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स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध

स्वास्थ्य ही धन है पर निबंध

“स्वास्थ्य ही धन है”, एक आम प्रचलित और प्रसिद्ध कहावत है। हमें हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि,
वास्तव में धन केवल धन ही होता है हालांकि, स्वास्थ्य संसार में सबसे बड़ा धन होता है। हमें अपने बच्चों को इस प्रचलित आम कहावत के बारे में अवश्य बताना चाहिए। इसके लिए आप यहाँ उपलब्ध “स्वास्थ्य ही धन है” पर निबंधो का प्रयोग कर सकते हैं। आप सरल शब्दों में लिखे गए स्वास्थ्य ही धन पर निबंधों का प्रयोग करके अपने बच्चों को स्वास्थ्य के संबंध में जागरुक कर सकते हैं।
यह बिल्कुल सत्य है कि, “स्वास्थ्य ही धन है”। क्योंकि, हमारा शरीर ही हमारी सभी अच्छी और बुरी सभी तरह की परिस्थितियों में हमारे साथ रहता है। इस संसार में कोई भी हमारे बुरे समय में मदद नहीं कर सकता है। इसलिए, यदि हमारा स्वास्थ्य ठीक है, तो हम अपने जीवन में किसी भी बुरी परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। यदि कोई स्वस्थ नहीं है, तो वह अवश्य ही जीवन का आनंद लेने के स्थान पर जीवन में स्वास्थ्य संबंधी या अन्य परेशानियों से पीड़ित होगा/ होगी। अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, हमें सन्तुलित भोजन, नियमित हल्का व्यायाम, ताजी हवा, स्वच्छ पानी, पर्याप्त सोना और आराम, स्वच्छता, नियमित चिकित्सकीय जाँच, शिक्षकों और अपने बड़ों की बातों का पालन करना आदि करने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य ही धन है

“स्वास्थ्य ही धन है” पर निबंध 2 (150 शब्द)

“स्वास्थ्य ही धन है”, यह आम कहावत सभी के जीवन में सही उतरती है। अच्छा स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है अर्थात्, वह धन जो हमेशा हमारी मदद करने की क्षमता रखता है। अच्छा स्वास्थ्य हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके बिना हम अधूरे हैं और अस्वस्थ जीवन जीते हैं। अच्छा स्वास्थ्य वास्तव में धन और दुनिया की अन्य चीजों से बेहतर है।
स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए हमें मानकपूर्ण और स्वस्थ भोजन करना चाहिए। हमें “जल्दी सोने जाना, सुबह को जल्दी उठना, एक व्यक्ति को स्वस्थ, धनवान और बुद्धिमान बनाता है”, “समय और ज्वार-भाटा किसी की भी प्रतिक्षा नहीं करते” आदि कहावतों का अनुसरण करना चाहिए। हमें अपने मुँह को साफ और बीमारियों से मुक्त रखने के लिए अपने दाँतों को प्रतिदिन दो बार साफ करना चाहिए। हमें अपने हाथों को साबुन और पानी से हमेशा खाना खाने से पहले धोना चाहिए। हमें अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता को बनाए रखना चाहिए। हमें प्रतिदिन ताजे पानी से नहाना चाहिए और ताजी हवा लेने के लिए सुबह को घूमने के लिए जाना चाहिए।

“स्वास्थ्य ही धन है” पर निबंध 3 (200 शब्द)

जैसा कि हम जानते हैं कि ““स्वास्थ्य ही धन है”” प्रसिद्ध और आम कहावत है। यह जीवन की तरह ही, बिल्कुल सत्य है। अच्छा स्वास्थ्य हमें हमेशा खुशी और पूरी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक भलाई की भावना देता है। एक अच्छा स्वास्थ्य हमें हमेशा बुराईयों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से दूर रखता है। अच्छे स्वास्थ का नाश होना सभी खुशियों के नाश होने का कारण बनता है। एक महान स्वतंत्रता सेनानी, महात्मा गाँधी (जिन्हें बापू भी कहा जाता है) ने कहा था कि, “वह स्वास्थ ही है जो वास्तविक धन है, न कि सोने व चाँदी के सिक्के।”
एक अच्छा स्वास्थ्य अच्छा, सन्तुलित और स्वस्थ जीवन जीने में हमारी मदद करता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें बहुत सी चीजों को दैनिक आधार पर करने की आवश्यकता है। हमें ताजी हवा, साफ पानी, पर्याप्त सूर्य का प्रकाश, सन्तुलित आहार, जंक फूड से दूर रहना, साफ और स्वस्थ वातावरण, हरियाली से भरा हुआ वातावरण, सुबह को टहलना, व्यक्तिगत स्वच्छता, पर्याप्त शिक्षा आदि की आवश्यकता होती है।
उचित समय पर स्वास्थ्यप्रद खाना, स्वस्थ शरीर के लिए बहुत आवश्यक है, जो केवल सन्तुलित खाने से ही संभव है। यह हमारे शरीर की पर्याप्त वृद्धि और विकाश को बढ़ावा देता है, जो हमें मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रुप से स्वस्थ रखता है। अच्छे स्वास्थ्य की मदद से हम जीवन में किसी भी बुरी परिस्थिति से लड़ सकते हैं। हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए कि, हमें पर्याप्त भोजन, पानी, हवा, शारीरिक गतिविधि, समय से सोना और आराम करना चाहिए।

“स्वास्थ्य ही धन है” पर निबंध 4 (250 शब्द)

आम कहावत ““स्वास्थ्य ही धन है”” का अर्थ बहुत ही साधारण और सरल है। इसका अर्थ है कि, हमारा अच्छा स्वास्थ्य ही हमारी वास्तविक दौलत या धन है, जो हमें अच्छा स्वास्थ और मन देता है और हमें जीवन की सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाता है। अच्छा स्वास्थ्य अच्छे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। मैं इस कहावत से पूरी तरह से सहमत हूँ कि, स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है, क्योंकि यह सभी पहलुओं पर हमारी मदद करता है। अच्छा स्वास्थ्य हमें मानसिक और शारीरिक मधुमेह (डायबिटिज) को बचाने के साथ ही अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों से जिनमें कैंसर. मधुमेह, हृदय रोग, घातक बीमारियाँ आदि शामिल हैं, से बचाता है।
एक शारीरिक और आन्तरिक रुप से अस्वस्थ व्यक्ति को अपने पूरे जीवनभर में बहुत सी चुनौतियों करना पड़ता है, यहाँ तक कि उसे अपनी नियमित आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किसी और पर निर्भर रहना पड़ता है। यह स्थिति उस व्यक्ति के लिए बहुत शर्मनाक होती है, जो इस सब का सामना कर रहा होता है। इसलिए, अन्त में सभी प्रकार से खुश रहने के लिए और अपने सभी कार्यों को स्वंय करने के लिए अपने स्वास्थ्य को बनाए रखना अच्छा होता है। यह सत्य हैं कि, अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए हमें धन की आवश्यकता होती है और धन कमाने के लिए अच्छे स्वास्थ्य की। लेकिन यह भी सत्य हैं कि, हमारा अच्छा स्वास्थ्य हर समय हमारी मदद करता है और हमें केवल धन कमाने के स्थान पर अपने जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इस तरह के व्यस्त जीवन और प्रदूषित वातावरण में, सभी के लिए अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखना और स्वस्थ जीवन जीना बहुत कठिन है। स्वस्थ रहने के लिए नियमित देखभाल और चिकित्सकीय जाँच की आवश्यकता होती है।

“स्वास्थ्य ही धन है” पर निबंध 5 (300 शब्द)

आजकल अच्छा स्वास्थ्य, भगवान के दिए हुए एक वरदान की तरह है। यह बिल्कुल वास्तविक तथ्य है कि, स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है। अच्छा स्वास्थ्य एक व्यक्ति के जीवन भर में कमाई जाने वाली सबसे कीमती आय होती है। यदि कोई अपना स्वास्थ्य खोता है, तो वह जीवन के सभी आकर्षण को खो देता है। अच्छा धन, अच्छे स्वास्थ्य का प्रयोग करके कभी भी कमाया जा सकता है, हालांकि एकबार अच्छा स्वास्थ्य खो देने पर इसे दुबारा किसी भी कीमत पर प्राप्त नहीं किया जा सकता है। अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हमें नियमित शारीरिक व्यायाम, योग, ध्यान, सन्तुलित भोजन, अच्छे विचार, स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित चिकित्सकीय जाँच, पर्याप्त मात्रा में सोना और आराम करना आदि की आवश्यकता होती है। यदि कोई स्वस्थ है, तो उसे अपने स्वास्थ्य के लिए दवा खरीदने या डॉक्टरों से मिलने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य पर नियमित रुप से कुछ ही धन व्यय करने आवश्यकता पड़ती है। यद्यपि, दूसरी तरफ एक आलसी, रोगग्रस्त या बीमार व्यक्ति को पूरे जीवन भर अपने स्वास्थ्य पर धन खर्च करना पड़ता है।
आमतौर पर, लोग अपनी आलसी और निष्क्रिय आदतों के कारण अपने जीवन में एक अच्छा स्वास्थ्य बनाने में असफल हो जाते है। वे सोचते हैं कि, जो कुछ भी वे कर रहे हैं वह सब सही है, लेकिन जब तक वे अपनी गलती समझ पाते हैं, उस से पहले ही समय निकल चुका होता है। एक अच्छा स्वास्थ्य वह होता है, जो हमें सभी पहलुओं में स्वस्थ रखता है; जैसे- मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और बौद्धिक। एक अच्छा स्वास्थ्य हमें सभी बीमारियों और रोगों से मुक्ति प्रदान करता है। एक अच्छा स्वास्थ्य मानसिक, शारीरिक और सामाजिक भलाई की भावना है। यह जीवन का अमूल्य तौहफा है और उद्देश्य पूर्ण जीवन के लिए आवश्यक है।
एक अच्छा स्वास्थ्य हमें बिना थके अधिक समय तक कार्य करने की क्षमता देता है। एक अच्छा स्वास्थ्य वास्तव में जीवन का वास्तविक सुख और आकर्षण है। एक अस्वस्थ व्यक्ति हमेशा अपनी शारीरिक और मानसिक जटिलताओं के बारे में चिन्तित रहता है। इसलिए, शरीर की सभी जटिलताओं से छुटकारा पाने के साथ ही जीवन की सभी चुनौतियों का सामाना करने के लिए अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखना आवश्यक है।

“स्वास्थ्य ही धन है” पर निबंध 6 (400 शब्द)

जैसा कि हम सभी, सबसे तेज, भीड़ वाले और व्यस्त समय में रह रहे हैं। हमें धन कमाने के लिए पूरे दिनभर में बहुत से कार्यों को करना पड़ता है हालांकि, हम यह भूल जाते हैं कि, अच्छा स्वास्थ्य हमारे स्वस्थ जीवन के लिए पानी और हवा की तरह ही आवश्यक है। हम समय पर पर्याप्त भोजन लेना, व्यायाम करना, पर्याप्त आराम करना आदि झूठा धन कमाने के लिए भूल जाते हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि, हमारे जीवन में वास्तविक धन हमारा स्वास्थ्य है। सभी के लिए यह सत्य हैं कि, “स्वास्थ्य ही धन है”।
एक अच्छा स्वास्थ्य तनाव को कम करता है और बिना किसी परेशानी के स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देता है। हमें हमेशा अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरुक रहना चाहिए और नियमित स्वास्थ्य जाँच करानी चाहिए। हमें अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए ताजे फलों, सलाद, हरी सब्जियाँ, दूध, अंडे, दही आदि को रखने वाला सन्तुलित भोजन समय पर करना चाहिए। एक अच्छे स्वास्थ्य के लिए कुछ शारीरिक गतिविधियों, पर्याप्त आराम, स्वच्छता, स्वस्थ वातावरण, ताजी हवा और पानी, व्यक्तिगत स्वच्छता आदि की भी आवश्यकता होती है। अस्पतालों के सामने से भीड़ को कम करने के लिए अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखना अच्छी आदत है। अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखना अच्छी आदत है, जिसका माता-पिता की मदद से बचपन से ही अभ्यास करना चाहिए।
पहले के दिनों में, जीवन इतना अधिक व्यस्त नहीं था। जीवन बहुत सरल था और इन दिनों की तुलना में स्वस्थ वातावरण के साथ कई चुनौतियों से मुक्त था। लोग स्वस्थ थे क्योंकि, वे अपने दैनिक जीवन के सभी कार्यों को स्वंय अपने हाथों और शरीर से करते थे। लेकिन आज, तकनीकी संसार में जीवन बहुत सरल और आरामदायक होने के साथ ही प्रतियोगिता के कारण व्यस्त हो गया है। आजकल, आसान जीवन संभव नहीं है क्योंकि, सभी दूसरों से बेहतर जीवन जीने के लिए अधिक धन कमाना चाहते हैं। आजकल, जीवन मँहगा और कठिन होने के साथ ही अस्वस्थ हो गया है क्योंकि, सभी वस्तुएँ; जैसे- हवा, पानी, पर्यावरण, भोजन आदि दूषित, संक्रमित और प्रदूषित हो गई हैं।
लोगों को बिना किसी शारीरिक गतिविधि के कार्यालयों में कम से कम 9 से 10 घंटे, कुर्सी पर बैठकर कार्य करना पड़ता है। वे घर में देर शाम या रात को आते हैं और घर के किसी भी कार्य या व्यायाम को करने के लिए बहुत अधिक थके हुए होते हैं। फिर से अगली सुबह वे देर से उठते हैं और कुछ आवश्यक कार्यों, जैसे- ब्रश करना, नहाना, नाश्ता करना आदि करते हैं और अपने ऑफिस चले जाते हैं। इस तरह, वे अपनी दैनिक दिनचर्या को केवल धन कमाने के लिए जीते हैं, न कि अपने स्वंय के जीवन के लिए। अपने दैनिक जीवन की आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धन कमाना बहुत आवश्यक है हालांकि, एक स्वस्थ और शान्तिपूर्ण जीवन जीना भी आवश्यक है, जिसके लिए अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता है।

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