समस्या तेज होती है. इस से न सिर्फ अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. वरन अस्थमा अटैक में भी कमी आएगी.
    बालों वाले जानवर: कुत्ते, बिल्ली, पक्षी, चूहे, गिलहरी इत्यादि से हवा में अस्थमा के ट्रिगर हो सकते हैं. इन पक्षियों के बालों, त्वचा, पंखों, लार, मूत्र इत्यादि से अस्थमा रोगी को घरघराहट, खांसी हो सकती है या फिर आंखों से पानी आ सकता है. इस तरह के ट्रिगर से बचने के लिए अस्थमा के रोगियों को घने बालों वाले जानवरों या पंखों वाले पक्षियों से दूर रहना चाहिए.
    पराग: ये पेड़, खास तरह की घास या अन्य पर्यावरणीय कारकों से पैदा होने वाले बहुत छोटे कण होते हैं. पराग के इन कणों को खासतौर से वसंत के मौसम में एअर कंडीशनर के इस्तेमाल से रोका जा सकता है. दोपहर में जब पराग का स्तर ज्यादा होता है तब बाहर निकलते समय नाक और मुंह पर मास्क लगा लें. सोने से पहले बालों को धोएं. 
    प्रदूषक और अस्थमा बढ़ाने वाले पदार्थ: ये पदार्थ अंदर व बाहर दोनों जगह हो सकते हैं. स्टोव, परफ्यूम, स्प्रे इत्यादि से अस्थमा रोगियों को समस्या हो सकती है. नए फर्नीचर, फर्श, दीवारों, छत इत्यादि से आने वाली गंध भी ट्रिगर का काम कर सकती है.
    धूम्रपान: यह सांस की नलियों को अवरुद्ध कर के फेफड़ों को स्थाई रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है. जब तंबाकूयुक्त धूम्रपान को सांस द्वारा अंदर किया जाता है तो यह अस्थमा अटैक का ट्रिगर हो सकता है. इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए अस्थमा रोगियों को न सिर्फ धूम्रपान छोड़ना होगा, बल्कि ऐसे स्थानों पर भी जाने से परहेज करना होगा जहां धूम्रपान हो रहा हो या धुंआ हो.

  • : कहीं आपको भी तो नहीं ज़्यादा Selfie लेने की आदत..कहीं आपको भी तो नहीं ज़्यादा Selfie लेने की आदत..
  • सेल्फी लेने की आदत हर युवा को हो गई है। कहीं भी रोचक जगह देखते ही हम सेल्फी लेने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ज्यादा सेल्फी लेना आपके चेहरे और आपकी स्किन के लिए घातक होसकता है। जानिये सेल्फी से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में। ये बात आपकी जानकारी के लिए ख़ास हो सकती है।
    एक शोध रिपोर्ट में इस तरह की जानकारी सामने आई है कि ज्यादा सेल्फी लेने से आपको चर्म रोग होसकता है। जानकारी के अनुसार त्वचा विशेषज्ञों का मत है कि चेहरे पर लगातार स्मार्टफोन की लाइट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का जोखिम त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे उम्र की दर बढ़ने के साथ चेहरे की र्झुिरयां भी बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों का यहां तक कहना है वे चेहरे के सबसे ज्यादा प्रभावित हिस्से को देखकर ये भी बता सकते हैं कि व्यक्ति ने किस हाथ में फोन पकड़ा था।
    लंदन की हार्ले स्ट्रीट स्तिथ लिनीया स्किन क्लीनिक की मेडिकल डायरेक्टर डॉ सिमोन जोआकेई ने कॉन्फ्रेंस एंड एक्सिबिशन में कहा कि बहुत सारी सेल्फी लेने वाले और ब्लॉगर्स करने वालों के लिए ये चिंता का विषय है। यहां तक कि हमारे फोन की स्क्रीन की नीली रोशनी भी हमारी त्वचा को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
    उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि बाजार में रक्षा करने वाले उत्पादों की कमी है क्योंकि बहुत सारे जो लोग सेल्फी लेते हैं, ब्लॉग लिखते हैं, मेरे पास आते हैं और मैंने देखा है कि उनकी त्वचा को नुकसान पहुंच रहा है। ये एक अलग तरह की तरंगें होती हैं इसलिए 'सनस्क्रीन' इसे नहीं रोक पाती है। जाने माने त्वचा विशेषज्ञ और हेल्थ इंस्टीटयट के संस्थापक डॉ जेन ओबागी ने कहा, आपका फोन आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा रहा है।
    मेरे अनुभव के मुताबिक मैं बता सकता हूं कि फोन पकड़ने के लिए व्यक्ति अपना दायां हाथ इस्तेमाल करता है या बांया। मुझे लगता है कि हमें इसके लिए एक रक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी। कोई संस्क्रीन आपका बचाव नहीं कर पाएगा। ये रोशनी का मैगनेटिक प्रभाव है। ये प्रभा त्वचा की निर्माण सामग्री पर असर डालता है लेकिन एंटी ऑक्सीडेंट का उपयोग कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल फोन की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें डीएनए को नुकसान पहुंचाकर त्वचा की उम्र बढ़ा देती है। ये त्वचा की खुद को सुधारने की क्षमता को खत्म कर देती है।
    सावधान..! आपकी इस आदत से हो सकता है कैंसर
    बेटी के सेल्फियापे ने बाप को किया मजबूर

  •  तेज़ सर दर्द के भयानक कारण जान लें आप भीतेज़ सर दर्द के भयानक कारण जान लें आप भी
  • हमेशा सर में दर्द रहना ,या तेज़ सर दर्द से नींद खुल रही है तो ये चिंता का विषय हो सकता है। सर दर्द होने के कई कारण होसकते हैं। लेकिन कई बार बड़े भी होसकते हैं। अगर आपके सुनने की क्षमता घट रही है या आंखों से भेंगा दिखने की शिकायत या रोशनी घट रही है, धीरे-धीरे प्रमुख अंग सुन्न जैसे पड़ रहे हैं तो सतर्क हो जाएं यह लकवे और ब्रेन टयूमर के लक्षण हैं। ऐसी स्तिथि में तत्काल न्यूरोसर्जन से सम्पर्क करें।
    शरीर में कोशिकाओं का बनना व नष्ट होना सामान्य प्रक्रिया है पर मस्तिष्क में जब यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है तो ट्यूमर कोशिकाएं बनने लगती हैं। धीरे-धीरे ये गांठ का रूप ले लेती हैं। ये कनसरौस भी हो सकती हैं। ऐसे में जिस हिस्से में ट्यूमर होता है उस भाग की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। इसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। जो भविष्य के लिए गंभीर बीमारी का कारण बनता है।
    ट्यूमर के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। ब्रेन में ट्यूमर के आकार, स्थान और प्रकार के आधार पर लक्षण सामने आते हैं। अक्सर सुबह-सुबह तेज सिरदर्द, उल्टी, चलते समय लड़खड़ाना, याद्दाश्त घटना, घबराहट, दौरे पड़ना, मिर्गी आना, सुनने व देखने में दिक्कत आना लक्षण होते हैं।ब्रेन टयूमर के मूल कारणों की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कुछ मामलों में रेडिएशन और फोन पर लंबे समय तक बात करने से रेडियो फ्रीक्वेंसी के कारण दिमाग पर असर पड़ता है।
    कई शोधों में इसकी पुष्टि भी हुई है। शोधकर्ता मानते हैं कि रेडिएशन से दूरी व मोबाइल का कम इस्तेमाल इससे बचा सकता है। अगर इसके लक्षण लगातार या बार-बार दिखें तो न्यूरोसर्जन को दिखाएं। इसमें एमआरआई जांच कारगर है। इससे मस्तिष्क व अन्य अंगों की आंतरिक स्तिथि की सूक्ष्म स्तर पर जांच की जाती है। इसके अलावा सीटी स्कैन को स्क्रीिंनग टैस्ट की तरह करते हैं।
    ओह तो इसलिए होता है अस्थमा

  •  हड्डी मजबूत करने के 6 कारगर उपायहड्डी मजबूत करने के 6 कारगर उपाय
  • 1. कैल्सियम: कैल्सियम शरीर में सब से अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्त्व है. शरीर के 99% कैल्सियम का संचय हड्डियों में होता है जबकि शरीर की विभिन्न क्रियाओं में केवल 1% ही इस का उपयोग किया जाता है. हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्सियम का अच्छा स्रोत होती हैं. इन के अलावा मछलियां, साबूत अनाज, केले, ब्रैड, पास्ता सोया मिल्क, टोफू और बादाम भी कैल्सियम के अच्छे स्रोत हैं. 
    2. विटामिन डी: विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर और मुलायम हो जाती हैं. सूर्य का प्रकाश विटामिन डी का सब से अच्छा स्रोत है. सूर्य की रोशनी के अलावा दूध, अंडा, चिकन, मछली आदि भी विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं.
    3. पोटैशियम: जो लोग पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम का सेवन करते हैं उन की हड्डियों की सेहत बेहतर रहती है. शकरकंद, आलू छिलके सहित, दही और केले पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं.
    4. मैग्नीशियम: पालक, चुकंदर, टमाटर, आलू, शकरकंद, किशमिश आदि खाइए, क्योंकि इन में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है.
    5. प्रोटीन: प्रोटीन शरीर का निर्माण करने वाले तत्त्वों में सब से महत्त्वपूर्ण है. यह हड्डियों को मजबूत रखता है. प्रोटीन हड्डियों के लिए ही नहीं उतकों और लिंगामैंट्स के लिए भी बेहद जरूरी है. मेनोपौज के बाद जिन महिलाओं के भोजन में प्रोटीन की मात्रा कम होती है उन में औस्टियोपोरोसिस का खतरा 30% तक बढ़ जाता है.
    6. विटामिन सी और के: हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन सी और के भी बहुत आवश्यक हैं. लालमिर्च, हरीमिर्च, संतरा, अंगूर, ब्रोकली, स्ट्राबैरी, अंकुरित अनाज, पपीता और पाइनऐप्पल विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं. शलगम, पालक, सरसों और मैथी में भी विटामिन के भरपूर मात्रा में पाया जाता है.

  •  फिर से हो सकती है आप वर्जिन, जानिए आखिर कैसेफिर से हो सकती है आप वर्जिन, जानिए आखिर कैसे
  • योन सम्बन्धो को लेकर कई बार हमारे मन में ख्याल आता है कि काश हमारी योनि पहले कि तरह ही एक दम सिकुड़ी हुई तथा टाइट हो. किन्तु लगातार सम्भोग करने के बाद या बच्चे होने के बाद इसमें स्वाभाविक रूप से ढीलापन आ जाता है. जिसका असर हमारे सेक्स सम्बन्ध पर भी होता है. एक बार योनि के ढीले हो जाने के बाद उसे फिर से पहले कि तरह बनाना मुश्किल होता है. किन्तु हम आपको बता रहे है ऐसे कुछ उपाय जिनसे आप फिर से वर्जिन बन सकती है.
    वर्जिन शब्द से तात्पर्य योनी के टाइट होने से है. वर्जिन का अर्थ अनछुआ भी होता है. अगर आपने किसी के साथ सम्भोग किया है तो आप वर्जिन नहीं हो सकते. इसी के साथ हम आपको बता दे कि फिर से वर्जिन बनने के लिए आज तक कोई दवाई नहीं बनी है. ढीलापन योनी में नहीं, बल्कि पेल्विक प्लोर की मांसपेशियों में आता है. जिसे बिना दवाई के योग द्वारा भी दूर किया जा सकता है. योनि को टाइट बनाने  के लिए कुछ खास तरिके के योग होते है, जो फिर से वर्जिनिटी प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होते है.
    इसके अलावा इसका सबसे महत्वपूर्ण तरीका है ऑर्गाज़्म प्राप्त करना आप जितना ऑर्गाज़्म प्राप्त करते है उतना ही संकुचन आपकी योनि कि मांसपेशियों में होता है, जो आपकी योनि को सिकुड़ने में मदद करती है. जितना ज्यादा आप ऑर्गाज़्म प्राप्त करती हैं, उतनी ही ज्यादा आपकी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां टोन होती हैं.
    कीगल एक्सरसाइज भी आपकी वर्जिनिटी को लौटाने में मददगार साबित होती है. सामान्य तोर पर जब बच्चे पैदा होते है जिसके बाद योनि कि मांसपेशिया अपने आकार में आने के लिए कम से कम 6 महीने का समय लेती है. इसी के साथ हार्मोन्स में बदलाव होने कि वजह से भी योनि कि  वैजाइनल वॉल अर्थात योनि कि दीवार मोटी होती जाती है. जिसको हम सामान्यतौर पर कम नहीं कर सकते है. इसी के साथ योनि का लचीलापन भी खत्म हो जाता है. जिसके लिए कीगल एक्सरसाइज जरुरी होती है. जिससे आप अपनी योनि को फिर से लचीली कर सकती है. और बेहतरीन सम्भोग का सुख प्राप्त कर सकती है.

  •  ब्लड प्रेशर बढ़ने पर यह करेब्लड प्रेशर बढ़ने पर यह करे
  • ब्लडप्रेशर का बढ़ना खतरे का संकेत होता है. यदि सही समय पर परहेज नहीं किया गया तो आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित तभी किया जा सकता है जब रोगी उचित परहेज करे. आइये अब आपको बताते हैं कि कैसे उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है.
    - छाछ में नमक और हींग मिलाकर पीते रहने से कुछ ही दिनों में उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता हैं.
    - सुबह उठकर खाली पेट आप पानी गरम करें फिर उसमें नींबू के रस को मिलायें और नित्य कुछ दिनों तक एैसा करें। यह एक कारगर वैदिक उपाय भी है. 
    - उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में केले का तना भी अहम भूमिका निभाता है. आप केले के तने का आधा कप रस दिन में दो बार रोज पीयें. यह कुछ दिनों में आपके ब्लडप्रेशर को लेवल कर देगा.
    - लाल गाजर का रस और पालक का रस मिलाकर रोज पीने से रक्तचाप दूर किया जा सकता है. पालक का 120 ग्राम और गाजर का 300 ग्राम रस होना चाहिए.
    - दूध भी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है. गाय का दूध का सेवन सुबह और शाम नित्य करें.

  •  यह पढ़ने के बाद आप रोजाना घूमने जाएंगेयह पढ़ने के बाद आप रोजाना घूमने जाएंगे
  • डॉक्टर्स अक्सर कहते है कि हमे रोज सुबह शाम घूमने जाना चाहिए. लेकिन कई लोग आलस कर जाते है और घूमने नहीं जाते. लेकिन आज हम आपको ऐसे फायदों के बारे में बताएँगे जिन्हे पढ़ आप रोजाना घूमने जाया करेंगे. 
    सुबह की सैर हमारी सेहत के लिए बहुत ही जरूरी है. सैर करने से हमारा ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. सैर करने से हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है. इसके अलावा दिल संबंधी बिमारियां खुद ही खत्म हो जाती है. 
    अगर किसी को साँस लेने में दिक्कत होती है तो उनको सुबह की सैर जरूर करनी चाहिए. सैर करने से हमारे शरीर की हड्डियां और जोड़ मजबूत होते हैं. सैर करने से जोड़ों को नई उर्जा मिलती है. सैर वजन को घटाने में मदद करती है. 
    सुबह-सुबह दौडने से या तेज चलने से हम अपने वजन को कम के सकते है. सुबह दोड़ने से हमारी कैलीरी की मात्रा में कंट्रोल रहता है. आप जितनी तेज सैर करोगे आप की वसा की मात्रा कम होगी और आप का वजन कंट्रोल में होगा.

  • : कब्ज दूर करने के लिए बनाये यह जादुई घोलकब्ज दूर करने के लिए बनाये यह जादुई घोल
  • अधिक खाने या गलत तरह के खान-पान से पेट में गैस और कब्ज बन जाती है. लेकिन गैस और कब्ज तब भी बन जाती है जब हमारी पाचन शक्ति कमजोर होती है और खाना खाने के बाद पच नहीं पाता है और उससे यह समस्या हो जाती है.
    सामग्री: चुटकी भर नमक, एक नींबू, आधा चम्मच मीठा सोडा.
    विधि: नींबू का रस एक गिलास में निकाल लें. अब उसमें चुटकी भर नमक डालें. और उपर से उसमें मीठा सोडा मिलाकर पी जाएं.
    इस प्राकृतिक घरेलु उपाय में बाजार से मिलने वाली मंहगी दवा से ज्यादा असरदायक और अच्छे स्वाद वाला होता है. स्वास्थवर्धक प्राकृतिक इनों को बनाकर आप गैस और कब्ज के साथ खट्टी डकार से राहत पा सकते हैं.

  •  नुस्खे ऐसे जो सदा आएंगे कामनुस्खे ऐसे जो सदा आएंगे काम
  • आज हम आपको कुछ घरेलु नुस्खों के बारे में बताने जा रहे है. इन प्राकृतिक नुस्खों की जानकारी आपको हमेशा रहनी चाहिए ताकि आप छोटी-मोटी बीमारियों से अपने को सुरक्षित रख सकें क्योंकि छोटी बीमारियां ही आगे चलकर गंभीर समस्या बनती है. इसलिए इन बातों का ख्याल आप हमेशा रखें.
    1. खाना खाने से 1 घंटा पहले पानी न पीएं एैसा करने से आपकी भूख खत्म हो जाती है. और जितना जरूरी मात्रा में भोजन आपके शरीर को मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाता.
    2. शरीर में खून साफ नहीं हैं तो आप 1चम्मच शहद को आधे गिलास पालक के रस में मिलाकर 1 महीने तक सेवन करें. यह आपके रक्त विकार को दूर करेगा और खून को साफ रखेगा.
    3. सुबह उठकर 10-15 मिनट हरी घास में चलें. एैसा करने से आप बीमार नहीं होगे.
    4. शहद को आप यदि पानी के साथ मिलाकर सोने से पहले सेवन करें तो कब्ज़ से छुटकारा मिलता है.

  •  इसलिए महिलायें एन्जॉय नहीं कर पाती है सम्भोगइसलिए महिलायें एन्जॉय नहीं कर पाती है सम्भोग
  • आमतौर पर महिलाएं अपनी सेक्स लाइफ को परफेक्ट बनाने के हर संभव कोशिश करती हैं लेकिन वह ऐसा चाहकर भी नहीं कर पाती. जो महिलाएं ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पाती उन्हें अपनी खूबसूरती पर गौर करना चाहिए उस सेक्स के दौरान कामुक बातें सोचनी चाहिए. 
    जिन महिलाओं को रोजाना सेक्स के दौरान बेहतरीन ऑर्गेज्म प्राप्त होता है वे ज्यादा कामुक विचारों वाली होती है बजाए उनके जिन्हें रोजाना सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म नहीं होता. 
    वहीँ जिन महिलाओं को सेक्स के दौरान कम कामुक विचार आते है उन्हें ऑर्गेज्म प्राप्त करने में ज्यादा दिक्कतें होती है. इसका कारण यह है कि जिन महिलाओं को ऑर्गेज्म होने में ज्यादा दिक्कतें आ रही थी उनका ध्यान सेक्स के दौरान कामुक चीजों के अलावा बाकी चीजों पर होता है. इसलिए अपनी यह आदत बदल डाले.

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